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                <title>ताज़ा खबरें  - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>ताज़ा खबरें  RSS Feed</description>
                
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                <title>Sabarimala Verdict: 'धर्म की आत्मा को अदालत की तराजू पर तौलना आसान नहीं', सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी</title>
                                    <description><![CDATA[सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान परंपरा और लैंगिक समानता के मुद्दे पर गहन बहस हुई। नौ जजों की संविधान पीठ इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला देने की दिशा में सुनवाई कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/sabarimala-verdict-supreme-court-says-reform-cannot-interfere-with-core-of-religion-sabarimala-case-me-supreme-court-ka-bayan/article-20838"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-29,-2026,-06_17_20-pm.jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>नई दिल्ली:</strong> केरल के पहाड़ों के बीच बसा सबरीमाला मंदिर, जहाँ भगवान अयप्पा विराजते हैं- एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत के केंद्र में आ गया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई तो माहौल ऐसा था जैसे इतिहास अपनी अगली करवट लेने की तैयारी में हो। नौ जजों की विशाल संविधान पीठ के सामने एक तरफ थी धार्मिक परंपरा, और दूसरी तरफ थी लैंगिक समानता की माँग।</p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-04/chatgpt-image-apr-29,-2026,-06_17_20-pm.jpg" alt="Sabarimala Verdict: 'धर्म की आत्मा को अदालत की तराजू पर तौलना आसान नहीं', सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी" width="1536" height="1024"></img>
(फ़ोटो: समृद्ध झारखंड)

<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>पहले समझें मामला है क्या?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">सबरीमाला मंदिर में सदियों से 10 से 50 साल की महिलाओं का प्रवेश वर्जित रहा है। मंदिर प्रबंधन और परंपरावादियों का तर्क है कि भगवान अयप्पा "नैष्ठिक ब्रह्मचारी" हैं, इसलिए रजस्वला उम्र की महिलाओं का प्रवेश धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट की पाँच जजों की पीठ ने 4-1 के बहुमत से फैसला सुनाया कि यह प्रतिबंध असंवैधानिक है और महिलाओं को प्रवेश का अधिकार है। लेकिन इस फैसले के बाद केरल में जबरदस्त विरोध हुआ, धार्मिक संगठन सड़कों पर उतरे और मामला पुनर्विचार के लिए बड़ी पीठ को सौंप दिया गया। तब से यह मामला नौ जजों की संविधान पीठ के पास है और आज उसी सुनवाई का एक और अहम दिन था।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>कोर्ट का वो सवाल जिसने सबको चौंकाया</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">आज की सुनवाई में संविधान पीठ ने एक ऐसा सवाल उठाया जिसने पूरी बहस की दिशा ही बदल दी।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">अदालत ने पूछा <em>"उत्तर भारत में रहने वाला कोई ऐसा व्यक्ति, जिसकी सबरीमाला में कोई आस्था नहीं, जो वहाँ के भगवान को भी नहीं मानता — वो आखिर किस आधार पर उस मंदिर में प्रवेश का अधिकार माँग सकता है?"</em></p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">यह सवाल सुनते ही कोर्टरूम में एक पल के लिए सन्नाटा छा गया। दरअसल यह सवाल उन याचिकाकर्ताओं की ओर इशारा था जो खुद मंदिर की परंपरा से जुड़े नहीं हैं, लेकिन महिलाओं के प्रवेश की माँग उठा रहे हैं।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि धार्मिक स्थलों के मामलों में यह देखना जरूरी है कि याचिकाकर्ता की उस स्थान में आस्था है या नहीं। बिना आस्था के प्रवेश का दावा करना धर्म की मूल भावना को ठेस पहुँचाना है।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>न्यायमूर्ति नागरत्ना — इतिहास को नकार नहीं सकते</strong></p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">नौ जजों की पीठ में शामिल न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने आज की सुनवाई में सबसे महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक टिप्पणियाँ कीं।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">उन्होंने कहा कि भारत कोई नया देश नहीं है। यहाँ की सभ्यता हजारों साल पुरानी है, यहाँ की धार्मिक परंपराएँ और मान्यताएँ सदियों के अनुभव से बनी हैं। इन्हें महज "पुरानी सोच" कहकर खारिज नहीं किया जा सकता।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">उन्होंने यह भी जोड़ा कि हमारे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 — जो धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देते हैं — वो भी इसी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। इसलिए जब हम संविधान की व्याख्या करते हैं, तो उस ऐतिहासिक संदर्भ को अनदेखा नहीं किया जा सकता।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">न्यायमूर्ति नागरत्ना की यह बात इशारा कर रही थी कि संविधान और धर्म को एक-दूसरे का दुश्मन मानना गलत है — दोनों एक ही जमीन से उगे हैं।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>इंदिरा जयसिंह — महिलाओं के 40 साल छीन लिए गए हैं</strong></p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">दूसरी तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने बड़े जोश और दृढ़ता के साथ महिलाओं का पक्ष रखा।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">उन्होंने अदालत को याद दिलाया कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने खुद कहा था कि यह प्रतिबंध असंवैधानिक है। वो फैसला आज भी कानूनी रूप से जिंदा है, उस पर कोई रोक नहीं लगी है। लेकिन जमीन पर क्या हो रहा है? महिलाएँ अब भी मंदिर नहीं जा पा रहीं। और इसकी जिम्मेदारी सीधे केरल सरकार पर है जिसने फैसले को लागू करने में कोई खास इच्छाशक्ति नहीं दिखाई।