<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://samridhjharkhand.com/news/education/category-5" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Samridh Jharkhand RSS Feed Generator</generator>
                <title>शिक्षा - Samridh Jharkhand</title>
                <link>https://samridhjharkhand.com/category/5/rss</link>
                <description>शिक्षा RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>EXCLUSIVE : अप्रैल से शुरू हो गया सत्र, लेकिन जून तक नहीं तय हुआ झारखंड का शिक्षा बजट! RTI में बड़ा खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[RTI के जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि झारखंड के लिए समग्र शिक्षा योजना 2026-27 की PAB कार्यवाही जुलाई 2026 तक सार्वजनिक होगी। वित्तीय वर्ष शुरू होने के बावजूद राज्य को अभी तक अंतिम स्वीकृत बजट की जानकारी नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-samagra-shiksha-budget-2026-27-rti-revelation-pab-minutes-delay/article-23095"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/screenshot_20260612_095036_chatgpt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची/नई दिल्ली:</strong> झारखंड की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और चिंताजनक खुलासा सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से हो चुकी है, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राज्य को यह नहीं पता कि समग्र शिक्षा योजना के तहत उसे कितना बजट मिलेगा। यह तथ्य शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त आधिकारिक जवाब में सामने आया है।</p>
<p><br />RTI आवेदक सुरेंद्र पांडे को भेजे गए जवाब में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार ने स्वीकार किया है कि झारखंड के लिए वर्ष 2026-27 की Annual Work Plan &amp; Budget (AWP&amp;B) पर विचार करने वाली Project Approval Board (PAB) की प्रमाणित कार्यवाही (Minutes) जुलाई 2026 के मध्य तक ही सार्वजनिक की जाएगी।</p>
<h3>जब सत्र शुरू हो चुका, तो बजट का इंतजार क्यों?</h3>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। ऐसे में विद्यालय अनुदान, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, खेल सामग्री, समावेशी शिक्षा तथा आधारभूत संरचना विकास जैसी योजनाओं के लिए बजट की स्पष्टता जरूरी होती है। लेकिन जून तक भी स्वीकृत राशि की जानकारी नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।</p>
<h3>तीन साल में घटी झारखंड की शिक्षा योजना</h3>
<p>RTI से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार पिछले वर्षों में झारखंड के लिए स्वीकृत समग्र शिक्षा योजना के कुल बजट में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है।</p>
<h3>वित्तीय वर्ष स्वीकृत कार्य योजना एवं बजट</h3>
<p>2023-24    ₹2734.42 करोड़<br />2024-25    ₹2840.32 करोड़<br />2025-26    ₹2139.26 करोड़</p>
<p><br />आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में स्वीकृत बजट में लगभग ₹701 करोड़ की कमी दर्ज की गई।</p>
<h3>केंद्र ने कितनी राशि जारी की?</h3>
<p>RTI जवाब में केंद्र सरकार द्वारा जारी राशि का भी ब्यौरा दिया गया है</p>
<p>2023-24 : ₹1104.93 करोड़</p>
<p>2024-25 : ₹1074.45 करोड़</p>
<p>2025-26 : ₹1118.92 करोड़</p>
<p><br />हालांकि राज्य सरकार द्वारा खर्च की गई राशि और विभिन्न मदों में हुए व्यय का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।</p>
<h3>लाखों विद्यार्थियों का जुड़ा है भविष्य</h3>
<p>समग्र शिक्षा योजना के तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास से लेकर शिक्षकों के प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षा तक के अधिकांश कार्यक्रम संचालित होते हैं। ऐसे में बजट स्वीकृति और PAB की कार्यवाही सार्वजनिक होने में देरी का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों और हजारों विद्यालयों पर पड़ सकता है।</p>
<h3>बड़ा सवाल</h3>
<p>जब नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए ढाई महीने बीत चुके हैं, तो क्या झारखंड के स्कूल बिना अंतिम स्वीकृत बजट के ही योजनाएं संचालित कर रहे हैं? और यदि हां, तो विकास कार्यों एवं नई योजनाओं का क्रियान्वयन किस आधार पर हो रहा है?</p>
<p>RTI से सामने आए इस खुलासे ने शिक्षा विभाग की योजना निर्माण और बजट स्वीकृति प्रक्रिया पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-samagra-shiksha-budget-2026-27-rti-revelation-pab-minutes-delay/article-23095</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-samagra-shiksha-budget-2026-27-rti-revelation-pab-minutes-delay/article-23095</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 09:58:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-06/screenshot_20260612_095036_chatgpt.jpg"                         length="338528"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sumit Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>EXPLAINER: भारत पहुंचने से पहले हिंद महासागर में क्या करता है मॉनसून? जानिए बारिश की पूरी कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[Monsoon Explained: भारत में हर साल मानसून लाखों लोगों के जीवन, खेती और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत पहुंचने से पहले मॉनसून हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में क्या करता है? जानिए समुद्र की गर्मी, लो प्रेशर, नमी से भरी हवाओं और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की वह पूरी कहानी, जो भारत में बारिश की शुरुआत की वजह बनती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/education/explainer-what-does-monsoon-do-in-indian-ocean-before-reaching-india/article-22730"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/trhytjhbvgtyjuy.jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>Monsoon Explained: </strong>जून का महीना दस्तक देते ही पूरे देश की निगाहें आसमान पर टिक जाती हैं। बच्चे हों, जवान हों या बुजुर्ग हर कोई बारिश का बेसब्री से इंतज़ार करने लगता है। किसी के होंठों पर "काले मेघा-काले मेघा, पानी तो बरसाओ..." गूंज रहा होता है, तो कोई "बरसों रे मेघा-मेघा" की धुन में खो जाता है। यानी हर तरफ एक ही चाहत- बारिश। लेकिन क्या कभी मन में यह सवाल आया कि भारत पहुंचने से पहले यह मॉनसून हिंद महासागर में आखिर क्या करता रहता है?</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">टीवी और अखबार हमें बता देते हैं कि मॉनसून कब आएगा, केरल में कब पहुंचा, मुंबई कब जलमग्न हुई और दिल्ली की सड़कें कब नहरों में तब्दील हुईं। लेकिन यह सोचना कम ही होता है कि आखिर समंदर की लहरों के साथ मॉनसून का क्या रिश्ता है और हर साल यह हम तक देर से क्यों पहुंचता है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">अगर आपके मन में भी ऐसे सवाल उठ रहे हैं, तो जवाब अगले कुछ पैराग्राफ में मिलने वाला है। तो चलते हैं उस सफर पर -जहाँ अरब सागर और हिंद महासागर के नीले पानी में मॉनसून अपनी तैयारी करता है। जानते हैं कि कैसे तपता हुआ समंदर ठंडी फुहारों की वजह बनता है। आइए इस पहेली को परत-दर-परत सुलझाते हैं।