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                <title>गिरिडीह - Samridh Jharkhand</title>
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                            <item>
                <title>Giridih News: डीजीपी तदाशा मिश्रा ने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को दी श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने गिरिडीह पहुंचकर दिवंगत मंत्री एवं सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को होने वाले श्राद्धकर्म को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/dgp-tadasha-mishra-giridih-visit-september-2026/article-26640"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/00ae04c7-51b8-40f1-8b6b-abb5fe67c0b7_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गिरिडीह: </strong>झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा शुक्रवार को गिरिडीह पहुंचीं, जहां उन्होंने दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि अर्पित की। डीजीपी उनके आवास पहुंचीं और तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। डीजीपी ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन राज्य के लिए एक बड़ी क्षति है।</p>
<p style="text-align:justify;"> दुख की इस घड़ी में पूरा पुलिस प्रशासन शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। डीजीपी ने बताया कि 17 सितंबर को सुदिव्य कुमार सोनू का श्राद्धकर्म निर्धारित है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीआईजी, एसपी समेत जिले के तमाम वरीय पुलिस अधिकारी लगातार समीक्षा कर रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">श्राद्धकर्म के दौरान चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। डीजीपी के गिरिडीह पहुंचने पर जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था और आगामी कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से जानकारी भी ली। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 21:46:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Giridih News: स्कॉलर बी.एड. कॉलेज में आचार्य विनोबा भावे की 131वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई</title>
                                    <description><![CDATA[स्कॉलर बी.एड. कॉलेज, गिरिडीह में भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे की 131वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला ने उनके 'सर्वोदय' और 'जय जगत' के विचारों को याद करते हुए प्रशिक्षुओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/scholar-bed-college-vinoba-bhave-jayanti-september-2026/article-26639"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/96b1fd29-20c5-4b97-a704-7712f6c6aa24_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गिरिडीह: </strong>स्कॉलर बी.एड. कॉलेज, गिरिडीह में शुक्रवार को भूदान आंदोलन के प्रणेता एवं भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे की 131वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला ने की।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य विनोबा भावे के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस दौरान महाविद्यालय परिवार के सदस्यों एवं प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने आचार्य विनोबा भावे के जीवन, उनके विचारों और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने अध्यक्षीय संबोधन की शुरुआत गीता के श्लोक से करते हुए प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला ने आचार्य विनोबा भावे को नमन किया। उन्होंने कहा कि आचार्य विनोबा भावे महात्मा गांधी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी थे। वर्ष 1951 में उन्होंने भूदान आंदोलन की शुरुआत कर समाज में एक नई चेतना पैदा की और लाखों भूमिहीन लोगों को भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि विनोबा भावे का ‘जय जगत’ और ‘सर्वोदय’ का विचार आज के शिक्षकों के लिए भी पथ प्रदर्शक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि सेवाभावी, संवेदनशील और जिम्मेदार मनुष्य का निर्माण करना होना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं से आचार्य विनोबा भावे के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने आचार्य विनोबा भावे के जीवन, भूदान आंदोलन, सर्वोदय दर्शन एवं उनके साहित्य से संबंधित विषयों पर सारगर्भित प्रस्तुतियां दीं।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में सहायक व्याख्याता डॉ. हरदीप कौर, डॉ. संतोष चौधरी, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. सुधांशु शेखर, डॉ. डोली कुमारी, डॉ. प्रिया कुमारी, नीलम, आशीष राज, स्मिता, रंजीत, कौशल सहित महाविद्यालय के सभी व्याख्याता एवं प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 21:40:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Giridih News: सीओ के दुर्व्यवहार के खिलाफ मुखिया संघ का धरना दूसरे दिन भी रहा जारी</title>
                                    <description><![CDATA[गावां प्रखंड मुख्यालय में सीओ के कथित दुर्व्यवहार और तानाशाही रवैये के खिलाफ मुखिया संघ का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने धरना स्थल पहुंचकर समर्थन जताया और जांच व कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/gawan-co-protest-rajkumar-yadav-september-2026/article-26638"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/02b378ba-b77b-4b19-9fcc-798f76fbeb64_samridh_1200x720-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गिरिडीह: </strong>सीओ के कथित दुर्व्यवहार और तानाशाही रवैये के खिलाफ मुखिया संघ का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। गावां प्रखंड मुख्यालय परिसर में मुखिया संघ का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने प्रशासनिक रवैये पर भारी नाराजगी जताई और सीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।<br />​<br /><strong>पूर्व विधायक का मिला साथ</strong></p>
