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                <title>जमशेदपुर - Samridh Jharkhand</title>
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                <title>NCST ने जमशेदपुर में UCIL की समीक्षा बैठक की, जनजातीय हितों से जुड़े मुद्दों पर दिए आवश्यक निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने जमशेदपुर में UCIL की समीक्षा बैठक कर जनजातीय कर्मचारियों और यूरेनियम प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/ncst-ucil-review-meeting-jamshedpur-tribal-interests/article-26615"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/48d05e95-3402-4e59-b2ed-256b82e2901e_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>जमशेदपुर:</strong> राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की माननीय सदस्य डॉ. आशा लकड़ा जी की अध्यक्षता में आज जमशेदपुर स्थित यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में UCIL के CMD डॉ. के. आनंद राव, निदेशक श्री बी.के. दास सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के पदाधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<h4>जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा</h4>
<p>बैठक के दौरान जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न विषयों, UCIL में कार्यरत जनजातीय कर्मचारियों की समस्याओं, कल्याणकारी योजनाओं तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।</p>
<h4>यूरेनियम प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थल निरीक्षण</h4>
<p>इससे पूर्व आयोग के आठ सदस्यीय दल ने डॉ. आशा लकड़ा जी के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम जिले के यूरेनियम प्रभावित जादूगोड़ा क्षेत्र के ग्राम मेचुआ, इचरा सहित आसपास के क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया। आयोग के दल ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं मांगों की जानकारी प्राप्त की।</p>
<h4>ग्रामीणों ने पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का उठाया मुद्दा</h4>
<p>स्थानीय ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की सुविधा, विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, विस्थापित परिवारों को रोजगार एवं उचित मुआवजा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विभिन्न समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा। आयोग ने इन विषयों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।</p>
<h4>रोस्टर के अनुसार पदोन्नति और आवास के मुद्दे पर भी चर्चा</h4>
<p>समीक्षा बैठक में UCIL में कार्यरत जनजातीय कर्मचारियों से संबंधित रोस्टर के अनुसार पदोन्नति, आवास तथा अन्य सेवा संबंधी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। माननीय सदस्य डॉ. आशा लकड़ा जी ने जनजातीय कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों का नियमानुसार उचित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<h4>लंबित मामलों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश</h4>
<p>डॉ. आशा लकड़ा जी ने UCIL के CMD एवं वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजातीय समुदाय एवं कर्मचारियों से संबंधित सभी लंबित विषयों पर आवश्यक सुधारात्मक एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा आयोग के निर्देशों का गंभीरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।</p>
<h4>15 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश</h4>
<p>बैठक में लिए गए निर्णयों एवं आयोग के निर्देशों के अनुपालन से संबंधित कार्यवाही रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को प्रस्तुत करने के निर्देश भी UCIL के अधिकारियों को दिए गए।</p>
<p>बैठक में आयोग की ओर से उप सचिव मनोहर एन. सुकोले, सहायक निदेशक पी.के. दास, निजी सचिव कुशेश्वर साहू, विधिक सलाहकार राहुल यादव, अन्वेषक राहुल बागड़ी, वरिष्ठ अन्वेषक सोनल राज, अन्वेषक रिया राजपूत तथा निजी सहायक विवेक कुमार उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 16:54:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jamshedpur News: 190 लोको पायलटों को दिया गया आपदा प्रबंधन और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में सोमवार को रेल सिविल डिफेंस की ओर से 190 लोको पायलटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में दुर्घटना एवं आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन की जानकारी दी गई। रांची, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, डांगवापोसी, आद्रा, खड़गपुर, संतरागाछी और टाटानगर से लोको पायलट शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान ट्रायेज, CPR, रक्तस्राव रोकने, बैंडेज लगाने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और गोल्डन आवर में किए जाने वाले जरूरी उपायों का अभ्यास कराया गया। अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल का मॉक ड्रिल भी हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/jamshedpur-190-loco-pilots-disaster-management-first-aid-training/article-26606"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/samridhbharat24.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पूर्वी सिंहभूम: </strong>जमशेदपुर के इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में सोमवार को रेल सिविल डिफेंस की ओर से लोको पायलटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें दुर्घटना और अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में रांची, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, डांगवापोसी, आद्रा, खड़गपुर, संतरागाछी और टाटानगर से कुल 190 लोको पायलट शामिल हुए।