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                <title>राष्ट्रीय - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>राष्ट्रीय RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, TMC कार्यकर्ताओं को दिए सख्त निर्देश, देखें वीडियो </title>
                                    <description><![CDATA[ममता ने यह भी दावा किया कि यह सब भारतीय जनता पार्टी के दबाव में हो रहा है, और कुछ मतगणना केंद्रों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित की गई। उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और एजेंट्स को साफ निर्देश दिया कि वे मतगणना केंद्रों पर अपनी जगह न छोड़ें और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/mamata-banerjee-alleges-slow-vote-counting-election-commission-bjp-pressure-bengal-election-results/article-20944"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/screenshot-2026-05-04-141403.png" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>कोलकाता: </strong>पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मतगणना के दौरान चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना की प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के दौरान तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक महत्वपूर्ण बयान देकर सियासी हलचल मचा दी है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/MamataOfficial/status/2051198753743438245?s=20">https://twitter.com/MamataOfficial/status/2051198753743438245?s=20</a></blockquote>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">

</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि मतगणना प्रक्रिया को भाजपा के दबाव में धीमा किया जा रहा है और कई स्थानों पर गिनती पूरी तरह रोक दी गई है। उन्होंने दावा किया कि जमीनी रिपोर्ट के अनुसार अब तक केवल 13 प्रतिशत मतों की ही गणना हो पाई है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के सभी मतगणना एजेंट्स को सख्त हिदायत दी कि वे किसी भी हालत में अपना स्थान न छोड़ें और पूरी सतर्कता के साथ मतगणना प्रक्रिया पर नजर बनाए रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 14:15:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्री श्री विश्वविद्यालय में BIMSTEC युवा कार्यक्रम का भव्य समापन</title>
                                    <description><![CDATA[कटक स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय में आयोजित BIMSTEC युवा नेतृत्व कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। छह देशों के युवा प्रतिनिधियों ने भाग लेकर नवाचार, संस्कृति और वैश्विक सहयोग पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में एआई, सतत विकास, उद्यमिता और नेतृत्व पर गहन चर्चा हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/grand-finale-of-bimstec-youth-program-at-sri-sri-university/article-20942"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/a1873490-03c9-47a3-95f3-e712f0d7a141_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>कटक: </strong>ओड़िशा के कटकस्थित श्री श्री विश्वविद्यालय में आयोजित द्विदिवसीय बिम्सटेक युवा नेतृत्व आदान-प्रदान कार्यक्रम 30 अप्रैल 2026 को उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में बिम्सटेक सदस्य देशों- बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान के युवा प्रतिनिधियों ने भाग लेकर इसे एक जीवंत अंतरराष्ट्रीय संवाद का स्वरूप प्रदान किया। यह आयोजन विचारों, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत के आदान-प्रदान का सशक्त मंच बना, जिसने क्षेत्रीय सहयोग और युवा सहभागिता को नई ऊर्जा दी। कार्यक्रम की शुरुआत “नवोन्मेष प्रदर्शनी” से हुई, जिसमें विश्वविद्यालय की बहुआयामी क्षमताओं, नवाचार प्रयासों और सांस्कृतिक समृद्धि का आकर्षक प्रदर्शन किया गया।</p>
<p>प्रतिनिधियों ने एसडीजी पवेलियन (सस्टेनेबिलिटी शोकेस), कृषि एवं प्राकृतिक उत्पाद क्षेत्र, कला एवं संस्कृति गैलरी, छात्र उपलब्धि कोना, स्टार्टअप एवं नवाचार केंद्र, वास्तुकला एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी तथा आयुर्वेद एवं वेलनेस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इन प्रदर्शनों ने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शोध के संतुलित समन्वय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र में कर्मयोग निदेशक श्री जय चंद्रन ने जिज्ञासा, विस्मय और प्रश्न करने की भावना को नेतृत्व विकास का आधार बताया। विश्वविद्यालय की कुलाध्यक्षा प्रो. रजिता कुलकर्णी ने “ओडिशा का श्रेष्ठ विश्व तक और विश्व का श्रेष्ठ ओडिशा तक” की परिकल्पना को रेखांकित करते हुए प्रतिभागियों को विविध अनुभवों से सीखने और समाज के प्रति उत्तरदायी नेतृत्व विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य ने नवाचार, उद्यमिता, कौशल विकास और बहुसांस्कृतिक सहयोग को वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने के महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत किया।</p>