<p style="text-align:justify;">धरना प्रदर्शन के दूसरे दिन भाकपा माले के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजकुमार यादव भी धरना स्थल पर पहुंचे और मुखिया संघ की मांगों का खुलकर समर्थन किया।<br /><strong>​</strong><br /><strong>धरना को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा:</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​"जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ अंचल अधिकारी का दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"<br />​<br />"अधिकारी जनता के सेवक हैं, तानाशाह नहीं। अगर सीओ के रवैये में जल्द सुधार नहीं हुआ और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन केवल ब्लॉक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों पर भी उग्र प्रदर्शन होगा।"<br />​<br /><strong>प्रमुख मांगें और जनप्रतिनिधियों का रुख</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मुखिया संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक सीओ के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती और वे सार्वजनिक रूप से अपने व्यवहार के लिए माफी नहीं मांगते, तब तक यह धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। जनप्रतिनिधियों का अपमान: मुखिया संघ का आरोप है कि अंचल कार्यालय में विकास कार्यों और जनता की समस्याओं को लेकर जाने पर सीओ द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है।<br />​<br /><strong>कामकाज ठप: </strong>ब्लॉक परिसर में चल रहे इस धरने के कारण आम जनता के अंचल और प्रखंड से जुड़े प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। धरना प्रदर्शन में मुखिया संघ के अध्यक्ष, प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के मुखिया, उप-मुखिया और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 21:35:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Giridih News: अरगाघाट पुल जर्जर, लगभग एक साल बाद भी मरम्मत का कार्यादेश नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[गिरिडीह के अरगाघाट पुल की जर्जर स्थिति पर विभागीय उदासीनता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तकनीकी स्वीकृति के बावजूद लगभग एक वर्ष बाद भी मरम्मत का कार्यादेश जारी नहीं हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/argaghat-pul-jatirn-ek-saal-baad-bhi-marammat-ka-karyadesh-nahi/article-26610"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/untitled-design-(1)_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>गिरिडीह: </strong>गिरिडीह शहर को सिरसिया, पाण्डेयडीह, महेशमुंडा, जामताड़ा सहित गिरिडीह-मधुपुर मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले अरगाघाट पुल की जर्जर होती स्थिति अब गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पुल की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है और इसके बावजूद इसकी मरम्मत के लिए अब तक कार्यादेश जारी नहीं हो पाना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>
<p>शहर के सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल के द्वारा इस संबंध में दर्ज शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि पुल की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। पुल के किनारे बनी रेलिंग का बड़ा हिस्सा टूट चुका है, सड़क की सतह जगह-जगह क्षतिग्रस्त है तथा पुल की संरचनात्मक कमजोरियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस पुल से आवागमन करते हैं। ऐसे में पुल की वर्तमान स्थिति किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रही है।</p>
<p>शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि अरगाघाट पुल केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जीवनरेखा है। पुल की खराब स्थिति का सीधा असर आम नागरिकों के दैनिक आवागमन के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। छोटे-बड़े हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है और आम नागरिक अपनी जान जोखिम में डालकर पुल का उपयोग करने को विवश हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि कार्यपालक अभियंता का कार्यालय, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, गिरिडीह के द्वारा पत्रांक 918, दिनांक 09.10.2025 के माध्यम से पुल की मरम्मत से संबंधित तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन को मुख्य अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रक्षेत्र, रांची को समर्पित किए जाने की जानकारी दी गई थी। पत्र में यह भी उल्लेख था कि विभागीय स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन लगभग एक वर्ष का समय बीत जाने के बावजूद पुल की मरम्मत के लिए अब तक कोई कार्यादेश प्राप्त नहीं हो पाना अत्यंत गंभीर विषय है। इस दौरान पुल की स्थिति में सुधार होने के बजाय वह लगातार और अधिक जर्जर होती गई है। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो किसी गंभीर दुर्घटना की स्थिति में इसकी जवाबदेही तय करना भी आवश्यक होगा।</p>
<p>सुनील खंडेलवाल ने बताया कि इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि उन्हें जिस पत्र के माध्यम से जो जानकारी दी गई है, उस संबंधित पत्र पर 03 जुलाई, 2026 की तारीख अंकित है, जबकि उक्त पत्र उन्हें 09 सितंबर, 2026 को प्रेषित किया गया। यानी पत्र पर अंकित तारीख और उसके वास्तविक प्रेषण की तारीख में लगभग दो महीने का अंतर है। ऐसे में यह भी सवाल उठता है कि यदि मामला इतना गंभीर था तो पत्र के प्रेषण में इतना विलंब क्यों हुआ।</p>
<p>जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में अब केवल पत्राचार और आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। अरगाघाट पुल की वास्तविक स्थिति को देखते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था तथा मरम्मत कार्य के लिए स्पष्ट समय-सीमा के साथ कार्यादेश जारी किया जाना आवश्यक है।</p>
<h4><strong>इस मामले में मांग की गई है कि:</strong></h4>
<ul>
<li>
<p>अरगाघाट पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति की सार्वजनिक जानकारी दी जाए।</p>
</li>
<li>
<p>पुल पर बढ़ते खतरे को देखते हुए अस्थायी सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं।</p>
</li>
<li>
<p>पुल के पुनर्निर्माण/मरम्मत कार्य का कार्यादेश अविलंब जारी कर कार्य प्रारंभ कराया जाए तथा इसकी स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।</p>
