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                <title>अंतरराष्ट्रीय - Samridh Jharkhand</title>
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                            <item>
                <title>अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को 103 एआईएम-9एक्स मिसाइल बेचने की दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को 103 एआईएम-9एक्स साइडवाइंडर ब्लॉक II एयर-टू-एयर मिसाइलों की प्रस्तावित बिक्री को मंजूरी दे दी है। इस रक्षा सौदे की अनुमानित लागत 12.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर बताई गई है। दक्षिण कोरिया ने मिसाइलों के अलावा 10 गाइडेंस यूनिट, प्रशिक्षण सामग्री, उपकरण और स्पेयर पार्ट्स की भी मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/business/america-approves--103-aim-9x-missiles-sale-to-south-korea/article-26283"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/980122fb8ac969eaa3b80bb47fdf5be3_1423284146_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>वॉशिंगटन: </strong>अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को एआईएम-9एक्स एयर-टू-एयर मिसाइलें और उनसे जुड़े उपकरण बेचने की मंज़ूरी दे दी है। विदेश विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी और कहा कि इस प्रस्तावित बिक्री से एशियाई सहयोगी देश की हवाई सुरक्षा क्षमता को मज़बूत करने में मदद मिलेगी।</p>
<p>दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, विभाग ने सरकार-से-सरकार के बीच होने वाली 'फॉरेन मिलिट्री सेल' (एफएमएस) के बारे में अपने फ़ैसले की घोषणा की, जिसकी अनुमानित लागत 12.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर है। इस प्रस्तावित बिक्री के लिए कांग्रेस को सूचित करना और उसकी समीक्षा जरूरी है।</p>
<p>विभाग के अनुसार, दक्षिण कोरिया ने 103 एआईएम-9एक्स साइडवाइंडर ब्लॉक II टैक्टिकल मिसाइलें और 10 गाइडेंस यूनिट खरीदने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही, प्रशिक्षण से जुड़ी सामग्री और उपकरण तथा स्पेयर पार्ट्स जैसी अन्य रक्षा संबंधी चीज़ें भी मांगी गई हैं।</p>
<p>विभाग ने एक बयान में कहा, "यह प्रस्तावित बिक्री अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों को आगे बढ़ाएगी। इससे एक प्रमुख सहयोगी देश की सुरक्षा बेहतर होगी, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए एक अहम ताकत है।"</p>
<p>बयान में आगे कहा गया, "इस प्रस्तावित बिक्री से दक्षिण कोरिया की हवाई सुरक्षा क्षमता बढ़ेगी, जिससे वह मौजूदा और भविष्य के खतरों का सामना करने में सक्षम होगा। साथ ही, इससे क्षेत्र में आक्रामकता को रोकने और अमेरिकी सेना के साथ मिलकर काम करने की क्षमता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।"</p>
<p>विभाग ने बताया कि इस सौदे के लिए मुख्य ठेकेदार वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में स्थित आरटीएक्स कॉर्पोरेशन होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 16:27:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-यूएई टकराव से खाड़ी में खलबली, होर्मुज पर अमेरिका की बढ़ी सक्रियता</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के सहयोगी देशों के बीच टकराव गहराता नजर आ रहा है। यूएई ने ईरान के साथ व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा की है। इसके बाद अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/iran-uae-conflict-creates-unrest-in-gulf-americas-increased-activity-on/article-26091"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/images_samridh_1200x7201.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अबूधाबी/वाशिंगटन/तेहरान: </strong>लगभग सात माह से सैन्य टकराव और तनाव के बादलों से घिरे होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति और गंभीर हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह के कभी बनते और बिगड़ते प्रयासों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर हुए हमले के बाद होर्मुज की सुरक्षा को लेकर मध्य क्षेत्र में खलबली मच गई है। ईरान इस समय अमेरिका के सहयोगी देशों के रवैये से खफा है। उसने यूएई के समुद्री नौवहन को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाकर अपना रुख साफ कर दिया है। इसके बाद अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो ने यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शेख तहनून बिन ज़ायद अल नाहयान से क्षेत्र की अहम सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा की है।</p>