<p>दूसरे दिन “एआई के युग में नेतृत्व: विचारों से संस्थानों तक” विषय पर एक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में प्रो. रजिता कुलकर्णी ने अपने विचार साझा किए और डॉ. भारत दाश ने संचालन किया। चर्चा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भू-राजनीति, राष्ट्र-निर्माण और शिक्षा नेतृत्व की बदलती भूमिका पर सार्थक विमर्श हुआ। डॉ. दाश ने पूर्वी ज्ञान प्रणाली संकाय का परिचय देते हुए अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर भी प्रकाश डाला। डॉ. सत्यजीत आर्य ने “सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में विश्वविद्यालय की पहल और प्रभाव” विषय पर प्रस्तुति दी, जबकि काम्या मिश्रा ने नवाचार और उद्यमिता में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। “प्रभाव की कहानियाँ: युवा उद्यमी और परिवर्तनकर्ता” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में अभिनाश साहू, डॉ. बिश्वरंजन प्रधान और सुश्री निशिता बलियारसिंह ने अपने अनुभव साझा किए।</p>
<p>इस सत्र का संचालन भगवती प्रसाद पटनायक ने किया। कार्यक्रम के दौरान बिम्सटेक प्रतिनिधियों ने पेटेंट धारकों, शोधार्थियों, लेखकों और नवोन्मेषकों के साथ संवाद स्थापित किया, जिससे विचारों का आदान-प्रदान और सहयोग की संभावनाएँ और सशक्त हुईं। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. (डॉ.) केशरी सिंह, ज्योति रंजन गडनायक, डॉ. बुलबुल बॉबलिना, डॉ. नेहा, अक्षत शुभम, डॉ. ऋचा बघेल, सौरभ बावेजा, आस्था श्रीवास्तव, बिश्वप्रकाश परिड़ा, कौशिक कपूरिया, नवीन कुमार एवं अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में, विश्वविद्यालय की कुलाध्यक्षा प्रो. रजिता कुलकर्णी, कुलपति प्रो. (डॉ.) तेजप्रताप और कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 14:09:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या विजय और AIADMK तमिलनाडु में हाथ मिलाएंगे? रुझानों ने फिर जगाई गठबंधन की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>चेन्नई: </strong>TVK को शुरुआती रुझानों में 80 से अधिक सीटें मिलती दिख रही हैं, जिसने चेन्नई के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर गठबंधन की संभावनाओं पर बहस छेड़ दी है। लेकिन महीनों की तीखी बयानबाजी, सार्वजनिक इनकार और टूटी हुई बातचीत की पृष्ठभूमि में AIADMK और TVK का कोई भी संभावित गठबंधन बेहद कठिन राजनीतिक जमीन पर खड़ा होगा।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">दोनों दलों ने चुनाव से पहले आधिकारिक तौर पर एक-दूसरे के साथ किसी भी समझौते से साफ इनकार किया था। बावजूद इसके, TVK के पहले ही चुनाव में इस बड़े प्रदर्शन ने चुनाव के बाद के राजनीतिक समीकरणों को लेकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/will-vijay-and-aiadmk-join-hands-in-tamil-nadu-trends/article-20939"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/screenshot-2026-05-04-122705.png" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>चेन्नई: </strong>TVK को शुरुआती रुझानों में 80 से अधिक सीटें मिलती दिख रही हैं, जिसने चेन्नई के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर गठबंधन की संभावनाओं पर बहस छेड़ दी है। लेकिन महीनों की तीखी बयानबाजी, सार्वजनिक इनकार और टूटी हुई बातचीत की पृष्ठभूमि में AIADMK और TVK का कोई भी संभावित गठबंधन बेहद कठिन राजनीतिक जमीन पर खड़ा होगा।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">दोनों दलों ने चुनाव से पहले आधिकारिक तौर पर एक-दूसरे के साथ किसी भी समझौते से साफ इनकार किया था। बावजूद इसके, TVK के पहले ही चुनाव में इस बड़े प्रदर्शन ने चुनाव के बाद के राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>पर्दे के पीछे क्या हुआ?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखने वाले जानकारों के मुताबिक 2025 के अंत में AIADMK और TVK के बीच संभावित चुनावी तालमेल को लेकर अनौपचारिक बातचीत हुई थी। हालांकि यह बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। सूत्रों के अनुसार TVK ने गठबंधन के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी थीं — जिनमें गठबंधन की अगुवाई, विजय को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना और कुल 234 में से करीब आधी सीटें शामिल थीं। कई दशकों के अनुभव वाली AIADMK के लिए एक नवगठित दल को इतनी बड़ी भूमिका देना स्वीकार्य नहीं था, और बातचीत वहीं थम गई।