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सरकार के गांव-गांव तक सुविधा पहुँचाने के खोखले वायदों और उपलब्धियों की पोल खोल रही यह तस्वीर

पश्चिम सिंहभूम के मझगांव विधानसभा क्षेत्र के जोजोबेड़ा गांव की है। जहां आज तक सड़क नहीं बनी है। एम्बुलेंस नहीं मिलने पर महिला को उनके परिजनों ने 1 किलोमीटर दूर तक उठाकर अस्पताल ले गये ।

राँची: राज्य के नेता घर-घर तक बीजली, पानी, सड़क, चिकित्सा पहुँचाने की बात करते हैं और इसकी उपलब्धि गिनवाकर वोट भी मांगते हैं। परंतु सरकार में आने के बाद वे इन वादों को भुल जाते हैं। ऐसी ही एक तस्वीर पश्चिम सिंहभूम के मझगांव विधानसभा क्षेत्र के जोजोबेड़ा गांव की है। जहां आज तक सड़क नहीं बनी है। एम्बुलेंस नहीं मिलने पर महिला को उनके परिजनों ने 1 किलोमीटर दूर तक गोद में उठाकर अस्पताल ले गये ।

मामला पश्चिम सिंहभूम के मझगांव विधानसभा क्षेत्र के जोजोबेड़ा गांव निवासी दिनेश तामशोय की पत्नी मालती अचानक प्रश्व पीड़ा से छटपटाने लगी। जिसके बाद परिजनों ने कइ बार 108 पर एम्बुलेंस मंगाने के लिये फोन किया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद परिजनों ने प्राइवेट गाड़ी मंगवाई लेकिन वह भी सड़क खराब होने से बीच में ही फंस गई। जिसके बाद किसी को कोई उपाय नहीं सुझा तो मालती को महिलाओं ने एक किलोमीटर दूर तक गोद में उठाकर ले गइ। जिसके बाद गाडी में बीठाकर उन्हें चाईबासा के सदर अस्पताल में भरती कराया गया। जहां उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि मझरी प्रखंड के इपलसिंगी पंचायत अंतर्गत संग्रामबासा से जोजोबेड़ा तक की सड़क पूरी तरह से जरजर है और बरसात की वजह से कीचड़ से भर गइ है। सड़क पर गाड़ी तो दूर पैदल चलने में भी दिक्कत होती है। इस समस्या के लिये लोगों ने कइ बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचित भी किया है लेकिन चुनावी वादों की तरह उन्हें केवल झूठे आश्वासन ही प्रप्त हुए हैं।

इस तस्वीर के अखबारों में छपने के बाद अब राजनेताओं ने इसे राजनीती का मुद्दा बना लिया है । इस घटना को दुःखद व शर्मनाक बताते हुए बाबुलाल मरांडी ने अपने ट्वीटर एकॉन्ट से खबर को साझा किया है।

 

 

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