सोनम वांगचुक ने खत्म किया 26 दिन का अनशन, सरकार ने दिए लिखित आश्वासन
संसद में परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक पर होगी विस्तृत चर्चा
पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने सरकार और 65 सांसदों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद 26 दिनों से जारी अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। सरकार ने संसद में नीट पेपर लीक, परीक्षा सुधार और जवाबदेही पर चर्चा कराने, प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने तथा आत्महत्या पीड़ित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
नई दिल्ली: पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार तड़के 26 दिनों से जारी अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। सरकार ने संसद में नीट प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और शिक्षा सुधार पर विस्तृत चर्चा कराने, हालिया नीट प्रश्नपत्र लीक से जुड़े आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उपयुक्त मुआवजा देने तथा जंतर-मंतर और 20 जुलाई के संसद मार्च में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों एवं युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया।
जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने पढ़कर सुनाया आश्वासन पत्र
सोनम वांगचुक ने 28 जून को नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर स्थित आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन शुरू किया था। अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नहीं मिला आश्वासन

'भूख का अंत... जवाबदेही की शुरुआत'
वांगचुक ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना था कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज न हो। उन्होंने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और संसद में जवाबदेही पर चर्चा कराने के आश्वासन को भी महत्वपूर्ण बताया। अनशन समाप्त करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भूख का अंत… जवाबदेही की शुरुआत।"
इस बीच, ऐसी जानकारी सामने आई है कि सरकार जंतर-मंतर पर आंदोलनरत सीजेपी नेताओं के साथ संविधान क्लब में बातचीत कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, सीजेपी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम वीडियो संदेश जारी कर प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने से संबंधित मसौदा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