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>सार्वजनिक मंच पर तीखी नोकझोंक</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">इसके बाद दोनों दलों ने अलग-अलग राह पकड़ी। AIADMK भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के करीब आ गई, जबकि TVK ने सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। मार्च 2026 में AIADMK प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने TVK के साथ किसी भी गठबंधन की संभावना को सार्वजनिक रूप से खारिज करते हुए इसे महज मीडिया की अटकलें बताया। TVK ने भी बार-बार यह स्पष्ट किया कि वह DMK और भाजपा-AIADMK दोनों से समान दूरी बनाए रखेगी।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>अब क्या होगा?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">अगर विधानसभा में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता और TVK बड़ी ताकत बनकर उभरती है, तो चुनाव के बाद के समीकरण उन चर्चाओं को जन्म दे सकते हैं जो पहले असंभव लगती थीं। लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को अपने-अपने कड़े रुख से काफी पीछे हटना होगा — AIADMK को विजय को लगभग बराबर का दर्जा देना होगा और TVK को अपने चुनावी संदेशों से पलटना होगा। फिलहाल यह राह आसान नहीं दिखती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:28:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु में किसकी बनेगी सरकार? TVK के उभार ने बिगाड़े सियासी समीकरण, रुझानों में त्रिशंकु विधानसभा के आसार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>चेन्नई: </strong>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों की घड़ी आ गई है और पूरे प्रदेश में सियासी सरगर्मी चरम पर है। आज सुबह से शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों ने सबको चौंका दिया है, अभिनेता विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है, जबकि सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) फिलहाल पीछे चल रही है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। हर जिले में प्रशासन और पुलिस बल की विशेष निगरानी में वोटों की गिनती चल रही है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे। भारत निर्वाचन आयोग के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/whose-government-will-be-formed-in-tamil-nadu-the-rise/article-20938"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/cccc.png" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>चेन्नई: </strong>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों की घड़ी आ गई है और पूरे प्रदेश में सियासी सरगर्मी चरम पर है। आज सुबह से शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों ने सबको चौंका दिया है, अभिनेता विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है, जबकि सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) फिलहाल पीछे चल रही है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। हर जिले में प्रशासन और पुलिस बल की विशेष निगरानी में वोटों की गिनती चल रही है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत EVM और VVPAT पर्चियों का मिलान करते हुए मतगणना की जा रही है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">राज्य में मुख्य मुकाबला DMK और AIADMK के बीच माना जा रहा था, लेकिन TVK के उभरते प्रदर्शन ने समीकरण बदल दिए हैं। कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर कांटे की टक्कर देखी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के नतीजे राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:11:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुझानों में पिछड़ीं ममता बनर्जी? चुनाव से पहले ही दिखी बेचैनी या रणनीतिक आक्रामकता, बंगाल में बदलता सियासी समीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पूरे प्रचार अभियान में TMC प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काफी तीखे तेवर में नजर आईं। चुनाव से पहले SIR विवाद हो या मतदान के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी, दीदी हर मुद्दे पर मोर्चा संभाले रहीं। उन्होंने राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती पर भी सवाल खड़े किए और मतदान के बाद स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर आरोप लगाए। बिजली कटौती और वाहनों की संदिग्ध आवाजाही का हवाला देते हुए उन्होंने EVM से छेड़छाड़ तक का दावा किया और बार-बार चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाए।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">सोमवार 4 मई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/mamata-banerjee-trailing-in-trends-bengal-election-2026-tmc-vs-bjp-political-analysis/article-20937"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/chatgpt-image-may-4,-2026,-11_56_14-am.jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पूरे प्रचार अभियान में TMC प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काफी तीखे तेवर में नजर आईं। चुनाव से पहले SIR विवाद हो या मतदान के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी, दीदी हर मुद्दे पर मोर्चा संभाले रहीं। उन्होंने राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती पर भी सवाल खड़े किए और मतदान के बाद स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर आरोप लगाए। बिजली कटौती और वाहनों की संदिग्ध आवाजाही का हवाला देते हुए उन्होंने EVM से छेड़छाड़ तक का दावा किया और बार-बार चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाए।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">सोमवार 4 मई को आ रहे मतगणना के शुरुआती रुझानों में TMC की स्थिति चिंताजनक दिख रही है। खुद ममता बनर्जी भवानीपुर सीट पर भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से कड़ी टक्कर में पिछड़ती नजर आ रही हैं। इन रुझानों को देखकर राजनीतिक विश्लेषक यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या दीदी को चुनाव से पहले ही अपनी स्थिति कमजोर होने का अहसास हो गया था और उनकी आक्रामकता उसी बेचैनी का परिणाम थी।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>तीन बार जीत दिलाई आक्रामकता ने</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">हालांकि तेज-तर्रार राजनीतिक शैली ममता बनर्जी की पहचान रही है। इसी जुझारू अंदाज के बल पर उन्होंने 2011, 2016 और 2021 में लगातार तीन बार बंगाल की सत्ता हासिल की। लेकिन इस बार मतदान के बाद भी उनके लगातार हमलों ने यह संकेत दे दिया था कि दीदी इस बार के नतीजों को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">रुझानों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है। अगर यही तस्वीर अंतिम नतीजों में भी बनी रही, तो ममता बनर्जी का राजनीतिक सफर यहीं नहीं थमेगा, वे अपने चिरपरिचित लड़ाकू अंदाज के साथ विपक्ष में भी एक मजबूत आवाज बनकर उभरेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 11:58:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bengal Siliguri Corridor: ‘चिकन नेक’ बना नेपाल के गले की फांस? चुनाव नतीजों पर टिकी बालेन शाह की नजर!</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भारत-नेपाल सीमा और घुसपैठ का मुद्दा प्रमुख रहा, खासकर पानीटंकी बॉर्डर और सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/west-bengal/bengal-election-2026-siliguri-corridor-chicken-neck-india-nepal-border-security-panitanki-balen-shah-impact/article-20936"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/chatgpt-image-may-4,-2026,-11_39_11-am.jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>नई दिल्ली:</strong> पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सीमा सुरक्षा और घुसपैठ का मुद्दा केंद्र में रहा। इसी संदर्भ में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पश्चिम बंगाल का पानीटंकी शहर खासा चर्चा में है। दार्जिलिंग जिले में बसा यह सीमावर्ती कस्बा नेपाल के झापा जिले के काकड़भिट्टा से सटा हुआ है और दोनों देशों के बीच व्यापार का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर की निकटता के कारण यह इलाका आवागमन और व्यापार दोनों लिहाज से बेहद अहम है। यही वजह है कि बंगाल चुनाव के नतीजे नेपाल के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>पानीटंकी: व्यापार का अहम द्वार</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">भारत-नेपाल सीमा पर पानीटंकी एक सक्रिय लैंड पोर्ट के रूप में जाना जाता है। यहां से भारत की ओर से कोयला, जूट, सीमेंट तथा फल-सब्जियां नेपाल भेजी जाती हैं, जबकि नेपाल से चाय, अदरक, प्लाईवुड और सिंथेटिक धागे भारत आते हैं। यह स्थान राष्ट्रीय राजमार्ग NH-327 और एशियाई राजमार्ग AH-2 से जुड़ा हुआ है। कुछ समय पहले नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान इसी सीमा के पास सैकड़ों मालवाहक वाहन फंस गए थे, जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उस दौर में नेपाल में सत्ता परिवर्तन हुआ और एक नई सरकार सत्ता में आई।