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भागलपुर के नवगछिया में सेंचुरी इलाके में मृत मिली डॉल्फिन, संरक्षण पर गहरायी चिंता

नवगछिया के पास मृत मिली डॉल्फिन की दो अलग-अलग तसवीरें।

भागलपुर : भारत के एकमात्र रिवर डॉल्फिन सेंचुरी विक्रमशिला गंगाटिक डॉल्फिन सेंचुरी (भागलपुर के सुतलानगंज से कहलगांव तक का गंगा प्रवाह क्षेत्र) में शनिवार को एक मृत डॉल्फिन मिली है। नवगछिया के इस्माइलपुर पुरानी दुर्गा मंदिर के निकट नदी के किनारे यह डॉल्फिन मृत अवस्था में मिली। डॉल्फिन के मृत शरीर को देखने से प्रथम दृष्टया यह हत्या लगती है।

डॉल्फिन के मुंह के निचले भाग में प्लास्टिक रस्सी बंधी हुई है और रस्सी के दूसरे छोर पर बांस की खूंटी दिख रही है। डॉल्फिन के जानकार व जलीय जीव के संरक्षण के लिए काम करने वाले दीपक कुमार के अनुसार, ऐसा तब होता है जब कोई मछुआरा मछलियों को जीवित अवस्था में कुछ दिन रखना चाहता हो। ऐसी स्थिति में वह रस्सी से बांधकर उसे पानी में छोड़ देता है ताकि वह एक-दो दिनों तक जीवित रहे और आवश्यकता पड़ने पर उसे निकाल सके। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस डॉल्फिन के साथ भी ऐसा ही हुआ होगा। वह खूंटा उखाड़ कर भागने में कामयाब रही लेकिन फंदा खोलने में असफल रही जिससे उसकी मौत हो यगी।

हालांकि कुछ अन्य लोगों का कहना है कि डॉल्फिन की मौत जाल में फंसने से हुई है। मछुआरे द्वारा इसे जाल से निकाल कर नदी में डूबा दिया गया था, पर वह फिर से वह उफन कर किनारे लग गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद विभाग ने इसे अपने कब्जे में ले लिया।

मालूम हो कि डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है और इसका शिकार प्रतिबंधित है। डॉल्फिन के संरक्षण के लिए बिहार के भागलपुर जिले में सुलतानगंज से कहलगांव तक का 60 किलोमीटर का क्षेत्र डॉल्फिन सेंचुरी घोषित है। बावजूद इसके इस क्षेत्र में डॉल्फिन का शिकार होता है।