देश के निर्माण में सीए की है महत्वपूर्ण भूमिका: सांसद

रांची । दी इंस्टिट्यूट आॅफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स आॅफ इंडिया की बोर्ड आॅफ स्टडीज के तत्वावधान में शुक्रवार को सीएमपीडीआई के मयूरी हॉल में दो दिवसीय सीए स्टूडेंट्स कांफ्रेंस की शुरुआत हुई । जिसकी शुरुआत सांसद महेश पोद्दार ने दीप प्रज्वलित करके किया। अवसर पर अपने संबोधन में सीए महेश पोद्दार ने कहा कि सीए की कोर्स  विश्व में सबसे कठिन कोर्स में से एक माना जाता है। यह कोर्स कठिन परिश्रम से ही विद्यार्थी सफलता प्राप्त करते हैं। कांफ्रेंस में इतनी ज्यादा संख्या में सीए विद्यार्थियों की उपस्थिति यह दिखता है कि हमारे शहर में भी सीए के प्रति छात्र छात्राओं में काफी रुझान है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में सीए की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। विशेषकर देश में जीएसटी लागू होने के बाद इसको सफल बनाने में देश के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा की चार्टर्ड एकाउंटेंट्स एक व्यवसायी या एक उद्योग के लिए एक डॉक्टर सामान कार्य करता है। जिसकी सहायता से कोई भी व्यवसायी या उधोगपति व्यापर से संबंधित अपनी परेशानियों का समाधान पाता है। यह काफी गर्व की बात हैं कि सीए इंस्टिट्यूट पूरे विश्व में दूसरा स्थान रखती। विश्व में अपनी विद्यवता के कारण भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की मांग है। उद्धघाटन सत्र को संबोधित करते हुये मध्य भारतीय क्षेत्रीय पार्षद के अध्यक्ष सीए दीप कुमार मिश्रा ने कहा कि सीए प्रोफेशन काफी गौरवमयी प्रोफेशन है। देश में समाज में या विश्व में सीए प्रोफेशनल्स को काफी सम्मान के साथ देखा जाता है। इसका मुख्य कारण है सीए बनने की लिए इंस्टिट्यूट ने जो कोर्स तैयार किया है। वह पूरे विश्व में अव्वल है। इंस्टिट्यूट सतत सीए कोर्स के लिए विश्व में व्यापर के क्षेत्र में यहां तक की सामाजिक क्षेत्र में जो भी बदलाव हो रहे है। उन्हें समयनुसार अपने कोर्स में सम्मिलित करते जाती है। इसीलिए सीए के विद्यार्थियों को सफलता प्राफ्त करने के लिए चाहिए कि वे इस तरह के सेमिनार – कांफ्रेंस में हमेशा भाग लेकर लाभान्वित हो। मध्य भारतीय क्षेत्रीय परिषद् के सचिव सीए मुकेश बंसल ने इस दो दिवसीय कांफ्रेंस की सफलता की कामना करते हुवे कहा कि इस तरह के कॉनफेरेन्स में हमें हमारी जानकारी एक दूसरे से आदान प्रदान करने और विशेषज्ञों की राय जानकर ज्ञान अर्जन के लिए काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जितना हम पूरे वर्ष किताब पढ़कर अपना ज्ञान नहीं प्राफ्त कर सकते। उससे ज्यादा ज्ञान हमें इस दो दिवसीय कांफ्रेंस में प्राफ्त होगी। दो दिवसीय सीए स्टूडेंट्स कांफ्रेंस में मुख्या अतिथि, अन्य चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और सीए के विद्यार्थियों का स्वागत करते हुये रांची शाखा के सीए स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए आशीष कुशवाहा ने कहा कि काफी प्रयासों के बाद तीन वर्ष पश्चात इंस्टिट्यूट ने दूसरी बार इस कांफ्रेंस का रांची में आयोजन के लिए मंजूरी दिया है। अत: सभी सीए के विद्यार्थियों को इसकी लाभ उठाना चाहिए। उन्हें इस सेमिनार से काफी कुछ सीखने को मिलेगा साथ है। इस कांफ्रेंस देश का नामी विशेषज्ञ महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी देंगे साथ ही भारत से आये सीए के विद्यार्थी इस महत्वपूर्ण विषयों पर अपने पेपर की भी प्रस्तुति देंगे। जो की इस कांफ्रेंस में भाग ले रहे सीए के