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>SSB और राज्य पुलिस के हाथों में सुरक्षा</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">पानीटंकी सीमा क्षेत्र की निगरानी सशस्त्र सीमा बल और राज्य पुलिस मिलकर करते हैं। चेकपोस्ट प्रबंधन से लेकर आवागमन नियंत्रण तक की जिम्मेदारी इन्हीं बलों पर है। भारतीय नागरिकों को नेपाल जाने के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन हालिया अस्थिरता के चलते सुरक्षा जांच को और कड़ा किया गया था। कुछ समय के लिए सीमा पर आवाजाही बाधित रही, हालांकि अब स्थिति सामान्य हो चुकी है।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>सिलीगुड़ी कॉरिडोर की वजह से संवेदनशील</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">पानीटंकी उस भौगोलिक क्षेत्र के करीब है जिसे भारत का "चिकन नेक" कहा जाता है — यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जो पूर्वोत्तर भारत को देश के शेष हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र भूमि पट्टी है। यह सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। पश्चिम बंगाल के फांसिदेवा इलाके के निकट स्थित यह बॉर्डर क्रॉसिंग पॉइंट द्विपक्षीय संबंधों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशन में SSB भारत और नेपाल के बीच करीब 1,751 किलोमीटर लंबी सीमा की रखवाली करता है, जो पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम से गुजरती है। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार सभी सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है और बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>पश्चिम-बंगाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 11:40:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एग्जिट पोल ‘कॉपी-पेस्ट’ हैं, इन पर भरोसा नहीं कर सकते: भूपेश बघेल का बड़ा बयान, मतगणना से पहले सियासी बयानबाजी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने असम विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल को अविश्वसनीय बताते हुए कहा कि ये आंकड़े अक्सर सही साबित नहीं होते।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/bhupesh-baghel-says-exit-polls-are-copy-paste-not-reliable-before-assembly-election-counting/article-20921"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/120ec06547b1a793265c8b0af50415c4_257230346.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गुवाहाटी: </strong>छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने असम विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर सवाल उठाते हुए उन्हें अविश्वसनीय बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे पूर्वानुमान अक्सर सही साबित नहीं होते।</p>
<p>गुवाहाटी में आयोजित विपक्षी दलों के एक भोज कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया। मतगणना से पहले पार्टी की तैयारियों को लेकर कांग्रेस उम्मीदवारों और नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में डीके शिवकुमार और राज्य नेतृत्व भी मौजूद रहे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह बैठक आगामी 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले रणनीति तय करने के उद्देश्य से की जा रही है। एग्जिट पोल में भाजपा-नीत एनडीए को बढ़त दिखाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि ये आंकड़े पहले की तरह ही ‘कॉपी-पेस्ट’ हैं और इन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।</p>
<p>पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में पुनर्मतदान के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि विपक्षी दल शुरू से ही सतर्क रहे, जिसके कारण किसी भी तरह की कथित अनियमितताओं को रोका जा सका।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना 4 मई को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 17:45:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल से लौट रही 12 वर्षीय छात्रा को ओवरलोड ट्रक ने मारी टक्कर, दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[हरिद्वार के लक्सर में स्कूल से लौट रही 12 वर्षीय छात्रा को ओवरलोड ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/school-girl-killed-in-road-accident-overloaded-truck-hit-student-in-laksar-haridwar/article-20920"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-04/aciident_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हरिद्वार: </strong>लक्सर में तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। बहादुरपुर में स्कूल से घर लौट रही कक्षा 6 की 12 वर्षीय छात्रा दिव्या की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं स्थानीय लोगों में पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश है।</p>
<p>बताया गया कि दिव्या रोज की तरह स्कूल की छुट्टी के बाद अपने दादा के साथ बाइक से घर लौट रही थी। बहादुरपुर मार्ग पर पीछे से आए तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दिव्या गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसके दादा को मामूली चोटें आईं।</p>
