<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://samridhjharkhand.com/news/jharkhand-government-news/category-93616" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Samridh Jharkhand RSS Feed Generator</generator>
                <title>झारखंड सरकार समाचार - Samridh Jharkhand</title>
                <link>https://samridhjharkhand.com/category/93616/rss</link>
                <description>झारखंड सरकार समाचार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Jharkhand Vidhansabha: 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विधानसभा परिसर में हुआ पौधारोपण</title>
                                    <description><![CDATA[रांची में झारखंड विधानसभा परिसर में 77वां राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 आयोजित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्यक्रम में हिस्सा लेकर पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, पहाड़, नदियां और प्राकृतिक संसाधन झारखंड की पहचान हैं और इनका संरक्षण हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-vidhansabha-message-of-environmental-protection-in-the-77th-statewide/article-25636"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/58f69d3a-a1cb-4a39-8d1d-de5f14d6ed1c_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>रांची:</strong> झारखंड विधानसभा परिसर में 77वां राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। इस दौरान दोनों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि <strong>जल, जंगल, पहाड़, नदियां और समृद्ध प्राकृतिक संसाधन झारखंड की पहचान हैं।</strong> जंगल और प्रकृति यहां के जनजीवन एवं संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।</p>
<h3>पौधा लगाने के साथ संरक्षण भी जरूरी</h3>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार, जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए झारखंड की प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।</p>
<h3>विकास के साथ पर्यावरण संतुलन पर जोर</h3>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की प्रक्रिया में कई बार पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, जिससे प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है। इसका असर मनुष्य के साथ-साथ पशु-पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं पर भी पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि केवल पेड़ काटने से ही पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता, बल्कि खनिज संसाधनों का अत्यधिक दोहन, भू-जल का अधिक निष्कर्षण और नदियों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा डालना भी प्रकृति के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के लिए सजगता और सक्रियता के साथ काम करने की जरूरत है।</p>
<h3>वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर</h3>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भविष्य में जल संकट की आशंका को गंभीर चुनौती बताते हुए वर्षा जल के संचयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करना जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने अधिक से अधिक पौधारोपण करने और वर्षा जल का संचयन कर उसे धरती में समाहित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को पौधारोपण के बाद पौधों में खाद देने, उनकी नियमित देखभाल और पोषण के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया।</p>
<h3>विधायकों के आवासीय परिसर में लगाए जाएंगे फलदार पौधे</h3>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधानसभा के माननीय विधायकों के आवासीय परिसर में भी फलदार पौधे लगाए जाएं। इसके लिए सभी विधायकों को फलदार पौधे उपलब्ध कराने और उनका रोपण सुनिश्चित करने की बात कही गई।</p>
<h3>पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता जरूरी</h3>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव जैसे आयोजन समाज में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आम लोगों से भी पौधारोपण अभियान से जुड़ने और लगाए गए पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर यदि लोग इस अभियान से जुड़ेंगे तो प्राकृतिक संसाधनों और जैव-विविधता की रक्षा करना आसान होगा। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, स्वच्छ हवा और सुरक्षित पर्यावरण का उपहार साबित हो सकता है।</p>
<h3>विधानसभा अध्यक्ष ने भी बताई वन महोत्सव की अहमियत</h3>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने राज्यव्यापी वन महोत्सव के उद्देश्य और प्राकृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने स्वागत संबोधन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर में पौधारोपण किया और उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।</p>
<p>इस अवसर पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री हफीजुल हसन, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायकगण, वन विभाग के वरीय अधिकारी, गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-vidhansabha-message-of-environmental-protection-in-the-77th-statewide/article-25636</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-vidhansabha-message-of-environmental-protection-in-the-77th-statewide/article-25636</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 18:20:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/58f69d3a-a1cb-4a39-8d1d-de5f14d6ed1c_samridh_1200x720.jpeg"                         length="47738"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Suman Kumari ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंत्रिमंडल सचिवालय ने जारी की सूची, जानिए आपके जिले में कौन फहराएगा तिरंगा</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने 15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालयों में मंत्रियों द्वारा किए जाने वाले झंडोत्तोलन की सूची जारी कर दी है। इसके तहत राज्य के विभिन्न जिलों में मंत्री तिरंगा फहराएंगे तथा उपायुक्तों व एसपी को गरिमामय आयोजन हेतु समन्वय के सख्त निर्देश दिए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/cabinet-secretariat-released-the-list-know-who-will-hoist-the/article-25578"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/download_samridh_1200x720-(12).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 के अवसर पर 15 अगस्त को राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों में मंत्रियों द्वारा झंडोत्तोलन किया जाएगा। इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जारी निर्देश के अनुसार पलामू (डालटनगंज) में मंत्री राधा कृष्ण किशोर एवं मंत्री दीपक बिरुवा, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में मंत्री चमरा लिंडा, गुमला में भी मंत्री चमरा लिंडा, गोड्डा में मंत्री संजय प्रसाद यादव, जामताड़ा में मंत्री इरफान अंसारी, देवघर में मंत्री हफीजूल हसन, पाकुड़ में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, बोकारो में मंत्री योगेंद्र प्रसाद, गिरिडीह में मंत्री सुदिव्य कुमार तथा लोहरदगा में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की झंडोत्तोलन करेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों एवं वरीय पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे संबंधित मंत्रियों से समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने पर विशेष बल दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/cabinet-secretariat-released-the-list-know-who-will-hoist-the/article-25578</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/cabinet-secretariat-released-the-list-know-who-will-hoist-the/article-25578</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:38:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/download_samridh_1200x720-%2812%29.jpeg"                         length="50071"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व आदिवासी दिवस पर झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 का हुआ भव्य आगाज</title>