विद्यार्थियों को सीए कोर्स की तयारी में काफी सहायता प्रदान करेंगी। साथ ही उन्हें अपने कमजोरी का भी ज्ञान होगा। जिससे वह बाद में दूर कर सकते हैं। बोर्ड आॅफ स्टडीज के सदस्य सीए जेपी शर्मा ने इंस्टिट्यूट के बोर्ड आॅफ स्टडीज के द्वारा सीए विद्यार्थियों के अध्ययन -अध्यापन के लिए प्रदान किया जा रहा सुविधाओं को विस्तार से बताया। इंस्टिट्यूट के रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए राजकुमार ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए कठिन परिश्रम आवश्यक है। हमें कठिन परिश्रम करने के समय में यह मन में कभी नहीं लाना चाहिए की हमें सफलता मिलेगी या नहीं। विशेषकर सीए कोर्स में सफलता का मूल मंत्र ही कठिन परिश्रम है। विशेषकर सीए कोर्स में जो तीन वर्ष की आर्टिकलशिप की ट्रेनिंग है। उससे सही तरह से मेहनत से पूरी करनी चाहिए, क्योंकि यही तीन वर्ष का काल एक सीए के रूप में सफल बनाने का आधार होता है। यदि हम सीए में उत्तीर्ण न भी हो सकें और तीन वर्ष महेनत पूर्वक आर्टिकलशिप पूरी किया हो, तो हम अपने लिए कुछ न कुछ अच्छा रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। दो दिवसीय कांफ्रेंस के प्रथम दिन आएनडी-एएस विषय पर रुचिका जैन, रांची और मोहित दाधीच, राजस्थान के द्वारा प्रस्तुत पेपर पर विस्तार से चर्चा और जानकारी देते हुवे प्रोफेसर आशीष सुल्तानिया ने कहा कि सीए की अकाउंट पेपर उत्तीर्ण करने के लिए आएनडी-एएस की जानकारी होना आवश्यक है। क्योंकि एकाउंटिंग के प्रश्न के उत्तर के साथ साथ उपयोगी आएनडी-एएस को बतलाना भी आवश्यक है। दूसरे सत्र मोटिवेशन पर बोलते हुये कानपूर से आये विशेषज्ञ सीए डीसी शुक्ल ने कहा कि सीए की कोर्स कठिन परिश्रम करने वाली कोर्स है। इसमे ज्यादातर छात्र कभी न कभी फेल होते ही हैं, सीए के विद्यार्थियों को फेल होने से घबराना भी नहीं चाहिए। जीवन में कोई भी बिना गिरे उठता नहीं है। हमें अपने रिजल्ट पर एक नज़र डालकर अपने कमजोरियों पर सदा विजय प्राप्त करना चाहिए। जीवन में सफल होने का मूल मंत्र भी यही है। तृतीये तकनिकी सत्र में प्रत्यक्ष कर पर सीए विद्यार्थियों अभिनव भवानी – चेन्नई और निशित पारीख, मुंबई के द्वारा प्रस्तुत पेपर जिसका विषय फर्म्स और एलएलपी पर कराधान से संबंधित था, पर विस्तृत जानकारी देते हुये प्रत्यक्ष कर के विशेषज्ञ सीए आर के शुक्ल, कानपूर ने कहा कि फर्मो और एलएलपी पर प्रत्यक्ष कराधान में हमें इसकी रजिस्ट्रेशन, कार्यस्थल, और लाभ के अनुपात पर हमेशा गंभीरता से जांच पड़ताल करने पड़ती है। इसपर प्रत्यक्ष कर का दायित्वा इसी के अनुसार निर्धारित होता है। प्रथम दिन के तकनिकी सत्र के समापन में महेश पोद्दार, मध्य भारतीय क्षेत्रीय परिषद् के अध्यक्ष और सचिव, उपस्थित विशेषज्ञों, सीए के छात्र -छात्राओं और मीडिया के सम्मानित सदस्यों का आभार प्रकट करते हुये इंस्टिट्यूट के रांची शाखा के उपाध्यक्ष रवि शंकर शर्मा ने कहा कि इस दो दिवसीय कांफ्रेंस के द्वारा हम सीए के विद्यार्थियों को देश के नमी विशेषज्ञों की सानिध्य के द्वारा अपने ज्ञान अर्जन में काफी लाभ मिलेगा। मौके पर प्रतिक शर्मा, अंकित अग्रवाल, अनन्य संजीव, और सीए स्टूडेंट्स एसोसिएशन के सचिव सौरभ यादव, कोषाध्यक्ष अभिषेक कुमार, सदस्य अंकित कुमार, भारती सिंह, तारेश अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, राहुल रंजन, इंदरजीत रॉय, पूजा प्रधान, एकता मिश्रा, अवधेश मंडल, प्रवीण सिंह, सीए विकाश कुमार पोद्दार और सीए सुरेंद्र विश्वकर्मा मौजूद थे।

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