बिहार : जहरीली शराब से मौत के बाद नीतीश का ‘नया कानून’, जहां मिलेगी शराब वहां के चौकीदार-थानेदार जिम्मेदार

जहरीली व अवैध शराब से कई जिलों में मौत को लेकर हाल के दिनों में आलोचना झेलने के बाद बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने राज्य में नई व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तय किया है कि जहां शराब मिलेगी, इसके लिए वहां के चौकीदारी और थानेदार जिम्मेवार होंगे। इसके साथ ही सीरियर अफसरों की जिम्मेवारी भी तय की जाएगी। मालूम हो बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है।

Nitish Kumar ANI File Photo.

पटना : जहरीली व अवैध शराब से कई जिलों में मौत को लेकर हाल के दिनों में आलोचना झेलने के बाद बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने राज्य में नई व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तय किया है कि जहां शराब मिलेगी, इसके लिए वहां के चौकीदारी और थानेदार जिम्मेवार होंगे। इसके साथ ही सीरियर अफसरों की जिम्मेवारी भी तय की जाएगी। मालूम हो बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है।

बीते पखवाड़े बेतिया, गोपालगंज आदि जिलों में अवैध शराब पीने के कारण कई लोगों की मौत हो गयी थी। इसके बाद विभिन्न जिलों में अवैध शराब भट्टियों को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तोड़ा और कार्रवाई की।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को शराब बंदी कानून में खामियों और उसमें तस्करों व अवैध शराब निर्माताओं द्वारा चोर दरवाजे का रास्ता तलाशने को लेकर सात घंटे लंबी समीक्षा बैठक की। इसमें तय किया गया है गड़बड़ी में शामिल कितना भी बड़ा अधिकारी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। बॉर्डर इलाके में शराब तस्करी वाले रूट की पहचान होगी। खुफिया तंत्र को दुरुस्त किया जाएगा। सेंट्रल टीम की छापेमारी में शराब बरामद होने पर संबंधित थानेदार की जिम्मेवारी तय की जाएगी। होम डिलेवरी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। पुलिस मुख्यालय से डीजीपी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार समीक्षा बैठक करेंगे। गांव में शराब की सूचना देने की जिम्मेवारी चौकीदार के जिम्मे होगी।

26 नवंबर को नशमुक्ति दिवस के दिन सभी स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों की शराबबंदी व नशामुक्ति की शपथ दिलायी जाएगी। मालूम हो कि 10 सालों में 60 से ज्यादा थानेदारों पर शराब मामले में कार्रवाई की गयी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक में पटना जिले में शराबबंदी को लेकर विशेष चौकसी बरतने का निर्देश अफसरों को दिया। उन्होंने जिलों के प्रभारी मंत्री एवं सचिव विकास कार्याें की समीक्षा के दौरान जिले में शराबबंदी की भी समीक्षा करेंगे। बिहार में शराबबंदी कानून के तहत अबतक 106 पुलिसकर्मी सहित 238 कर्मी अबतक बर्खास्त किए जा चुके हैं। पिछले साल की तुलना में बिहार में इस साल देसी शराब की रिकवरी 85 प्रतिशत और विदेशी शराब की रिकवरी 45 प्रतिशत बढ गयी है।

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