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">जयसिंह ने एक भावुक लेकिन तार्किक दलील दी — <em>"10 से 50 साल की उम्र एक औरत की जिंदगी के सबसे जरूरी 40 साल होते हैं। उसकी पढ़ाई, नौकरी, शादी, माँ बनना — सब इन्हीं सालों में होता है। और इन्हीं सालों में उसे भगवान के दर से रोका जा रहा है। यह सिर्फ धार्मिक भेदभाव नहीं, यह एक औरत की पूरी पहचान पर सवाल है।"</em></p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अदालत धर्म की परिभाषा तय करने नहीं बैठी है — वो सिर्फ यह देखेगी कि कोई प्रथा संविधान के मूल्यों के साथ चल सकती है या नहीं।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>कोर्ट ने दिया संतुलित जवाब</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">जयसिंह की दलीलों पर अदालत ने स्पष्ट किया कि महिलाओं पर यह प्रतिबंध उनके "स्त्री होने" के कारण नहीं बल्कि एक खास आयु वर्ग के आधार पर है और इन दोनों में फर्क करना जरूरी है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">अदालत ने यह भी कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। यहाँ हर धर्म, हर संप्रदाय को संविधान के अनुच्छेद 26 के तहत अपने धार्मिक मामलों को खुद संभालने का अधिकार मिला हुआ है। इस अधिकार को नजरअंदाज करके कोई फैसला नहीं थोपा जा सकता।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">कोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण बात कही किसी भी धार्मिक प्रथा को "अनिवार्य" या "गैरजरूरी" घोषित करना न्यायपालिका के लिए बेहद कठिन काम है। धर्म की आत्मा को अदालती तराजू पर तौलना आसान नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 18:20:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: छिटपुट हिंसा के बीच दोपहर 3 बजे तक 78.68% मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के दौरान दोपहर 3 बजे तक 78.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुछ स्थानों पर ईवीएम खराबी और लाठीचार्ज की घटनाओं के कारण तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/west-bengal/west-bengal-phase-2-voting-78-percent-turnout-till-3pm-evm-fault-lathicharge-election-update/article-20836"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-29,-2026,-05_22_54-pm.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता। </strong>पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण का मतदान बुधवार को जारी है। दाेपहर 03 बजे तक राज्य में कुल 78.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का मुकाबला भाजपा, वामपंथी दलों और कांग्रेस से है। आज जिन 07 जिलों की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से साल 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने 123 सीटें जीती थीं।<br /><br />निर्वाचन आयोग के अनुसार, दाेपहर 03 बजे तक जिलों में मतदान का प्रतिशत अलग-अलग रहा। हुगली जिले में 80.77 प्रतिशत, हावड़ा में 77.73 प्रतिशत, उत्तर कोलकाता में 78.00 प्रतिशत और दक्षिण कोलकाता में 75.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। नदिया जिले में 79.79 प्रतिशत, उत्तर 24 परगना में 77.39 प्रतिशत, पूर्व बर्धमान में 83.11 प्रतिशत तथा दक्षिण 24 परगना में 76.75 प्रतिशत मतदान हुआ है।<br /><br />राज्य के विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाता सुबह से ही कतारों में लगकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सुबह 07 बजे शुरु हुए मतदान के बीच राज्यभर में 11 बजे तक 39.97 प्रतिशत तथा दोपहर 01 बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान हुआ था।<br /><br />इसी बीच कुछ स्थानों पर तनाव और झड़प की खबरें भी सामने आई हैं। राज्य के बाली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लिलुआ इलाके में बुधवार को मतदान के दौरान उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब डॉन बॉस्को लिलुआ सोहनलाल विद्यालय में स्थित एक मतदान केंद्र पर ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। ईवीएम में गड़बड़ी के कारण मतदान प्रक्रिया बाधित हो गई, जिससे कतार में खड़े मतदाताओं में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और भीड़ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिससे कुछ समय के लिए वहां अफरातफरी मच गई। इस घटना में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।<br /><br />वहीं, बारासात, हाबरा, कल्याणी और शांतिपुर समेत कई इलाकों में ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतदान देर से शुरू हुआ, जिससे मतदाताओं को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ विधानसभा क्षेत्र के प्राणगंज इलाके के रघुनाथपुर में मतदान के दौरान आईएसएफ विधायक और नेता नौशाद सिद्दीकी के वहां पहुंचने से भारी तनाव फैल गया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद केंद्रीय बल और राज्य पुलिस ने मोर्चा संभाला। भीड़ को नियंत्रित करने और हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद भी कुछ देर तक इलाके में अफरातफरी और तनाव का माहौल बना रहा।<br /><br />चापड़ा में एक बूथ पर भाजपा एजेंट के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया है, वहीं भांगड़ क्षेत्र में रात के समय राजनीतिक दलों के बीच टकराव की घटना के बाद सुबह स्थिति शांत बताई जा रही है।