मूडीज की रेटिंग में भारतीय विकास दर घटा
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नई दिल्ली: चर्चित अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने इस वित्तीय वर्ष के लिए भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया है। उसने इसे 5.6 फीसदी कर दिया है, पहले यह 5.8 फीसदी था। मूडीज की इन्वेस्टर सर्विस ने कहा कि अर्थव्यस्था में मंदी उससे ज्यादा समय तक टिकती दिख रही है जितना पहले सोचा गया था। एक बयान में उसका यह भी कहना है, कि भारत में बेरोजगारी बढ़ रही है। इस बयान के मुताबिक 2018 के मध्य से भारत का आर्थिक विकास उल्टी दिशा में दौड़ने लगा था। मूडीज का कहना है कि निवेश की धारा उससे पहले ही सूखने लगी थी, लेकिन अर्थव्यवस्था मजबूत रही क्योंकि उपभोक्ता मांग मजबूत बनी हुई थी। एजेंसी के मुताबिक अब संकट है क्योंकि यह मांग भी काफी घट गई है।
अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बीते कुछ समय से मोदी सरकार को लगातार बुरी खबरें मिल रही हैं। इससे पहले खबर आई थी कि औद्योगिक उत्पादन में आई कमी ने आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हाल में मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रेटिंग को स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया था। हालांकि एजेंसी का अनुमान है कि भारत की अर्थव्यवस्था में छाई यह सुस्ती 2020-21 और 2021-22 से छंटनी शुरू होगी। इन दोनों वित्तीय वर्षों के लिए उसने 6.6 और 6.7 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है। गूगल न्यूज से जुड़ें... Follow करें
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Edited By: Samridh Jharkhand
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