भारत-श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय वार्ता, तमिल हितों पर PM मोदी ने की सीधी बात
श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे अपने पहले विदेश दौरे पर भारत आए हैं, यह कूटनीतिक रूप से भारत के लिए अहम है
नयी दिल्ली : श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंद्रा राजपक्षे भारत के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई है और उसके बाद साझा बयान जारी किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा बयान में कहा कि श्रीलंका हमारा पड़ोसी होने के साथ करीबी मित्र भी है, हम साझा बंधन से बंधे हुए हैं. उन्होंने कहा कि हमारा अतीत एवं भविष्य एक दूसरे से जुड़ा हुआ है. हमारे क्षेत्र में आतंकवाद एक बड़ी समस्या है और हम दोनों डटकर इसका मुकाबला करते रहे हैं. हम भविष्य में आतंकवाद से लड़ने के लिए अपना सहयोग बढाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका में इस्टर डे पर दर्दनाक और बर्बर आतंकी हमले की निंदा की और उसे पूरी मानवता को आघात पहुंचाने वाला बताया.
PM Modi: In today’s talks we discussed the joint economic projects in Sri Lanka, and also discussed enhancing trade and investment relations. We also discussed to increase our people-to-people connectivity and encourage tourism pic.twitter.com/ryKMUUOAHZ— ANI (@ANI) February 8, 2020
प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरक्षा हो या अर्थव्यवस्था या सामाजिक प्रगति, हर क्षेत्र में हमारा अतीत और हमारा भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है. श्रीलंका में स्थायित्व, सुरक्षा और समृद्धि भारत के हित में तो है ही, पूरे हिंद महासागर क्षेत्र के हित में भी है. उन्होंने कहा कि मैं अपने मित्र महिंद्रा राजपक्षे को प्रधानमंत्री बनने के लिए हृदय से बधाई देता हूं. पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने मेरा निमंत्रण स्वीकार किया और अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को चुना.
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह अपने यहां रह रहे तमिलों के लिए समानता, शांति, सम्मान एवं न्याय को लागू करे.



