Dhanbad News: आईआईटी में नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी का शताब्दी व्याख्यान, करुणा पर जोर
मिहिर सिन्हा ने संदेश भेजकर अपनी अनुपस्थिति पर खेद जताया और संस्थान को बधाई दी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-ISM) धनबाद के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 'अभिनाश चंद्र एवं बिनापानी सिन्हा मेमोरियल लेक्चर सीरीज़' का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने 'कम्पैशन क्वोशेंट' और 'कम्पैशनेट एआई' पर अपना प्रभावशाली संबोधन दिया। संस्थान के इतिहास में यह पहला अवसर था जब किसी नोबेल विजेता ने छात्रों को संबोधित किया। यह श्रृंखला पूर्व छात्र मिहिर सिन्हा के सौजन्य से शुरू की गई है। निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने इसे शिक्षा और मानवीय संवेदनाओं के मिलन का ऐतिहासिक क्षण बताया।
धनबादः भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएसएम) धनबाद में शताब्दी वर्ष के अवसर पर अभिनाश चंद्र एवं बिनापानी सिन्हा मेमोरियल लेक्चर सीरीज़ की भव्य शुरुआत हुई। इस अवसर पर नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात समाजसेवी कैलाश सत्यार्थी ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन दिया। यह संस्थान परिसर में किसी नोबेल पुरस्कार विजेता का पहला आगमन रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने की, जबकि कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन की डीन प्रो. रजनी सिंह ने संचालन किया। यह व्याख्यान श्रृंखला संस्थान के पूर्व छात्र मिहिर सिन्हा (1966 बैच) द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में दिए गए योगदान से शुरू की गई है।

