Breaking News

सहायक पुलिस कर्मियों की हड़ताल खत्म, समृद्ध झारखंड को कहा धन्यवाद

रांचीः 12 सितंबर से स्थाई नौकरी, वेतनमान सहित विभिन्न मांगों को लेकर रांची के मोरहाबादी मैदान में डटे 2500 सौ सहायक पुलिसकर्मी का आंदोलन बुधवार देर शाम समाप्त हो गया. राज्य के पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने 11 बजे वार्ता के लिए प्रतिनिधियों को बुलाया था.

पांच घटा चला वार्ता 

बता दें कि करीब पांच घंटे चली वार्ता के बाद आंदोलनकारी सहायक पुलिसकर्मी मान गए. मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने प्रतिनिधियों को मिठाई खिलाकर विदा किया. प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजकुमार ने बताया कि मंत्री को आठसूत्री मांग पत्र दिया गया था. जिसमें हेमंत सरकार की ओर से तत्काल दो साल का सेवा विस्तार का निर्णय लिया गया है.

पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने यह आश्वासन दिया कि वेतनमान व अन्य मांगों को लेकर सचिव स्तर की एक कमेटी बनाई जाएगी. यह कमेटी 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी. इस आधार पर तय होगा कि सहायक पुलिस कर्मियों को कितनी सुविधाएं व वेतनमान मिले.

नामजद प्राथमिकी होगी वापस

वहीं अजय कुमार मंडल के अनुसार मंत्री ने यह आश्वासन दिया है कि आंदोलन के दौरान लालपुर थाने में 31 सहायक पुलिस कर्मियों पर दर्ज नामजद प्राथमिकी वापस होगी और साथ ही, यह भी आश्वासन दिया है कि गढ़वा में जो चार सहायक पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया था उन्हें दोबारा सेवा में वापस ली जाएगी.

आठ दिनों से जारी थी समृध्द झारखंड परिचर्चा

आपको बता दें कि समृद्ध झारखंड पिछले आठ दिनों से विभिन्न पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार सहायक पुलिसकर्मियों के मांग पर परिचर्चा रात्रि 9 बजे कर रही थी. जिसमें अनुबंधित नौकरियों पर सवाल एवं उसके समाधान की बातें खुलकर सामने आई. परिचर्चा के दौरान यह महसूस हुआ कि अनुबंध पर नौकरी इस तरह आंदोलन एवं प्रदर्शन को आमंत्रित करती है. जिससे राज्य के युवाओं भविष्य अंधकारमय होने की संभावना दिखती है.

नोट- सहायक पुलिसकर्मियों ने परिचर्चा में उनके विषय को विशेष महत्व देने के लिए समृद्ध झारखंड झारखंड बधाई एवं शुभकामनाएं दी, एंव कहा कि इस तरह के गंभीर विषयों को उठाते रहे और लोकहित-जनहित में कार्य करते रहें.

यह भी देखें