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>समुद्र का उबलना और लो प्रेशर का खेल</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">हर कहानी में एक नायक, एक नायिका और एक खलनायक होता है। इस मॉनसूनी कहानी में नायिका की भूमिका में हैं हिंद महासागर और अरब सागर, जबकि हीरो और विलेन दोनों का किरदार सूरज अकेले निभाता है। मार्च-अप्रैल में जब उत्तर भारत की धरती सूरज की तपिश से तवे की तरह गर्म होने लगती है, तभी भूमध्य रेखा के आसपास का समंदर भी सूरज की गर्मी से खौलने लगता है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">यहीं कहानी में एंट्री होती है विज्ञान की। नियम सीधा है  पानी गर्म होते ही भाप बनकर ऊपर उठता है, चाहे वो रसोई की केतली का पानी हो या समंदर का। जब समंदर से भाप उठती है तो ऊपर की हवा भी गर्म हो जाती है। यह गर्म हवा हल्की होकर आसमान की तरफ दौड़ने लगती है और पीछे छोड़ जाती है एक खालीपन जिसे विज्ञान की भाषा में 'लो प्रेशर एरिया' यानी कम दबाव का क्षेत्र कहते हैं।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">इस खाली जगह को भरने के लिए दक्षिणी हिंद महासागर से ठंडी और भारी हवाएं तेज़ी से दौड़ पड़ती हैं। रास्ते में ये हवाएं समंदर के ऊपर से गुज़रते हुए करोड़ों लीटर पानी भाप के रूप में अपने साथ समेट लेती हैं। हिंद महासागर की यही बढ़ती गर्मी आगे जाकर मॉनसून की असली ताकत बनती है, जिसके दम पर ये हवाएं हज़ारों किलोमीटर का सफर तय करती हैं।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>अरब सागर और बंगाल की खाड़ी का रास्ता कैसे तय होता है?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">तो अब तक यह समझ आया कि सूरज की गर्मी से उबलते समंदर से भाप उठती है और तेज़ हवाएं उसे अपने साथ ले उड़ती हैं। अब आगे की कहानी। जब नमी से लदी ये हवाएं समंदर को चीरते हुए आगे बढ़ती हैं तो शुरू होता है वो सफर जो इन्हें हिंदुस्तान की धरती तक लाता है। भूमध्य रेखा पार करते ही धरती के घूमने के कारण इन हवाओं की दिशा अचानक पलट जाती है। (धरती के घूमने की बारीकियां NCERT की किताबें समझा देंगी - हम मॉनसून की कहानी पर बने रहते हैं।)</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">इस दिशा बदलाव को वैज्ञानिक 'कोरिओलिस फोर्स' कहते हैं। इसी के चलते हवाएं दक्षिण-पश्चिम दिशा से भारत की ओर रुख करती हैं - इसीलिए इन्हें साउथ-वेस्ट मॉनसून कहा जाता है। जैसे ही ये हवाएं भारत के दक्षिणी छोर के पास पहुंचती हैं, देश का भौगोलिक नक्शा इन्हें दो धाराओं में बाँट देता है - एक अरब सागर की तरफ और दूसरी बंगाल की खाड़ी की तरफ।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">अरब सागर वाली धारा भारत के पश्चिमी तट - केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र - से टकराती है। पश्चिमी घाट के ऊंचे पहाड़ इन हवाओं को रोककर वहाँ जमकर बारिश कराते हैं। वहीं बंगाल की खाड़ी वाली धारा पूर्वी भारत से होते हुए नॉर्थ-ईस्ट के पहाड़ों की तरफ निकल जाती है और असम-मेघालय में दुनिया की सबसे अधिक बारिश वाले इलाकों को जन्म देती है -जैसे कि चेरापूंजी।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">इस पूरे सफर में हिंद महासागर और अरब सागर इन हवाओं के लिए पेट्रोल पंप की तरह काम करते हैं, जहाँ से ये और ज़्यादा नमी भरकर पूरे भारत को भिगोने के लिए तैयार हो जाती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/education/explainer-what-does-monsoon-do-in-indian-ocean-before-reaching-india/article-22730</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/news/education/explainer-what-does-monsoon-do-in-indian-ocean-before-reaching-india/article-22730</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 16:20:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-06/trhytjhbvgtyjuy.jpg"                         length="166064"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास के पन्नों में 05 जून: ब्लू स्टार ऑपरेशन, स्नोडेन खुलासा और कई अहम घटनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[05 जून का दिन भारतीय और विश्व इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। वर्ष 1984 में इसी दिन भारतीय सेना ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के निर्णायक चरण की शुरुआत की थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/education/history-of-05-june-operation-blue-star-important-events-world-environment-day/article-22711"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/479e6c2da0b26f1c641b9192fe7bbf78_1373983595_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p>देश-दुनिया के इतिहास में 05 जून की तारीख कई महत्वपूर्ण घटनाओं की साक्षी रही है, लेकिन भारत के समकालीन इतिहास में यह दिन विशेष रूप से <strong>ऑपरेशन ब्लू स्टार</strong> के लिए याद किया जाता है। वर्ष 1984 में इसी दिन भारतीय सेना ने पंजाब के अमृतसर स्थित हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) परिसर में सैन्य अभियान के निर्णायक चरण को अंजाम दिया था।</p><p>1980 के दशक की शुरुआत में पंजाब अलगाववाद और उग्रवाद की गंभीर चुनौती से जूझ रहा था। खालिस्तान समर्थक नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों ने स्वर्ण मंदिर परिसर को अपना प्रमुख ठिकाना बना लिया था। बढ़ती हिंसा और सुरक्षा चुनौतियों के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सरकार ने सेना को कार्रवाई का आदेश दिया।</p><p>03 जून 1984 को शुरू हुआ यह अभियान 05 और 06 जून को अपने सबसे अहम चरण में पहुंचा। सेना और उग्रवादियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ, जिसमें भिंडरावाले सहित कई लोग मारे गए। केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई बताया, जबकि सिख समुदाय के एक बड़े वर्ग ने इसे अपनी धार्मिक आस्था के केंद्र में सैन्य हस्तक्षेप के रूप में देखा।</p><p>ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इसी वर्ष 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई। इसके बाद कई राज्यों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे, जिनमें हजारों लोगों की जान गई।</p><p>आज भी ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय इतिहास की सबसे चर्चित और संवेदनशील घटनाओं में गिना जाता है। यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा, धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक निर्णयों के प्रभाव पर व्यापक बहस का विषय बनी हुई है।</p><h3>05 जून की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं</h3><ul><li>1659: औरंगजेब आधिकारिक रूप से दिल्ली की गद्दी पर बैठा।</li><li>1944: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रोम मित्र सेनाओं के कब्जे में आया।</li><li>1952: अमेरिका में पहली राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का टीवी प्रसारण हुआ।</li><li>1967: इजराइल ने मिस्र के करीब 400 लड़ाकू विमान नष्ट किए।</li><li>1977: एप्पल-II कंप्यूटर की बिक्री शुरू हुई।</li><li>1984: स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार का निर्णायक चरण शुरू।</li><li>1989: ईरान के धार्मिक नेता अयातुल्लाह खुमैनी का निधन।</li><li>2005: ताइवान ने पहली क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया।</li><li>2013: एडवर्ड स्नोडेन ने अमेरिकी निगरानी कार्यक्रम का खुलासा किया।</li><li>2017: भारत ने जीएसएलवी मार्क-3 डी-1 का सफल प्रक्षेपण किया।</li></ul><h3>05 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्ति</h3><ul><li>एन. एम. जोशी (1879)</li><li>सिकन्दर हयात ख़ान (1892)</li><li>गोविंद शंकर कुरुप (1901)</li><li>प्रेम खंडु थंगुन (1946)</li><li>मुकेश भट्ट (1953)</li><li>विजू शाह (1959)</li><li>रमेश कृष्णन (1961)</li><li>योगी आदित्यनाथ (1972)</li><li>रंभा (1976)</li><li>अमित साध (1979)</li></ul><h3>05 जून को हुए प्रमुख निधन</h3><ul><li>मास्टर मदन (1942)</li><li>कुबेरनाथ राय (1996)</li><li>वेद मारवाह (2020)</li></ul><h3>महत्वपूर्ण अवसर</h3><ul><li><strong>विश्व पर्यावरण दिवस</strong></li><li><strong>समग्र क्रांति दिवस</strong></li></ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/education/history-of-05-june-operation-blue-star-important-events-world-environment-day/article-22711</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/news/education/history-of-05-june-operation-blue-star-important-events-world-environment-day/article-22711</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 07:07:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-06/479e6c2da0b26f1c641b9192fe7bbf78_1373983595_samridh_1200x720.jpeg"                         length="50311"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Susmita Rani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>JEE Advanced 2026 में डीपीएस बोकारो का धमाका, अमन राज अमन बने टॉपर</title>
                                    <description><![CDATA[जेईई एडवांस्ड 2026 में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया है। विद्यालय के छात्र अमन राज अमन ने एससी कैटेगरी में अखिल भारतीय स्तर पर 651वां रैंक प्राप्त कर सर्वोच्च सफलता हासिल की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/bokaro/dps-bokaro-students-shine-in-jee-advanced-2026-aman-raj-aman-topper/article-22578"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/d2baf7f8-e208-4863-898b-2961dc3aa96e_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>निर्मल महाराज</strong></p>
<p><strong>बोकारो :</strong> इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड-2026 में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए शानदार सफलता हासिल की है। सोमवार को जारी परीक्षा परिणाम के अनुसार, समाचार भेजे जाने तक 16 विद्यार्थियों के सफल होने की सूचना है।</p>
<p>विद्यालय के छात्र <strong>अमन राज अमन</strong> ने अखिल भारतीय स्तर पर एससी कैटेगरी में <strong>651वां रैंक</strong> प्राप्त कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसी कैटेगरी में <strong>तन्मय कुमार</strong> ने <strong>970वां रैंक</strong> हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, मेधावी छात्र <strong>अनुज</strong> ने कॉमन रैंक लिस्ट (सीआरएल) में <strong>एआईआर 3513</strong> प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।</p>
<p>इनके अलावा <strong>सूर्यांश, क्रांति कृष महतो, कुमार अनमोल, ध्रुव सत्यम, रिद्धिम गुप्ता, सैयद अरहम अशरफ और आयुष राज</strong> सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। अन्य सफल छात्र-छात्राओं के नाम आने की भी संभावना है।</p>
<p>विद्यालय के प्राचार्य <strong>डॉ. ए. एस. गंगवार</strong> ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>
<p>विदित हो कि <strong>जेईई मेन 2026</strong> की परीक्षाएं दो सत्रों में आयोजित की गई थीं। पहला सत्र <strong>21 से 29 जनवरी 2026</strong> के बीच आयोजित हुआ था, जबकि दूसरा सत्र <strong>2 से 8 अप्रैल 2026</strong> तक संपन्न हुआ। वहीं, <strong>जेईई एडवांस्ड 2026</strong> की परीक्षा <strong>17 मई 2026</strong> को आयोजित की गई थी।</p>
<p>बोकारो में परीक्षा के लिए दो केंद्र बनाए गए थे। पहला केंद्र <strong>चिकसिया (चास)</strong> स्थित <strong>बोकारो एजुकेशन ट्रस्ट कैंपस के अल्फा आईसीटी सेंटर</strong> में तथा दूसरा केंद्र <strong>ग्वालाडीह मोड़, पुरुलिया रोड, चास स्थित क्रिसेंट लैब्स (क्रिसेंट पब्लिक स्कूल के निकट)</strong> में बनाया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>बोकारो</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/bokaro/dps-bokaro-students-shine-in-jee-advanced-2026-aman-raj-aman-topper/article-22578</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/bokaro/dps-bokaro-students-shine-in-jee-advanced-2026-aman-raj-aman-topper/article-22578</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:56:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-06/d2baf7f8-e208-4863-898b-2961dc3aa96e_samridh_1200x720.jpeg"                         length="50611"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>JEE Advanced 2026 में डीपीएस रांची का जलवा, 50+ छात्रों ने हासिल की बड़ी सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), रांची के विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। छात्र स्नेहल राज सिंह ने ऑल इंडिया रैंक 635 और कैटेगरी रैंक 107 प्राप्त कर विद्यालय में शीर्ष स्थान हासिल किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/dps-ranchi-students-shine-in-jee-advanced-2026-snehal-raj-singh-air-635/article-22576"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/f8137ceb-f244-403f-9585-c088b30fb8b9_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> दिल्ली पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों का परिचय देते हुए संयुक्त प्रवेश जेईई) एडवांस्ड 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। विद्यालय के छात्र स्नेहल राज सिंह ने ऑल इंडिया रैंक 635 तथा कैटेगरी रैंक 107 प्राप्त कर टॉपर बने।</p>
<p>अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में शिवम कुमार सिंह (एआईआर 2031), धैर्य सिंह (एआईआर 4843), अक्षत ओम (एआईआर 6640), आमिर फैसल (एआईआर 9783) केशव बजाज (एआईआर 9790), आदित्य राज (एआईआर 11568), संस्कार रॉय (एआईआर 12789), प्रज्ञान रंजन (एआईआर 12971), श्लोक मोदी (एआईआर 13363), रौनक श्रीवास्तव (एआईआर 14127), वैभव पंकज (एआईआर 17253 एवं कैटेगरी रैंक 2372), मोहित देवघरिया (एआईआर 19655), आदिल अफजल (एआईआर 20293), विधि वैष्णवी (एआईआर 20489), सौम्या अग्रवाल (एआईआर 20711), सात्विक प्रसाद (एआईआर 20828), अंकित महापात्रा (एआईआर 22120), ताबिश  माज (एआईआर 22138), आयुष आरव (एआईआर 25995) तथा देव पडिया (एआईआर 27701) शामिल हैं। (सूची जारी है।)</p>
<p>विद्यालय के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक जेईई एडवांस्ड 2026 में सफलता प्राप्त की है। चूंकि परिणामों का संकलन अभी जारी है, इसलिए सफल विद्यार्थियों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। यह उपलब्धि एक बार फिर डीपीएस रांची को शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के केंद्र के रूप में स्थापित करती है। विद्यार्थियों की यह असाधारण सफलता विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासित शिक्षण वातावरण तथा गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।</p>