<br /><br />सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि आपात स्थिति में घटनास्थल पर मौजूद व्यक्ति को तमाशबीन बनने के बजाय मददगार की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में दिया गया प्राथमिक उपचार घायल की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है। लोको पायलट कई बार दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में होते हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान होना जरूरी है।<br /><br />प्रशिक्षण के दौरान लोको पायलटों को ट्रायेज, घायलों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार देने, एंबुलेंस से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने और गोल्डन आवर में किए जाने वाले जरूरी उपायों की जानकारी दी गई। ट्रायंगुलर बैंडेज से नैरो और ब्रॉड बैंडेज बनाने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। रक्तस्राव रोकने तथा सिर, ठुड्डी, हाथ, घुटने और छाती में जलने की स्थिति में बैंडेज लगाने की विधि समझाई गई।<br /><br />सीपीआर और अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल का मॉक ड्रिल भी कराया गया। डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह और रमेश कुमार ने व्यावहारिक प्रदर्शन किया। महिला लोको पायलटों ने एलपीजी गैस से लगी आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का अभ्यास किया।<br /><br />प्रशिक्षण में पैसेंजर, मेल-एक्सप्रेस और रिफ्रेशर कोर्स के लोको पायलट शामिल रहे। वरिष्ठ लोको पायलटों ने सिविल डिफेंस टीम के प्रशिक्षण की सराहना की। सिविल डिफेंस के अनुसार, अब तक 20 हजार से अधिक लोको पायलटों को आपदा राहत कार्यों का बहुविषयक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 15:34:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anshika Ambasta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: दूरदराज के गांवों से 20,000 फीट ऊंची हिमालयी चोटी तक, दृष्टिबाधित पर्वतारोहियों ने रचा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी सिंहभूम के दूरदराज गांवों से निकले दृष्टिबाधित पर्वतारोही शेखर गोप और धीरोज कुमार ने लद्दाख में अपने साहस और दृढ़ संकल्प की मिसाल पेश की। टाटा स्टील फाउंडेशन की ‘सबल’ पहल से ब्रेल, मोबिलिटी और डिजिटल कौशल सीखने वाले शेखर ने समुद्र तल से 20,000 फीट से अधिक ऊंची जो-जोंगो चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचकर तिरंगा लहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/article/success-story/blind-mountaineer-shekhar-gop-dhiroje-kumar-zo-jongo-peak-ladakh/article-26584"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/untitled-design-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>जमशेदपुर।</strong> हिमालय की किसी चोटी तक पहुंचने का सफर आमतौर पर प्रशिक्षण, पर्वतारोहण के लिए जरूरी सामान और शिखर तक पहुंचने के सपने से शुरू होता है। लेकिन शेखर गोप और धीरोज कुमार के लिए लद्दाख में समुद्र तल से 20,000 फीट से अधिक ऊंची जो-जोंगो चोटी तक पहुंचने का सफर इससे बहुत पहले और अपने घर के आसपास ही शुरू हो गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह सफर पश्चिमी सिंहभूम जिले के दो दूरदराज गांवों से शुरू हुआ, जहां सुविधाएं सीमित थीं और रोजमर्रा की जिंदगी जीना भी अपने आप में एक चुनौती थी। आज 24 वर्षीय तोड़ानहातु निवासी शेखर और 23 वर्षीय कड़ाजामदा निवासी धीरोज अपनी उपलब्धियों के लिए जाने जाते हैं। दोनों ने दृष्टिबाधित पर्वतारोहियों के रूप में जो-जोंगो चोटी की कठिन चढ़ाई का सामना किया। शेखर सफलतापूर्वक चोटी तक पहुंचे, जबकि धीरोज अभियान के 16,732 फीट की ऊंचाई पर स्थित बेस कैंप तक पहुंचे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण उन्हें आगे की चढ़ाई रोकनी पड़ी। उनकी यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि अवसर, समावेशन और दृढ़ संकल्प साथ मिलकर क्या कुछ संभव बना सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">जन्म से ही 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित दोनों युवाओं ने अपने शुरुआती वर्ष ऐसी दुनिया में बिताए, जहां आत्मनिर्भर बनने के लिए सुविधाएं और अवसर बहुत कम थे। सफेद छड़ी जैसी बुनियादी चीज भी आसानी से उपलब्ध नहीं थी। रोजमर्रा के कई ऐसे काम, जिन्हें लोग सामान्य रूप से बिना किसी मदद के कर लेते हैं, उनके लिए दूसरों के सहयोग की जरूरत होती थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसमें बदलाव वर्ष 2022 में शुरू हुआ, जब वे टाटा स्टील फाउंडेशन की दिव्यांगजनों के समावेशन की पहल ‘सबल’ का हिस्सा बने।</p>
<h3>हर कदम के साथ आत्मनिर्भरता की ओर</h3>
<p class="isSelectedEnd">सबल समुदाय के साथ मिलकर दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाली एक पहल है। यह दिव्यांगजनों की गरिमा, आत्मनिर्भरता और अपने फैसले खुद लेने के अधिकार पर ध्यान देती है। अधिकारों से जुड़ी सुविधाएं दिलाने, जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण, आर्थिक सशक्तीकरण और समावेशी बुनियादी ढांचे के माध्यम से यह पहल ग्रामीण भारत में दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भर बनने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के स्थायी अवसर तैयार करने का प्रयास करती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शेखर और धीरोज के लिए शुरुआती प्रशिक्षण ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया। उन्होंने ब्रेल, रोजमर्रा के काम खुद करने, स्वतंत्र रूप से आने-जाने और डिजिटल कौशल सीखे। अपने दम पर आने-जाने, स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने और जानकारी हासिल करने की सीख ने उनके लिए ऐसे नए रास्ते खोले, जो पहले उनकी पहुंच से बाहर लगते थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">जो सफर कौशल सीखने से शुरू हुआ था, वह धीरे-धीरे आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता में बदल गया। आज दोनों युवा मोबिलिटी ट्रेनर के रूप में काम कर रहे हैं। वे अन्य दृष्टिबाधित लोगों को आत्मविश्वास बढ़ाने और जरूरी कौशल सीखने में मदद करते हैं, ताकि वे अपने जीवन में स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ सकें।</p>