<p>अल जजीरा, गल्फ न्यूज और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद बड़ा कदम उठाया है। यूएई ने आज तत्काल प्रभाव से ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी। यूएई ने यह कदम क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरों को देखते हुए उठाया है।</p>
<p>यूएई विदेश मंत्रालय के रणनीतिक संचार विभाग की निदेशक अफरा अल हमेली ने इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध अगली सूचना तक लागू रहेंगे। मध्य पूर्व में बढ़ रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही। होर्मुज जलडमरूमध्य अब अमेरिकी क्षेत्र में है। ट्रंप ने इस जलमार्ग को नया अमेरिकी क्षेत्र बताने वाली एक तस्वीर भी पोस्ट की है। ईरान ने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अपनी शर्तें दोहराई हैं। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापक यूएस-ईरान बातचीत फिर से शुरू होने से पहले मध्यस्थ होर्मुज पर ईरान-ओमान के बीच द्विपक्षीय समझौते का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>यूएई पर हमले के बाद अमेरिका के विदेश सचिव रुबियो ने यूएई के एनएसए शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान से टेलीफोनिक बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही की आजादी बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट के अनुसार, रुबियो ने प्रमुख क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान से बात की है। इस दौरान दोनों ने लेबनान के हालात पर भी चर्चा की।<br /><br />इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यूएई के रक्षा मंत्रालय के दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के दावे को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे दावों से पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंधों को नुकसान पहुंचता है और क्षेत्र में आपसी भरोसे को ठेस पहुंचती है। उधर, ईरान की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने खाड़ी देशों को अमेरिकी सेना की मदद न करने की चेतावनी दी है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के एक बयान में अब्दुल्लाही ने कहा कि इलाके के बेस पर इतने सारे मिलिट्री एयरक्राफ़्ट, खासकर रीफ़्यूलिंग करने वाले विमानों की मौजूदगी को मेजबान देशों की जानकारी के बिना समझाना मुश्किल होगा।<br /><br />इस घटनाक्रम के बीच ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाक़र घालिबाफ का कहना है कि उनकी इराक यात्रा का मकसद विदेशी दखल के बिना एक नई क्षेत्रीय व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के इस्लामी देशों को टिकाऊ आर्थिक सहयोग के साथ गहरे सुरक्षा संबंधों पर तालमेल बैठाना चाहिए। उन्होंने कहा, "इस्लामी गणराज्य ईरान इस क्षेत्रीय मॉडल को साकार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।"<br /><br />ईरान के तेल मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर जारी सैन्य तनाव के बीच आश्चर्यचकित करने वाला आंकड़ा पेश किया है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान को इस साल के पहले चार महीनों में तेल से विदेशी मुद्रा के रूप में 7.5 अरब डॉलर की कमाई हुई। यह रकम सेंट्रल बैंक को सौंप दी गई है। यह कमाई पिछले साल इसी अवधि में हुई कमाई से 1.5 गुना ज्यादा है। उम्मीद है कि इससे दिसंबर के आखिर तक सरकार के विदेशी मुद्रा से जुड़े खर्च पूरे हो जाएंगे।<br /><br />होर्मुज जलडमरूमध्य पर दुनिया की नजरें फिर टिक गई हैं। अमेरिकी सेना ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन का वीडियो फुटेज जारी किया है। इसमें वह मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच मलक्का जलडमरूमध्य से गुजर रहा है। सेना के अनुसार, 13 अगस्त को रिकॉर्ड किए गए इस टाइम-लैप्स वीडियो में युद्धपोत का डेक दिखाई दे रहा है। जॉर्ज वॉशिंगटन मध्य पूर्व में पहुंचकर यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा।अब्राहम लिंकन ईरान युद्ध के कारण लंबे समय से समुद्र में तैनात है।</p>