<p>विद्यार्थियों की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डीपीएस रांची की प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने कहा, “मैं जेईई एडवांस्ड 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देती हूँ। उनकी सफलता उनके कठोर परिश्रम, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण का परिणाम है। मैं हमारे समर्पित शिक्षकों एवं सहयोगी अभिभावकों को भी बधाई देती हूँ, जिनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह शानदार प्रदर्शन डीपीएस रांची की शैक्षणिक संस्कृति और मूल्यों को दर्शाता है। मुझे विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी भविष्य में भी इसी प्रकार सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूँ।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/dps-ranchi-students-shine-in-jee-advanced-2026-snehal-raj-singh-air-635/article-22576</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/dps-ranchi-students-shine-in-jee-advanced-2026-snehal-raj-singh-air-635/article-22576</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:45:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-06/f8137ceb-f244-403f-9585-c088b30fb8b9_samridh_1200x720.jpeg"                         length="61716"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्री श्री विश्वविद्यालय में सप्ताहव्यापी वैदिक पंडित सम्मेलन, प्राचीन ज्ञान और आध्यात्मिकता का संगम</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा के कटक स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय में वैदिक धर्म संस्थान द्वारा सप्ताहव्यापी वैदिक पंडित सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। 26 मई 2026 तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश के 10 राज्यों से आए 75 पंडित भाग ले रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/education/sri-sri-university-vedic-pandit-conference-cuttack-2026/article-22069"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/fc9281e0-cde7-4bda-9845-8ba300cf87ea_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>कटक: </strong>प्रामाणिक वैदिक पूजा एवं होम परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वैदिक धर्म संस्थान द्वारा ओड़िशा के कटकस्थित श्री श्री विश्वविद्यालय में 26 मई 2026 तक सप्ताहव्यापी पंडित सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में संस्थान प्राचीन वैदिक ज्ञान को व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं आध्यात्मिक उत्थान के माध्यम से पुनर्जीवित करने के अपने मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। इस सम्मेलन में देश के 10 राज्यों से आए 75 पंडित भाग ले रहे हैं, जिससे यह आयोजन अध्ययन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं आध्यात्मिक समृद्धि का एक जीवंत मंच बन गया है।</p>
<p>श्री श्री विश्वविद्यालय के कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य जी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने आज के तेजी से बदलते समय में वैदिक अनुष्ठानों की शुद्धता एवं प्रामाणिकता को बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।</p>
<p>पिछले एक वर्ष में वैदिक धर्म संस्थान देश के विभिन्न भागों में ऐसे चार सफल सम्मेलनों का आयोजन कर चुका है तथा इस वर्ष का यह प्रतिष्ठित सम्मेलन ओडिशा में आयोजित किया जा रहा है। पंडित सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंडितों को पारंपरिक वैदिक पद्धति के अनुसार पूजा, होम, वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पवित्र अनुष्ठानों के प्रामाणिक वैदिक तरीकों का प्रशिक्षण प्रदान करना है।</p>
<p>प्रतिभागियों को वैदिक मंत्रों, शुद्ध उच्चारण, अनुष्ठान प्रक्रियाओं तथा उनके गहन आध्यात्मिक महत्व पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम को समग्र आयाम प्रदान करते हुए प्रतिभागी द आर्ट ऑफ लिविंग हैप्पीनेस प्रोग्राम एवं सहज समाधि ध्यान कार्यक्रम में भी भाग ले रहे हैं।</p>
<p>इन सत्रों के माध्यम से वे सुदर्शन क्रिया जैसी शक्तिशाली लयबद्ध श्वास तकनीक तथा सहज समाधि ध्यान जैसी प्रभावशाली ध्यान पद्धति सीख रहे हैं, जो मानसिक स्पष्टता, आंतरिक शांति एवं भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा देती है।</p>
<p>इस सम्मेलन का उद्देश्य केवल वैदिक मंत्रोच्चारण एवं अनुष्ठानों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता को बढ़ाना ही नहीं, बल्कि सहभागी पंडितों के समग्र स्वास्थ्य, सजगता एवं आध्यात्मिक गहराई को भी विकसित करना है।</p>
<p>प्राचीन ज्ञान को व्यावहारिक कल्याण तकनीकों के साथ जोड़कर यह पहल समाज के लिए आध्यात्मिक रूप से सशक्त एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध वैदिक आचार्यों का निर्माण करने का प्रयास कर रही है। पूरे कार्यक्रम का सफल एवं सुचारु संचालन सूरज द्वारा समन्वित किया जा रहा है, जो सम्मेलन के सभी सत्रों एवं गतिविधियों का कुशलतापूर्वक प्रबंधन कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/education/sri-sri-university-vedic-pandit-conference-cuttack-2026/article-22069</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/news/education/sri-sri-university-vedic-pandit-conference-cuttack-2026/article-22069</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 17:57:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/fc9281e0-cde7-4bda-9845-8ba300cf87ea_samridh_1200x720.jpeg"                         length="53333"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांव के युवाओं के लिए वरदान बना ब्रेन टेक कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर, कंप्यूटर सीख ग्रामीण युवा बदल रहे अपना भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[गिरिडीह के चतरो देवरी स्थित ब्रेन टेक कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर ग्रामीण युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। यहां विभिन्न रोजगारपरक कंप्यूटर कोर्स के माध्यम से छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/brain-tech-computer-training-center-giridih-chatro-education-news/article-22049"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/1000171839_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>गिरिडीह</strong>: गिरिडीह के साँखो रोड चतरो देवरी स्थित ब्रेन टेक कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। संस्थान में बेसिक कंप्यूटर, टैली प्राइम विथ Gst, ग्राफिक डिजाइन, वेब डिजाइनिंग, हार्डवेयर-नेटवर्किंग , एडवांस एक्सेल, DCA, ADCA+, HDCA, एवं प्रोग्रामिंग जैसे रोजगारपरक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।</p>
<p><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/chatgpt-image-may-22,-2026,-09_35_09-am.png" alt="" width="1448" height="1086"></img></p>
<p>साथ ही साथ चिप लेवल हार्डवेयर, लैपटॉप एवं प्रिंटर बनाना सीखकर युवा स्वरोजगार करके 50 हजार  से एक लाख तक का इनकम  प्रतिमाह कर सकते हैं।</p>