</li>
<li>
<p>इतने गंभीर जनहित के मामले में हुई देरी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।</p>
</li>
</ul>
<p>खंडेलवाल ने आगे कहा है कि जनता की सुरक्षा से जुड़े इस अति संवेदनशील मामले में अब किसी और दुर्घटना का इंतजार नहीं किया जा सकता। प्रशासन एवं संबंधित विभाग से अपेक्षा है कि अरगाघाट पुल की गंभीर स्थिति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:03:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Giridih News: बैंक ऑफ इंडिया के 121वें स्थापना दिवस पर वृद्धा आश्रम में बांटे फल-नाश्ता</title>
                                    <description><![CDATA[बैंक ऑफ इंडिया के 121वें स्थापना दिवस के अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया पेंशनर्स एंड रिटायरीज एसोसिएशन, बोकारो जोन गिरिडीह इकाई की ओर से सामाजिक सरोकार से जुड़ी पहल की गई। संस्था के सदस्य स्नेहदीप वृद्धा आश्रम पहुंचे और वहां रह रहे बुजुर्गों के बीच फल एवं नाश्ते का वितरण किया। इस दौरान सदस्यों ने वृद्धजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/bank-of-india-121st-foundation-day-giridih-old-age-home-fruit-distribution/article-26604"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/samridhbharat23.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गिरिडीह: </strong>बैंक ऑफ इंडिया के 121वें स्थापना दिवस के अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया पेंशनर्स एंड रिटायरीज एसोसिएशन, बोकारो जोन गिरिडीह इकाई की ओर से सामाजिक सरोकार की पहल की गई। संस्था के सदस्यों ने स्नेहदीप वृद्धा आश्रम पहुंचकर वहां रह रहे बुजुर्गों के बीच फल एवं नाश्ते का वितरण किया।<br />इस दौरान संस्था के सदस्यों ने वृद्धजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। सदस्यों ने बुजुर्गों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी संस्था की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाता रहेगा। इस पहल से वृद्धजनों में भी खुशी देखने को मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">मौके पर एसोसिएशन के एक्जीक्यूटिव सदस्य विनोद कुमार बर्नवाल ने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया ने अपने 121 वर्ष पूरे कर लिए हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर वृद्धों के बीच आकर सेवा करने और उनके साथ कुछ समय बिताने से मन को काफी सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बैंक ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस पर टीम के साथ सामाजिक कार्य किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमलोगों ने करीब 60 वर्ष तक नौकरी के माध्यम से समाज की सेवा की है। अब सेवानिवृत्त होने के बाद भी असहाय और वृद्ध लोगों के बीच सेवा करने का अवसर मिलना अपने आप में संतोष की बात है। संस्था आगे भी इसी तरह सामाजिक कार्यों में अपनी भागीदारी निभाती रहेगी।<br />कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के सदस्य सुभाष कुमार दंगाईच, राजीव रंजन, हरेन्द्र प्रसाद चौधरी, गोपाल प्रसाद सिंह, उदय कुमार सिंह एवं सत्यजीत सरकार की भूमिका सराहनीय रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 15:18:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anshika Ambasta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>12 वर्षीय पुत्र हर्ष ने नम आंखों से पिता सुदिव्य कुमार सोनू को दी मुखाग्नि, अंतिम यात्रा में सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, जिसके बाद उसरी नदी श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित अनेक दिग्गज नेताओं ने उत्सव उपवन पहुंचकर उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/12-year-old-son-harsh-lit-the-funeral-pyre-of/article-26598"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/capture_samridh_1200x720---2026-09-06t192925.893.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गिरिडीह: </strong>झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार दोपहर बाद उसरी नदी स्थित हरसिंग रायडीह श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले उत्सव उपवन में उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों से जुड़े लोगों तथा आम नागरिकों की भीड़ उमड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-09/d1ee1345-7fd1-4e4e-9f29-a6a68f713245_samridh_1200x720.jpeg" alt="12 वर्षीय पुत्र हर्ष ने नम आंखों से पिता सुदिव्य कुमार सोनू को दी मुखाग्नि, अंतिम यात्रा में सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब" width="1200" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और विधायक कल्पना सोरेन समेत कई प्रमुख नेताओं ने उत्सव उपवन पहुंचकर दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद-विधायक और बड़ी संख्या में आम लोग भी मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-09/8cce398a-fba1-4aa3-aee9-0cd210090d35_samridh_1200x720.jpeg" alt="12 वर्षीय पुत्र हर्ष ने नम आंखों से पिता सुदिव्य कुमार सोनू को दी मुखाग्नि, अंतिम यात्रा में सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब" width="1200" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">दिवंगत मंत्री की अंतिम यात्रा उत्सव उपवन से मुक्तिधाम तक पहुंची तो सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा खड़े दिखाई दिए। अपने लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई देने पहुंचे लोगों की आंखें नम थीं। जगह-जगह लोगों ने दिवंगत मंत्री के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे रास्ते शोक और भावुकता का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए घंटों तक सड़क किनारे खड़े रहे। राजनीतिक जीवन में सुदिव्य कुमार सोनू की सक्रियता और लोगों के साथ उनके जुड़ाव की झलक अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ में साफ दिखाई दी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>12 वर्षीय पुत्र हर्ष ने दी मुखाग्नि</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक क्षण तब आया, जब दिवंगत मंत्री के 12 वर्षीय पुत्र हर्ष कुमार ने अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। मुखाग्नि की रस्म पूरी होते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल शोक में डूब गया। इस दौरान लोगों ने दिवंगत मंत्री के सम्मान में 'सुदिव्य कुमार सोनू अमर रहें' के नारे लगाए। परिजनों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं के लिए यह क्षण बेहद भावुक रहा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री तक ने जताया शोक</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सामाजिक, व्यावसायिक और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने भी उनके निधन को झारखंड के लिए बड़ी क्षति बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि उनका निधन राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। राज्यपाल ने शोकाकुल परिजनों और समर्थकों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>हेमंत सोरेन ने कहा- 'सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति'</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत मंत्री को याद करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही सुदिव्य कुमार सोनू स्मृतिशेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-09/0fa6c5bd-99bb-4e9f-bd9f-39c38a27fa62_samridh_1200x720-(1).jpeg" alt="0fa6c5bd-99bb-4e9f-bd9f-39c38a27fa62_samridh_1200x720 (1)" width="1200" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंडियत के प्रति सुदिव्य कुमार सोनू का समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोनू भैया का स्नेह, उनका संघर्ष और झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जीवनभर स्मरण में रहेगी। अपने भावुक संदेश में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, 'सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। आपकी कमी हमेशा महसूस होगी।'</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-09/c580ef74-697f-48e4-8b20-e6ac38e1b392_samridh_1200x720.jpeg" alt="c580ef74-697f-48e4-8b20-e6ac38e1b392_samridh_1200x720" width="1200" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद समेत अन्य नेताओं ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड ने एक प्रखर राजनेता और व्यवहारकुशल जनप्रतिनिधि खो दिया है। उन्होंने कहा कि उनके निधन से उत्पन्न रिक्तता की भरपाई करना कठिन होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बाबूलाल मरांडी ने बताया अपूरणीय क्षति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि निधन की खबर से वह अत्यंत व्यथित हैं। उन्होंने दिवंगत मंत्री को कुशल जनप्रतिनिधि और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनका निधन झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>शिबू सोरेन के सानिध्य में शुरू किया राजनीतिक सफर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, सुदिव्य कुमार सोनू ने स्मृतिशेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सानिध्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैनर तले सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने वर्ष 2009 में पहली बार चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2014 में भी उन्होंने इसी सीट से चुनाव लड़ा और पराजित हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">लगातार प्रयास के बाद वर्ष 2019 में उन्होंने गिरिडीह विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद वर्ष 2024 में भी उन्होंने अपनी जीत बरकरार रखी और दूसरी बार विधायक बने। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली। सरकार और संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें पार्टी के रणनीतिकारों और महत्वपूर्ण सलाहकारों में गिना जाता था।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>तड़के अस्पताल में ली अंतिम सांस</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे। बताया गया कि शनिवार देर रात अचानक सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और रविवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। चिकित्सकों द्वारा उनके निधन की पुष्टि किए जाने के बाद यह खबर तेजी से पूरे गिरिडीह और झारखंड में फैल गई। उनके निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचने लगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सुबह चार बजे से अस्पताल के बाहर जुटने लगी भीड़</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दिवंगत मंत्री की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके निधन की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब चार बजे से ही अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे लोगों में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल थे। करीब 7:30 बजे उनके पार्थिव शरीर को शव वाहन से निजी आवास उत्सव उपवन ले जाया गया। रास्ते में कुछ देर के लिए पार्थिव शरीर को झामुमो के जिला कार्यालय भी ले जाया गया, जहां जिला अध्यक्ष संजय सिंह समेत पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उत्सव उपवन में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया। यहां दिनभर लोगों का पहुंचना जारी रहा। राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>परिवार में पत्नी, दो पुत्रियां और एक पुत्र</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दिवंगत मंत्री अपने पीछे पत्नी श्वेता शर्मा, दो पुत्रियों, एक पुत्र और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार, समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा शोक है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड के राजनीतिक गलियारे में भी शोक की लहर है। सरकार में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री के साथ-साथ गिरिडीह में जननेता के रूप में उनकी सक्रियता और लोगों के बीच उनकी पहुंच को देखते हुए उनके निधन को राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ ने भी उनके प्रति लोगों के गहरे जुड़ाव और सम्मान को प्रदर्शित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 19:34:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Giridih News: राज्यपाल, मुख्यमंत्री और गणमान्य हस्तियों ने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार को दी श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[गिरिडीह के हरसिंहरायडीह में दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार को राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व अन्य गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात उसरी नदी श्मशान घाट पर पूर्ण राजकीय सम्मान, गार्ड ऑफ ऑनर और सशस्त्र सलामी के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/sudivya-kumar-state-funeral-giridih-september-2026/article-26594"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/88745d8e-a82b-429b-b519-d476f1545347_samridh_1200x720-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गिरिडीह:</strong> झारखंड सरकार के मंत्री, सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन से संपूर्ण राज्य शोकाकुल है। उनके निधन से झारखंड ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री एवं युवा नेतृत्व को खो दिया है। उनके निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति के रूप में स्मरण किया जा रहा है। दिवंगत मंत्री, सुदिव्य कुमार के हरसिंहरायडीह स्थित पैतृक आवास पर आज उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों, राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। </p>
<p style="text-align:justify;">राज्यपाल महोदय, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री झारखंड सरकार, झारखंड सरकार के माननीय मंत्रिगण, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर राज्यपाल, संतोष गंगवार ने दिवंगत  सुदिव्य कुमार के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका असामयिक निधन अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार ने जनप्रतिनिधि एवं मंत्री के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। माननीय राज्यपाल महोदय ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।</p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा अध्यक्ष ने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि  सुदिव्य कुमार का असमय निधन अत्यंत मर्माहत करने वाला है। सार्वजनिक जीवन में उनका व्यवहार, जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सदन एवं सरकार में उनकी सक्रिय भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्यमंत्री,  हेमन्त सोरेन भी हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के आवास पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन अत्यंत पीड़ादायक है। उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री एवं युवा नेतृत्व को खो दिया है। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान और सेवाओं को सदैव स्मरण किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा सभी माननीय मंत्री महोदय के द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। वहीं माननीय विधायक  कल्पना सोरेन ने भी दिवंगत मंत्री के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय आमजन एवं शुभचिंतकों ने भी अंतिम दर्शन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके उपरांत दिवंगत मंत्री  सुदिव्य कुमार की अंतिम यात्रा हरसिंहरायडीह स्थित पैतृक आवास से गिरिडीह के उसरी नदी–हरसिंहरायडीह श्मशान घाट के लिए निकली। श्मशान घाट पर राज्य सरकार के निर्णय के अनुरूप उनकी अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराई गई। राजकीय सम्मान के अनुरूप पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर एवं सशस्त्र सलामी दी गई। पूरे अंत्येष्टि कार्यक्रम को गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रशासनिक, विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। </p>
<p style="text-align:justify;">अंतिम विदाई के इस भावुक क्षण में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, परिजनों एवं आमजनों ने नम आंखों से दिवंगत मंत्री को अंतिम विदाई दी। उनके असामयिक निधन से उत्पन्न शून्य की पूर्ति कठिन है। जनसेवा एवं सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां भी स्मरण करेंगी। जिला प्रशासन, गिरिडीह की ओर से दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों एवं शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 19:02:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुदिव्य कुमार सोनू को सीएम सोरेन, राज्यपाल समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, कल बंद रहेंगे सरकारी विभाग</title>
                                    <description><![CDATA[दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से झारखंड में शोक की लहर है। रविवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन गिरिडीह के हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के आवास पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/sudivya-kumar-sonu-tribute-hemant-soren-governor-giridih/article-26581"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/untitled-design-(5).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>गिरिडीह:</strong> दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से झारखंड में शोक की लहर है। रविवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन गिरिडीह के हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के आवास पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिवंगत मंत्री के निधन को बेहद पीड़ादायक बताते हुए कहा कि सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री और युवा नेतृत्व को खो दिया है। राज्य और समाज के लिए दिवंगत सुदिव्य कुमार द्वारा किए गए योगदान और उनकी सेवाओं को हमेशा याद किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस कठिन और दुख की घड़ी में धैर्य, शक्ति और संबल प्रदान करने की कामना की।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस मौके पर विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं। उन्होंने स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।</p>
<h3>राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी दी श्रद्धांजलि</h3>
