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पर्यावरण

जहां भारत में बड़े अपने तजुर्बों से नसीहत देते हैं कि कोर्ट-कचहरी और मुकदमेबाज़ी से बचना चाहिए, वहीं कोरिया से, इस नसीहत के ठीक उलट, एक हैरान करने वाली खबर आ रही है।

लाइफ संस्था की यह रिपोर्ट कोरोना संकट खत्म होने के बाद कोयला के दोहन में तेजी का भी संकेत देती है और आने वाले सालों में वन भूमि के कोयला खनन के लिए डायवर्सन और बढ सकता है

भारत के उत्तर पूर्व के क्षेत्र में हुई मॉनसून की भारी बारिश और नदियों में उसके बाद बढ़े जलस्तर के कारण हाल ही में भारत और बांग्लादेश में सीमा से सटे कुछ प्रमुख क्षेत्रों में बाढ़ आई। इसके चलते लाखों लोग फंसे हुए हैं और एक मानवीय संकट पैदा हो रहा है।

दुनिया में स्‍टील और लोहे के डीकार्बनाइजेशन संबंधी प्रयासों पर नजर रखने वाली संस्‍था ग्‍लोबल एनर्जी मॉनिटर ने अपनी नयी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि वैश्विक स्‍टील निर्माता इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) के मुकाबले ब्‍लास्‍ट फर्नेस (बीएफ) आधारित क्षमता का अधिक निर्माण कर रहे हैं। यह तुलनात्‍मक रूप से अधिक स्‍वच्‍छ और पर्यावरण के

राज्य को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए क्लाइमेट एडप्टेशन और मिटिगेशन के रोडमैप पर परिचर्चा रांची : वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार, सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट सीड और सोशल इनिशिएटिव थ्रू डेवलपमेंट एंड हुमैनिटेरियन एक्शन एसआईडीएचए ने संयुक्त रूप से मंगलवार को एक कान्फ्रेंस बिल्डिंग क्लाइमेट रेसिलिएंट झारखंड: एडप्टेशन एंड

जहां एक ओर इस बात की उम्मीद थी कि कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया भर में ग्रीन रिकवरी होगी, वहीं REN21 की रिन्यूएबल्स 2022 ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट (जीएसआर 2022) की मानें तो पता चलता है कि पृथ्वी ने यह मौका खो दिया है। यह रिपोर्ट एक स्पष्ट चेतावनी देती है कि वैश्विक स्तर पर क्लीन

फिलहाल जब आप और हम भारत में भीषण गर्मी से त्रस्त हैं, जर्मनी के बॉन शहर में दुनिया भर के तमाम देश एक बेहतर कल के लिए अपनी जलवायु प्रतिक्रिया पर चर्चा और सुधार करने के लिए एक साथ आए हैं। दरअसल, ग्लासगो में COP26 के सात महीने बाद, दुनिया भर के देशों ने जलवायु

जहां एक ओर खाद्य सुरक्षा दुनिया के लगभग सभी देशों की प्राथमिकता है, वहीं पड़ोसी देश बांग्लादेश से इस संदर्भ में एक हैरान करने वाली खबर आ रही है। दरअसल हाल ही में बांग्लादेश ने जीवाश्म ईंधन की बढ़ती लागत के कारण गरीबों के लिए खाद्य सब्सिडी को कम करने का फैसला लिया। इसी क्रम

ऑक्सीजन पार्क पर्यावरण की सेहत और क्षमता को बढ़ाने का एक निवारक दृष्टिकोण है। यह एक सक्रिय अवधारणा है जिसमें वृक्षारोपण के लिए दो परत के लेआउट का उपयोग किया जाता है।

नयी दिल्ली : आइफॉरेस्ट द्वारा उपग्रह डेटा विश्लेषण से पता चलता है कि बीड़ी बनाने के लिए तेंदू पत्ता संग्रहण के लिए भारत में हर साल वन भूमि के बड़े हिस्से को जलाया जा रहा है। बढते जलवायु आपदा को देखते हुए इस प्रथा को समाप्त करने के लिए कड़े नीतिगत कदमों की तत्काल आवश्यकता