<h4><strong>प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर विशेष जोर</strong></h4>
<p>संस्थान में छात्रों को थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है, जिससे उन्हें तकनीकी कार्यों की बेहतर जानकारी मिल रही है।</p>
<p><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/1000171857_samridh_1200x720.jpeg" alt="" width="1200" height="720"></img></p>
<p>ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को अब कंप्यूटर शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।</p>
<h4><strong>रोजगार के बढ़ रहे अवसर</strong></h4>
<p>संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कई छात्र एवं छात्राएं निजी संस्थानों एवं दुकानों में कार्य भी शुरू कर रहे हैं।</p>
<p><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/img-20260522-wa0012.jpg" alt="IMG-20260522-WA0012" width="1600" height="720"></img></p>
<p>छात्रों को करियर गाइडेंस एवं जॉब असिस्टेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।</p>
<h4><strong>क्या बोले संचालक वीरेंद्र विश्वकर्मा</strong></h4>
<p>संस्था के संचालक वीरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा, “आज के समय में कंप्यूटर शिक्षा बेहद जरूरी हो गई है। हमारा प्रयास है कि गांव के छात्र भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।”</p>
<p><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/img-20260522-wa0016.jpg" alt="IMG-20260522-WA0016" width="1600" height="1200"></img></p>
<h4><strong>युवाओं में बढ़ रही रुचि</strong></h4>
<p>क्षेत्र के अभिभावकों एवं युवाओं में कंप्यूटर शिक्षा के प्रति लगातार रुचि बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण केंद्र युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/brain-tech-computer-training-center-giridih-chatro-education-news/article-22049</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/brain-tech-computer-training-center-giridih-chatro-education-news/article-22049</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:03:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/1000171839_samridh_1200x720.jpeg"                         length="51292"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anshika Ambasta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPSC Exam Tips: 85-90 सवाल करें अटेंप्ट? डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने बताए सफलता के 4 मंत्र</title>
                                    <description><![CDATA[UPSC Exam Tips: यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 24 मई 2026 को आयोजित होने जा रही है। संघ लोक सेवा आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर एडमिट कार्ड डाउनलोड का लिंक सक्रिय कर दिया है। यह परीक्षा लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक निर्णायक मोड़ है, इसलिए हर कदम सोच-समझकर रखना जरूरी है। खासतौर पर जो उम्मीदवार पहली बार यह परीक्षा दे रहे हैं, उनके लिए दृष्टि IAS के संस्थापक और जाने-माने शिक्षक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति द्वारा बताई गई ये 4 अहम बातें बेहद उपयोगी साबित हो सकती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/education/upsc-prelims-2026-dr-vikas-divyakirti-4-exam-tips-how-many-questions-attempt/article-21615"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/untitled-design-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><a href="https://upsc.gov.in/index.php"><strong>UPSC Exam Tips in Hindi:</strong> </a>यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन और सम्मानजनक परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल IAS, IPS, IFS, IRS सहित विभिन्न सिविल सेवाओं के लिए लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं। परीक्षा से ठीक पहले डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने <a href="https://upsc.gov.in/index.php">अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक</a> वीडियो<a href="https://upsconline.nic.in/"> के माध्यम से प्रीलिम्स देने जा रहे उम्मीदवारों के लिए 4 मुख्य सुझाव साझा किए हैं।</a></p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>1. <a href="https://upsc.gov.in/index.php">कितने सवाल अटेंप्ट करने चाहिए?</a></strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">डॉ. विकास ने GS पेपर को लेकर स्पष्ट राय रखी है। उनका कहना है कि केवल उन्हीं सवालों तक सीमित न रहें जिनके उत्तर आपको शत-प्रतिशत पता हैं। बहुत से अभ्यर्थी नेगेटिव मार्किंग के भय से जरूरत से ज्यादा सावधान हो जाते हैं और कई सवाल छोड़ देते हैं। लेकिन यह रणनीति नुकसानदेह हो सकती है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">उनके अनुसार, अगर एलिमिनेशन तकनीक का सही इस्तेमाल किया जाए तो एक गलत उत्तर से होने वाला नुकसान एक सही उत्तर के फायदे से कम रहता है। इस गणित को समझते हुए उम्मीदवारों को 85 से 90 सवाल अटेंप्ट करने का लक्ष्य रखना चाहिए।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><a href="https://upsc.gov.in/index.php"><strong>2. कौन-से सवाल अटेंप्ट करें, कौन-से छोड़ें?</strong></a></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">जिन सवालों के उत्तर स्पष्ट रूप से पता हों, उन्हें बिना झिझक हल करें। लेकिन जब उत्तर को लेकर संशय हो, तब एलिमिनेशन तकनीक काम आती है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><a href="https://upsc.gov.in/index.php">डॉ. विकास के अनुसार:</a></p>
<ul class="[li_&amp;]:mb-0 [li_&amp;]:mt-1 [li_&amp;]:gap-1 [&amp;:not(:last-child)_ul]:pb-1 [&amp;:not(:last-child)_ol]:pb-1 list-disc flex flex-col gap-1 pl-8 mb-3">
<li class="font-claude-response-body whitespace-normal break-words pl-2">यदि चार विकल्पों में से दो गलत लग रहे हों — तो उस सवाल को जरूर अटेंप्ट करें।</li>
<li class="font-claude-response-body whitespace-normal break-words pl-2">यदि केवल एक विकल्प गलत लग रहा हो — तो जोखिम उठा सकते हैं, लेकिन यह आपकी व्यक्तिगत क्षमता पर निर्भर करता है।</li>
<li class="font-claude-response-body whitespace-normal break-words pl-2">यदि कोई भी विकल्प eliminate नहीं हो पा रहा — <a href="https://upsc.gov.in/index.php">तो उस सवाल को छोड़ देना ही समझदारी है।</a></li>
</ul>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><a href="https://upsc.gov.in/index.php"><strong>3. सवाल पढ़ने और हल करने की सही रणनीति</strong></a></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">पहली बार परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के लिए समय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसलिए डॉ. विकास की सलाह है कि जो सवाल आपके अध्ययन क्षेत्र से बाहर लगे या जिनमें <a href="https://upsc.gov.in/index.php">समय ज्यादा लग रहा हो, उन पर अटके बिना आगे बढ़ें।</a></p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><a href="https://upsc.gov.in/index.php">जिन विषयों की तैयारी मजबूत हो, उन्हीं से शुरुआत करें।</a> चाहे <a href="https://upsconline.nic.in/">पेपर पहले प्रश्न से न शुरू कर</a>के 21वें प्रश्न से ही क्यों न करना पड़े। उम्मीदवार अपना पसंदीदा विषय पहले हल कर सकते हैं। इसके साथ ही सवाल को ध्यान से और पूरा पढ़ें क्योंकि जल्दबाजी में सवाल गलत समझ लेने से सही जानकारी होने के बावजूद उत्तर गलत हो जाता है।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><a href="https://upsc.gov.in/index.php"><strong>4. CSAT को हल्के में न लें</strong></a></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">कई उम्मीदवार CSAT यानी पेपर-2 को गंभीरता से नहीं लेते, जो बड़ी भूल है। डॉ. विकास ने इस पर विशेष ध्यान देने को कहा है।</p>
