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बिहार में नल-जल योजना में खूब हुआ भाई-भतीजावाद, जेडीयू नेता के परिवार को 80 करोड़ का ठेका

पटना : बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी नल जल योजना में खूब भाई भतीजावाद व परिवारवाद हुआ है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि समस्तीपुर से मधुबनी और जमुई से शेखपुरा तक कम से कम 20 जिलों में ऐसे ठेके दिए गए हैं जिसका फायदा नेताओं और उनके करीबी को हो रहा है। इसमें भाजपा, जदयू व राजद के नेताओं के रिश्तेदार शामिल हैं।

ठेके से लाभान्वित होने वालों की सूची में सबसे ऊपर जनता दल यूनाइटेड के राज्य सचिव अनिल सिंह के परिवार का नाम है, जिन्हें करीब 80 करोड़ रुपये का ठेका मिला।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, लाभान्वित होने वालों की सूची में भाजपा विधायक विनोद नारायण झा के भतीजे का नाम भी है। जब 2019-20 में उनके चाचा पीएचइडी मंत्री थे तब उन्हें लगभग 35 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया था।

नल जल योजना का काम पीएचडडी विभाग के अंतर्गत ही होता है। इस योजना के तहत विभाग ठेकेदारों को अनुबंध राशि का 60 से 65 प्रतिशत काम के दौरान देता है और शेष 35 से 40 प्रतिशत अगले पांच साल में रखरखाव के आधार पर दिया जाता है।

हालांकि बिहार में यह योजना सफल रही है जिसे नीतीश कुमार ने अपनी पिछली सरकार अस्तित्व में आने के बाद करीब पांच साल पहले लांच किया था। इस योजना के तहत 1.08 लाख वार्ड को आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अबतक 95 प्रतिशत हिस्से को कवर किया जा चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में इस योजना से अबतक 86.96 प्रतिशत लोग टेप वाटर से आच्छादित हो चुके हैं, जबकि दो साल पहले तक मात्र 1.84 प्रतिशत परिवार इस इससे कवर थे।

इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी खबर में खुलासा किया था कि उप मुख्यमंत्री व भाजपा नेता तारकिशोर प्रसाद की बहू पूजा कुमारी और उनके साले को 53 करोड़ का ठेका मिला है। इस संबंध में जब उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बिजनेस करने में कुछ गलत नहीं है।