अलीम अंसारी ने पुरैनी में की कोकून बैंक स्थापना की मांग, सीएम नीतीश को लिखा पत्र

अलीम अंसारी, सदस्य, बिहार बुनकर कल्याण समिति।

भागलपुर : भागलपुर के बुनकरों के एक प्रमुख नेता और बिहार बुनकर कल्याण समिति के सदस्य अलीम अंसारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिख कर मांग की है कि प्रस्तावित कोकून बैंक की स्थापना स्थल पर फिर से विचार किया जाए। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि बुनकर सेवा केंद्र एवं जिला उद्योग केंद्र, भागलपुर की मिलीभगत से कोकून बैंक स्थापना के लिए बांका जिला स्थित चानन कटोरिया को चुना गया है, जो भागलपुर से करीब 70 किमी की दूरी पर है।

अलीम अंसारी ने अपने पत्र में कहा है कि चानन कटोरिया में तसर केंद्र खोलना किसी तरह से उपयोगी नहीं होगा, क्योंकि बनुकरी का केंद्र वह स्थल नहीं है और दूरी भी काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा है कि तसर कोकून के लिए सबसे बड़ी आबादी पुरैनी, दरियापुर, बेलखोरिया, राधानगर, खैरा, सजौर, इमायतपुर, फुलवरिया शेखपुरा, सलेमपुर, मुस्तफापुर, कमालचक, मिरनचक, आदि गांव है। पुरैनी इनके बीचोंबीच है और केंद्र है, इसलिए वहां कोकून बैंक खोलना उपयुक्त होगा।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि भागलपुर तसर सिल्क के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, लेकिन इस उद्योग से जुड़ी बहुत सी समस्याएं अब भी पदाधिकारियों द्वारा उत्पन्न की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किया है कि कोकून बैंक की स्थापना पुरैनी, जगदीशपुर में ही किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में बुरकर हित में किए गए कई कार्यों की तारीफ भी की है।

इसके साथ अलीम अंसारी ने स्कूली बच्चों की पोशाक की आपूर्ति बिहार के बनुकरों द्वारा तैयार कपड़ों से किए जाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने अलग से एक पत्र लिखा है और कहा है मंत्री परिषद ने जनवरी 2021 में यह नीतिगत निर्णय ले लिया है, लेकिन अबतक इसका कार्यान्वयन नहीं हो सका।

पत्र में अलीम अंसारी ने लिखा है कि इसको लेकर कई दौर की बैठकें शिक्षा विभाग व जीविका द्वारा हुई हैं, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका। इस योजना के तहत कक्षा एक से 12 तक के बच्चों को बुनकरों द्वारा निर्मित कपड़े दिए जाने हैं। उन्होंने कहा है कि यह भ्रम है कि बुनकरों के कपड़े महंगे होते हैं। अगर ऐसा फैसला होता है तो इससे लाखों बुनकरों को रोजगार मिलेगा।

यह भी देखें