                                    <description><![CDATA[रांची के मोरहाबादी मैदान में दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस की बधाई दी और आंदोलनरत युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-jharkhand-adivasi-mahotsav-2026/article-25503"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/498cc721-02ee-43cf-9bbc-c576470a7986_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>मोरहाबादी मैदान में आयोजित दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी राज्यवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जोहार से अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस को हम सभी जानते हैं। पूरे आदिवासी समाज को आज के इस दिवस को यादगार बनाने के का इंतजार रहता है। धरती पर आदिवासी समाज की अलग पहचान है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसे अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए इस आदिवासी महोत्सव की शुरुआत हुई है। उन्होंने महोत्सव के लिये सभी लोगों के सहयोग व आशीर्वाद प्राप्त होने का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने राज्य के माननीय राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार जी की गरिमामयी उपस्थिति को समारोह की विशेष गरिमा और आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए राज्यपाल महोदय केवल राज्य के राज्यपाल ही नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के मार्गदर्शक और सर्वमान्य नेतृत्वकर्ता के रूप में हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि राज्य में ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) राज्यपाल महोदय की छत्रछाया और मार्गदर्शन में कार्य करती है। टीएसी के माध्यम से आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा, उनके समग्र विकास और कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है। साथ ही, आदिवासी समाज के विकास के साथ-साथ पूरे समाज की प्रगति और भविष्य की दिशा तय करने में भी टीएसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।</p>
<h4><strong>आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं जीवनशैली को सामने लाने का प्रयास </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के आदिवासी दिवस को पूरे देश और दुनिया में आदिवासी समाज अपने-अपने तरीके से यादगार बनाने में जुटा हुआ है। झारखंड में भी पिछले कुछ वर्षों से इस अवसर पर छोटे-बड़े विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करके आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मोरहाबादी के पूरे मैदान में देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों की विविधता और सांस्कृतिक झलक देखने को मिल रही है। आयोजन स्थल पर पंडाल लगाए गए हैं, जहां हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग अपनी जीवनशैली, कला, संस्कृति, परंपरा और आजीविका के साधनों को प्रदर्शित कर रहे हैं। यह आयोजन हमें यह भी दिखाता है कि किस तरह आदिवासी समाज अपनी पारंपरिक पहचान को संजोते हुए विकास और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए हैं। कलाकारों, कारीगरों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को और भी अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया है। उनके हुनर, परंपरा और अनुभवों के माध्यम से एक मजबूत और बेहतर रास्ते की तलाश में आगे बढ़ते आदिवासी समाज की तस्वीर यहां देखने को मिल रही है। इस अवसर पर राज्य में विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत को सम्मान और सशक्तिकरण का प्रदर्शन हो रहा है।</p>
<h4><strong>झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज राज्य विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मना रही है, वहीं हमारे कुछ युवा, नौजवान और छात्र-छात्राएं अपनी कुछ मांगों और अधिकारों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार खुले मन से उनकी बातें सुन रही है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझने का प्रयास कर रही है। हर समस्या का समाधान संवाद से संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था का संचालन करते हुए भी सरकार की मंशा राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने की है।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव में रहने वाला व्यक्ति हो या शहर में रहने वाला, किसान हो या मजदूर, महिला हो या पुरुष, पढ़ा-लिखा नौजवान हो या कम पढ़ा-लिखा अथवा अशिक्षित व्यक्ति—सरकार सभी की चिंता करती है और सबके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस विषय को लेकर राज्य के नौजवान अपने अधिकार की आवाज उठा रहे हैं, वह उनकी जागरूकता और अपने हक के लिए खड़े होने के साहस को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नौजवानों ने हिम्मत इसलिए जुटाई है, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि उनके साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मेरे संज्ञान में गड़बड़ी सामने आई है, उसकी जांच होगी, नौजवानों को न्याय मिलेगा और जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, उन्हें कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए धरती पुत्र की भांति कहा कि आप विश्वास रखिए, हम इसी मिट्टी में जन्मे हैं और इसी मिट्टी में दफन भी होंगे। इसलिए हम आपके साथ गलत नहीं होने देंगे। </p>
<h4><strong>संवाद से हर समस्या का समाधान संभव, दिग्भ्रमित नहीं हों युवा </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि इस पूरे विषय को राजनीतिक रूप से देखने की आवश्यकता नहीं है, और न ही युवाओं को किसी राजनीतिक छत्रछाया की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बड़ी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पालते हैं और राजनीतिक दलों का इस्तेमाल कर युवा पीढ़ी को अपने हित में इस्तेमाल करने का रास्ता अख्तियार करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने विशेष रूप से नौजवानों से कहा कि वे विद्यार्थी हैं, उनका अपना अधिकार है और उन्हें उनका अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। यह जिम्मेदारी सरकार की है और सरकार इसे पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे देश में अलग-अलग तरीके से राजनीतिक दलों की नजर युवा पीढ़ी पर है। किस तरह युवाओं को सही और गलत तथ्यों के बीच दिग्भ्रमित किया जाए, इसके लिए बड़े पैमाने पर प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें केवल सामान्य लोग ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े विद्वान, पढ़े-लिखे और ज्ञानी लोग भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी बात सरकार के समक्ष पूरी स्पष्टता और निर्भीकता के साथ रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब केवल आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से ही8 युवाओं की बातें सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन युवाओं तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो घर बैठे अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को लेकर चिंतित हैं। इसके लिए सरकार ने संवाद का माध्यम भी बनाया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>व्यक्ति अमीर हो या गरीब, संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को जो संविधान दिया है, वह देश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार प्रदान करता है। व्यक्ति अमीर हो या गरीब, संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के 75 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समाज में असमानता पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। आने वाले वर्षों में देश आजादी की शताब्दी की ओर बढ़ेगा, लेकिन आज भी समाज के विभिन्न वर्गों के बीच बड़ी असमानताएं मौजूद हैं। समाज, राज्य और देश में आर्थिक एवं सामाजिक असमानताएं जितनी बढ़ेंगी, तनाव भी उतना ही बढ़ेगा। इसलिए इन असमानताओं को दूर करना और सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना समय की बड़ी आवश्यकता है।</p>
