चुनाव में हावी होंगे स्थानीय मुद्दे, महारथियों की बेचैनी बढ़ी
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समृद्ध डेस्क: प्रदेश की सियासत में रोजाना नए-नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं, वहीं विधानसभा चुनाव की तपीश भी अब तेज होने लगी है। महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद अबकी बारी झारखंड की है। खास बात ये है कि यहां कभी भी किसी समय चुनावी तिथि का ऐलान हो सकता है। ऐसे में राजनीतिक महारथियों की बेचैनी बढ़ने लगी है।
लोकसभा चुनाव में राष्ट्रवाद, विकास सहित पीएम मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व के मामले में सफलता मिली, लेकिन ठीक उल्टे महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में इसके बहुत सार्थक परिणाम भाजपा के हक में नही आए। यहां स्थानीय मुद्दे हावी रहे, लिहाजा सफलता का ग्राफ कुछ आंका गया। अब झारखंड की बारी है और यहां कभी भी चुनाव आयोग चुनाव का ऐलान कर सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि स्थानीय मुद्दे चुनाव के रिजल्ट को काफी हद तक प्रभावित करने का काम करेगी।झारखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा अब किसी भी क्षण हो सकती है। तमाम तैयारियों को परखने के बाद चुनाव आयोग चुनावी तिथियों का ऐलान कर देगा। उम्मीद है कि चार से पांच चरणों में यहां चुनाव कराये जाएंगे। माना जा रहा है कि चुनाव को लेकर प्रदेश में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जाएंगे, ताकि कोई परिंदा भी पर न मार सके। चुनाव हेतु 200 कंपनियों के अलावे पांच हेलीकॉप्टर व एक एयर एंबुलेंस की मांग भी चुनाव आयोग से की गई है।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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