<h3>प्रशिक्षण से आगे, नेतृत्व की ओर</h3>
<p class="isSelectedEnd">उनके सफर में एक और बड़ा बदलाव तब आया, जब उन्होंने तुमुंग में आयोजित आउटडोर प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उनमें मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने, टीम के साथ काम करने और खुद पर विश्वास बढ़ाने की क्षमता विकसित करना था।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन गतिविधियों में एक-दूसरे पर भरोसा, संवाद और दृढ़ संकल्प की जरूरत थी। दोनों युवाओं के लिए यह अपने परिचित दायरे से बाहर निकलने और अपनी नई क्षमताओं को पहचानने का अवसर था। इस अनुभव ने उनमें खेल और नेतृत्व के प्रति एक नया उत्साह पैदा किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">शेखर आगे चलकर झारखंड ब्लाइंड फुटबॉल टीम के कप्तान बने, जबकि धीरोज ने राष्ट्रीय स्तर के ब्लाइंड फुटबॉल खिलाड़ी के रूप में राज्य का प्रतिनिधित्व किया। फुटबॉल के मैदान पर उन्होंने उसी साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया, जो आगे चलकर उनके पर्वतारोहण के सफर की पहचान बना।</p>
<h3>हिमालय की पुकार</h3>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद एक ऐसी चुनौती सामने आई, जिसने वर्षों में सीखे उनके हर कौशल की परीक्षा ली। जो-जोंगो चोटी पर एक ऊंचाई वाले पर्वतारोहण अभियान के लिए चुने जाने के बाद, दोनों दृष्टिबाधित पर्वतारोहियों ने इसकी तैयारी शुरू की। दलमा हिल्स में आयोजित प्री-एक्सपीडिशन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और मानसिक मजबूती को बेहतर किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पहाड़ों पर चढ़ाई के लिए अनुशासन जरूरी था। हर चढ़ाई, हर ट्रेक और हर मुश्किल आगे आने वाली चुनौती के लिए उनकी तैयारी का हिस्सा बन गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">जब वे आखिरकार लद्दाख पहुंचे, तो उन्हें अपने जीवन की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक का सामना करना पड़ा। कम ऑक्सीजन वाली हवा, जमा देने वाली ठंड और ऊबड़-खाबड़ रास्तों ने हर कदम पर उनकी सहनशक्ति की परीक्षा ली। लेकिन न तो ऊंचाई और न ही मुश्किलें उनके हौसले को रोक सकीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वर्षों की मेहनत और हर पड़ाव पर मिले आत्मविश्वास से ताकत लेते हुए, उन्होंने कठिन रास्तों और ऊंचाई वाले चुनौतीपूर्ण हालात में भी आगे बढ़ना जारी रखा।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान आगे बढ़ने के साथ धीरोज की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके कारण उन्हें 16,732 फीट की ऊंचाई पर स्थित बेस कैंप में रुकना पड़ा। वहीं, शेखर ने पूरे दृढ़ संकल्प के साथ अपनी चढ़ाई जारी रखी और जो-जोंगो चोटी के शिखर तक सफलतापूर्वक पहुंच गए।</p>
<p class="isSelectedEnd">चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हासिल की गई उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियां उनके अद्भुत साहस, हौसले और दृढ़ संकल्प को दर्शाती हैं।</p>
<h3>पर्वतारोहण से परे एक बड़ी उपलब्धि</h3>
<p class="isSelectedEnd">चोटी तक पहुंचना निश्चित रूप से एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन उनकी कहानी की असली अहमियत पर्वतारोहण से कहीं आगे है। उनकी असली उपलब्धि उन बाधाओं को पार करने में है, जिन्हें उन्होंने पहाड़ पर कदम रखने से बहुत पहले ही पीछे छोड़ दिया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनके सफर में ब्रेल सीखना, अपने दम पर आना-जाना सीखना, तकनीक का इस्तेमाल करना, ट्रेनर बनना, खेलों में बेहतर प्रदर्शन करना और दूसरों का नेतृत्व करने का आत्मविश्वास हासिल करना शामिल रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">कई मायनों में, पहाड़ तक पहुंचना उनकी उस लंबी कहानी का सिर्फ आखिरी पड़ाव था, जो इससे बहुत पहले शुरू हो चुकी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह सबल की उस सोच को भी दर्शाता है, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों के समावेशन को अलग-अलग प्रयासों तक सीमित रखने के बजाय ऐसा सामुदायिक तंत्र तैयार करना है, जहां दिव्यांगजन अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें, अवसरों तक पहुंच बना सकें और सम्मान व आत्मनिर्भरता के साथ समाज में पूरी तरह भागीदारी कर सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd">सबल, दिव्यांगजनों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत मान्यता प्राप्त 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के लिए काम करता है। इसके तहत देशभर में विभिन्न साझेदारियों का एक बढ़ता नेटवर्क तैयार किया गया है। प्रशिक्षण, जागरूकता, सरकारी सुविधाओं और अधिकारों तक पहुंच तथा क्षमता विकास के माध्यम से यह नेटवर्क दिव्यांगजनों के समावेशन को मजबूत करने का काम करता है।</p>
<h3>संभावनाओं की नई परिभाषा</h3>
<p class="isSelectedEnd">पश्चिमी सिंहभूम के एक दूरदराज गांव से हिमालय की चोटी तक का सफर केवल किलोमीटर और ऊंचाई का सफर नहीं है। यह उस आत्मविश्वास की कहानी है, जो कदम-दर-कदम बढ़ा; उन अवसरों की कहानी है, जिन्होंने नई राहें खोलीं; उन डर की कहानी है, जिन्हें पीछे छोड़ा गया; और उन अनगिनत संभावनाओं की कहानी है, जिन्हें हौसले और सही अवसर ने हकीकत में बदल दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">शेखर और धीरोज के लिए दृष्टिबाधित पर्वतारोही बनना कभी सिर्फ पहाड़ की चोटी तक पहुंचने की बात नहीं थी। यह साबित करने का सफर था कि परिस्थितियां, भौगोलिक सीमाएं या लोगों की सोच किसी व्यक्ति की क्षमता तय नहीं कर सकती।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनकी उपलब्धि पूरे भारत के समुदायों के लिए एक मजबूत संदेश है—जब समावेशन के साथ अवसर और दृढ़ संकल्प जुड़ते हैं, तो असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">जहां बुनियादी सुविधाओं और आने-जाने में मदद करने वाले साधनों तक पहुंच भी एक चुनौती थी, वहीं से लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों तक उनका सफर पहुंचा। शेखर ने समुद्र तल से 20,000 फीट से अधिक ऊंची चोटी पर तिरंगा लहराया, जबकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद धीरोज 16,732 फीट की ऊंचाई तक स्थित बेस कैंप तक पहुंचे। उन्होंने साबित कर दिया कि बड़ी से बड़ी यात्रा भी आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए एक छोटे से कदम से शुरू होती है।</p>