<h4><strong>झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज लोकतंत्र की मूल भावना को चुनौती देने के लिए भी एक बड़ा समूह पूरी ताकत और शिद्दत के साथ प्रयासरत है। हालांकि, झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है। यह वह धरती है, जहां देश के बड़े हिस्से में आजादी का सपना देखने की शुरुआत भी नहीं हुई थी, उस समय से झारखंड के वीर पूर्वज अपने अधिकार, अस्मिता और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे हैं। संघर्ष की यह परंपरा आज भी जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि झारखंड को अलग राज्य बने 25 वर्ष हो चुके हैं और इन वर्षों में राज्य ने अपने पैरों पर खड़े होने तथा अपनी अलग पहचान स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब झारखंड को केवल संसाधनों के दोहन के लिए एक चारागाह की तरह देखा गया, लेकिन आज जब यह राज्य अपनी ताकत और क्षमता के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है, तो यह बात कई लोगों को स्वीकार नहीं हो रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>युवाओं को सजग रहने की आवश्यकता </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य की प्रगति और उसकी बढ़ती ताकत को रोकने के लिए कभी चेहरा छिपाकर, कभी चेहरा बदलकर और कभी पर्दे के पीछे से गलत संदेश देने तथा लोगों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे प्रयासों के प्रति समाज और विशेषकर युवाओं को सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जा सकता है। सीमाओं पर देश के दुश्मनों से मुकाबला अलग विषय है, लेकिन देश के भीतर रहने वाले अपने ही लोगों के साथ लाठी-डंडे के बल पर किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>युवाओं, विद्यार्थियों का पारदर्शिता के साथ होगा न्याय </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि वे स्वयं को युवाओं से अलग नहीं मानते। आपकी भावनाएं और सभी की चिंताएं उनकी चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि आज संवैधानिक जिम्मेदारी के स्थान पर रहते हुए वे युवाओं को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनके साथ पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय केवल होगा ही नहीं, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आदिवासी महोत्सव गौरवशाली विरासत, संघर्ष और पहचान को याद करने का अवसर </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी गौरवशाली विरासत, संघर्ष और पहचान को याद करने का अवसर है। उन्होंने कामना की कि यह महोत्सव यादगार और प्रेरणादायक बने तथा आदिवासी समाज अपने गौरव और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे ऐसे वीर सपूतों के वंशज हैं, जिन्होंने अपने हक-अधिकार और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। जल, जंगल और जमीन केवल उनके जीवन के संसाधन नहीं, बल्कि उनके जीवन की शुरुआत से लेकर अंत तक उनकी संस्कृति और अस्तित्व से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि आज उन्हें गर्व है कि वे आदिवासी हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मुख्यमंत्री ने जताया आभार </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आदिवासी महोत्सव में सशरीर एवं अन्य माध्यमों से उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार जताया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर राज्य के मंत्री राधा कृष्ण किशोर, सांसद राज्यसभा महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक अमित महतो, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिवनितिन मदन कुलकर्णी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण, राज्य सरकार के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोग उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-jharkhand-adivasi-mahotsav-2026/article-25503</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-jharkhand-adivasi-mahotsav-2026/article-25503</guid>
                <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 19:16:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/498cc721-02ee-43cf-9bbc-c576470a7986_samridh_1200x720.jpeg"                         length="51518"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहीद निर्मल महतो की 39वीं शहादत दिवस पर उलियान पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जमशेदपुर के उलियान स्थित समाधि स्थल पहुंचकर अमर शहीद निर्मल महतो जी के 39वें शहादत दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने और झारखंड की सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/hemant-soren--nirmal-mahto-martyrdom-day-jamshedpur-2026/article-25485"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/b92ec343-5577-4c37-95e3-a195bfb0f832_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शनिवार को शहीद निर्मल महतो जी के 39वीं शहादत दिवस पर उलियान, जमशेदपुर स्थित समाधि स्थल पहुंचे। उन्होंने झारखंड आंदोलन के महानायक एवं अमर शहीद निर्मल महतो जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद निर्मल महतो जी की प्रतिमा पर मल्यार्पण कर उन्हें शत्-शत् नमन किया। </p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही उनकी याद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की धरती वीरों की भूमि रही है। अमर शहीद निर्मल महतो जैसे महान आंदोलनकारियों और मार्गदर्शकों का जीवन समाज के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेगा। लम्बे संघर्ष और अनगिनत आंदोलनकारियों के समर्पण के बाद झारखंड राज्य को अपनी अलग पहचान मिली है। वीर शहीदों के विचार और उनके आदर्श हमेशा समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आदिवासी, मूलवासी, किसान, गरीब और आम नागरिकों के हक-अधिकारों की रक्षा करना सरकार का प्राथमिक संकल्प है। शहीदों के  त्याग, समर्पण और संघर्ष के मार्ग पर चलते हुए राज्य के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने का संकल्प निरंतर जारी रहेगा। जन-जन को विकास योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता, भाईचारे और सौहार्द को मजबूत बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों की एकजुटता एवं परस्पर सहयोग इस राज्य की सबसे बड़ी ताकत</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की जनता की एकजुटता और परस्पर सहयोग ही इस राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। शहीदों के सपनों के अनुरूप एक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध राज्य के निर्माण के लिए सभी को मिलकर बिना डरे, बिना रुके आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर साल आज के दिन सुबह से लेकर शाम तक एक महान आंदोलनकारी, एक महान योद्धा के याद में लोग यहां पहुंचते हैं। अमर शहीद निर्मल महतो जी के बारे में कुछ भी कहा जाए बहुत कम होगा, लेकिन एक बात आज जरूर कहूंगा कि "जब तक सूरज-चांद रहेगा निर्मल महतो का नाम रहेगा" यह नारा हम सभी के लिए प्रेरणादायक बनता है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ऐसे महान लोगों के मार्गदर्शन और संघर्ष से राज्यवासियों का विश्वास, आशीर्वाद और सामूहिक शक्ति एकजुट करने में हम सफल रहे हैं। यही वजह है कि मैं झारखंड को ‘वीरों की भूमि’ कहता हूं। इस धरती पर अनगिनत ऐसे महान लोग हुए, जो आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने जीवन का जो समय झारखंड को दिया, वह पूरी तरह समर्पित भाव से दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने आदिवासी-मूलवासियों को एकजुट करने, उनके हक-अधिकार की आवाज को मजबूती देने और न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष, त्याग और समर्पण झारखंड की सामाजिक चेतना और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">झारखंड वीरों की धरती, एक वीर की कहानी सुनाएंगे, तो दूसरे वीरों की कड़ियाँ जुड़ती चली जाएगी</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड के लोगों की एकजुटता को पूरा देश लोहा भी मानता है। आज हमारी इसी ताकत को, राज्य की एकजुटता को, बड़े योजनाबद्ध तरीके से अपना ताकत बनाने में कुछ षड्यंत्रकारी लोग लगे हैं, लेकिन चिंता मत कीजिए, जब-जब बाहर के लोगों ने यहां के लोगों पर आक्रमण करने की कोशिश की है, तब-तब यहां के लोगों ने एकजुटता दिखाकर उनसे लोहा लेने का भी काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी लोग वीर शहीद निर्मल महतो जी के चरणों पर शीश झुकाने आए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे कुछ दिन पहले ही लम्बे समय तक हमलोगों के बीच मार्गदर्शक के रूप में रहे स्मृति शेष आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की भी पुण्यतिथि थी। उस दिन भी हम सभी लोग बड़ी संख्या में एकजुट होकर उनको नमन किया और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की धरती है। एक वीर की कहानी सुनाएंगे, तो दूसरे वीरों की कहानी की कड़ियाँ जुड़ती चली जाएगी। आज के दिन हमसबों का यहां आना इस बात का परिचायक है कि जो वीर शहीद हमारे बीच आज शारीरीक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और आदर्श हमेशा हमारे जीवन में साथ चलेगा।  </p>
<p style="text-align:justify;">शहीदों के प्रेरणा से जीवन के सफर में आगे बढ़ते रहेंगे</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी लोग इसी तरीके से अपने वीर शहीदों, मार्गदर्शकों को अपना प्रेरणा बनाते हुए अपने जीवन के सफर को तय करेंगे और मजबूती के साथ बिना डरे, बिना रुके आगे बढ़ते रहेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">मौके पर विधायक सबिता महतो, विधायक समीर मोहंती, विधायक संजीव सरदार, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता सहित अन्य गणमान्य एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/hemant-soren--nirmal-mahto-martyrdom-day-jamshedpur-2026/article-25485</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/hemant-soren--nirmal-mahto-martyrdom-day-jamshedpur-2026/article-25485</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 21:04:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/b92ec343-5577-4c37-95e3-a195bfb0f832_samridh_1200x720.jpeg"                         length="56955"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवनियुक्त सहायक बिशप आनंद डेविड खाल्खो के अभिषेक समारोह में पहुंचे सीएम हेमन्त सोरेन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज डॉ. कामिल बुल्के पथ (पुरुलिया रोड), रांची स्थित आर्चबिशप हाउस में आयोजित रांची महाधर्मप्रांत के नवनियुक्त सहायक बिशप श्रद्धेय आनंद डेविड खाल्खो के अभिषेक एवं प्रतिष्ठापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय आनंद डेविड खाल्खो को नई जिम्मेदारी ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इस अवसर पर आर्चबिशप विंसेंट आइंद, फादर अजित कुमार खेस सहित अन्य धर्मगुरु एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-bishop-anand-david-khalkho-consecration-2026/article-25474"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/9660a1cb-ba2d-49c0-90df-0aebe0c9be3c_samridh_1200x720-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज डॉ. कामिल बुल्के पथ (पुरुलिया रोड), रांची स्थित आर्चबिशप हाउस में आयोजित रांची महाधर्मप्रांत के नवनियुक्त सहायक बिशप श्रद्धेय आनंद डेविड खाल्खो के अभिषेक एवं प्रतिष्ठापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय आनंद डेविड खाल्खो को नई जिम्मेदारी ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इस अवसर पर आर्चबिशप विंसेंट आइंद, फादर अजित कुमार खेस सहित अन्य धर्मगुरु एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-bishop-anand-david-khalkho-consecration-2026/article-25474</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-bishop-anand-david-khalkho-consecration-2026/article-25474</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 19:36:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/9660a1cb-ba2d-49c0-90df-0aebe0c9be3c_samridh_1200x720-%281%29.jpeg"                         length="49964"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jharkhand News: नई HR Policy से कर्मियों में खुशी, दीपिका पांडेय सिंह का जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की लंबे समय से प्रतीक्षित नई HR Policy लागू होने पर कर्मियों में खुशी का माहौल है। राज्यभर से रांची पहुंचे JSLPS कर्मियों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के साथ ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का स्वागत कर आभार जताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/jslps-new-hr-policy-1300-additional-posts-employment-jharkhand/article-25454"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/image-(3)_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> लंबे समय से प्रतीक्षित JSLPS की नई मानव संसाधन (HR) Policy लागू होने पर राज्यभर से रांची पहुंचे JSLPS कर्मियों ने ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कर्मियों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के साथ मंत्री का स्वागत किया। कर्मियों में लंबे इंतजार के बाद HR Policy लागू होने को लेकर खासा उत्साह और खुशी देखने को मिली।</p>
<p>नई HR Policy के लागू होने से JSLPS में करीब 1,300 अतिरिक्त पदों पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे संस्था में मानव संसाधन की कमी को दूर करने, कार्यक्षमता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी। साथ ही राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि JSLPS कर्मियों की भूमिका राज्य की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में बेहद महत्वपूर्ण है। आज झारखंड में 32 लाख से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में JSLPS कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नई HR Policy कर्मियों के मनोबल, कार्यक्षमता और संस्थागत मजबूती को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी एवं वित्त मंत्री जी का आभार व्यक्त किया तथा JSLPS कर्मियों को उनके निरंतर प्रयासों और धैर्य के लिए धन्यवाद दिया। मंत्री ने कहा कि HR Policy लागू होने के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। अब JSLPS कर्मियों को और अधिक समर्पण के साथ ग्रामीण महिलाओं को आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और महिला उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का काम करना होगा।</p>