<br /><br />चुनाव आयोग ने मतदान के दाैरान किसी भी हिंसा से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। साथ ही किसी भी शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया है। कुछ केंद्रों पर तकनीकी और स्थानीय समस्याएं देखी गई, लेकिन कई मतदान शांतिपूर्ण जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>पश्चिम-बंगाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 17:32:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चारधाम यात्रा: 10 दिन में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, केदारनाथ में सबसे ज्यादा भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[चारधाम यात्रा के पहले दस दिनों में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। राज्य सरकार ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/chardham-yatra-2026-four-lakh-devotees-visit-in-10-days-kedarnath-badrinath-yamunotri-gangotri-update/article-20837"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-03/chatgpt-image-mar-7,-2026,-06_55_54-pm.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। प्रदेश में चारधाम यात्रा सुचारु रूप से चल रही है। राज्य सरकार ने यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। कपाट खुलने से लेकर 28 अप्रैल, 2026 की सायं 7 बजे तक मात्र दस दिन में कुल 4 लाख 8 हजार 401 श्रद्धालु चारो धामों में दर्शन के लिए पहुंचे हैं।<br /><br />चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चारधाम यात्रा मार्गों सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया गया है। राज्य सरकार ने यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों तथा गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा की पवित्रता एवं व्यवस्थाएं बनी रहें। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चारधाम कपाट खुलने से 28 अप्रैल, 2026 की सांय 7 बजे तक मात्र दस दिनों में कुल 4 लाख 8 हजार 401 श्रद्धालु चारधाम में दर्शन के लिए पहुंचे हैं।<br /><br />राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार अब तक यमुनोत्री धाम में 57,794, गंगोत्री में 57,863, केदारनाथ धाम में 2,07,452 और बदरीनाथ धाम में 84,942 श्रद्धालु ने दर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त गौमुख में अब तक 440 यात्री पहुंचे हैं। वर्तमान यात्रा सीजन में अब तक कुल 64,115 वाहन यात्रियों को लेकर चारधाम पहुंचे हैं। राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 17:31:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी हरदोई में 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का करेंगे उद्घाटन, मेरठ-प्रयागराज यात्रा समय होगा आधा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना 12 जिलों को जोड़ते हुए यात्रा समय कम करने और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/pm-modi-inaugurates-ganga-expressway-hardoi-594-km-project-travel-time-merut-prayagraj-reduced/article-20833"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/hq720.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाराणसी।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के हरदोई में गंगा एक्सप्रेस-वे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वो पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम का दो दिवसीय दौरा पूरा कर कल शाम दो दिन के दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सिक्किम से रवाना होने से पहले पूर्वोत्तर का स्वर्ग कहे जाने वाले इस राज्य को 4,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी। यह जानकारी सरकारी विज्ञप्ति में दी गई।</p>
<p>विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल शाम वाराणसी पहुंचे और महिला सम्मेलन में हिस्सा लिया। वो उत्तर प्रदेश के लिए लगभग 6,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात लेकर वाराणसी पहुंचे। आज सुबह लगभग 8:30 बजे प्रधानमंत्री श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा करेंगे। इसके बाद हरदोई रवाना होंगे और पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। वो इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।</p>
<p>गंगा एक्सप्रेस-वे देश में विश्वस्तरीय अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8-लेन तक विस्तारित करने योग्य), एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है। इस पर लगभग 36,230 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों- मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है। इससे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक ही निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा गया है।</p>
<p>अब मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा। इस परियोजना की प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (हवाई पट्टी) का निर्माण है। यह दोहरे उपयोग वाली अवसंरचना राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करती है और आर्थिक लाभ के अलावा रणनीतिक महत्व भी प्रदान करती है।</p>
<p>गंगा एक्सप्रेस-वे को एक प्रमुख आर्थिक गलियारे के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसके मार्ग में पड़ने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक गलियारे विकसित किए जाएंगे। यह एक्सप्रेस-वे लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा, आपूर्ति शृंखला की दक्षता में सुधार करेगा और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा। बेहतर संपर्क व्यवस्था से किसानों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी। इससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और ग्रामीण आय में वृद्धि होगी।</p>
