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किसी को प्रधानमंत्री बनना था और देश का बंटवारा कर दिया गया : नरेंद्र मोदी

 

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में धारा 370 व राम मंदिर निर्माण जैसे मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधा. प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों ने सिर्फ सरकार नहीं बदली, सरोकार भी बदलने की अपेक्षा की है. उन्होंने कहा कि यदि हम उसी तरह चलते जिस तरह से आप लोग चलते थे, जिस रास्ते की आपको आदत हो गयी थी, तो 70 साल बाद भी अनुच्छेद 370 नहीं हटाता, मुसलिम बहनों को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती. प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोल रहे थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपकी ही सोच के साथ चलते तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती. आपकी ही सोच अगर होती तो करतारपुर साहिब कोरिडोर कभी नहीं बन पाता. आपके ही तरीके होते, आपका ही रास्ता होता तो भारत-बांग्लादेश विवाद कभी नहीं सुलझता. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार बोडो समझौते में सभी हथियारी ग्रुप साथ आए हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात इस समझौते में लिखा है कि इसके बाद बोडो की कोई मांग बाकी नहीं रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर गति तेज न होती तो 11 करोड़ लोगों के घरों में शौचालय नहीं बनते, 13 करोड़ गरीब लोगों के घर में गैस चूल्हा नहीं पहुंचता, दो करोड़ नए घर गरीबों के लिए नहीं बनते. लंबे समय से अटकी दिल्ली की 1700 काॅलोनियों को नियमित करने का काम पूरा नहीं होता.

प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि आपातकाल कौन लाया था. न्यायपालिका को किसने रौंदा. संविधान में सबसे अधिक संशोधन कौन लाया है. किसने अनुच्छेद 356 को सबसे अधिक लागू किया, जिन लोगों ने उपरोक्त कार्य किये हैं, उन्हें हमारे संविधान का गहन ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता है. पीएम मोदी ने कहा कि कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया हो और उस प्रस्ताव को प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाड़ देने वाले लोगों को संविधान बचाने की शिक्षा लेना बहुत जरूरी है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सीएए को लेकर कुछ लोग कह रहे हैं कि इसे लाने की इतनी जल्दी क्या थी. कुछ सदस्यों ने कहा कि हम देश के टुकड़े करना चाहते हैं. विडंबना यह है कि ये वो लोग बोल रहे हैं जो देश के टुकड़े-टुकड़े करने वालों के बगल में खड़े होकर फोटो खिंचवाना पसंद करते हैं.

उन्होंने कहा कि देश ने देख लिया है कि दल के लिए कौन है और देश के लिए कौन है. किसी को प्रधानमंत्री बनना था इसलिए हिंदुस्तान में लकीर खींची गयी और हिंदुस्तान का बंटवारा कर दिया गया.

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