<p>मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सशक्त JSLPS, सशक्त महिलाएँ और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था झारखंड के विकास की मजबूत नींव हैं। </p>
<p>इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जेएसएलपीएस की पहचान उसके महिला समूह को लेकर होती है, जो निर्णय जेएसएलपीएस कर्मियों के लिए लिया गया है वो उनके सुरक्षित भविष्य के लिए, उनके रोजगार के लिए महत्वपूर्ण है, ऐसा ना कभी पहले हुआ था और ना ही शायद कभी हो पाएगा। कार्यक्रम में पाकुड़ विधायक श्रीमती निशात आलम, कांग्रेस नेत्री रमा खलको, और जेएसएलपीएस के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/latest-news/jslps-new-hr-policy-1300-additional-posts-employment-jharkhand/article-25454</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/latest-news/jslps-new-hr-policy-1300-additional-posts-employment-jharkhand/article-25454</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 17:34:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/image-%283%29_samridh_1200x720.jpeg"                         length="52653"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SRFTI कोलकाता के विशेषज्ञ देंगे झारखंड के विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण का प्रशिक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व आदिवासी महोत्सव-2026 के अवसर पर 9 अगस्त को मोराबादी मैदान, रांची में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा विशेष फिल्म फेस्टिवल एवं मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा। इसमें SRFTI कोलकाता के विशेषज्ञ विद्यार्थियों को फिल्म मेकिंग, विजुअल स्टोरीटेलिंग और ओटीटी इंडस्ट्री में करियर निर्माण की बारीकियां सिखाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-tribal-film-festival-masterclass-2026/article-25411"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/capture_samridh_1200x720-(89).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFFDCL) द्वारा आगामी आदिवासी महोत्सव-2026 के तहत 9 अगस्त को मोराबादी मैदान, रांची में विशेष फिल्म फेस्टिवल एवं मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण, दृश्य कथानक (विजुअल स्टोरीटेलिंग) और मीडिया उद्योग की बारीकियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>इस संबंध में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति को पत्र भेजकर कार्यक्रम में सहभागिता का आमंत्रण दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय से जनसंचार, पत्रकारिता, मीडिया स्टडीज, फिल्म स्टडीज, परफॉर्मिंग आर्ट्स, विजुअल कम्युनिकेशन एवं संबंधित विषयों के कम से कम 50 विद्यार्थियों को नामित कर कार्यक्रम में भेजने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p>फिल्म फेस्टिवल के दौरान आदिवासी जीवन, स्वदेशी संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और उत्कृष्ट सिनेमा पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं "फिल्म मेकिंग एंड करियर ऑपर्च्युनिटीज इन द फिल्म इंडस्ट्री" विषय पर विशेष मास्टर क्लास आयोजित होगी। इसका संचालन सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के विशेषज्ञ एवं प्राध्यापक करेंगे।</p>
<p>मास्टर क्लास में प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की मूलभूत तकनीक, विजुअल स्टोरीटेलिंग, पटकथा लेखन, निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी, संपादन, साउंड डिजाइन तथा फिल्म, टेलीविजन, ओटीटी और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में उभरते करियर अवसरों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही सिनेमा एवं मीडिया के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।</p>
<p>झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का मानना है कि यह कार्यक्रम युवाओं को फिल्म एवं मीडिया उद्योग की व्यावहारिक समझ विकसित करने के साथ-साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए अवसर प्रदान करेगा। आदिवासी महोत्सव के दौरान आयोजित यह पहल राज्य के युवा मीडिया एवं फिल्म विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीखने और करियर निर्माण का मंच साबित होगी। </p>
<p>ज्ञात हो कि विगत 22 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झारखंड राज्य फिल्म विकास निगम एवं सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट कोलकाता के बीच स्थानीय सूचना भवन में फिल्म इंस्टीट्यूट की स्थापना को लेकर एमओयू (MoU) हस्ताक्षरित किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-tribal-film-festival-masterclass-2026/article-25411</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-tribal-film-festival-masterclass-2026/article-25411</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 21:44:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/capture_samridh_1200x720-%2889%29.jpeg"                         length="49937"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jharkhand News: 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संदेश, हर नागरिक लगाए एक पौधा</title>
                                    <description><![CDATA[रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक नागरिक से कम-से-कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-news-chief-minister-hemant-sorens-message-in-the-77th/article-25389"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/40cd119b-1214-4068-9cae-66e9f566718d_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>रांची:</strong> मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विधायक कल्पना सोरेन के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और राज्यवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज दुनिया की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है, जिसका प्रभाव पर्यावरण के साथ-साथ कृषि, जल संसाधन, जैव विविधता और मानव जीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर ही सतत विकास संभव है।</p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/a0f563b9-cbd1-4360-bad6-edeec1ba61d8_samridh_1200x720.jpeg" alt="पर्यावरण संरक्षण बने जनआंदोलन, राज्यव्यापी वन महोत्सव में मुख्यमंत्री का आह्वान" width="1200" height="720"></img>
जलवायु परिवर्तन, वन संरक्षण और जैव विविधता पर रखा विस्तृत दृष्टिकोण

<p>उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना होगा। वृक्षारोपण, वन संरक्षण, जल संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।</p>
<h2>हर नागरिक लगाए एक पौधा</h2>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में विभिन्न अभियानों के तहत लगाए गए पौधों की स्थिति का स्वयं निरीक्षण करेंगे और उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।</p>
<h2>जलवायु परिवर्तन से बढ़ रही प्राकृतिक आपदाएं</h2>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अनियमित वर्षा, बादल फटना, भीषण गर्मी, सूखा और बिजली गिरने जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसका सीधा असर किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों, पशु-पक्षियों और वन्यजीवों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय असंतुलन के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।</p>
