राहुल गांधी-प्रियंका गांधी के हाथरस जाने के दौरान यमुना एक्सप्रेस वे की वे तसवीरें देखें जिस पर बहस हो रही है

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व उत्तरप्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी को गुरुवार को पुलिस ने हाथरस जाने से रोक दिया और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया.


इस दौरान राहुल गांधी ने पुलिस से पूछा कि आखिर वे कानून की किस धारा के तहत उन्हें हाथरस जाने से रोक रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि वे अकेले हाथरस जाना चाहते हैं. पुलिस ने उन्हें बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत उन्हें रोका जा रहा है.

प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर हाथरस जाने से रोके जाने की निंदा की. उन्होंने लिखा: हाथरस जाने से हमें रोका. राहुल जी के साथ हम सब पैदल निकले तो बारबार हमें रोका गया, बर्बर ढंग से लाठियाँ चलाईं. कई कार्यकर्ता घायल हैं. मगर हमारा इरादा पक्का है. एक अहंकारी सरकार की लाठियाँ हमें रोक नहीं सकतीं. काश यही लाठियाँ, यही पुलिस हाथरस की दलित बेटी की रक्षा में खड़ी होती.

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस के उस पीड़ित परिवार से मिलना चाहते हैं जिनकी बेटी की दो दिन पहले इलाज के दौरान सफदरंजग में मौत हुई थी. उस लड़की के शव का अंतिम दर्शन कराए बिना गांव में पुलिस के द्वारा 29 सितंबर की रात अंतिम संस्कार कर दिया गया.

प्रियंका गांधी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा: एक घमंडी सत्ता मासूम बच्चियों के मृत शरीरों पर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रही है. अन्याय को रोकने के बजाए, खुद अन्याय कर रही है. महिलाओं के लिए एक सुरक्षित समाज और प्रदेश के लिए. जहां वो आज़ादी से जी सकें और आगे बढ़ सकें, हमारा संघर्ष जारी रहेगा.

राहुल गांधी ने खुद को रोके जाने पर ट्वीट किया: दुःख की घड़ी में अपनों को अकेला नहीं छोड़ा जाता. यूपी में जंगलराज का यह आलम है कि शोक में डूबे एक परिवार से मिलना भी सरकार को डरा देता है. इतना मत डरो, मुख्यमंत्री महोदय.

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपनी गाड़ी रोके जाने के बाद पदयात्रा करते हुए हाथरस जा रहे थे. उनके साथ उनके कार्यकर्ता भी थे. इस दौरान पुलिस द्वारा राहुल गांधी को हाथ पकड़ कर रोके जाने की कुछ तसवीरें वायरल हुईं हैं.

राहुल गांधी प्रियंका गांधी को रोके जाने के बाद प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने ट्वीट कर कहा, मुझे एक बात समझ में नहीं आ रही अगर कोई सामाजिक कार्यकर्ता या किसी दल का नेता हाथरस जाकर पीड़ित परिवार से मिलना चाहता है तो इसमें सरकार को क्या दिक़्क़त है? क्यूँ मिलने से रोका जा रहा है?

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी आज हाथरस की घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.