<p>यही नहीं, इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, नए आर्थिक अवसर खुलने और पूरे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में व्यापक एक्सप्रेस-वे नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी के रूप में भी काम करेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे सिर्फ परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी पहल है। इससे लॉजिस्टिक लागत कम होगी। यह प्रोजेक्ट औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगा। कृषि और ग्रामीण आय को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस लिहाज से पूरे राज्य के समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 16:28:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
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                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, बच्चों पर बरसाया प्यार, हरदोई के लिए रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वाराणसी दौरे के अंतिम दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद बच्चों से मुलाकात कर स्नेह जताया और फिर हरदोई के लिए रवाना हो गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/prime-minister-modi-worshiped-at-srikashi-vishwanath-temple-showered-love/article-20832"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/eece6b49d40986f369b34070e19d7f04_898155672.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाराणसी।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन बुधवार सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच मंदिर के स्वर्णमंडित गर्भगृह में बाबा के पावन ज्योतिर्लिंग का षोडशोपचार पूजा,अभिषेक अर्चक ओम प्रकाश मिश्र सहित पांच ब्राह्मणों ने कराई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भी काशीपुराधिपति के प्रति अनुराग, श्रद्धाभाव दिखाते हुए मंत्रोंच्चार का उच्चारण किया और देश में सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।</p>
<p>दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद शिवभक्तों का अभिवादन किया। काशी के 54वें दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में 51 ब्राह्मणों की शंखध्वनि के बीच प्रवेश किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे लगाए गए। धाम में डमरूओं के निनाद, बटुकों के शंखनाद के बीच मंदिर न्यास के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन करने के बाद प्रधानमंत्री हरदोई जाने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।</p>
<p>इसके पहले सुबह लगभग आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी बरेका गेस्ट हाउस से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए । प्रधानमंत्री बरेका गेस्ट हाउस से ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचे। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचे। इस दौरान राह में भाजपा कार्यकर्ताओं और काशीवासियों ने ढोल, नगाड़ों, डमरू व शंखनाद के साथ ही गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर हर-हर महादेव एवं जय श्रीराम के उद्घोष के बीच अभूतपूर्व स्वागत किया। पूरे यात्रा मार्ग में लोगों ने फूल बरसाए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और जय श्रीराम का उद्घोष होता रहा। गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर लोग प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते नजर आये। काशीवासियों का प्यार, दुलार और अपनत्व के भाव से अभिभूत पीएम मोदी खुद को रोक नहीं पाए और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार करते आगे बढ़ते रहे।</p>
<p>दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को भाजपा के स्थानीय नेताओं ने त्रिशूल और डमरू भेंट किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने त्रिशूल और डमरू दिखाकर शिवभक्तों के हर—हर महादेव के उद्घोष का अभिवादन किया। इस दौरान महापौर अशोक तिवारी,प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर आदि भी मौजूद रहे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद मंदिर चौक में दर्शन के लिए आए बच्चों पर प्यार लुटाया और उनसे बातचीत कर स्नेह से उनका सिर सहलाया। उन्होंने बच्चों से कुछ पूछा तो वे खिलाखिलाते दिखे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 16:24:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पानिहाटी में भाजपा प्रत्याशी रत्ना देवनाथ के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे, गाड़ी घेरकर किया विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के पानिहाटी क्षेत्र में मतदान के दिन भाजपा प्रत्याशी रत्ना देवनाथ को विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी घेरकर ‘गो बैक’ के नारे लगाए, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/panihati-bjp-candidate-ratna-devnath-go-back-slogans-supporters-surrounded-vehicle-election-day/article-20826"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/6a0beee0a64760dff0a9350a4eaaf0ea_1312571229.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान के दिन उत्तर 24 परगना जिले के पानिहाटी क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी रत्ना देवनाथ को विरोध का सामना करना पड़ा। बुधवार सुबह पानिहाटी नगरपालिका के 25 नंबर वार्ड के आगरपाड़ा न्यू आदर्श नगर इलाके में कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी घेरकर “गो बैक” के नारे लगाए। इस घटना से इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।</p>
<p>रत्ना देवनाथ ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने उन्हें रोकने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी को घेरकर विरोध किया गया और उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p>इससे पहले रत्ना देवनाथ ने बुधवार सुबह अपना वोट डाला। वोट डालने के बाद उन्होंने कहा कि जनता उन्हें समर्थन देगी और न्याय जरूर मिलेगा।</p>