<h2>स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों को मिलेगी प्राथमिकता</h2>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृक्षारोपण अभियानों के दौरान स्थानीय, फलदार, छायादार, औषधीय और वन्यजीवों के अनुकूल वृक्ष प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे हरित आवरण बढ़ेगा, भूजल संरक्षण होगा और जैव विविधता को मजबूती मिलेगी।</p>
<h2>20 वन मित्रों और समिति प्रतिनिधियों को किया सम्मानित</h2>
<p>वन महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक वन प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्य के विभिन्न वन प्रमंडलों के 20 वन मित्रों एवं समिति प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का योगदान हरित झारखंड के निर्माण में प्रेरणादायी है।</p>
<p>कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, सचिव अबू बकर सिद्दीकी सहित विभाग के कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-news-chief-minister-hemant-sorens-message-in-the-77th/article-25389</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-news-chief-minister-hemant-sorens-message-in-the-77th/article-25389</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 19:18:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/40cd119b-1214-4068-9cae-66e9f566718d_samridh_1200x720.jpeg"                         length="48794"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Suman Kumari ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव में बोले सीएम हेमंत सोरेन, लगाएं पौधा, लें संरक्षण संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत स्टेडियम में आयोजित 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने पौधारोपण कर हरित भविष्य का संदेश दिया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 20 वन मित्रों को सम्मानित भी किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-77th-van-mahotsav-hemant-soren-2026/article-25388"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/64bddb6f-aa0a-40a5-8845-0192b2375c90_samridh_1200x720-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं उनकी धर्मपत्नी कल्पना सोरेन आज खेलगांव, रांची स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों तथा वृक्षारोपण के महत्व पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए।</p>
<p style="text-align:justify;">मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। </p>
<h4><strong>विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन ही सतत भविष्य की कुंजी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन विश्व की सबसे गंभीर और चिंताजनक चुनौतियों में से एक बन चुका है। इसके प्रभाव अब केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, जल संसाधनों, जैव विविधता और समग्र विकास प्रक्रिया पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के साथ लगातार हो रहे हस्तक्षेप, अंधाधुंध दोहन तथा अनियोजित विकास गतिविधियों के कारण जलवायु में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगीकरण, खनन गतिविधियों, शहरीकरण और विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों का पर्यावरण पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में विकास की गति को बनाए रखते हुए पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के बीच संतुलन स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा, जब वह प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए आगे बढ़े।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ से बचना होगा तथा जल, जंगल और जमीन जैसे अमूल्य संसाधनों का विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना होगा। आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करने के लिए आज से ही ठोस कदम उठाने होंगे। वृक्षारोपण, वन संरक्षण, जल संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। जब तक आमजन इस दिशा में सक्रिय भागीदारी नहीं निभाएंगे, तब तक जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती का प्रभावी समाधान संभव नहीं होगा। उन्होंने सभी लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा हरित एवं समृद्ध भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।</p>
<h4><strong>हर नागरिक एक पौधा लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प ले</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्यवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण एवं देखभाल का संकल्प भी ले। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पौधों को सुरक्षित रखना, उनका नियमित संरक्षण करना और उन्हें विकसित कर वृक्ष के रूप में स्थापित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी सबसे प्रभावी माध्यम है। यदि राज्य का प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाले समय में झारखंड हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मिसाल बन सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में विभिन्न अभियान के तहत लगाए गए पौधों की स्थिति का वे स्वयं जायजा लेंगे। साथ ही, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और समुदायों को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।</p>
<h4><strong>जलवायु परिवर्तन का असर मानव जीवन के साथ पशु-पक्षियों और वन्यजीवों पर भी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के स्वरूप में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते कुछ वर्षों में प्राकृतिक घटनाओं की प्रकृति और तीव्रता में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है, जो पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि अनियमित वर्षा, बादल फटने की घटनाएं, अत्यधिक वर्षा, भीषण गर्मी, लंबे समय तक सूखे की स्थिति, बिजली गिरने तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इन बदलते मौसमीय हालात का सीधा प्रभाव मानव जीवन, कृषि, जल संसाधनों और आजीविका पर पड़ रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों को इसका गंभीर प्रभाव झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण जन-धन की हानि के साथ-साथ फसलों, पशुधन और आधारभूत संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचता है, जिससे लोगों के जीवन और आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों, वन्यजीवों और अन्य जीव-जंतुओं को भी इसका भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्राकृतिक आवासों में बदलाव, जल स्रोतों का प्रभावित होना तथा पर्यावरणीय असंतुलन जैव विविधता के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है।</p>