<p>उन्होंने 25 अगस्त को अपना सफर शुरू किया और 31 अगस्त 2026 को इसे पूरा किया। इस सफर में इन दोनों दृष्टिबाधित पर्वतारोहियों ने न केवल परिस्थितियों और लोगों की सोच से बनी सीमाओं को चुनौती दी, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसान की क्षमता की कोई तय सीमा नहीं होती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>आर्टिकल</category>
                                            <category>स्टोरी </category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                            <category>सक्सेस स्टोरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 16:45:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निखार हत्याकांड: टीएमएच से जेल पहुंचा राघव...शूटरों के मोबाइल से जुड़ा मिला बड़ा सबूत</title>
                                    <description><![CDATA[जमशेदपुर के चर्चित निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव को टीएमएच से डिस्चार्ज होने के बाद दोबारा हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे जमीन कारोबार से जुड़ा विवाद और आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का एंगल सामने आया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। जांच में राघव के मोबाइल से निखार की तस्वीर मिलने की बात भी सामने आई है, जो कथित तौर पर शूटरों के मोबाइल में भी मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/jamshedpur-nikhar-sablok-murder-case-raghav-jail-mobile-clue-15-lakh-supari/article-26512"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>जमशेदपुर:</strong> निखार सबलोक हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता बताए गए अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव को इलाज के बाद पुलिस ने टीएमएच से जेल भेज दिया। निखार हत्याकांड में पुलिस की संयुक्त जांच टीम ने राघव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान राघव की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे टीएमएच में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर पुलिस ने उसे दोबारा हिरासत में लिया और अब जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, हत्याकांड की साजिश में राघव की अहम भूमिका सामने आई है।</p>
<h3>15 लाख की सुपारी और तीन एकड़ जमीन का विवाद</h3>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस जांच के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या के पीछे जमीन कारोबार से जुड़ा विवाद और आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का एंगल सामने आया है। पुलिस का दावा है कि हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। साजिश की कड़ी दुमका जेल तक पहुंची, जबकि शूटरों की व्यवस्था और उन्हें जरूरी मदद उपलब्ध कराने में राघव की भूमिका बताई गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उत्तर प्रदेश से बुलाए गए शूटरों ने 24 अगस्त को चांडिल के आसनबनी स्थित टेंथ माइल होटल के बाहर निखार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम में निखार के शरीर पर 11 गोलियों के निशान मिले थे।</p>
<h3>राघव के मोबाइल से मिला अहम सुराग</h3>
<p class="isSelectedEnd">जांच के दौरान पुलिस को राघव के मोबाइल फोन से निखार सबलोक की तस्वीर मिलने की बात सामने आई है। यही तस्वीर शूटरों के मोबाइल से भी मिलने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस इसे हत्याकांड की साजिश से जुड़ा अहम साक्ष्य मान रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के दिन राघव के कोलकाता में होने की बात भी जांच में सामने आई थी। लौटने के दौरान पुलिस ने उसे बहरागोड़ा से हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे पहले एमजीएम अस्पताल और फिर टीएमएच ले जाया गया था।</p>
<h3>संपत्ति विवाद की शिकायत भी हो चुकी है</h3>
<p class="isSelectedEnd">राघव को लेकर पुराने मामलों की बात करें तो वर्ष 2026 में बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ संपत्ति विवाद से जुड़ी शिकायत की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ता ने पावर ऑफ अटॉर्नी के कथित दुरुपयोग, संपत्ति हड़पने के प्रयास, वित्तीय लेन-देन और धमकी देने जैसे आरोप लगाए थे। हालांकि, ये आरोप शिकायत के स्तर के हैं और इनकी पुष्टि अदालत में होना बाकी है।</p>
<h3>हथियार, मोबाइल और कार बरामद करने का दावा</h3>
<p class="isSelectedEnd">निखार हत्याकांड में पुलिस ने राघव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार, मोबाइल और घटना में प्रयुक्त कार बरामद करने का दावा किया है। पुलिस अब हत्याकांड से जुड़े अन्य लोगों और इसके पीछे की पूरी आपराधिक कड़ी की भी जांच कर रही है।</p>