<p>सेना के एक और फुटेज में मंगलवार को हिंद महासागर में जॉर्ज वॉशिंगटन पर विमानों को रात में उड़ान भरते हुए दिखाया गया है। इस जहाज के मध्य पूर्व जाने के बाद प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के पास कोई एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं बचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 17:13:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से तबाही, 132 लोगों की मौत, राष्ट्रीय आपदा घोषित</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबिया में सोमवार सुबह आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही हुई है। इसके बाद 4.8 तीव्रता का दूसरा भूकंप भी आया। भूकंप का केंद्र पश्चिमी राज्य चोको के सैन होस डेल पालमार नगरपालिका क्षेत्र में रहा। राष्ट्रपति एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने व्यापक तबाही के बाद राष्ट्रीय आपदा घोषित की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/colombia-earthquake-132-dead-national-disaster-declared/article-25620"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/1427e5dcfe514e02c9c7b6c916f73de2_1446669671_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>बोगोटा (कोलंबिया): </strong>कोलंबिया में भूकंप से भारी तबाही हुई है। देश में राष्ट्रीय आपदा घोषित की गई है। अब तक कम से कम 132 लोगों की मौत हो चुकी है। कोलंबिया को सोमवार सुबह 7:34 बजे 7.4 तीव्रता और इसके बाद सुबह 8:18 बजे 4.8 तीव्रता के भूकंप का सामना करना पड़ा। दोनों बार भूकंप का केंद्र पश्चिमी राज्य चोको के सैन होस डेल पालमार नगरपालिका क्षेत्र रहा। कोलंबियाई भू-वैज्ञानिक सेवा के अनुसार, पहले भूकंप की गहराई 98 किलोमीटर और दूसरे की 88 किलोमीटर रही।</p>
<h4>मलबे में लोगों की तलाश जारी</h4>
<p>द बोगोटा पोस्ट और एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोग और बचावकर्मी गिरी हुई इमारतों के मलबे में खोजबीन कर रहे हैं। देश के राष्ट्रपति एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने कई शहरों में हुई व्यापक तबाही के बाद राष्ट्रीय आपदा घोषित की है। राष्ट्रपति के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 132 लोगों की मौत हो चुकी है और 572 लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में परेरा और कैली शहर शामिल हैं। इन इलाकों में दर्जनों लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।</p>
<h4>61 इमारतें ढहीं, 1,600 से अधिक घर प्रभावित</h4>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि भूकंप के झटकों से कम से कम 61 इमारतें ढह गईं और 1,600 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि दर्जनों स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक केंद्र और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।</p>
<p>बताया गया है कि भूकंप के बाद आर्मेनिया, कैली, मनीज़ालेस, परेरा, क्विबडो, बुएनावेन्चुरा और कार्टागो शहरों में सात हवाई अड्डों ने अपनी सेवाएं रोक दीं।</p>
<h4>पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए झटके</h4>
<p>अधिकारियों ने कहा कि राजधानी बोगोटा में किसी इमारत के गिरने की कोई सूचना नहीं है। भूकंप के झटके कोलंबिया, वेनेजुएला, इक्वाडोर और पनामा सहित पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए।</p>
<p>यह आपदा 9 अगस्त की देर रात 12:57 बजे वेनेजुएला की सांता एना डेल टैचिरा म्युनिसिपैलिटी में आए 3.9 तीव्रता वाले भूकंप के बाद हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:18:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरुणाचल पर चीन की बौखलाहट, भारत ने 27 जगहों के नाम बदले तो आया तमतमाता बयान</title>
                                    <description><![CDATA[अरुणाचल प्रदेश: चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता आया है और इसे अपनी भाषा में 'जांगनान' नाम देता है. साल 2017 से चीन बार-बार अरुणाचल के विभिन्न इलाकों के नाम बदलने की कोशिश करता रहा है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/arunachal-pradesh-27-places-names-china-reaction-india/article-25539"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/jhl.jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal" dir="ltr"><strong>नेशनल डेस्क: </strong>भारत ने अरुणाचल प्रदेश के मसले पर चीन को उसी अंदाज में जवाब दिया, तो चीन की प्रतिक्रिया तीखी हो गई. चीन ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों के नामकरण को लेकर भारत की कड़ी आलोचना की है. सीमा से सटे इस क्षेत्र में इन 27 स्थानों के नाम आधिकारिक तौर पर घोषित किए जाने पर चीन ने भारत की निंदा की है, जिससे दोनों देशों के आपसी संबंधों में तनाव और गहरा गया है वह भी ऐसे समय में जब दोनों पक्ष वर्षों पुराने सीमा विवाद के बाद रिश्ते सुधारने की दिशा में प्रयासरत हैं.</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal" dir="ltr">चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि चीन इन क्षेत्रों के लिए जिन नामों का इस्तेमाल पहले से करता आया है, भारत का उन्हें बदलने का प्रयास न तो वैध है और न ही स्वीकार्य, और इस तरह के कदम से यह हकीकत नहीं बदलेगी कि जांगनान चीन का ही भूभाग है.