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भाजपा के सहयोगी जीतन राम मांझी ने राम के अस्तित्व को नकारा, बोले – अपने बयान पर 200% कायम हूं

Jitan Ram Manjhi File Photo.

पटना : भगवान राम के अस्तिस्व पर सवाल खड़ा करने के बाद हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए के पार्टनर जीतन राम मांझी खासा चर्चा में आ गए हैं। मांझी ने एक बार फिर मीडिया में सनसनीखेज बयान देते हुए कहा कि वह अपने पिछले बयान पर 200 प्रतिशत कायम है और मैं दोबारा कहता हूं कि मैं राम के अस्तित्व को नहीं मानता हूं।

रोजिना नाजिश की उम्मीदवारी का पर्चा भरवाने मुख्यमंत्री के साथ बुधवार को पहुंचे जीतन राम मांझी ने मीडिया की ओर से पूछे जाने पर एक बार फिर उन्होंने कहा कि मैं अपने बयान पर एक नहीं 200 प्रतिशत तक कायम हूं। जिस को जिस रूप में राम को मानना है मान सकते हैं। मैं उन्हें नहीं मानता हूं। उन्होंने कहा कि कौन मेरे बारे में क्या बोलता है इससे हमें फर्क नहीं पड़ता है। यह आस्था का विषय है लेकिन जिस रूप में लोग राम को मानते हैं, मैं उस रूप में नहीं मानता। रामायण में कई अशुद्धियां हैं।

 

मांझी के इस बयान का करारा जवाब देते हुए भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा है कि उनके बयान में ही उनका जवाब है। जीतन राम मांझी के माता-पिता ने उनका नाम जीतन राम मांझी क्यों रखा, जीतन राक्षस मांझी क्यों नहीं रख लिए। राम का अस्तित्व ना होता तो उनके माता-पिता इस शब्द का इस्तेमाल ही नहीं करते।

 

हरिभूषण ठाकुर बचौल ने मांझी को ऐसा बयान नहीं देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि उनकी आराध्या शबरी मां की कहानी भी श्रीराम से जुड़ी है। अब क्या वो उनका अस्तित्व भी नकार देंगे। मेरा निवेदन हैं कि वे इस बयान के लिए माफी मांगे। सभी जानते हैं कि राम से विरोध करने वाले के कुल.खानदान में कोई नहीं रहता है। उन्होंने मांझी के एनडीए के घटक दल में साथ होने पर कहा कि साथ तो भाई भी रहता है। मगर जब भाई गलत कर सकता है तो यहां तो उनकी पार्टी भी अलग है।