Breaking News

झारखंड में 65 हजार पारा शिक्षकों को बिहार जैसी सेवा शर्त नियमावली जल्द मिलने की उम्मीद

झारखंड के 65 हजार पारा शिक्षकों को बिहार की तर्ज पर सेवा शर्त नियमावली मिलने की उम्मीद है। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारी चल रही है और संभावना है कि 29 नवंबर को हेमंत सोरेन सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर इसकी घोषणा कर दी जाए। इस दिन उनके स्थायीकरण और मानक वेतनमान देने की घोषणा की जा सकती है।

Source-Google Image

रांची : झारखंड के 65 हजार पारा शिक्षकों को बिहार की तर्ज पर सेवा शर्त नियमावली मिलने की उम्मीद है। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारी चल रही है और संभावना है कि 29 नवंबर को हेमंत सोरेन सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर इसकी घोषणा कर दी जाए। इस दिन उनके स्थायीकरण और मानक वेतनमान देने की घोषणा की जा सकती है।

इससे झारखंड के प्राथमिक व मध्य विद्यालय में कार्यरत 65 हजार शिक्षकों को लाभ होगा जिसके लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इसको लेकर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की अध्यक्षता में सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई है। इसमें बिहार की तर्ज पर प्रस्तावित नियमावली को मंजूरी देने पर सहमति जतायी गयी है।

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि पारा शिक्षकों की समस्या का समाधान वर्ष 2021 में ही हो जाएगा। सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 29 दिसंबर को इस संबंध में पारा शिक्षकों के स्थायीकरण व वेतनमान के संबंध में घोषणा की जाएगी।

छठ पूजा के बाद प्रस्तावित नियमावली का ड्राफ्ट पारा शिक्षकों को उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके बाद अंतिम फैसले पर पहुंचने से पहले सरकार पारा शिक्षकों का सुझाव लेगी। ध्यान रहे कि बिहार में पारा शिक्षकों को 5200-20000 का वेतनमान दिया जाता है। बिहार में ऐसे शिक्षक शिक्षा मित्र कहलाते हैं। वहां तीन बार आकलन परीक्षा लेने का भी प्रावधान है, अगर प्रतिभागी तीनों परीक्षा में विफल रहता है तो उसे सेवा से हटाने का प्रावधान है।

हालांकि झारखंड में इस विकल्प पर काम किया जा रहा है कि जो प्रतिभागी तीनों आकलन परीक्षा में विफल रहता है उसे सेवा शर्त नियमावली का लाभ नहीं दिया जाए और सेवा में रखा जाए। टेट पास अभ्यर्थियों को सीधे देने का फैसला किया गया है।

यह भी देखें