<p class="isSelectedEnd">रविवार दोपहर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार भी दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और शोक व्यक्त किया। राज्यपाल ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।</p>
<p class="isSelectedEnd">दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि देने के लिए मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री योगेंद्र महतो, झारखंड सरकार की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल और पर्यटन सचिव नमन प्रियेश लकड़ा भी पहुंचे। सभी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।</p>
<h3>राजकीय शोक के तहत कल बंद रहेंगे सरकारी विभाग</h3>
<p>दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर राज्य सरकार ने दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। राजकीय शोक के तहत सोमवार को सरकारी विभाग बंद रहेंगे। इस दौरान सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और राजकीय समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 16:17:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुदिव्य सोनू के निधन पर सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक, कहा- बड़े भाई थे</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड के नगर विकास मंत्री व गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का 56 वर्ष की आयु में गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके निधन पर सीएम हेमंत सोरेन समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने शोक जताया और सभी प्रस्तावित दलीय कार्यक्रम स्थगित कर दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/giridih--minister---sudivya-sonu-demise-september-2026/article-26576"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/capture_samridh_1200x720---2026-09-06t130740.820.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गिरिडीह: </strong>रविवार सुबह एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री व गिरिडीह विधायक सुदिव्य सोनू का निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे। उन्होंने गिरिडीह के मर्सी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। उनके अचानक निधन की खबर मिलते ही गिरिडीह समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल परिसर में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, झामुमो नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुटने लगी।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>मर्सी हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस, निधन की खबर से स्तब्ध हुए समर्थक</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">बताया गया कि मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की तबीयत बिगड़ने के बाद उनका इलाज गिरिडीह के मर्सी हॉस्पिटल में चल रहा था। रविवार सुबह हार्ट अटैक के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।</p>
<p style="text-align:justify;">निधन की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचने लगे और पूरे इलाके में गमगीन माहौल बन गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>झामुमो जिला कार्यालय में दी गई श्रद्धांजलि</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि के लिए झामुमो जिला कार्यालय ले जाया गया। वहां नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास ले जाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई दे रहे हैं।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया गहरा दुख, ‘सोनू भैया बड़े भाई की तरह थे’ – हेमंत सोरेन</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए उन्हें सिर्फ अपना राजनीतिक साथी नहीं, बल्कि बड़े भाई के समान बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में सोनू भैया हमेशा स्नेह, मार्गदर्शन और मजबूती के साथ उनके साथ खड़े रहे। उनके इस भावुक संदेश ने राजनीतिक और सामाजिक जगत को भी भावुक कर दिया।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>रविवार को गिरिडीह पहुंचेंगे मुख्यमंत्री</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को गिरिडीह पहुंचेंगे। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री करीब 12 बजे रांची से गिरिडीह पहुंच सकते हैं। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>उसरी नदी–हरसिंहरायडीह श्मशान घाट में होगा अंतिम संस्कार, शाम 3:30 बजे दी जाएगी अंतिम विदाई</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">परिवार और राज्य सरकार की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार रविवार अपराह्न 03:30 बजे गिरिडीह स्थित उसरी नदी–हरसिंहरायडीह श्मशान घाट में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में राजनीतिक नेताओं, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>मंत्री के निधन के बाद राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित, झामुमो, कांग्रेस और भाजपा ने रोके अपने कार्यक्रम</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद झारखंड की राजनीतिक गतिविधियों पर भी विराम लग गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने सभी प्रस्तावित कार्यक्रम अगले आदेश तक स्थगित कर दिए हैं। इसके अलावा 7 सितंबर को एमएमडीआरए एक्ट के खिलाफ राज्यभर में प्रस्तावित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन भी स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस पार्टी ने भी अपने प्रस्तावित धरना कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। वहीं भाजपा ने भी अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहु की शाम को होने वाली प्रेस वार्ता भी रद्द कर दी गई है।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>गिरिडीह में शोक का माहौल, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रहे लोग</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">झारखंड की राजनीति के लिए बड़ी क्षति फिलहाल गिरिडीह में गहरा शोक व्याप्त है। बड़ी संख्या में लोग दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक गलियारों में उनके निधन को झारखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। एक जनप्रतिनिधि और मंत्री के रूप में उनकी भूमिका को लंबे समय तक याद किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन ने न सिर्फ उनके परिवार और समर्थकों को, बल्कि पूरे झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक जगत को गहरा झटका दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/giridih--minister---sudivya-sonu-demise-september-2026/article-26576</link>