<p>परिजन आनन-फानन में दिव्या को अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मासूम ने दम तोड़ दिया। एक पल में परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।</p>
<p>हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि स्कूल समय में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के बावजूद आखिर ट्रक सड़क पर कैसे दौड़ रहे थे? स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ढिलाई और कमजोर निगरानी के कारण ओवरलोड व तेज रफ्तार वाहन बेखौफ सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।</p>
<p>लोगों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई अक्सर कागजों तक सीमित रहती है, जबकि जमीनी स्तर पर सख्ती नदारद है। यही वजह है कि लगातार हो रहे हादसों में निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>
<p>बड़ा सवाल अब भी बरकरार है, क्या सिर्फ गिरफ्तारी से सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों पर लगाम लग पाएगी? या फिर किसी और मासूम की जान जाने के बाद ही सिस्टम जागेगा? लक्सर में दिव्या की मौत ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 17:43:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
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                <title>पुडुचेरी में 4 मई को मतगणना, तीन-स्तरीय सुरक्षा के साथ 3,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, प्रशासन हाई अलर्ट पर</title>
                                    <description><![CDATA[पुडुचेरी में 4 मई को होने वाली मतगणना को लेकर प्रशासन ने तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है और 3,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/puducherry-vote-counting-4-may-three-tier-security-3000-security-personnel-deployed/article-20919"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/163a7ba6e8b4be4a7d9161de1cf9e057_538546101.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुडुचेरी:</strong> केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में आगामी 4 मई को होने वाली विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर प्रशासन ने व्यापक और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। कुल मिलाकर 3,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी में लगाए गए हैं।</p>
<p>पुडुचेरी में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे, जिसमें 30 सीटों के लिए 1,099 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया गया था। इस चुनाव में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रिकॉर्ड 91.69 प्रतिशत मतदान दर्ज कराया था।</p>
<p>ईवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है। पुडुचेरी क्षेत्र की ईवीएम मशीनें लासपेट स्थित सरकारी महिला इंजीनियरिंग कॉलेज, नेहरू पॉलिटेक्निक कॉलेज और टैगोर सरकारी कला कॉलेज में सुरक्षित रखी गई हैं। वहीं कराईकल की पांच सीटों की ईवीएम करुणानिधि पोस्ट ग्रेजुएट सेंटर में, माहे की ईवीएम सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में तथा यनम की ईवीएम सरकारी कला कॉलेज में रखी गई हैं।</p>
<p>इन सभी मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें स्थानीय पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती शामिल है। हर केंद्र पर चौकसी बढ़ा दी गई है और लगातार निगरानी की जा रही है।</p>
<p>मतगणना के दिन 4 मई को पूरे केंद्रशासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी रहेगी। इसके लिए 1,250 पुलिसकर्मियों को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है। सुबह 5 बजे से रात 5 बजे तक अलग-अलग शिफ्टों में सुरक्षा व्यवस्था संभाली जाएगी। इसके अलावा 200 अर्धसैनिक जवान भी सुरक्षा में सहयोग करेंगे।</p>
<p>क्षेत्रवार तैनाती के अनुसार कराईकल में 500, माहे में 400 और यनम में 450 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रत्येक क्षेत्र में 100-100 अर्धसैनिक जवानों के साथ-साथ विशेष कमांडो और महिला कमांडो बलों को भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है।</p>
