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जातिवाद की जगह बहुजन एकता पर दें जोर, जाति जनगणना के लिए केंद्र को करें मजबूर : अली अनवर

मंच पर उपस्थित वक्ता।

गयाः  शहीद जगदेव प्रसाद की क्रांतिकारी भूमि गया में मगध प्रमंडल स्तरीय बहुजन दावेदारी सम्मेलन धर्मसभा भवन में आयोजित किया गया। यह बढ़ते मनुवादी.सांप्रदायिक हमले और कॉरपोरेट कब्जा के खिलाफ जारी बहुजन दावेदारी सम्मेलन की श्रृंखला में यह आठवां सम्मेलन था।

इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी ने कहा बहुजन समाज दो जगह मजबूती से काम करे – एक तो जातिवाद की जगह बहुजन एकता पर जोर दे और दूसरा धार्मिक उन्माद के प्रपंच से बचे। उन्होंने कहा, जातिवार जनगणना कराने के लिए केंद्र सरकार को बाध्य करने के लिए लड़ाई तेज करें। जातियों का विभाजन और भेदभाव मुस्लिम समुदाय के बीच भी है। हम सब मिल कर काम करें और विकल्प पेश करें।

पूर्व सांसद अली अनवर।

 

शोषित समाज दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र कटियार ने कहा बाबू जगदेव प्रसाद ने कहा था सौ में नब्बे शोषित हैं, नब्बे भाग हमारा है और सौ पर नब्बे का राज नहीं चलेगा। आज भी हम इसी लड़ाई को लड़ रहे हैं। बहुजन दावेदारी सम्मेलन का एजेंडा भी यही है इसलिए इस संघर्ष में हम साथ हैं।

सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के ई हरिकेश्वर राम ने कहा कि देश में सबसे अधिक नुकसान पिछड़ा वर्ग के लोगों ने उठाया है, उनकी हिस्सेदारी 54ः प्रतिशत होनी चाहिए थी, लेकिन कमंडल की ताकतों ने 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण देने पर पाबंदी लगा दी। नतीजा आपके सामने है कि शासन.प्रशासन, विधायिका, कार्यपालिका, न्यायापालिका और मीडिया में पिछड़ों की हिस्सेदारी आबादी के अनुपात में नगण्य है। इसलिए बहुजन दावेदारी सम्मेलन के माध्यम से हम सामाजिक न्याय के एजेंडा को राजनीति के केंद्र में मजबूती से स्थापित करने का मुहिम चला रहे हैं। जबकि बहुजन समाज की ही सरकार पिछले तीस साल से अधिक समय से बिहार की सत्ता पर काबिज है लेकिन वो ब्राह्मणवादी.कॉरपोरेट शक्तियों के ही गिरफ्त में है। नई सरकार तमिलनाडु मॉडल को अपनाए और पिछड़ों का आरक्षण बढ़ाये।

सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के गौतम कुमार प्रीतम ने कहा कि सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार ने बिहार के अंदर पचास बहुजन दावेदारी सम्मेलन करने का संकल्प लिया है। इसके जरिए हम सामाजिक न्याय के व्यापक एजेंडा पर बहुजन एकजुटता व दावेदारी को बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा बिहार में सरकार बदली है और बहुजन समाज में एक उत्साह भी आया है। नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव के भाजपा के खिलाफ साथ आने की ताकत नीचे से खड़ा हो रहे बहुजन आंदोलन ने दी है। नयी सरकार सामाजिक न्याय के मुद्दे को केंद्र में रखकर व्यापक लोकतांत्रिक एजेंडा पर काम करे। हम इस सरकार को शिक्षा, रोजगार.स्वास्थ्य के साथ भूमि सुधार, संख्यानुपात में हिस्सेदारी के साथ सामाजिक न्याय के अन्य मुद्दों पर काम करने के लिए बाध्य करेंगे और भाजपा को ताकतवर होने की जमीन नहीं देंगे। उन्होंने कहा, राज्य सरकार जातिवार जनगणना कराये, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा जातिवार जनगणना कराने के लिए लड़ाई भी तेज हो।

कार्यक्रम में शामिल हुए लोग।

अर्जक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण प्रसाद गुप्ता ने कहा, बहुजन सांस्कृतिक जागरण पर जोर देने की जरूरत को रेखांकित किया और बहुजन दावेदारी सम्मेलन को बड़े पैमाने पर आयोजित करने को जरूरी बतायां।
शोषित समाज दल के महामंत्री प्रोफेसर उमाकांत राही ने कहा कि भारत में हम सौ में नब्बे हैं, नब्बे की जागरूकता अभियान ही हमारी ताकत है। हम ललई सिंह यादव, ईवी रामासामी नायकर, जगदेव प्रसाद, महामना रामस्वरूप वर्मा के विचारों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हम सफल होंगे और समाज के साथ-साथ सत्ता परिवर्तन भी करेंगे।

मंच का संचालन कर रहे ई सुनील कुमार और अध्यक्षता कर रहे केदार प्रसाद वर्मा ने कहा, बहुजन दावेदारी सम्मेलन का उद्देश्य साफ है कि समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव, दमन व लोकतंत्र पर हमले के खिलाफ बहुजनों की एकजुट आवाज बुलंद करना, मगध प्रमंडलीय बहुजन दावेदारी सम्मेलन आयोजित करने पर लोगों में उत्साह आया है, इसे जिला और प्रखंड स्तर पर ले जाएंगे।

वक्ताओं में अब.सब मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव मोची, बाल्मिकी प्रसाद, शोषित समाज दल युवा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा, सुगंधा कुमारी, अब.सब मोर्चा के संजय राउत, बृजनंदन प्रसाद, रामप्रकाश सिंह, अर्जक संघ, प्रभाकर प्रसाद, बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन, बिहार के अनुपम आशीष भी थे।

हॉल में बहुजन समाज के सैकड़ों सामाजिक,.राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके आयोजक.शोषित समाज दल, अब.सब मोर्चा, अर्जक संघ व सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार जैसे संगठन थे।

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