<ul class="[li_&amp;]:mb-0 [li_&amp;]:mt-1 [li_&amp;]:gap-1 [&amp;:not(:last-child)_ul]:pb-1 [&amp;:not(:last-child)_ol]:pb-1 list-disc flex flex-col gap-1 pl-8 mb-3">
<li class="font-claude-response-body whitespace-normal break-words pl-2">यदि गणित और रीजनिंग में अच्छी पकड़ है- तो इन्हें पहले हल करें, कॉम्प्रिहेंशन का दबाव कम रहेगा।</li>
<li class="font-claude-response-body whitespace-normal break-words pl-2">यदि गणित कमजोर है- तो कॉम्प्रिहेंशन और रीजनिंग को मिलाकर हल करें। गणित के सवाल करें और बीच-बीच में कॉम्प्रिहेंशन के सवाल अटेंप्ट करते रहें।</li>
<li class="font-claude-response-body whitespace-normal break-words pl-2">लगातार कॉम्प्रिहेंशन पढ़ते <a href="https://upsc.gov.in/index.php">रहने से एकाग्रता टूट सकती है और गति भी धीमी पड़ सकती है।</a></li>
</ul>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">इस मिश्रित रणनीति से सटीकता और गति दोनों बेहतर होती हैं। साथ ही डॉ. विकास ने यह भी कहा कि परीक्षा से पहले के अंतिम दिनों में भरपूर नींद लें, कोई नया विषय न पढ़ें और सिर्फ रिवीजन पर ध्यान दें ताकि मानसिक तनाव न रहे।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><a href="https://upsc.gov.in/index.php"><strong>अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)</strong></a></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>1.<a href="https://upsc.gov.in/index.php"> UPSC CSE का पूरा नाम क्या है?</a></strong> UPSC का पूर्ण रूप यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन अर्थात संघ लोक सेवा आयोग है। CSE का पूर्ण रूप सिविल सर्विस एग्जामिनेशन है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>2. <a href="https://upsc.gov.in/index.php">UPSC सिविल सेवा में चयन कैसे होता है</a>?</strong> चयन तीन चरणों में होता है — प्रीलिम्स परीक्षा, मेन्स परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू)। तीनों में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>3. 2026 में UPSC प्रीलिम्स कब है?</strong> संघ लोक सेवा आयोग द्वारा CSE प्रीलिम्स 2026 की परीक्षा 24 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। एडमिट कार्ड आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>4. <a href="https://upsc.gov.in/index.php">UPSC एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें?</a></strong> सबसे पहले <a href="https://upsconline.nic.in/">upsc.gov.in</a> पर जाएं। होमपेज पर <a href="https://upsconline.nic.in/">'What's New' सेक्शन में 'e-Admit Card: Civil Services</a> <a href="https://upsconline.nic.in/">(Preliminary) Examination 2026' </a>लिंक पर क्लिक करें। नए पेज पर अपना मोबाइल नंबर, रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और URN नंबर दर्ज करें। एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा — इसे डाउनलोड कर प्रिंट करा लें।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>5. UPSC CSE 2026 में कितनी वैकेंसी हैं?</strong><a href="https://upsconline.nic.in/"> इस वर्ष यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा</a> 2026 के माध्यम से कुल 933 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। विस्तृत जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/education/upsc-prelims-2026-dr-vikas-divyakirti-4-exam-tips-how-many-questions-attempt/article-21615</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/news/education/upsc-prelims-2026-dr-vikas-divyakirti-4-exam-tips-how-many-questions-attempt/article-21615</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:51:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/untitled-design-%283%29.jpg"                         length="124906"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CBSE 12वीं रिजल्ट 2026: मानसी तिवारी ने 95.8% अंक हासिल कर सेंट जेवियर्स स्कूल में किया टॉप</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 में सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल, कोरबा के विद्यार्थियों ने शानदार सफलता हासिल की। छात्रा मानसी तिवारी ने 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में पहला स्थान हासिल किया। वहीं आर्यन सिंह ने जियोग्राफी विषय में पूरे 100 अंक हासिल कर विशेष उपलब्धि दर्ज की। स्कूल के कई विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जिससे विद्यालय और कोरबा शहर में खुशी का माहौल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/education/cbse-12th-result-2026-mansi-tiwari-topped-st-xaviers-school/article-21332"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/d0dc1b20ee4624f1612908bd133b5078_1063599918.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Mansi Tiwari Topper:</strong> सीबीएसई बोर्ड द्वारा बुधवार को घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय और कोरबा शहर का नाम रोशन किया है। विद्यालय के कई विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट सफलता हासिल की।<br />इस वर्ष विद्यालय की छात्रा मानसी तिवारी ने 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। मानसी की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। इसके अलावा अन्य मेधावी विद्यार्थियों में आर्यन सिंह ने 92.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। आर्यन सिंह ने जियोग्राफी विषय में पूरे 100 अंक हासिल कर विशेष उपलब्धि दर्ज की। वहीं रिद्धि पटेल ने 90 प्रतिशत, आयुषी साहू ने 89.60 प्रतिशत और आदित्य कुमार ने 89.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।<br /><br />विद्यालय प्रबंधन के अनुसार इस वर्ष कक्षा 12वीं में विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के कुल 110 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से 5 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 35 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। इसके अलावा 41 विद्यार्थियों ने 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए और अन्य विद्यार्थियों का भी प्रदर्शन सराहनीय रहा।<br /><br />परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और उत्साहपूर्वक सफलता का जश्न मनाया। विद्यार्थियों की इस सफलता पर विद्यालय के चेयरमैन प्रमोद झा, डायरेक्टर प्रांजल झा, मैनेजर डॉ. डी.के. आनंद तथा प्रभारी प्राचार्या रीता मुखर्जी ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।<br /><br />विद्यालय प्रबंधन ने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन, अभिभावकों के सहयोग और विद्यालय की अनुशासित शिक्षा प्रणाली को दिया। साथ ही कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/education/cbse-12th-result-2026-mansi-tiwari-topped-st-xaviers-school/article-21332</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/news/education/cbse-12th-result-2026-mansi-tiwari-topped-st-xaviers-school/article-21332</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:57:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/d0dc1b20ee4624f1612908bd133b5078_1063599918.jpg"                         length="123795"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साधारण शुरुआत, बड़ा मुकाम... ऐसे बने सुदर्शन गुर्जर लाखों UPSC छात्रों की प्रेरणा</title>