<p>पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पिछले चुनावों के दौरान कुछ स्थानों पर हुई अप्रिय घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है, ताकि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 17:41:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जम्मू और श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ, यात्रा होगी तेज और आसान, क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू और श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा शुरू हो गई है, जिससे यात्रा आसान होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/jammu-srinagar-vande-bharat-express-launch-train-connectivity-kashmir/article-20917"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/g.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जम्मू:</strong> शनिवार को जम्मू और श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ हो गया है और यात्रियों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया है और कहा है कि इससे क्षेत्र के लोगों को आर्थिक रूप से भी लाभ होगा।</p>
<p>केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरी झंडी दिखाकर जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को रवाना किया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह संचालन शुरू हुआ है। उम्मीद है कि यह ट्रेन सेवा जम्मू क्षेत्र और कश्मीर घाटी के बीच यात्रा को काफी बेहतर बनाएगी। यात्रियों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे बेहतर कनेक्टिविटी, यात्रा के समय में कमी और क्षेत्र के आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।</p>
<p>यात्रियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा , "यह एक ऐतिहासिक क्षण है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के उद्घाटन के बाद यह ट्रेन आज से नियमित रूप से चलने लगी है और हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इस ट्रेन से कई चीजें बदलेंगी, और जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी इससे आर्थिक रूप से लाभ होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 17:38:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फोन में अचानक बजा खतरनाक सायरन, घबराने की जरूरत है या नहीं? जानिए पूरी सच्चाई</title>
                                    <description><![CDATA[देशभर में मोबाइल फोन पर अचानक तेज सायरन और वाइब्रेशन के साथ आया संदेश सरकार के सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण था। यह आपदा के समय लोगों तक तुरंत चेतावनी पहुंचाने के लिए तैयार की गई नई तकनीक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/mobile-siren-alert-on-phone-what-is-cell-broadcast-system-ndma-emergency-warning-test-india-mobile-par-achanak-siren-alert-kyon-baja-cell-broadcast-system-kya-hai-ndma-alert-system-explained/article-20908"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/chatgpt-image-may-2,-2026,-02_36_55-pm.jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>नई दिल्ली: </strong>आज सुबह जब लाखों भारतीयों के मोबाइल फोन अचानक तेज सायरन की आवाज और तीखे वाइब्रेशन के साथ चीख उठे, तो कई लोग हड़बड़ा गए। किसी को लगा कि कोई बड़ी आपदा आने वाली है, किसी ने सोचा फोन में कोई वायरस आ गया है। लेकिन सच्चाई यह है कि यह न तो कोई खतरे का संकेत था और न ही किसी साइबर हमले का नतीजा- बल्कि यह भारत सरकार की एक ऐतिहासिक पहल थी, जिसका नाम है सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>क्या है यह सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDMA ने 2 मई 2026 को पूरे देश में इस अत्याधुनिक आपातकालीन संचार प्रणाली का एक बड़ा परीक्षण किया। इस सिस्टम को संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) और NDMA ने मिलकर तैयार किया है। इसका सीधा मकसद यह है कि जब देश में कोई बड़ी आपदा आए चाहे वह भूकंप हो, सुनामी हो, आकाशीय बिजली गिरने का खतरा हो या फिर गैस लीक जैसी कोई मानव-निर्मित दुर्घटना तो हर नागरिक के मोबाइल पर तुरंत और सीधे अलर्ट पहुंचे, बिना किसी देरी के।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>किसने की इसकी शुरुआत?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">इस पूरे कार्यक्रम का आगाज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 2 मई 2026 को मिलकर किया। इसे देश की आपातकालीन तैयारी की दिशा में एक बेहद जरूरी और दूरगामी कदम माना जा रहा है। यह सिस्टम किसी भी आपदा की स्थिति में बिना इंटरनेट और बिना फोन कॉल के सीधे टेलीकॉम नेटवर्क के जरिए लोगों तक पहुंच सकता है।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>आपके फोन पर क्या आया और आपको क्या करना चाहिए था?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">जिन लोगों के फोन पर यह अलर्ट आया, उन्हें स्क्रीन पर एक आपातकालीन संदेश दिखा, साथ में तेज सायरन की आवाज भी बजी और फोन में जोरदार वाइब्रेशन हुआ। NDMA ने साफ-साफ कहा कि इस मैसेज को देखकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह महज एक मॉक ड्रिल थी। इस अलर्ट के बाद नागरिकों को कोई जवाब देने की, कोई नंबर पर कॉल करने की या कहीं जाने की जरूरत नहीं थी बस शांत रहना था।