<p>राघव के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उसे दोबारा पुलिस हिरासत में लिया गया और पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेल भेज दिया गया। अब पुलिस की जांच का फोकस हत्याकांड की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों और मुख्य आरोपी तक पहुंचने पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 16:40:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anshika Ambasta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टाटा पावर ने मजबूत किया एनसीआर का बिजली ढांचा, 400 KV जलपुरा-खुरजा ट्रांसमिशन कॉरिडोर शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[टाटा पावर ने उत्तर प्रदेश में अपनी जलपुरा-खुरजा ट्रांसमिशन परियोजना के दूसरे चरण को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इसके तहत खुरजा से जलपुरा तक 162 सर्किट किलोमीटर लंबी 400 kV डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन और जलपुरा में 1,000 MVA क्षमता वाला 400/220 kV GIS सबस्टेशन शुरू किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/tata-power---jalpura-khurja-400kv-transmission-corridor-ncr-power-infrastructure/article-26487"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/images_samridh_1200x720-(10).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>जमशेदपुर: </strong> भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक, टाटा पावर ने उत्तर प्रदेश में अपनी जलपुरा-खुरजा ट्रांसमिशन परियोजना के दूसरे चरण को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। यह कदम राज्य के बिजली पारेषण ढांचे को और मजबूत करेगा, जिससे एनसीआर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ती बिजली की मांग वाले क्षेत्रों को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।</p>
<p>इसे टाटा पावर की 100% हिस्सेदारी वाली सहायक कंपनी टीपी जलपुरा खुरजा पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (TPJKPTL) के जरिए पूरा किया गया है। इसके दूसरे हिस्से के तहत खुरजा से जलपुरा तक 162 सर्किट किलोमीटर लंबी 400 kV डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन और जलपुरा में 1,000 MVA क्षमता वाले 400/220 kV GIS सबस्टेशन को चालू किया गया है।</p>
<p>162 CKM लंबे इस ट्रांसमिशन कॉरिडोर में करीब 81-81 किलोमीटर के दो सर्किट शामिल हैं, जो खुरजा और जलपुरा के बीच एक बेहद जरूरी हाई-वोल्टेज लिंक बनाते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख बिजली केंद्र होने के नाते, खुरजा से नोएडा और पूरे एनसीआर क्षेत्र में बिजली की कुशल व निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में इस कॉरिडोर की भूमिका काफी अहम होगी।</p>
<p>जलपुरा में हाल ही में चालू किया गया 1,000 MVA क्षमता वाला 400/220 kV GIS सबस्टेशन एक बड़े पावर गेटवे की भूमिका निभाएगा, जिससे 400 kV हाई-वोल्टेज ग्रिड से 220 kV नेटवर्क में बिजली की सप्लाई संभव हो सकेगी। यह कदम ट्रांसमिशन नेटवर्क की क्षमता, विश्वसनीयता और कुशलता को बेहतर बनाते हुए इस पूरे इलाके की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।</p>
<p>इस नए ट्रांसमिशन कॉरिडोर और सबस्टेशन की शुरुआत के साथ, टाटा पावर ने एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिए जरूरी बिजली ढांचे को और पुख्ता कर दिया है। यह कदम देश के लिए एक मजबूत और आधुनिक इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड तैयार करने के बड़े लक्ष्य में अहम योगदान देता है। यह परियोजना बड़े पैमाने पर जरूरी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की टाटा पावर की क्षमताओं को साबित करती है, साथ ही भारत के ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक भरोसेमंद, लचीला और भविष्य के अनुकूल बनाने के प्रति कंपनी के संकल्प को भी दोहराती है।</p>
<p>इसके साथ ही, टाटा पावर का ट्रांसमिशन पोर्टफोलियो अब पूरे भारत में 7,900 सर्किट किलोमीटर की परिचालन और निर्माणाधीन लाइनों का हो गया है। यह देश के बिजली आपूर्ति बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने में कंपनी की अग्रणी भूमिका को और मजबूत करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/tata-power---jalpura-khurja-400kv-transmission-corridor-ncr-power-infrastructure/article-26487</link>
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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 16:55:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमजीएम अस्पताल के बाहर गंदगी देख भड़के अर्जुन मुंडा, पार्किंग व्यवस्था पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर पार्किंग क्षेत्र में गंदगी, कचरे और जलजमाव की स्थिति देखकर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा नाराज हुए। अस्पताल के बाहर की सफाई और पार्किंग व्यवस्था को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/arjun-munda-got-angry-after-seeing-the-filth-outside-mgm/article-26467"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/58398d96bde0b16897177f75d7bf80ac_1078177959.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पूर्वी सिंहभूम।</strong> कोल्हान के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल एमजीएम अस्पताल, डिमना-मानगो को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन अस्पताल के बाहर की बदहाल व्यवस्था सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर पार्किंग क्षेत्र में गंदगी, कचरे और जलजमाव की समस्या से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज को देखने एमजीएम अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने तक मरीज की मौत हो चुकी थी। इस दौरान अस्पताल के बाहर पार्किंग क्षेत्र में फैली गंदगी और अव्यवस्था देखकर अर्जुन मुंडा नाराज नजर आए। उन्होंने अस्पताल के बाहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एक्स के माध्यम से भी अपनी चिंता जाहिर की।</p>
