धनबाद में लड़कियों पर लाठियां बरसाने वाले एसडीएम सुरेंद्र कुमार का विवादों से है पुराना नाता, हटाने की चौतरफा मांग, Video

धनबाद के एसडीएम सुरेंद्र कुमार पहले भी विवाद में रहे हैं। उन पर जमीन की बंदोबस्ती में गड़बड़ी का आरोप रहा है। सरकार ने बोकारो के उपायुक्त से जांच की अनुशंसा की थी। यह मामला तब का था जब वे बोकारो जिले के जरीडीह के सीओ थे। सुरेंद्र कुमार झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।

सफेद कमीज में एसडीएम सुरेंद्र कुमार का फाइल फोटो। फोटो स्रोत : सोशल मीडिया।

रांची/धनबाद : शुक्रवार को धनबाद में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर पुलिसिया जुर्म के बाद धनबाद के एसडीएम सबके निशाने पर आ गए हैं। सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष भी उन्हें पद से हटाने व मामले की जांच करवा कर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

कांग्रेस की विधायक अंबा प्रसाद ने कहा है कि धनबाद में छात्राओं पर लाठी बरसाना अमानवीय है। दोषी पदाधिकारियों की जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा है कि कोरोना में बच्चों का शैक्षिक विकास अत्यधिक प्रभावित हुआ है। उनके साथ सहानुभूति की आवश्यकता है। जेएसी के परिणामों को लेकर उठ रही मांगों पर परिषद को विचार कर छात्र हित में समाधान निकालना चाहिए।

वहीं, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि धनबाद का यह बर्बर एवं जालिम एसडीएम अभी तक बाहर क्यों है? क्यों नहीं इसको निलंबित कर जेल में डाला गया है? बेटियों के साथ ऐसी बर्बर कार्रवाई कभी नहीं देखी। लाठियां मारी, कंधे पर हाथ रखकर धक्का दिया। अपने जुल्मी हाथों से इन बेटियों को पकड़ कर घसीटा। इसे जेल तो जाना होगा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा की कार्यसमिति सदस्य अशोक मंडल ने हा है कि छात्राओं पर लाठीचार्ज करना घोर निंदनीय है। घटना को अंजाम देकर हेमंत सरकार को बदनाम करने की साजिश की गयी है। मंडल से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि एसडीएम को तत्काल पद से हटाया जाए। उन्होंने एसडीएम के साथ घटना में शामिल सभी पुलिस कर्मियों को पद से हटाने की मांग की है।

क्या है मामला?

यह घटना शुक्रवार, छह अगस्त 2021 की है, जब स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता धनबाद समाहरणालय में 20 सूत्री की बैठक कर रहे थे। समाहरणालय के बाहर तीन दिन से इंटर में फैल छात्राएं अपनी मांगों के समर्थन मंें प्रदर्शन कर रही थीं। इस दौरान आंदोलनरत छात्राओं ने अपनी शिकायत रखने के लिए मंत्री से मिलने के लिए सभाकक्ष में घुसने का प्रयास किया। जिसके बाद पुलिस बल ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान धनबाद के एसडीएम सुरेंद्र कुमार सदल-बल पहुंचे और छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। दर्जन भर महिला पुलिस भी मौके पर थीं। सुरेंद्र कुमार ने खुद प्रदर्शनकारी छात्राओं की पिटाई की।

इस कार्रवाई के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आज धनबाद बंद बुलाया है। वहीं, मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि उपायुक्त लाठीचार्ज की जांच करेंगे।

विवाद से पुराना नाता

धनबाद के एसडीएम सुरेंद्र कुमार पहले भी विवाद में रहे हैं। उन पर जमीन की बंदोबस्ती में गड़बड़ी का आरोप रहा है। सरकार ने बोकारो के उपायुक्त से जांच की अनुशंसा की थी। यह मामला तब का था जब वे बोकारो जिले के जरीडीह के सीओ थे। सुरेंद्र कुमार झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।

14 नवंबर को जागरण डॉट कॉम पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, जरीडीह के पूर्व सीओ व वर्तमान में धनबाद के एसडीएम सुरेंद्र कुमार पर लगे आरोपों की जांच की अनुशंसा राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव अभिषेक श्रीवास्तव ने बोकारो के उपायुक्त से की है। इसको लेकर पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष संजय सिंह ने राजस्व विभाग को लिखित शिकायत दी थी।

संजय सिंह ने अपनी शिकायत में कहा था कि तत्कालीन सीओ सुरेंद्र कुमार व हीरकमनी करकेट्टा के कार्यकाल में सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन व वन भूमि की रसीद काटी गयी। इसमें से एक 35 एकड़ भूूमि की रसीद उर्मिला बजाज के नाम से काटी गयी, जिस जमीन की रसीद काटी गयी वह सरकारी जमीन है।

साथ ही यह भी शिकायत की गयी कि बालीडीह टोल प्लाजा के पास आदिवासी खाते की जमीन की भी रसीद काटी गयी। रिपोर्ट के अनुसार, सुरेंद्र कुमार के खिलाफ इस तरह की शिकायत में अपर समहर्ता विजय कुमार गुप्ता ने प्रपत्र क गठित करने की अनुशंसा की थी।

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