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झारखंड : अब कॉमर्स ग्रेजुएट भी राज्य में बन सकेंगे मिडिल स्कूल के शिक्षक, जानें

रांची : झारखंड में अब कॉमर्स में ग्रेजुएट भी मिडिल स्कूल यानी कक्षा छह से आठ तक के शिक्षक बन सकेंगे। फिलहाल शिक्षक पात्रता के लिए सिर्फ कला, विज्ञान एवं मानविकी संकाय के अभ्यर्थी ही पात्र माने जाते हैं। इस बदलाव से कॉमर्स के लाखों छात्रों को लाभ होगा और उनके लिए नौकरी का एक नया अवसर उत्पन्न होगा।

प्रभात खबर में प्रकाशित एक्सक्लूसिव खबर के अनुसार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग इसके लिए झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली में बदलाव करेगा। नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव का तैयार किया गया है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत मध्य विद्यालय में तीन स्नातक उत्तीर्ण शिक्षकों की नियुक्ति होनी है और अब इसमें कॉमर्स छात्र भी अभ्यर्थी बन सकेंगे।

शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। झारखंड में 2012 में पहली शिक्षक पात्रता नियमावली बनायी गयी थी। इसके बाद 2019 में उसमें बदलाव किया गया था, लेकिन दोनों ही स्थितियों में कॉमर्स के छात्र को इसके लिए पात्र नहीं माना गया।

रिपोर्ट के अनुसार, कॉमर्स उत्तीर्ण छात्रों की परीक्षा सामाजिक अध्ययन विषय के अंतर्गत ली जाएगी। शिक्षक पात्रता परीक्षा में कॉमर्स को भी सामाजिक अध्ययन विषय में जोड़ा गया है। सामाजिक अध्ययन में अर्थशास्त्र के लिए पहले से प्रावधान है। अब इसमें बिजनेस स्जडीज व एकाउंट विषय को भी जोड़ा गया है। इनकी परीक्षा 50-50 अंक की होगी।

उल्लेखनीय है कि 2012 में कॉमर्स छात्रों की सामाजिक अध्ययन विषय के अंतर्गत नियुक्ति हुई थी और इसकेे लिए उन्हें परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया गया था। पर, बाद में उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गयी। एक अहम बदलाव यह भी किया जाएगा कि अब शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होने को आजीवन मान्यता दी जाएगी। यह बदलाव केंद्र की तर्ज पर किया जाएगा। केंद्र ने सात वर्ष की इसकी मान्यता को आजीवन कर दिया है।

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