<h4><strong>पर्यावरण, मानव जीवन और वन्यजीवों के लिए उपयोगी वृक्षों के रोपण को मिलेगी प्राथमिकता</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में वृक्षारोपण अभियानों के तहत ऐसे वृक्षों के रोपण को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव जीवन, वन्यजीवों और जैव विविधता के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि केवल वृक्षों की संख्या बढ़ाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि ऐसी प्रजातियों का चयन करना आवश्यक है जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करें तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण की योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु, मिट्टी की प्रकृति तथा क्षेत्र की जैव विविधता को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाएगा। इसके तहत फलदार, छायादार, औषधीय एवं वन्यजीवों के लिए अनुकूल वृक्ष प्रजातियों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम लोगों, पशु-पक्षियों और अन्य जीवों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए स्थानीय और पारंपरिक वृक्ष प्रजातियों का संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल हरित आवरण में वृद्धि होगी, बल्कि भूजल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता, स्वच्छ वायु और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रकृति के अनुकूल और दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ देने वाली वृक्षारोपण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है, ताकि झारखंड को अधिक हरित, समृद्ध और पर्यावरण-संतुलित राज्य बनाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">अंत में असम सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक असंतुलन का प्रभाव केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा असर वन्यजीवों, जैव विविधता और संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र पर भी पड़ रहा है। बाढ़ जैसी आपदाओं के कारण वन्यजीव अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों तथा संरक्षित वन क्षेत्रों को व्यापक क्षति पहुंचती है। इससे वहां रहने वाले पशु-पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवास प्रभावित होते हैं तथा उनके जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है। कई बार वन्यजीवों को भोजन और सुरक्षित आश्रय की तलाश में अपने मूल आवास छोड़ने पड़ते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और अस्तित्व दोनों प्रभावित होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि मानव गतिविधियों के विस्तार तथा जंगलों के लगातार घटते क्षेत्रफल के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास सिकुड़ता जा रहा है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने को विवश हो रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। यह स्थिति पर्यावरणीय असंतुलन का स्पष्ट संकेत है और हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की आवश्यकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सभी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति का आधार पर्यावरण ही है। स्वच्छ जल, शुद्ध वायु, उपजाऊ भूमि और प्राकृतिक संसाधनों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम या अभियान के रूप में नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली और सामाजिक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत एवं विवेकपूर्ण उपयोग को जनभागीदारी के साथ बढ़ावा देना होगा। तभी हम पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करते हुए एक सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं सामुदायिक वन प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले राज्य के विभिन्न वन प्रमंडलों के 20 वन मित्रों एवं समिति प्रतिनिधियों को किया सम्मानित</p>
<p style="text-align:justify;">77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने वन संरक्षण, संवर्धन, जैव विविधता संरक्षण तथा सामुदायिक वन प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले राज्य के विभिन्न वन प्रमंडलों से चयनित 20 वन मित्रों एवं समिति प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सम्मानित व्यक्तियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरित झारखंड के निर्माण में इनकी भूमिका प्रेरणादायी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सम्मानित होने वालों में शामिल हैं</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">फुलवीन बेरनादेत कुजूर (रांची वन प्रमंडल), टिकैत चन्द्र प्रधान (घाटशिला वन प्रमंडल), बुधदेव चालक (दुमका वन प्रमंडल), पौथीराम हांसदा (पोड़ाहाट वन प्रमंडल, चाईबासा), रमेश नायक (पोड़ाहाट वन प्रमंडल, चाईबासा), निरोज टेटे (गुमला वन प्रमंडल), तारकेश्वर मुंडा (रांची वन प्रमंडल), सोनी देवी (झारखंड जैव-विविधता परिषद, रांची), लक्ष्मण मुर्मू (साहेबगंज वन प्रमंडल), राजीव रंजन प्रसाद (साहेबगंज वन प्रमंडल), मो० जैनुल अंसारी (सिमडेगा वन प्रमंडल), कृष्ण सिंह (कोडरमा वन प्रमंडल), मनोज राणा (गिरिडीह पूर्वी वन प्रमंडल), मिथिलेश कुमार (मेदिनीनगर वन प्रमंडल), सुरेन्द्र पासवान (मेदिनीनगर वन प्रमंडल), मुनेश्वर महतो (हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल), खुशीद आलम (चतरा उत्तरी वन प्रमंडल), गुडल सिंह (पलामू व्याघ्र परियोजना, उत्तरी प्रमंडल), राजु कोरवा (पलामू व्याघ्र परियोजना, उत्तरी प्रमंडल), नासिर खान (पलामू व्याघ्र परियोजना, उत्तरी प्रमंडल)।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर विधायक कल्पना सोरेन, सचिव अबू बकर सिद्दीकी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख संजीव कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक विश्वनाथ शाह, ए. टी. मिश्रा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वेंकटेश लू, जब्बेर सिंह, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एस. आर. नेटेशा सहित वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-77th-van-mahotsav-hemant-soren-2026/article-25388</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-77th-van-mahotsav-hemant-soren-2026/article-25388</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 19:09:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/64bddb6f-aa0a-40a5-8845-0192b2375c90_samridh_1200x720-%281%29.jpeg"                         length="55141"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम हेमंत सोरेन को ब्रह्माकुमारी निर्मला जी ने बांधा रक्षासूत्र, पवित्रता और भाईचारे का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की निदेशक ब्रह्माकुमारी निर्मला जी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी निर्मला जी ने मुख्यमंत्री को रक्षासूत्र बांधकर राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-cm-hemant-soren-brahmakumari-meeting-2026/article-25386"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/55515a8d-467c-4ea5-9886-1f49acda5381_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की निदेशक ब्रह्माकुमारी निर्मला जी, सहयोगी इंदु साबू, प्रदीप कुमार एवं सुनैना कुमारी ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी निर्मला जी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को रक्षासूत्र (राखी) बांधकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने सावन मास एवं रक्षाबंधन के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए पवित्रता, प्रेम, भाईचारे, सद्भावना एवं मानवीय मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया। साथ ही राज्य की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। </p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ब्रह्माकुमारी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए शुभकामनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने समाज में नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रसार हेतु ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-cm-hemant-soren-brahmakumari-meeting-2026/article-25386</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-cm-hemant-soren-brahmakumari-meeting-2026/article-25386</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 18:56:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/55515a8d-467c-4ea5-9886-1f49acda5381_samridh_1200x720.jpeg"                         length="47641"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम राहत कोष में दिए 3 करोड़ रुपये, असम के मुख्यमंत्री ने जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[असम में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री राहत कोष, असम में 3 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्वा शर्मा को पत्र लिखकर राज्य की ओर से पूर्ण एकजुटता का भरोसा दिलाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-jharkhand-assam-flood-relief-news-2026/article-25329"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/download_samridh_1200x720-(9).