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दुमका : दुमका जिले के दुमका प्रखंड की भुरकुंडा पंचायत के अंतर्गत लेटो गांव में दिसोम मारंग बुरु युग जाहेर अखड़ा और ग्रामीणों ने बेलबोरोन पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाया। बेलबोरोन पूजा के एक महीने पहले से गुरु-शिष्य गांव में आखड़ा बांधते हैं, जहां गुरु शिष्यों को मंत्र की सिद्धी, परंपरागत चिकित्सा विधि आदि का

दुमका : दुमका जिले के बड़तल्ली पंचायत के एक गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना घटी है। यह ग्राम प्रधान के फैसले के बाद एक महिला व पुरुष को निर्वस्त्र कर गांव में एक किलोमीटर तक घुमाया गया। ग्राम प्रधान ने अन्य ग्रामीणों के साथ एक महिला को अन्य पुरुष के साथ

चतरा : समाज में अब भी अंधविश्वास बुरी तरह व्याप्त है। ऐसा ही एक मामला झारखंड के चतरा जिले में सामने आया है। यहां एक मृत गर्भवती महिला को लोग झाड़-फूंक कर जीवित करने की कोशिश करते रहे। चतरा जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर प्रतापपुर प्रखंड क्षेत्र के सिद्दकी पंचायत के हरहद सिजुआ गांव

मुंबई के साकीनाका रेप पीड़िता की घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी। वे पिछले दो दिन से अस्पताल में भर्ती थीं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। 30 वर्षीया महिला के साथ रेप के बाद बर्बरता की गयी थी।

झारखंड के सिमडेगा जिले में दो महिलाओं के साथ मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी। छत्तीसगढ से आयी दो महिलाओं को स्थानीय महिलाओं ने ही चोरी के आरोप में न सिर्फ घेर लिया बल्कि उनके बाल काटे, चप्पल से उनकी पिटाई की और बुरा-भला कहा। यह सब तब उनके जब उनकी गोद में उनके मासूम बच्चे थे।

डायन के संदेह में 45 वर्षीय बसंती गोप की हत्या उनके भतीजे ने पत्थर से कूचकर कर दी।

भारत में बहुजन आंदोलन की अहम चेहरा रहीं गेल ओमवेट का निधन हो गया। वे दलित चिंतक व लेखिका थीं, जिन्होंने भारत में दलितों की स्थिति और इतिहास पर शानदार काम किया।

सूरत : गुजरात की अलीशा पटेल राज्य सरकार से ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र पाने वाली पहली शख्स बन गयी हैं। 39 साल की अलीशा पटेल का संदीप से अलीशा बनने और इस रूप में समाज में अपनी मुकम्मल पहचान कायम करने का सफर बहुत संघर्ष पूर्ण रहा है, लेकिन अब वे अपनी जिदंगी से बेहद खुश

हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र के चट्टी बारियातू गांव में एक कलीयुग बेटे ने अपनी मां को लाठी-डंडों से पीट कर मार डाला। मां की मौत के बाद कलियुगी बेटा काफी देर तक लाठी-डंडे से वहशियाना अंदाज में शव को पीटता रहा। उसने ऐसा कृत्य मां द्वारा पैसे नहीं देने

सड़क मार्ग से कटे होने के कारण लोगों को होती है काफी दिक्कत बुनियादी सुविधाओं से वंचित है रानेश्वर प्रखंड का यह गांव दुमका : दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड के तालडंगाल पंचायत के अंतर्गत पहाड़ों के बीच बसा आदिवासी बाहुल्य गांव रेशमा मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। देश की आजादी के