<p>रत्ना देवनाथ के पति ने भी कहा कि उनकी बेटी की मौत के न्याय के लिए उन्हें यह रास्ता अपनाना पड़ा, जो दुखद है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि अंत में जीत उनकी ही होगी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि करीब डेढ़ साल पहले कोलकाता के आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था। उसी घटना के बाद मृत चिकित्सक की मां रत्ना देवनाथ ने राजनीति में आने का फैसला किया और इस बार पानिहाटी सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>पश्चिम-बंगाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 16:01:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में छिटपुट हिंसा के बीच दोपहर 1 बजे तक 61.11% मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान दोपहर 1 बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कई स्थानों पर ईवीएम मशीन में खराबी और लाठीचार्ज की घटनाओं के कारण कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/west-bengal-phase-2-voting-61-percent-turnout-till-1pm-evm-fault-lathicharge-violence-reports/article-20825"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/img_indexelectioncommiss_2_1_b6eb6nqq_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता। </strong>पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान जारी है। बुधवार को दाेपहर एक बजे तक राज्य में कुल 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बुधवार को दूसरे चरण के मतदान की शुरुआत हो गई है। चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का मुकाबला भाजपा, वामपंथी दलों और कांग्रेस से है। आज जिन सात जिलों की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से 2021 में तृणमूल ने 123 सीटें जीती थीं।<br /><br />निर्वाचन आयोग के अनुसार, दाेपहर एक बजे तक जिलों में मतदान का प्रतिशत अलग-अलग रहा। हुगली जिले में 64.57 प्रतिशत, हावड़ा में 60.68 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में 60.18 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में 57.73 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। नदिया जिले में 61.41 प्रतिशत, उत्तर 24 परगना में 59.20 प्रतिशत, पूर्व बर्धमान में 66.80 प्रतिशत तथा दक्षिण 24 परगना में 58.58 प्रतिशत मतदान हुआ है।<br /><br />राज्य के विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाता सुबह से ही कतारों में लगकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।<br /><br />राज्य के बाली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लिलुआ इलाके में बुधवार को मतदान के दौरान उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब डॉन बॉस्को लिलुआ सोहनलाल विद्यालय में स्थित एक मतदान केंद्र पर ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। ईवीएम में गड़बड़ी के कारण मतदान प्रक्रिया बाधित हो गई, जिससे कतार में खड़े मतदाताओं में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और भीड़ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया, जिससे कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।<br /><br />वहीं, बारासात, हाबरा, कल्याणी और शांतिपुर समेत कई इलाकों में तकनीकी खराबी के कारण मतदान देर से शुरू हुआ, जिससे मतदाताओं को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा।<br /><br />इसी बीच कुछ स्थानों पर तनाव और झड़प की खबरें भी सामने आई हैं। चापड़ा में एक बूथ पर भाजपा एजेंट के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया है, वहीं भांगड़ क्षेत्र में रात के समय राजनीतिक दलों के बीच टकराव की घटना के बाद सुबह स्थिति शांत बताई जा रही है।<br /><br />चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। साथ ही किसी भी शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया है। जबकि कुछ केंद्रों पर तकनीकी और स्थानीय स्तर की समस्याएं देखी गई, लेकिन कई स्थानाें पर मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>पश्चिम-बंगाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:59:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: अंतिम चरण में कल 142 सीटों पर मतदान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में 142 सीटों पर मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/west-bengal/west-bengal-assembly-election-final-phase-voting-142-seats-security-arrangements/article-20815"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-28,-2026,-06_39_47-pm.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के तहत बुधवार को होने वाले मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।</p>
<p>दूसरे चरण में कुल 3,21,73,837 मतदाता हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिला और 792 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 4,12,668 नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे।</p>
<p>चुनाव आयोग ने 1,96,801 ऐसे मतदाताओं की पहचान की है, जिनकी उम्र 85 वर्ष से अधिक है। वहीं 3,243 मतदाता 100 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं। इसके अलावा 57,783 दिव्यांग मतदाता भी लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेंगे।</p>
<p>इस चरण में कुल 1,448 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। दक्षिण 24 परगना जिले का भांगड़ विधानसभा क्षेत्र सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं हुगली जिले के गोघाट में सबसे कम केवल 5 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा।</p>
<p>उत्तर 24 परगना की 33 सीटों पर इस बार बड़ा चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा, जहां 71 लाख से अधिक मतदाता बंगाल की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।</p>