                                    <description><![CDATA[सुदर्शन गुर्जर आज UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच एक लोकप्रिय भूगोल शिक्षक के रूप में पहचाने जाते हैं। उन्होंने कठिन विषय को आसान और रोचक तरीके से पढ़ाकर लाखों छात्रों का भरोसा जीता है। सरल भाषा, मानचित्र और उदाहरणों के जरिए पढ़ाने की उनकी शैली ने उन्हें खास पहचान दिलाई। हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए वे उम्मीद और प्रेरणा का बड़ा नाम बन चुके हैं। उनकी सफलता की कहानी मेहनत, धैर्य और निरंतरता की मिसाल मानी जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/article/success-story/sudarshan-gurjar-success-story-upsc-geography-teacher-biography/article-21330"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/dsdsds.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>समृद्ध भारत डेस्क:</strong> कुछ लोग केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि अपने अंदाज़ से हजारों छात्रों की सोच बदल देते हैं। सुदर्शन गुर्जर भी ऐसे ही नामों में शामिल हैं। आज वे UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच एक लोकप्रिय शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं। खासतौर पर भूगोल को जिस आसान, रोचक और याद रहने वाले तरीके से वे समझाते हैं, उसने उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिलाई है।</p>
<p>उनकी कहानी किसी चमकदार शुरुआत की कहानी नहीं है, बल्कि लगातार मेहनत, धैर्य और अपने काम पर भरोसा रखने की कहानी है। यही वजह है कि वे आज केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/DSFhqcxEvvR/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==">https://www.instagram.com/p/DSFhqcxEvvR/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<h4><strong>जब कठिन विषय भी आसान लगने लगे</strong></h4>
<p>UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भूगोल अक्सर ऐसा विषय माना जाता है, जिसे समझना तो जरूरी है, लेकिन याद रखना उससे भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। सुदर्शन गुर्जर ने इसी चुनौती को अपनी ताकत बना लिया।</p>
<p>उन्होंने पढ़ाने का ऐसा तरीका चुना, जिसमें मानचित्र, उदाहरण और सरल भाषा का इस्तेमाल होता है। नतीजा यह हुआ कि जो विषय पहले भारी लगता था, वही छात्रों को दिलचस्प लगने लगा। यही एक शिक्षक की सबसे बड़ी जीत होती है, जब छात्र डर की जगह समझ के साथ पढ़ने लगें।</p>
<h4><strong>मेहनत ने बनाई अलग पहचान</strong></h4>
<p>हर सफल व्यक्ति के पीछे एक लंबा सफर होता है, और सुदर्शन गुर्जर का सफर भी इससे अलग नहीं है। उन्होंने अपने काम को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की तरह निभाया। लगातार पढ़ाना, छात्रों की कठिनाइयों को समझना और विषय को आसान बनाते जाना, यही उनकी पहचान बन गई।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/DXrVdwlDLA2/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==">https://www.instagram.com/reel/DXrVdwlDLA2/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<p>आज उनकी लोकप्रियता सिर्फ इसलिए नहीं है कि वे पढ़ाते अच्छे हैं, बल्कि इसलिए भी है कि वे छात्रों की मानसिकता को समझते हैं। वे जानते हैं कि तैयारी कर रहे एक छात्र को सिर्फ किताब नहीं, भरोसा भी चाहिए।</p>
<h4><strong>हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए उम्मीद की तरह</strong></h4>
<p>सुदर्शन गुर्जर की खास बात यह है कि वे हिंदी माध्यम के छात्रों के बीच बेहद भरोसेमंद नाम बन गए हैं। उनकी भाषा सरल है, तरीका साफ है और अंदाज़ ऐसा है कि छात्र उन्हें सुनते-सुनते विषय से जुड़ जाते हैं।</p>
<p>ऐसे दौर में जब बहुत सारे विद्यार्थी संसाधनों की कमी या भाषा की बाधा से जूझते हैं, सुदर्शन गुर्जर जैसे शिक्षक उन्हें यह एहसास कराते हैं कि सफलता के लिए शानदार शुरुआत जरूरी नहीं, मजबूत इरादा जरूरी है।</p>
<h4><strong>सफलता का असली संदेश</strong></h4>
<p>सुदर्शन गुर्जर की कहानी सिर्फ एक शिक्षक की सफलता नहीं है। यह उस सोच की जीत है, जिसमें साधारण शुरुआत भी असाधारण परिणाम दे सकती है। उनकी यात्रा यह सिखाती है कि अगर इंसान अपने काम को पूरी ईमानदारी, निरंतरता और जुनून के साथ करे, तो पहचान अपने आप बनती है।</p>
<p>आज वे उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन रास्ता नहीं जानते। उनकी कहानी कहती है कि रास्ते हमेशा तैयार नहीं मिलते, कई बार उन्हें मेहनत से बनाना पड़ता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सक्सेस स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/article/success-story/sudarshan-gurjar-success-story-upsc-geography-teacher-biography/article-21330</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/article/success-story/sudarshan-gurjar-success-story-upsc-geography-teacher-biography/article-21330</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:04:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/dsdsds.jpg"                         length="216744"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Giridih News: लंगटा बाबा इंटर कॉलेज मिर्जागंज के विद्यार्थियों ने जैक परीक्षा में लहराया परचम</title>
                                    <description><![CDATA[गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड स्थित लंगटा बाबा इंटर कॉलेज मिर्जागंज के विद्यार्थियों ने जैक इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय में कई छात्रों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर कॉलेज का नाम रोशन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/students-of-langta-baba-inter-college-mirzaganj-hoisted-the-flag/article-21158"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/29d755dc-41ad-41b8-aca9-b0283521aead_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>गिरिडीह:</strong> जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत लंगटा बाबा इंटर कॉलेज मिर्जागंज ने जैक इंटरमीडिएट परीक्षा सत्र 2024-26 में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सफलता का परचम लहराया है। वर्ष 2026 के इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में कॉलेज के विद्यार्थियों ने शानदार सफलता हासिल की।</p>
