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स्वास्थ्य

देश में हर साल हार्ट अटैक के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीते तीन सालों में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में 17 % इजाफा हुआ है। वहीं, महिलाओं का दिल पुरुषों की तुलना में स्वस्थ है। हृदय गति रुकने से होने वाली कुल मौतों में 14 % मामले महिलाओं के हैं, 86 %

रांची: रांची के डिप्टी कमिश्नर छवि रंजन शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं. इसके अलावा वे कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. वो खुद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं. इसी के मद्देनजर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी रांची जिला प्रशासन

समृद्ध डेस्क, रांची: टीबी बीमारी को लेकर झारखंड स्वास्थ्य विभाग सजग होता हुआ नजर आ रहा है. झारखण्ड के स्वास्थ्य विभाग द्वारा रांची में टीबी के मरीजों की खोज आज मंगलवार से शुरू कर दी गई है. प्रभात खबर में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार सर्जन डॉक्टर विनोद कुमार ने सोमवार को दी गई प्रेस

टीबी जैसे बीमारियों को लेकर इलाज तो हो रहे हैं और ये इलाज पहले से ज्यादा कारगर भी साबित हो रहा है. मगर आज भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो जानकारी के अभाव में बीमारी को पनपने देते हैं जिसका अंजाम उनको और उनके परिवार को भुगतना पड़ता है. कई बार टीबी जैसी बीमारियां

सक्सेस स्टोरी: झिकरा हरिनकोल गांव ऐसे हुआ कालाजार से मुक्त साहिबगंज: संताल परगना के चार जिलों दुमका, साहिबगंज, पाकुड व गोड्डा की ग्रामीण आबादी को अपनी चपेट में लेने वाली बीमारी कालाजार के मामले साहिबगंज में उल्लेखनीय रूप से कम हुए हैं। समन्वित प्रयास की बदौलत पिछले साल की तुलना में इस बार आधे से

मुखिया मीना मुर्मू ने बताया कि वह बाघमारा गांव से हैं और उनके गांव के दो अलग- अलग टोलों में कालाजार के मरीज मिलते थे। उन्होंने कहा कि 2019-20 में कालाजार के चार से पांच केस हमारे यहां थे, लेकिन अब एक भी नया केस सामने नहीं आया है और जो पुराने मरीज थे वे ठीक हो चुके हैं।

जिले के भीबीडी कंसलटेंट हेमंत कुमार भगत ने बताया कि हम सबके प्रयासों के साथ ही कालाजार अभियान में लोगों का भी बहुत सहयोग है और यही कारण हैं कि वर्ष 2020 में कालाजार के 87 मरीज़ मिले थे और सबको उचित इलाज मिला और सब ठीक हो गए। इस बार भी अभी तक कालाजार के 30 मरीज़ मिले थे, सब ठीक हो चुके हैं।

पाकुड़: झारखंड कालाजार से निबटने के लिए अपने चार अलग- अलग इकाइयों के सहयोग व समन्वय से बेहतर काम कर रहा है। झारखंड में कालाजार उन्मूलन के लिए हेल्थ वर्कर के अलावा जेएसएलपीएस-झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी, आइसीडीएस – इंटिग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम, एसबीएम – स्वच्छ भारत मिशन की भूमिका सुनिश्चित की गयी है। जेएसएलपीएस

नयी दिल्ली : कोरोना टीकाकरण में छोटे राज्यों ने बड़ा काम किया है। हिमाचल प्रदेश, सिक्किम एवं केंद्र शासित दादरा और नगर हवेली देश के ऐसे पहले प्रदेश बने जहां की 100 प्रतिशत आबादी को कोरोना की कम से कम एक डोज दे दी गयी है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम के

कोरोना से जूझ रहे दक्षिणी राज्य केरल में अब निपाह वायरस (Nipah virus) के लेकर चिंताएं उभर आयी हैं। केरल के कोझीकोड जिले में एक 12 वर्षीय बच्चे की निपाह वायरस संक्रमण जैसे लक्षण के बाद उसे पहले तीन तारीख को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर वहां से मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया, लेकिन फिर निजी अस्पताल ले जा गया। उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। बच्चे की मौत रविवार सुबह पांच बजे हुई है।