<p>क्षेत्रफल के हिसाब से कोलकाता का जोरासांको सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र है, जिसका क्षेत्रफल केवल 3.48 वर्ग किलोमीटर है। वहीं, नदिया जिले का कल्याणी विधानसभा क्षेत्र 135 वर्ग किलोमीटर के साथ सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र है। मतदाताओं की संख्या के हिसाब से भाटपाड़ा में सबसे कम 1,17,195 मतदाता हैं, जबकि हुगली के चुंचुड़ा में सबसे अधिक 2,75,715 मतदाता हैं।</p>
<p>निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए इस बार तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। महिलाओं के सम्मान में 8,845 मतदान केंद्र पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा संचालित किए जाएंगे। सभी 41,001 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जाएगी, ताकि हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके।</p>
<p>चुनाव में 55,331 बैलेट यूनिट, 55,162 कंट्रोल यूनिट और 59,463 वीवीपैट मशीनों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही ईवीएम और बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें, नाम, क्रमांक और चुनाव चिन्ह बड़े अक्षरों में दिए गए हैं, ताकि मतदाताओं को सुविधा हो।</p>
<p>दूसरे चरण के मतदान में कई संवेदनशील क्षेत्र हैं इसलिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय रहेगी।</p>
<p>सबसे अधिक 507 कंपनियां उत्तर 24 परगना जिले में तैनात होंगी। बांग्लादेश सीमा और सुंदरबन क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में तटीय गश्त भी बढ़ा दी गई है।</p>
<p>संवेदनशील इलाकों और अंदरूनी गलियों में सुरक्षा बल लगातार गश्त करेंगे। इसके लिए 160 मोटरसाइकिलों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए जाएंगे, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचेंगे।</p>
<p>मतदान से पहले माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस के एक पार्षद सहित कुल 1,543 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व बर्धमान जिले की बर्धमान नगरपालिका के वार्ड संख्या 22 से टीएमसी पार्षद नारू गोपाल भाकट को भाजपा नेता के घर पर हमले और धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p>राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि मतदान के दौरान न तो फर्जी वोटिंग होगी और न ही किसी प्रकार की गड़बड़ी होने दी जाएगी। अंतिम चरण के लिए तैयारियों को और अधिक मजबूत किया गया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जिसने चुनावी उत्साह को और स्पष्ट कर दिया। बुधवार को जिन 142 सीटों पर मतदान होना है, उनमें 23 सीटों पर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। इस सूची में जादवपुर सबसे ऊपर है।</p>
<p>पश्चिम बंगाल के साथ-साथ केरल, असम, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी विधानसभा चुनावों की मतगणना भी 4 मई को होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल का यह सियासी ‘खेला’ बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। पहले चरण के भारी मतदान ने चुनावी समीकरणों को बदल दिया है और मुकाबले को बेहद कांटे का बना दिया है। अब सभी की नजरें 29 अप्रैल की वोटिंग, एग्जिट पोल और अंततः 4 मई को आने वाले अंतिम परिणाम पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि बंगाल की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>पश्चिम-बंगाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:40:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
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                <title>वाराणसी–पुणे और अयोध्या–मुंबई के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत, यात्रियों को मिलेगी सस्ती और सीधी सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी–पुणे और अयोध्या–मुंबई के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत हुई है, जिससे यात्रियों को कम खर्च में सीधी यात्रा की सुविधा मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/amrit-bharat-express-varanasi-pune-ayodhya-mumbai-new-train-service-launch/article-20814"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-28,-2026,-06_32_04-pm.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को वाराणसी जंक्शन से वर्चुअल माध्यम से दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें अयोध्या–मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) साप्ताहिक ट्रेन और बनारस–हडपसर (पुणे) दैनिक ट्रेन शामिल हैं।</p>
<p>अयोध्या–मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस हर मंगलवार को संचालित होगी, जो उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सीधे जोड़ेगी। वहीं बनारस से पुणे के बीच चलने वाली दैनिक सेवा उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक केंद्र को महाराष्ट्र के आईटी और शिक्षा हब से जोड़ेगी।</p>
<p>इन ट्रेनों की शुरुआत से तीर्थयात्रियों, प्रवासी श्रमिकों और मध्यम वर्ग के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब यात्रियों को लंबी दूरी तय करने के लिए ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।</p>
<p>अमृत भारत एक्सप्रेस पूरी तरह नॉन-एसी ट्रेनें हैं, लेकिन इनमें आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। ट्रेनों में जनरल और स्लीपर कोच, पैंट्री कार, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं, सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था दी गई है। यात्रियों को बेहतर सीटिंग, यूएसबी चार्जिंग पोर्ट, उन्नत शौचालय और सुरक्षित कोच डिजाइन का लाभ मिलेगा। साथ ही, पुश-पुल तकनीक के तहत ट्रेन के दोनों सिरों पर इंजन लगाए गए हैं, जिससे गति और संचालन क्षमता में सुधार होगा।</p>
