अवैध खनन के विरोध में बहीयरडीह बना रणक्षेत्र, बमबाजी-गोलीबारी में कई ग्रामीण घायल
महिलाओं समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना
धनबाद के बाघमारा अनुमंडल अंतर्गत बहीयरडीह क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के विरोध को लेकर हिंसक झड़प हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जलधारा बंद किए जाने से क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया था।
धनबाद: बाघमारा अनुमंडल अंतर्गत सोनारडीह थाना क्षेत्र का बहीयरडीह क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब अवैध कोयला खनन का विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों और उपद्रवियों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि अवैध खनन से जुड़े तत्वों ने ग्रामीणों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी, बमबाजी और पत्थरबाजी की। इस हिंसक झड़प में महिलाओं समेत आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जलधारा (जोरिया) बंद करने से भड़का था आक्रोश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बहीयरडीह स्थित एक बंद पड़ी खदान से लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कोयला निकालकर ट्रकों के जरिए खपाया जा रहा था। इस अवैध खनन के चक्कर में सिंडिकेट ने क्षेत्र की प्राकृतिक जलधारा (जोरिया) को करकट, सीमेंट और बालू डालकर पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इसके कारण जोगिडीह और बहीयरडीह के हजारों घरों में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया।


हाल ही में बीसीसीएल (BCCL) और सीआईएसएफ (CISF) ने कार्रवाई करते हुए करीब 40 टन अवैध कोयला भी जब्त किया था, लेकिन ग्रामीणों की मुख्य मांग—जलधारा को फिर से बहाल करने की—पूरी नहीं हुई थी।
आज इसी मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण खदान के पास पहुंचे और खुद ही जलधारा को खोलने का प्रयास करने लगे।
ग्रामीणों पर हमला, पुलिस की गाड़ी को बनाया निशाना
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब ग्रामीण पानी का रास्ता साफ कर रहे थे, तभी अवैध खनन माफिया से जुड़े दर्जनों हथियारों से लैस लोगों ने उन पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते पूरे इलाके में दहशत फैल गई। उपद्रवियों ने कई राउंड गोलियां चलाईं और बमबाजी की, जिसमें गुड़िया देवी समेत कई लोग लहूलुहान हो गए।
इस जानलेवा हमले से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मौके पर पहुंची सोनारडीह एवं अन्य थाना की पुलिस को भी स्थानीय लोगों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। उग्र भीड़ ने पुलिस प्रशासन पर माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए पुलिस के एक वाहन पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।
इलाके में तनाव: "अवैध माइनिंग के कारण हमारा पानी बंद कर दिया गया। जब हम अपनी बुनियादी जरूरत के लिए आवाज उठाने गए, तो हमें गोलियों और बमों से चुप कराने की कोशिश की गई।" — आक्रोशित ग्रामीण
थाने में तीखी बहस, पुलिस ने किया बल प्रयोग
स्थिति बेकाबू होते देख बाघमारा अनुमंडल के कई थानों की पुलिस को तुरंत मौके पर रवाना किया गया, जिसके बाद उपद्रवी वहां से भाग निकले। इसके बाद घायल और पीड़ित ग्रामीण शिकायत दर्ज कराने सोनारडीह ओपी पहुंचे। यहां भी माहौल तब गरमा गया, जब पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
तनाव को बढ़ता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया और मौके से दो युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीणों का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया है।
स्थिति नियंत्रण में, पुलिस बल तैनात
फिलहाल पूरे बहीयरडीह क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन भीतर ही भीतर भारी तनाव व्याप्त है।
एहतियात के तौर पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर उपद्रवियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।
प्रमुख बिंदु (Highlights):
कहाँ हुई घटना: बहीयरडीह क्षेत्र, बाघमारा (धनबाद)।
विवाद का कारण: अवैध कोयला खनन के कारण प्राकृतिक जलधारा (जोरिया) को बंद करना।
नुकसान: आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण घायल, थाना का एक वाहन क्षतिग्रस्त।
मौके की स्थिति: भारी पुलिस बल तैनात, दो युवक हिरासत में।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
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