<h3><strong>कला संकाय में पूजा और कोमल बनीं टॉपर</strong></h3>
<p>कला संकाय में पूजा कुमारी और कोमल कुमारी ने 77.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। रोशनी खातून ने 77.2 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान और इश्वरी कुमारी ने 76.8 प्रतिशत अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा अशोक सोरेन (75%), सुजल कुमार साव (74.8%), अफरीन ताज (74.6%), रेतिमा कुमारी (73.8%), बादल कुमार वर्मा (73.8%), रानी कुमारी (73.6%), भारती कुमारी (73.2%) और मानसी कुमारी (72.2%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।</p>
<h3><strong>विज्ञान संकाय में दिनेश कुमार वर्मा अव्वल</strong></h3>
<p>विज्ञान संकाय में दिनेश कुमार वर्मा ने 82.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कॉलेज टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। अनिष अंसारी ने 80.2 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान और आरजू फातमा ने 78.8 प्रतिशत अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सहजादी खातून (78.2%), मनीष सिंह (76.8%), अलिना खान (76.2%), आकाश कुमार यादव (76.2%), नरगिस प्रवीण (75.8%), संदीप कुमार (75.8%), ललन कुमार (75.8%), विशाल कुमार (75.6%), सेतु कुमार सिन्हा (74.8%) और मो. असलम अंसारी (74.6%) ने भी बेहतर प्रदर्शन किया।</p>
<h3><strong>वाणिज्य संकाय में सुमित कुमार टुडू टॉपर</strong></h3>
<p>वाणिज्य संकाय में सुमित कुमार टुडू ने 74.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। रोशन कुमार ने 61.6 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान और नेक मोहम्मद ने 60 प्रतिशत अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, ओमनेश कुमार राणा ने 57 प्रतिशत और वाहिद ऊंखारी ने 51 प्रतिशत अंक हासिल किए।</p>
<p>कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों की सफलता का श्रेय उनकी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के आशीर्वाद को दिया।</p>
<p>कॉलेज के सचिव <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">रघुनाथ महतो</span></span>, प्राचार्य <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">निर्मल कुमार राय</span></span>, सदस्य <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">सुरेन्द्र राम</span></span>, शिक्षक प्रतिनिधि <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">राजेश कुमार गौतम</span></span> तथा प्रधान लिपिक <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">विकाश कुमार</span></span> समेत कॉलेज के शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर खुशी जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/students-of-langta-baba-inter-college-mirzaganj-hoisted-the-flag/article-21158</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/students-of-langta-baba-inter-college-mirzaganj-hoisted-the-flag/article-21158</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:39:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/29d755dc-41ad-41b8-aca9-b0283521aead_samridh_1200x720.jpeg"                         length="54105"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>JAC 12th Result 2026: झारखंड बोर्ड ने जारी किया इंटर रिजल्ट, टॉपर्स को मिलेंगे लाखों रुपये, लैपटॉप और मोबाइल</title>
                                    <description><![CDATA[JAC ने 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। राज्य के टॉपर्स को सरकार की ओर से लाखों रुपये, लैपटॉप और मोबाइल पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jac-12th-result-2026-out-jharkhand-board-toppers-list-cash-prize-laptop-mobile-reward/article-21001"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/dfdsf.webp" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>रांची: </strong> <a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jac-12th-result-2026-out-jharkhand-board-inter-result-direct-link-check-online-jac-12th-result-out-yaha-kare-sidha-result-check-jharkhand-board-2026/article-21000">झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC)</a> ने 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष परीक्षा में बैठे सभी विद्यार्थी JAC की आधिकारिक वेबसाइट पर<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jac-12th-result-2026-out-jharkhand-board-inter-result-direct-link-check-online-jac-12th-result-out-yaha-kare-sidha-result-check-jharkhand-board-2026/article-21000"> जाकर अपना रिजल्ट देख और डाउनलोड कर सकते हैं। </a>बोर्ड ने परिणाम स्ट्रीम के अनुसार जारी किया है। रिजल्ट के साथ ही पूरे झारखंड में टॉप करने वाले मेधावी छात्रों के नामों की भी घोषणा की गई है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jac-12th-result-2026-out-jharkhand-board-inter-result-direct-link-check-online-jac-12th-result-out-yaha-kare-sidha-result-check-jharkhand-board-2026/article-21000">राज्य स्तर पर टॉप करने वाले छात्रों को सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा और उन्हें नकद इनाम सहित अन्य पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।</a></p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>टॉपर्स को मिलेगी इतनी धनराशि</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jac-12th-result-2026-out-jharkhand-board-inter-result-direct-link-check-online-jac-12th-result-out-yaha-kare-sidha-result-check-jharkhand-board-2026/article-21000">झारखंड बोर्ड 12वीं के टॉपर्स को राज्य सरकार की तरफ से नकद राशि</a>, लैपटॉप और <a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jac-12th-result-2026-out-jharkhand-board-inter-result-direct-link-check-online-jac-12th-result-out-yaha-kare-sidha-result-check-jharkhand-board-2026/article-21000">मोबाइल फोन दिया जाएगा</a>। <a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jac-12th-result-2026-out-jharkhand-board-inter-result-direct-link-check-online-jac-12th-result-out-yaha-kare-sidha-result-check-jharkhand-board-2026/article-21000">बीते वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 3 लाख रुपये नकद,</a> लैपटॉप और मोबाइल से नवाजा गया था। वहीं द्वितीय स्थान पाने वाले छात्र को 2 लाख रुपये नकद के साथ लैपटॉप और मोबाइल दिया गया था। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख रुपये नकद, लैपटॉप और मोबाइल प्रदान किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jac-12th-result-2026-out-jharkhand-board-toppers-list-cash-prize-laptop-mobile-reward/article-21001</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jac-12th-result-2026-out-jharkhand-board-toppers-list-cash-prize-laptop-mobile-reward/article-21001</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:54:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-05/dfdsf.webp"                         length="111042"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        