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong> असम में आई भीषण बाढ़ के मद्देनज़र झारखंड सरकार ने मानवीय पहल करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष, असम में 3 करोड़ रुपये की सहायता दी है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस संबंध में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्वा शर्मा को पत्र लिखकर राज्य की ओर से पूर्ण एकजुटता और सहयोग का भरोसा दिलाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि असम वर्तमान में विनाशकारी बाढ़ के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहा है, जिसमें जान-माल की भारी क्षति हुई है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। इस कठिन समय में असम के लोगों के साथ खड़ा होना हम सभी का नैतिक दायित्व है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार और राज्य के नागरिक बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और राहत एवं पुनर्वास कार्यों में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी भावना के तहत राज्य सरकार ने 3 करोड़ रुपये की सहायता देने का निर्णय लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सोरेन ने झारखंड के सक्षम नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे बढ़कर असम के बाढ़ पीड़ितों की सहायता करें। उन्होंने असम के लोगों के साहस और धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि इस विपरीत परिस्थिति में भी वे एक-दूसरे का सहारा बन रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्र में उन्होंने माँ कामाख्या से प्रार्थना की कि असम जल्द ही इस आपदा से उबरकर सामान्य जनजीवन की ओर लौटे। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में किसी अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होगी, तो झारखंड सरकार हर संभव सहयोग के लिए तैयार रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अंत में मुख्यमंत्री ने झारखंड की जनता की ओर से असम के सभी प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सभी को मिलकर मानवता को सर्वोपरि रखना चाहिए। वहीं असम के मुख्यमंत्री ने हेमंत सोरेन का आभार जताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-jharkhand-assam-flood-relief-news-2026/article-25329</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-jharkhand-assam-flood-relief-news-2026/article-25329</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 22:24:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/download_samridh_1200x720-%289%29.jpeg"                         length="54018"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झारखंड को मिले 58 Mini Water Tender with Mist Technology, फायर सेफ्टी व्यवस्था होगी मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड सरकार ने राज्य की अग्निशमन एवं फायर सेफ्टी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 58 आधुनिक Mini Water Tender with Mist Technology वाहनों को अग्निशमन सेवा में शामिल किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धुर्वा स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-news-jharkhand-gets-58-mini-water-tenders-with-mist/article-25290"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/22e6fbc9-ceea-47e9-bbda-5a914970b5af_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>रांची:</strong> झारखंड सरकार ने राज्य की अग्निशमन एवं फायर सेफ्टी व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान, गृह रक्षा वाहिनी, धुर्वा (रांची) में आयोजित कार्यक्रम में 58 आधुनिक "Mini Water Tender with Mist Technology" अग्निशमन वाहनों का लोकार्पण कर उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। आग लगने की घटनाओं में हर क्षण महत्वपूर्ण होता है और त्वरित प्रतिक्रिया से मानव जीवन तथा संपत्ति को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों की संकरी गलियों, घनी आबादी वाले इलाकों तथा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ये कॉम्पैक्ट मिनी वाटर टेंडर अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।</p>
<h2>सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचेगी फायर सर्विस</h2>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य फायर सर्विसेज को राज्य के दूर-दराज और दुर्गम इलाकों तक पहुंचाना है। बड़ी फायर ब्रिगेड गाड़ियां जहां नहीं पहुंच पातीं, वहां ये आधुनिक मिनी वाहन तेजी से पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य कर सकेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आग लगने की घटनाएं गैस सिलेंडर विस्फोट, बिजली के शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से हो सकती हैं। ऐसे में मिस्ट टेक्नोलॉजी आग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के साथ-साथ पानी के बेहतर उपयोग में भी मदद करेगी।</p>
<h2>केवल आग बुझाना ही नहीं, जान बचाना भी जिम्मेदारी</h2>
<p>मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अग्निशमन विभाग के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्य केवल आग बुझाना नहीं, बल्कि आग में फंसे लोगों का जीवन बचाना भी है। जोखिम भरे हालात में भी जवान पूरी निष्ठा और साहस के साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों और नई तकनीकों से लैस होने के बाद अग्निशमन विभाग की क्षमता और अधिक मजबूत होगी तथा आपदा की स्थिति में त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सकेगी।</p>
<h2>नागरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहल</h2>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि 58 नए अग्निशमन वाहनों का शामिल होना केवल वाहनों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन, संपत्ति और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं जवानों को शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षित, सशक्त और आपदा-प्रतिरोधी झारखंड के निर्माण का आह्वान किया।</p>
<p>कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजी फायर सर्विसेज एम.एस. भाटिया, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>झारखंड सरकार समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-news-jharkhand-gets-58-mini-water-tenders-with-mist/article-25290</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-news-jharkhand-gets-58-mini-water-tenders-with-mist/article-25290</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 18:30:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-08/22e6fbc9-ceea-47e9-bbda-5a914970b5af_samridh_1200x720.jpeg"                         length="52210"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Suman Kumari ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        