</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal" dir="ltr">दरअसल, चीन की तरफ से बार-बार किए जा रहे नाटक और अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम एकतरफा तौर पर बदलने की कोशिशों का भारत ने कड़ा जवाब दिया है. भारत ने सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे में अरुणाचल प्रदेश की 27 अहम जगहों जिनमें झीलें, बस्तियां और स्मारक जैसी भौगोलिक विशेषताएं शामिल हैं के मानक नाम विधिवत रूप से दर्ज कर दिए हैं. भारत के इस कदम के बाद ही चीन की बौखलाहट सामने आई है, जबकि हकीकत यह है कि चीन खुद 2017 से लेकर अब तक कई बार अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों के नाम बदलता रहा है.</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal" dir="ltr">गौरतलब है कि चीन अरुणाचल प्रदेश को लंबे समय से दक्षिणी तिब्बत का भाग मानता आया है और उसने इसे 'जांगनान' नाम दे रखा है. चीन के इन्हीं निराधार और मनगढ़ंत दावों को सिरे से नकारते हुए तथा सरकारी दस्तावेजों में सटीकता बनाए रखने के मकसद से भारत सरकार ने गृह मंत्रालय और अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ विचार-विमर्श कर इन 27 स्थानों के सही भारतीय नामों को आधिकारिक नक्शों और सरकारी रिकॉर्ड्स में शामिल किया है.</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal" dir="ltr">इससे पहले चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र माने जाने वाले 'ग्लोबल टाइम्स' ने भी इस विषय पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. उस रिपोर्ट के मुताबिक, चीन काफी समय से इस क्षेत्र में भौगोलिक स्थानों के नामों को मानकीकृत करने का काम करता आ रहा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जिस दौर में भारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेत नजर आ रहे हैं और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बहुपक्षीय मंचों पर संवाद की संभावना जताई जा रही है, ऐसे समय में भारत की तरफ से उठाया गया कोई भी एकतरफा कदम, जो सीमा पर हालात को और उलझा दे, निरर्थक साबित होगा और इससे दोनों देशों के व्यापक संबंधों को कोई लाभ नहीं मिलेगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 16:04:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान के हंगू में ऑपरेशन के दौरान कैप्टन की मौत, 7 आतंकियों के मारे जाने का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हंगू जिले में सुरक्षा बलों ने खुफिया सूचना के आधार पर अभियान चलाकर सात आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान सेना के 27 वर्षीय कैप्टन हमजा अकरम की मौत हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/pakistan-hangu-operation-7-terrorists-killed-captain-dead/article-25442"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/def70a38d149edeb8da5c691974e443a_1662316400_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>रावलपिंडी:</strong> पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हंगू जिले में सुरक्षा बलों ने खुफिया सूचना के आधार पर अभियान चलाकर <strong>सात आतंकवादियों को मार गिराने का दावा</strong> किया है। कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान सेना के एक कैप्टन की भी मौत हो गई। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान 27 वर्षीय कैप्टन हमजा अकरम अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए मारे गए।</p>
<h3>खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुआ अभियान</h3>
<p>पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, हंगू जिले में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान शुरू किया। सेना ने मारे गए आतंकवादियों को <strong>‘फितना अल-ख्वारिज’</strong> से जुड़ा बताया है।</p>
<p>सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच उस समय मुठभेड़ हुई, जब आतंकवादियों ने कथित तौर पर एक मस्जिद में शरण ली। गोलीबारी में सात आतंकवादियों के मारे जाने का दावा किया गया है।</p>
<h3>कैप्टन हमजा अकरम की मौत</h3>
<p>आईएसपीआर के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान <strong>27 वर्षीय कैप्टन हमजा अकरम</strong> अपनी टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे। मुठभेड़ के दौरान उनकी मौत हो गई। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद करने का भी दावा किया है।</p>
