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ऑफलाइन परीक्षा से छात्र- छात्राओं में संक्रमण का खतरा बढ़ेगा: आजसू

राँची: राँची विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर के छात्र- छात्राओं के ऑफलाइन परीक्षा लिए जाने के फैसले का आजसू के द्वारा शनिवार को आजसू युवा नेता जमाल गद्दी के नेतृत्व में राँची विश्वविद्यालय, प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया एवं नारेबाजी की।

आजसू के प्रदेश सचिव ओम वर्मा ने कहा कि राँची विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्नातक एव स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर का परीक्षा ऑफलाइन लिए जाने का निर्णय छात्र- छात्राओं के स्वास्थ्य के लिए अहितकारी है। राँची विश्वविद्यालय COVID-19 के तीसरे लहर को लेकर लगातार किये जा रहे अलर्ट, डेल्टा एवं डेल्टा+ वैरिएंट के कारण लाखों लोगों के जाम माल का नुकसान, राज्य में स्वास्थ्य संबंधी संसाधनों की भारी कमी जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखने में विफल रहा है।

वहीं टीकाकरण के रफ्तार में भी झारखंड पूरे देश मे 19वें स्थान पर है ऐसे में सभी छात्र- छात्राओं का शत प्रतिशत टीकाकरण भी नहीं हो पाना चिंतनीय है। जिस तरह बीते कुछ सप्ताह पहले तक कोविड-19 ने अपना तांडव पूरे देश मे दिखाया है वह विश्वविद्यालय प्रशासन को ध्यान में रखना चाहिए।

अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के मारवाड़ी महाविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित जमाल गद्दी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय पर राज्य सरकार कोविड गाइडलाइन का खुले तौर पर उल्लंघन होगा, छात्र- छात्राओं में संक्रमण का खतरा बढ़ेगा, ऐसे में राज्य सरकार एवं राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की चुप्पी भी विश्वविद्यालय के फैसले के साथ सहमति की ओर ईशारा कर रहा है।

राज्य सरकार कोविड-19 के दूसरे लहर में अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, जीवन रक्षि दवाओं, इंजेक्शन, वेंटिलेटर आदि कुप्रबंधन से ही राज्य के हजारों लोगों की जिंदगी और परिवारों से उनके अपनों को छीन चुकी है। ऐसे में तीसरी लहर के प्रबल आशंका एवं देश मे वर्तमान में कोविड 19 डेल्टा+ वैरिएंट के अतिसंक्रामक परिस्थिति के बीच राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र- छात्राओं को सुरक्षित रखने की सोच के साथ निर्णय लेना चाहिए।

आजसू द्वारा विश्वविद्यालय मुख्यालय में किये जा रहे विरोध प्रदर्शन के अंतिम चरण में आजसू ने राँची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कामिनी कुमार से वार्ता की एवं ऑफलाइन परीक्षा के संभावित दुष्प्रभावों से अवगत कराया। साथ ही मांग रखी कि सभी तरह के परीक्षा ऑनलाइन हो। कुलपति महोदया ने गंभीरता से बातों को सुनते हुए आश्वासन दिया कि वह आजसू के मांगों से राज्य सरकार को अवगत कराएंगी एवं इस विषय पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार के दिशानिर्दर्शों के आधार पर लिया जाएगा।

आंदोलन में मुख्य रूप से गौतम सिंह, ओम वर्मा, अजित कुमार, राहुल तिवारी, जमाल गद्दी, सचिन, रोहित, पवन, जितेश, अल्पना, सृष्टि, निकिता सिन्हा, सितांशु, मो. अथर अंसारी, मो. इस्तेसाब आलम आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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