<h5><strong>महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ेंगी सेवाएं</strong></h5>
<p>बनारस–पुणे ट्रेन प्रयागराज, झांसी, भोपाल (रानी कमलापति), इटारसी, भुसावल, जलगांव और मनमाड जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी।</p>
<p>अयोध्या–मुंबई ट्रेन सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सतना, जबलपुर, इटारसी, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे के रास्ते चलेगी। यह यात्रा करीब 28 घंटे में पूरी होगी।</p>
<p>नई सेवाओं से काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्री राम मंदिर और शिरडी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।</p>
<p>रेलवे के अनुसार, इन दोनों ट्रेनों के शुरू होने के साथ देश में अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल संख्या बढ़कर 66 हो गई है। जहां वंदे भारत एक्सप्रेस प्रीमियम यात्रा का प्रतीक है, वहीं अमृत भारत एक्सप्रेस आम यात्रियों के लिए किफायती, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का नया विकल्प बनकर उभर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:33:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>झारखंड में बदला मौसम, बूंदाबांदी से गर्मी से राहत, 30 अप्रैल तक आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड में हल्की बारिश और तेज हवाओं से गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने 30 अप्रैल तक कई जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jharkhand-weather-change-rain-relief-orange-alert-storm-till-30-april/article-20812"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-28,-2026,-06_16_46-pm.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची।</strong> झारखंड की राजधानी रांची सहित आसपास के इलाकों में मंगलवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी ने भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी। पिछले कई दिनों से लगातार पड़ रही तेज गर्मी और उमस के बीच मौसम में आए इस बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली। सुबह के समय हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया।</p>
<p>मौसम विभाग ने 29 और 30 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। संभावित खराब मौसम को देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।</p>
<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय दबाव प्रणाली के प्रभाव के कारण राज्य के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों और खुले स्थानों पर खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है, खासकर वज्रपात के समय।</p>
<p>पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान डाल्टनगंज में 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान रांची के नामकुम में 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।</p>
<p>बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो धनबाद जिले के मैथन में सबसे अधिक 4.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा डाल्टनगंज में 2.8 मिमी, चंदनकियारी में 2.6 मिमी, कोलेबिरा में 2.0 मिमी और नामकुम में 1.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। राज्य के अन्य कई इलाकों में भी हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।</p>
<p>मौसम विभाग ने 5 मई तक राज्यभर में गर्जन के साथ वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है। इस अवधि के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे लोगों को लगातार मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।</p>
<p>मंगलवार को रांची में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री और न्यूनतम 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जमशेदपुर में अधिकतम 41.5 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री, डाल्टनगंज में अधिकतम 44.8 डिग्री और न्यूनतम 25.8 डिग्री, बोकारो में अधिकतम 40.1 डिग्री और न्यूनतम 26.1 डिग्री, जबकि चाईबासा में अधिकतम 43.4 डिग्री और न्यूनतम 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।</p>
<p>मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। आने वाले दिनों में मौसम के इस बदलाव से गर्मी से राहत मिलने की संभावना है, हालांकि सतर्कता बनाए रखना जरूरी होगा।-</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:21:46 +0530</pubDate>
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                <title>उच्च न्यायालय ने 20 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर आदेश किए रद्द, कहा-स्थानांतरण के बहाने दंड नहीं दे सकता विभाग</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड हाई कोर्ट ने धनबाद के 20 पुलिसकर्मियों के तबादले को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया और कहा कि विभाग स्थानांतरण के जरिए दंड नहीं दे सकता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/high-court-canceled-the-transfer-orders-of-20-policemen-and/article-20810"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/gdfg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची।</strong> झारखंड उच्च न्यायालय ने धनबाद जिला पुलिस बल से अन्य जिलों में स्थानांतरित किए गए 20 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि विभाग प्रशासनिक जरूरत के नाम पर किसी कर्मचारी को दंडित नहीं कर सकता और यदि विभागीय कार्रवाई आवश्यक हो, तो उसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।<br /><br />उच्च न्यायालय ने स्थानांतरण और कार्यमुक्ति (ट्रांसफर और रिलीविंग) दोनों आदेशों को निरस्त करते हुए निर्देश दिया कि सभी याचिकाकर्ता अपने मूल कार्यस्थल धनबाद में पुनः योगदान दें और संबंधित अधिकारी उनकी जॉइनिंग स्वीकार करें। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकल पीठ में हुई। अदालत ने अपने फैसले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन इसका उपयोग दंडात्मक कार्रवाई के रूप में नहीं किया जा सकता। यदि किसी पुलिसकर्मी पर लापरवाही या अनुशासनहीनता का आरोप है, तो विभाग को नियमानुसार विभागीय कार्रवाई करनी चाहिए, न कि स्थानांतरण के माध्यम से दंड देना चाहिए।<br /><br />याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अर्पण मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि 24 फरवरी 2025 को मेमो नंबर 238/पी के तहत 20 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकता बताकर किया गया था। इसके बाद 11 मार्च 2025 को रिलीविंग आदेश संख्या 642 जारी कर उन्हें अन्य जिलों में भेज दिया गया।<br /><br />हालांकि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी से यह सामने आया कि यह स्थानांतरण वास्तव में दंडात्मक कार्रवाई थी। धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने कथित लापरवाही के आरोपों के आधार पर इनके स्थानांतरण की सिफारिश की थी, लेकिन बिना उचित विभागीय प्रक्रिया अपनाए सीधे स्थानांतरण कर दिया गया।<br /><br />अदालत ने उच्चतम न्यायालय के ‘सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ’ मामले का हवाला देते हुए कहा कि यदि स्थानांतरण आदेश दंडात्मक प्रकृति का हो, तो उसे प्रशासनिक आदेश नहीं माना जा सकता और वह कानूनन टिक नहीं सकता। इसी आधार पर न्यायालय ने संबंधित आदेशों को अवैध करार दिया।<br /><br />अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा नए स्थान पर योगदान देने से उनकी याचिका स्वतः समाप्त नहीं हो जाती। यदि स्थानांतरण आदेश को बाद में रद्द कर दिया जाता है, तो वह आदेश मूल तिथि से ही अमान्य माना जाएगा।<br /><br />इस मामले में याचिकाकर्ताओं में सूरज कुमार दास, अनुज कुमार सिंह, बलजीत कुमार, कौशल कुमार दुबे सहित कुल 20 पुलिसकर्मी शामिल थे, जो मुख्य रूप से धनबाद, चतरा, गया, पटना और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। सभी लंबे समय से धनबाद जिला पुलिस बल में तैनात थे।<br /><br />अदालत के इस फैसले को पुलिस प्रशासन में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण को अनुशासनात्मक दंड के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:02:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
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                <title>सिक्किम दौरे पर पीएम मोदी का अलग अंदाज़, गंगटोक में युवाओं संग खेला फुटबॉल, देखें वीडियो</title>
                                    <description><![CDATA[सिक्किम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग अंदाज़ गंगटोक में देखने को मिला, जब उन्होंने युवाओं के साथ फुटबॉल खेलकर सबको चौंका दिया। राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इस खास पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/pm-modi-sikkim-football-youth-4000-crore-projects-inauguration/article-20804"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/fgfgf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गंगटोक: </strong>सिक्किम के 50वें राज्यत्व समारोह के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह गंगटोक में युवाओं के साथ फुटबॉल खेलकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। राजधानी गंगटोक की इस हल्की-फुल्की और आत्मीय तस्वीर ने उनके औपचारिक कार्यक्रमों के बीच एक अलग ही माहौल बना दिया। प्रधानमंत्री ने इस पल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा कीं, जिससे यह क्षण और अधिक चर्चा में आ गया.</p>
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<p>प्रधानमंत्री का यह दौरा सिक्किम के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि राज्य इस साल अपने 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर सिक्किम पहुंचे थे, और दिन में पालजोर स्टेडियम में राज्यत्व समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी थी। इससे पहले सोमवार शाम गंगटोक में उनका रोड शो भी हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े.</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/narendramodi/status/2049002351273591097?s=20">https://twitter.com/narendramodi/status/2049002351273591097?s=20</a></blockquote>
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<p>इस दौरे का दूसरा बड़ा पहलू विकास परियोजनाओं से जुड़ा रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री सिक्किम में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पुल, बिजली, शहरी विकास, पर्यटन, पर्यावरण और कृषि से जुड़ी योजनाएँ शामिल थीं, जिनका मकसद राज्य में बुनियादी ढांचे और सेवाओं को मजबूत करना बताया गया.</p>
<p>विकास परियोजनाओं की सूची में यांगयांग में 100 बिस्तरों का आयुर्वेद अस्पताल, एनआईटी देवराली में 30 बिस्तरों का इंटीग्रेटेड सोवा रिग्पा अस्पताल, सिकीम विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर, नेटाजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सीलेंस का प्रशासनिक भवन, हलेन लेपचा मेडिकल कॉलेज, 160 स्कूलों में आईटी-सक्षम ढांचा, तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील आर्च ब्रिज, गंगटोक बिजली नेटवर्क का उन्नयन, और गंगटोक में शहरी अवसंरचना से जुड़े कई काम शामिल बताए गए. पर्यटन और तीर्थाटन से जुड़े प्रोजेक्ट भी इस पैकेज का हिस्सा थे.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 15:16:16 +0530</pubDate>
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