धर्म के बहाने से सेहत बन तो क्या बात हैं, जानिए पीपल की 108 परिक्रमा लगाने के कई फायदे
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समृद्ध डेस्क
हिन्दू धर्म में कोई भी कार्य बिना लाभ के नहीं होते। हर एक कार्य के पीछे कोई न कोई रहस्य होता है। यह रहस्य से जब पर्दा उठता है तो केवल लाभ ही मिलते हैं।पीपल की पूजा का प्रचलन प्राचीन काल से ही रहा है। इसके कई पुरातात्विक प्रमाण भी है। इससे मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।
अश्वत्थोपनयन व्रत के संदर्भ में महर्षि शौनक कहते हैं कि मंगल मुहूर्त में पीपल वृक्ष की नित्य 3 बार परिक्रमा करने और जल चढ़ाने पर दरिद्रता, दु:ख और दुर्भाग्य का विनाश होता है। धन समृद्धि बढ़ती है। पीपल के दर्शन-पूजन से दीर्घायु तथा समृद्धि प्राप्त होती है। अश्वत्थ व्रत अनुष्ठान से कन्या अखण्ड सौभाग्य पाती है।
शनिवार की अमावस्या को पीपल वृक्ष की पूजा और सात परिक्रमा करके काले तिल से युक्त सरसो के तेल के दीपक को जलाकर छायादान करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। अनुराधा नक्षत्र से युक्त शनिवार की अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष के पूजन से शनि पीड़ा से व्यक्ति मुक्त हो जाता है।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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