<p>अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर वाहनों की पार्किंग के लिए जगह मौजूद है, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने के कारण वहां कचरा जमा रहता है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। पार्किंग क्षेत्र में पानी और कीचड़ जमा होने से वाहन खड़ा करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों के वाहन सड़क के किनारे खड़े होने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ताज़ा 2 </category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/arjun-munda-got-angry-after-seeing-the-filth-outside-mgm/article-26467</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 00:23:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जमशेदपुर में अज्ञात वाहन की टक्कर से घरेलू कामगार महिला की मौत, परिवार में पसरा मातम</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्वी सिंहभूम के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से 40 वर्षीय घरेलू कामगार अंजनी बाउरी गंभीर रूप से घायल हो गईं। MGM अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस CCTV फुटेज खंगालकर हादसे में शामिल वाहन की पहचान में जुटी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/domestic-worker-woman-dies-due-to-collision-with-unknown-vehicle/article-26460"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/54d84410bf2a4bc9476fb579d7447ae7_614328368.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पूर्वी सिंहभूम: </strong>सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क हादसे में 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान बागुनहातु डी ब्लॉक निवासी अंजनी बाउरी के रूप में हुई है। वह घरेलू कामकाज कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी।</p>
<p>परिजनों के अनुसार अंजनी बाउरी प्रतिदिन की तरह शुक्रवार की सुबह भी काम के लिए घर से निकली थी। करीब १०.३० बजे उसके पति गणेश बावरी को सूचना मिली कि एक नंबर रोड के किनारे अंजनी घायल अवस्था में पड़ी हुई है। बताया गया कि उसे किसी अज्ञात वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया था।</p>
<p>सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य और परिचित मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल अंजनी को तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन दोपहर बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।</p>
<p>घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। परिजनों ने सिदगोड़ा थाना प्रभारी फैज अहमद से मुलाकात कर अज्ञात वाहन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>हादसे के बाद पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का प्रयास है कि फुटेज के आधार पर दुर्घटना में शामिल वाहन और उसके चालक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ताज़ा 2 </category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 00:08:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jamshedpur news: डुमरिया में जर्जर अस्पताल भवन का दुखनी सोरेन ने किया निरीक्षण, नए भवन को जल्द शुरू करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन की पुत्री और समाजसेविका दुखनी सोरेन ने पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, दवा वितरण केंद्र और जांच घर सहित अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/dukhni-soren-inspected-the-dilapidated-hospital-building-in-dumariya-and/article-26191"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/40694c8db22384dbc42a84b5b9797539_1384551108_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>पूर्वी सिंहभूम: </strong>पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन की पुत्री और समाजसेविका दुखनी सोरेन ने पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, दवा वितरण केंद्र तथा जांच घर सहित विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।<br /><br />निरीक्षण के दौरान अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति देखकर दुखनी सोरेन ने नाराजगी जताई। भवन की कई जगहों पर छत और प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं, जबकि छज्जे भी क्षतिग्रस्त हैं। उन्होंने मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।<br /><br />इस दौरान डुमरिया में बनकर तैयार नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुद्दा भी सामने आया। नया भवन तैयार होने के बावजूद अब तक उसका उद्घाटन नहीं होने के कारण मरीजों को पुराने और जर्जर भवन में ही स्वास्थ्य सेवाएं लेनी पड़ रही हैं।<br /><br />स्थानीय लोगों ने बताया कि नए अस्पताल भवन के तैयार होने के बाद उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन लंबे समय से उद्घाटन नहीं होने के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि उद्घाटन को लेकर राजनीतिक खींचतान के कारण मामला लंबित है।<br /><br />वहीं, पुराने अस्पताल भवन की लगातार खराब होती स्थिति के कारण किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई है। छत और प्लास्टर के हिस्से टूटकर गिरने से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।<br /><br />दुखनी सोरेन के निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों ने नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जल्द शुरू करने की मांग दोहराई। लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवा को किसी भी विवाद से अलग रखते हुए मरीजों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।