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>देश के किन इलाकों में हुआ यह परीक्षण?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">इस अलर्ट ड्रिल में देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों को शामिल किया गया। आंध्र प्रदेश के NDMA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि वहां राजधानी क्षेत्र में यह परीक्षण संदेश सुबह 11:15 बजे से दोपहर 12:15 बजे के बीच भेजे गए।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">हालांकि, देश के सीमावर्ती इलाकों में यह टेस्ट नहीं किया गया। इसके अलावा जिन राज्यों में इस दिन चुनावी प्रक्रिया चल रही थी, वहां भी यह अलर्ट नहीं भेजा गया। पश्चिम बंगाल इसका सबसे प्रमुख उदाहरण है, जहां दक्षिण 24 परगना जिले के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान होने की वजह से वहां यह ड्रिल नहीं हुई।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>इस सिस्टम की जरूरत क्यों पड़ी?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">भारत एक ऐसा देश है जो भूगोल की दृष्टि से बेहद विविध है यहां हर साल बाढ़, भूकंप, सुनामी और चक्रवात जैसी आपदाएं अलग-अलग हिस्सों में आती रहती हैं। ऐसे में एक ऐसा सिस्टम जो बिना किसी देरी के, बिना इंटरनेट की जरूरत के, सीधे हर मोबाइल फोन पर अलर्ट दे सके यह देश की जरूरत थी। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक इसीलिए खास है क्योंकि यह एक साथ लाखों लोगों तक संदेश पहुंचाती है और इसके लिए फोन पर किसी ऐप या इंटरनेट की जरूरत नहीं होती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>तकनीक</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 14:39:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मजदूर दिवस पर 167 जोड़ों का सामूहिक विवाह, हर नवदंपति को 85 हजार की सहायता; सरकार बोली- श्रमिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर अयोध्या में 167 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। सरकार की योजना के तहत प्रत्येक नवदंपति को 85 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/mass-marriage-of-167-couples-on-labour-day-in-ayodhya-85000-financial-assistance-government-welfare-scheme/article-20907"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-05/3d9a84d0924c0a083da0d522eab165d3_693923096_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या: </strong>अन्तर-राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर उपश्रमायुक्त कार्यालय, खपराडीह कोठी परिसर में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 167 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ,जिसमें 164 जोड़ों की हिंदू रीति-रिवाज तथा 3 मुस्लिम जोड़ों का मौलवी ने निकाह कराया।<br /><br />इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर वर्चुअल माध्यम से जुड़े और श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवदंपति को 85 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई,साथ ही विवाह आयोजन के लिए प्रति जोड़ा 15 हजार रुपये व्यय किया गया।<br /><br />उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से निर्माण श्रमिकों के हितार्थ 'कन्या विवाह सहायता योजना' चलाई जा रही है। कार्यक्रम में विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के सर्वांगीण कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे प्रयास न केवल आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों को सहारा देते हैं, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ सामाजिक मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। ऐसे सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में व्याप्त कुरीतियों, दिखावे और अनावश्यक खर्चों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करते हैं तथा सादगीपूर्ण और संस्कारयुक्त वैवाहिक परंपरा को प्रोत्साहित करते हैं।<br /><br />जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने कहा कि यह पहल जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत सराहनीय है। महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है।<br /><br />जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं। उपश्रमायुक्त अमित मिश्रा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक श्रमिकों से बोर्ड में पंजीयन कराने की अपील किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक परिवार उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 19:36:11 +0530</pubDate>
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