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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:17:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंत्री सुदीव्य सोनू की तबीयत बिगड़ी, गिरिडीह के निजी अस्पताल में भर्ती, हालत नाजुक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गिरिडीह:</strong> देर रात मंत्री सुदीव्य सोनू की अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें हार्ट अटैक जैसी समस्या हुई है। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि देर रात से ही अस्पताल में प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, मंत्री की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।</p>
<p>हालांकि, अस्पताल प्रबंधन या प्रशासन की ओर से फिलहाल उनकी तबीयत को लेकर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद सूत्रों का कहना है कि उनकी हालत काफी गंभीर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/minister-sudivya-sonus-health-deteriorated-admitted-in-private-hospital-of/article-26572"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/samridhbharat191.webp" alt=""></a><br /><p><strong>गिरिडीह:</strong> देर रात मंत्री सुदीव्य सोनू की अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें हार्ट अटैक जैसी समस्या हुई है। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि देर रात से ही अस्पताल में प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, मंत्री की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।</p>
<p>हालांकि, अस्पताल प्रबंधन या प्रशासन की ओर से फिलहाल उनकी तबीयत को लेकर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद सूत्रों का कहना है कि उनकी हालत काफी गंभीर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/minister-sudivya-sonus-health-deteriorated-admitted-in-private-hospital-of/article-26572</link>
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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 05:18:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Giridih News: बाल विवाह के खिलाफ 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने के फैसले का स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[गिरिडीह के बनवासी विकास आश्रम ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल विवाह विरोधी दिवस घोषित करने के कदम का स्वागत किया है। निदेशक सुरेश कुमार शक्ति और जेआरसी के सहयोगी धर्मेंद्र यादव ने बाल विवाह की रोकथाम तथा ड्रॉप आउट बच्चों के पुनर्नमांकन पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/giridih-banwasi-ashram-child-marriage-un-resolution-september-2026/article-26563"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/0309d786-fde7-449a-8839-0dce470671e5_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गिरिडीह:</strong> बाल विवाह के खिलाफ जमीनी अभियान चला रहे बनवासी विकास आश्रम ने संयुक्त राष्ट्र के 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित करने के ऐतिहासिक कदम का स्वागत किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">संगठन ने कहा कि यह सरकार व प्रशासन के सहयोग से देश में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहे नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के अथक और असाधारण प्रयासों को वैश्विक मान्यता है। संगठन बनवासी विकास आश्रम जेआरसी का एक सहयोगी संगठन है। जेआरसी लंबे समय से इस दिवस की मांग कर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षक दिवस पर हुए एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ...(बनवासी विकास आश्रम) के निदेशक सुरेश कुमार शक्ति ने कहा कि भारत से उठी आवाज आज पूरी दुनिया का संकल्प बन गई है। उन्हें खुशी है कि आज उनके प्रयासों को वैश्विक मान्यता मिली है। साथ ही यह पूरे भारत के लिए भी गर्व का विषय है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक दिवस के लिए 27 नवंबर की तारीख चुनी। 2024 में इसी दिन भारत सरकार ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन जैसे नागरिक समाज संगठनों को साथ लेकर ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की थी। </p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन यह जश्न मनाकर रुक जाने का क्षण नहीं है। संयुक्त राष्ट्र की घोषणा ने हमें गौरव दिया है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि दुनिया के हर बच्चे को बाल विवाह मुक्त बचपन भी मिले। हमारे सामने इस संकल्प को जमीन पर उतारने की चुनौती भी है। जब तक जिले के किसी गांव का एक भी बच्चा बाल विवाह के डर में जी रहा है, तब तक  हमारी लड़ाई अधूरी है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि .... गिरिडीह में हमने सरकार व प्रशासन के साथ मिलकर कानूनी हस्तक्षेपों से.. हजारों बाल विवाह रुकवाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, “हम जानते हैं कि सिर्फ कानून से ही बाल विवाह की पूरी तरह रोकथाम संभव नहीं होगी। इसलिए हमने बड़े पैमाने पर स्कूलों, पंचायतों, गांवों में जागरूकता अभियान चलाया है। लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है। साथ ही बाल विवाह के लिहाज से संवेदनशील आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का दोबारा स्कूलों में दाखिला कराया है। इसके अलावा बाल विवाह के खिलाफ मुहिम में धर्मगुरुओं व शिक्षकों को जोड़कर हमने इसे सही मायने में जन अभियान बनाया है जिसकी गूंज संयुक्त राष्ट्र तक सुनाई दे रही है।”  </p>
<p style="text-align:justify;">जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने बाल विवाह के खात्मे के लिए एक अलग अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की पहल की थी। मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में भुवन ऋभु ने अपने संबोधन के दौरान कई वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में एक बार फिर बाल विवाह के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने के लिए प्रस्ताव लाने की बात कही। </p>