<br /><br />स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों से नए अस्पताल भवन के उद्घाटन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर उसे जनता के लिए खोलने की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 17:36:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Suman Kumari ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jamshedpur News: अव्यवस्थित पार्किंग के खिलाफ आजसू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्वी सिंहभूम के गोलमुरी क्षेत्र में बिगड़ती यातायात व्यवस्था, बेतरतीब पार्किंग और सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में आजसू पार्टी के प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने गुरुवार दोपहर से गोलमुरी चौक पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनके समर्थन में समाजसेवी बंटी सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। अप्पू तिवारी का कहना है कि गोलमुरी चौक छह प्रमुख मार्गों का संगम है और यहां अव्यवस्थित पार्किंग के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/ajsus-indefinite-hunger-strike-against-unorganized-parking-begins/article-26186"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/dfab6bbf4b626ea3f18025b94d21e295_1925275439_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>पूर्वी सिंहभूम: </strong>गोलमुरी क्षेत्र में बिगड़ती यातायात व्यवस्था, बेतरतीब पार्किंग और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में आजसू पार्टी के प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने गुरुवार दोपहर से गोलमुरी चौक पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दिया। उनके समर्थन में समाजसेवी बंटी सिंह सहित कई लोग मौके पर मौजूद थेे।<br /><br />भूख हड़ताल पर बैठे अप्पू तिवारी ने कहा कि गोलमुरी चौक छह प्रमुख मार्गों का संगम है। यहां केबल टाउन-विजयनगर, आकाशदीप प्लाजा, एग्रिको, मंदिर रोड और पेट्रोल पंप की ओर से आने वाले रास्ते मिलते हैं। इसके बावजूद चौक के आसपास वाहनों की अनियमित पार्किंग और कमजोर यातायात व्यवस्था के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर महीने करीब सौ वाहन हादसों का शिकार होते हैं।<br /><br />उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले पुरुलिया निवासी एक व्यक्ति की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हुई थी, लेकिन अब तक वाहन का पता नहीं चल पाया है। तिवारी के अनुसार, उन्होंने जिला पुलिस, यातायात विभाग, जेएनएसी और टाटा स्टील के अधिकारियों को पहले ही पत्र देकर समस्या से अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि जब तक मौके पर पहुंचकर पार्किंग, यातायात और डिवाइडर की समस्या का ठोस समाधान नहीं किया जाता, भूख हड़ताल जारी रहेगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/ajsus-indefinite-hunger-strike-against-unorganized-parking-begins/article-26186</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 17:20:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Suman Kumari ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jamshedpur News: बंदगांव थाना प्रभारी 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी सिंहभूम में रिश्वतखोरी के खिलाफ ACB ने बड़ी कार्रवाई की है। बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामले में आरोपित का नाम हटाने और मदद करने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने जाल बिछाया और रकम लेते ही थाना प्रभारी को पकड़ लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/bandgaon--police-station-in-charge-arrested-red-handed-while-taking-bribe/article-26183"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/d908c990b49d0ee3b5333cef33eeb6da_89432732_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पश्चिमी सिंहभूम: </strong>पश्चिमी सिंहभूम जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार को गुरुवार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जमशेदपुर एसीबी की टीम ने शिकायत के सत्यापन के बाद योजनाबद्ध तरीके से यह कार्रवाई की।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, बंदगांव थाना में दर्ज एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े एक मामले में आरोपित का नाम हटाने और मामले में मदद करने के एवज में थाना प्रभारी ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उसका सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने थाना प्रभारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।</p>
<p style="text-align:justify;">तय योजना के अनुसार गुरुवार को शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर थाना प्रभारी के पास पहुंचा। जैसे ही मनीष कुमार ने 15 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीबी की टीम आरोपित पुलिस अधिकारी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 17:09:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anshika Ambasta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला उद्यमियों को मिला बाजार और डिजिटल मंच, तीन दिवसीय मानसून ट्रेड फेयर का समापन</title>
                                    <description><![CDATA[जमशेदपुर के बिष्टुपुर चेंबर भवन में आयोजित तीन दिवसीय मानसून ट्रेड फेयर 2026 ने महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद और सेवाएं ग्राहकों तक पहुंचाने का मंच दिया। समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। लकी ड्रॉ में चयनित छह प्रतिभागियों को एक वर्ष तक निशुल्क वेबसाइट सुविधा देने की घोषणा की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/women-entrepreneurs-get-market-and-digital-platform-three-day-monsoon-trade/article-26177"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/c4337ef5239bc7b5a469863f81152166_148597632_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पूर्वी सिंहभूम: </strong>चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए बिष्टुपुर स्थित चेंबर भवन में आयोजित तीन दिवसीय मानसून ट्रेड फेयर 2026 का गुरुवार को समापन हो गया। मेले में शहर की महिला उद्यमियों ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों और सेवाओं की प्रदर्शनी लगाई। आयोजन के दौरान खरीदारों और शहरवासियों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन अवसर पर मेले में शामिल सभी महिला उद्यमियों को चेंबर की ओर से प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों के लिए लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया। इसमें शिवांगी अग्रवाल का चयन हुआ, जिन्हें कमल फार्मा की ओर से पुरस्कार प्रदान किया गया। लकी ड्रॉ के जरिए पांच अन्य प्रतिभागियों का भी चयन किया गया। इन प्रतिभागियों को श्याम डिजिटल के सौजन्य से एक वर्ष तक निशुल्क वेबसाइट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। चेंबर के अनुसार डिजिटल सुविधा मिलने से महिला उद्यमियों को अपने कारोबार को ऑनलाइन पहचान देने और अधिक ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि महिला उद्यमियों को अपने हुनर और उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना मेले का प्रमुख उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि तीन दिनों के आयोजन में प्रतिभागियों और ग्राहकों की सक्रिय भागीदारी से यह प्रयास सफल रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">उपाध्यक्ष ट्रेड एंड कॉमर्स अनिल मोदी ने कहा कि बदलते कारोबारी दौर में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। ट्रेड फेयर के माध्यम से महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों की पहचान बनाने, प्रचार-प्रसार करने और सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चैंबर की ओर से ऐसे आयोजनों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">महासचिव पुनीत कांवटिया ने कहा कि स्थानीय उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए चैंबर लगातार प्रयासरत है। आयोजन की समन्वयक सुमन नागेलिया ने भी मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों, चेंबर पदाधिकारियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोजन को सफल बनाने में उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, हर्ष बाकरेवाल, अभिषेक अग्रवाल, सचिव भरत मकानी, अंशुल रिंगसिया, सुरेश शर्मा, विनोद शर्मा, कोषाध्यक्ष अनिल रिंगसिया और समन्वयक सुमन नागेलिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 16:40:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anshika Ambasta]]></dc:creator>
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                <title>Jamshedpur News: जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा रिपोर्ट में पूर्वी सिंहभूम सबसे आगे</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्वी सिंहभूम ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अगस्त 2026 की जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा रिपोर्ट में झारखंड के सभी 24 जिलों में पहला स्थान प्राप्त किया है। जिले की रैंकिंग विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, विद्यालयों की नियमित निगरानी, शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा, शिक्षा संबंधी आंकड़ों के समय पर संकलन और प्रशासनिक व्यवस्था समेत 23 प्रमुख मानकों एवं उपमानकों के आधार पर तय की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/east-singhbhum-leads-in-district-education-performance-review-report/article-26171"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/af2be06c-e3d1-40a2-bb61-40afad07fad6_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>पूर्वी सिंहभूम : </strong>शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे झारखंड में पहला स्थान प्राप्त किया है। अगस्त 2026 में जारी जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा रिपोर्ट में राज्य के सभी 24 जिलों के प्रदर्शन का आकलन किया गया, जिसमें पूर्वी सिंहभूम सबसे आगे रहा।<br /><br />जिले की यह रैंकिंग विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता, विद्यालयों की नियमित निगरानी, शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा, शिक्षा संबंधी आंकड़ों के समय पर संकलन और प्रशासनिक व्यवस्था समेत कुल 23 प्रमुख मानकों और उपमानकों के आधार पर तय की गई है। इन सभी क्षेत्रों में पूर्वी सिंहभूम का प्रदर्शन बेहतर पाया गया है।<br /><br />गुरुवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ विद्यालयों की नियमित निगरानी और शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा का भी सकारात्मक असर दिखाई दिया है। शिक्षा विभाग की ओर से आंकड़ों को सही और समय पर दर्ज करने तथा विद्यालयों की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था को भी उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार माना गया है।<br /><br />राज्य की रैंकिंग में पूर्वी सिंहभूम के बाद लोहरदगा और कोडरमा जैसे जिलों का प्रदर्शन भी बेहतर रहा। वहीं कुछ जिलों में शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी, आंकड़ों की नियमित रिपोर्टिंग और प्रशासनिक समन्वय में सुधार की आवश्यकता बताई गई है।<br /><br />पूर्वी सिंहभूम के राज्य में अव्वल आने में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ प्रखंड एवं संकुल स्तर के पदाधिकारियों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।<br /><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि जिले की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रेरणा का काम करेगी।<br /><br />आने वाले दिनों में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को और बेहतर बनाने, विद्यालयों की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने तथा शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा। राज्य में पहला स्थान मिलना जिले के शिक्षा विभाग और विद्यालयों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>जमशेदपुर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jamshedpur/east-singhbhum-leads-in-district-education-performance-review-report/article-26171</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 16:03:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Suman Kumari ]]></dc:creator>
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