<p style="text-align:justify;">तब अफ्रीकी देश सिएरा लियोन की फर्स्ट लेडी डॉ. फातिमा मादा बायो भी मौजूद थीं, जिन्होंने इस पहल का समर्थन किया। इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत सहित करीब 50 देशों के समर्थन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया। जिसमें 27 नवंबर को बाल विवाह समाप्त करने के लिए समर्पित वैश्विक दिवस घोषित करने की मांग थी। 4 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">भारत में जेआरसी अपने सहयोगी संगठनों के साथ देश के सभी 782 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहा है। जेआरसी ने अपने सहयोगी संगठनों के साथ सरकारों और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से समुदायों, स्कूलों, पंचायतों, आदिवासी और वंचित समुदायों, महिलाओं, पुलिसकर्मियों, धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह रोकने के लिए एकजुट किया है। जेआरसी के सहयोगी संगठनों ने देश में 5,50,000 से अधिक बाल विवाह रुकवाएं हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार, नागरिक समाज और समुदाय मिलकर काम करते हैं, तो बाल विवाह को रोका जा सकता है और अंततः पूरी तरह समाप्त भी किया जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस मुहिम का प्रभाव बाल विवाह की दर में आई गिरावट में भी साफ नजर आता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (2019-21) के अनुसार देश में 23.3 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल से पहले हो चुकी थी, जबकि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-6 (2023-24) में यह आंकड़ा घटकर 20.1 फीसदी रह गया। वहीं भारत सरकार ने 2026 तक बाल विवाह की दर को 10 फीसदी तक घटाने का लक्ष्य रखा है। </p>
<p style="text-align:justify;">केंद्र और राज्य, दोनों ही स्तरों पर लगातार किए जा रहे प्रयासों की बदौलत उम्मीद है कि 2026 खत्म होते-होते भारत में बाल विवाह की दर 15 फीसदी से भी नीचे आ जाएगी। यह 2030 तक बाल विवाह को समाप्त करने की वैश्विक प्रतिबद्धता सतत विकास लक्ष्य 5 (लैंगिक समानता) के लक्ष्य 5.3 के अनुरूप है। जिसमें बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह जैसी सभी नुकसानदेह प्रथाओं को खत्म करने की बात कही गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जमुआ प्रखंड के कई विद्यालय में संस्था के धर्मेन्द्र यादव ने जा जाकर ड्रॉप आउट बच्चों को चिह्नित करने का प्रयास किया।इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी दिया।उन्होंने उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय शिवसिंहडीह  (जमुआ) में अपने संस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दिया तथा कहा कि सभी विद्यालयों में ड्रॉप आउट बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना है, इसके लिए संस्था की ओर से अथक प्रयास किया जा रहा है।संस्था द्वारा किए जा रहे कार्य और फोटो भी उपलब्ध कराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 20:54:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Sinha]]></dc:creator>
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                <title>Giridih News: बदलती जीवनशैली और तनाव के कारण कम उम्र में बढ़ रहा हृदय रोग का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[जमुआ के दुबे नर्सिंग होम में सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश कुशवाहा ने 100 से अधिक मरीजों का उपचार किया और लोगों को बदलती जीवनशैली में हृदय रोग के खतरों से बचाव तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/jamua-heart-checkup-camp-september-2026/article-26562"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-09/662be055-5719-4250-b85c-0f5ab5089ac7_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जमुआ: </strong>बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान, तनाव, धूम्रपान, मोटापा, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज के कारण कम उम्र में भी हृदय रोग का खतरा बढ़ता जा रहा है। युवाओं में हार्ट अटैक समेत हृदय संबंधी अन्य समस्याओं के मामले सामने आ रहे हैं। लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। यह बातें प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश कुशवाहा ने शनिवार को जमुआ स्थित दुबे नर्सिंग होम में मरीजों के उपचार के दौरान कहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. महेश कुशवाहा प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को जमुआ के दुबे नर्सिंग होम तथा रविवार को गिरिडीह के साईं अस्पताल में मरीजों को अपनी सेवाएं देते हैं। शनिवार को उन्होंने दुबे नर्सिंग होम में प्रखंड क्षेत्र से पहुंचे 100 से अधिक मरीजों की जांच एवं उपचार किया। मौके पर भाकपा माले नेता सैयद मनौव्वर हसन बंटी ने भी डॉ.महेश कुशवाहा से मिल कर रूटीन चेकअप करवाए।श्री हसन ने बताया कि इनके जैसे चिकित्सक जमुआ जैसे सुदृढ़ क्षेत्रों में सेवा देना हमलोगों के लिए गर्व की बात है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. कुशवाहा ने कहा कि वे रांची के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में सेवा देते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय निकालकर जमुआ आते हैं। इससे उन मरीजों को काफी सहूलियत मिलती है, जो इलाज के लिए रांची जाने में सक्षम नहीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सीने में दर्द या भारीपन, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, धड़कन का अनियमित होना तथा जबड़े या बांह में दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। डॉ. कुशवाहा ने लोगों से धूम्रपान से दूरी बनाने, संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने तथा वजन, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने की अपील की। उन्होंने पर्याप्त नींद लेने और तनाव कम करने को भी हृदय को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 20:47:55 +0530</pubDate>
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