<p>सेना के अनुसार, मारे गए आतंकवादी सुरक्षा बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आम नागरिकों के खिलाफ विभिन्न आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे थे।</p>
<h3>बलूचिस्तान में भी कार्रवाई का दावा</h3>
<p>हंगू के अलावा बलूचिस्तान के कंबिला और आसिमाबाद इलाकों में भी सुरक्षा बलों की ओर से तलाशी अभियान चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इन कार्रवाइयों में <strong>तीन आतंकवादियों के मारे जाने</strong> का दावा किया गया है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, आतंकवादी कमांडर शौकत मामा समेत चार अन्य आतंकवादी घायल हुए हैं। अभियान के दौरान 12 संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।</p>
<h3>68 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मुक्त कराने का दावा</h3>
<p>सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट किया गया और करीब <strong>68 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को आतंकवादियों से मुक्त</strong> कराने का दावा किया गया है।</p>
<p>वहीं, हंगू इलाके में अन्य संभावित आतंकवादियों की तलाश के लिए अभियान जारी रहने की बात कही गई है।</p>
<h3>आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रखने का ऐलान</h3>
<p>पाकिस्तान सेना ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सेना के मुताबिक <strong>‘ऑपरेशन रद-उल-फितना 3’</strong> के तहत आतंकी गतिविधियों को खत्म करने के लिए सुरक्षा अभियान तेज किया जाएगा।</p>
<blockquote>
<p><strong>नोट:</strong> आतंकवादियों के मारे जाने, घायलों और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से जुड़े आंकड़े पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों/सेना के दावों पर आधारित हैं।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 15:47:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>थॉम्पसन की घातक गेंदबाजी बांग्लादेश 54 रन पर ढेर, ऑस्ट्रेलिया एकादश की पारी और 38 रन से जीत</title>
                                    <description><![CDATA[कैंपबेल थॉम्पसन ने 25 रन देकर 8 विकेट झटके, जिससे बांग्लादेश दूसरी पारी में 54 रन पर सिमट गया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश ने पारी और 38 रन से जीत दर्ज की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/game/thompson-eight-wickets-bangladesh-54-runs-australia-xi-win/article-25425"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/8f73eea52d5bfbf7c179de6b2141be04_347167823_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>डार्विन:</strong> बाएं हाथ के तेज गेंदबाज कैंपबेल थॉम्पसन की घातक गेंदबाजी के सामने बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह बेबस नजर आई। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश ने अभ्यास मैच में बांग्लादेश को पारी और 38 रन से करारी शिकस्त दी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला शुरू होने से महज पांच दिन पहले बांग्लादेश की दूसरी पारी सिर्फ 54 रन पर सिमट गई।</p>
<h4>थॉम्पसन ने 11 ओवर में झटके 8 विकेट</h4>
<p class="isSelectedEnd">दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के 22 वर्षीय तेज गेंदबाज कैंपबेल थॉम्पसन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 11 ओवर में महज 25 रन देकर आठ विकेट हासिल किए। उनकी धारदार गेंदबाजी ने बांग्लादेश की दूसरी पारी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">थॉम्पसन ने मैच के दूसरे दिन के आखिर में दो विकेट लेकर बांग्लादेश का स्कोर दो विकेट पर 19 रन कर दिया था। शुक्रवार सुबह उन्होंने अपनी गेंदबाजी का कहर जारी रखते हुए छह और विकेट चटकाए और पूरी बांग्लादेशी पारी को 54 रन पर समेट दिया।</p>
<h4>नई गेंद से स्विंग और स्टंप पर निशाना</h4>
<p class="isSelectedEnd">मैच के बाद थॉम्पसन ने कहा कि सुबह पारी खत्म करने के लिए उनका स्पष्ट लक्ष्य नई गेंद का इस्तेमाल करना, उसे स्विंग कराना और स्टंप पर निशाना साधना था। उन्होंने कहा कि कुछ विकेट हासिल करना उनके लिए भाग्यशाली रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने बताया कि दूसरी पारी में पहली पारी की तुलना में थोड़ी छोटी लेंथ पर गेंदबाजी करने की जरूरत थी। गेंद को थोड़ा पीछे खींचकर स्टंप के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाना उनकी रणनीति का हिस्सा था।</p>
<h4>चोट से वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन</h4>
<p class="isSelectedEnd">थॉम्पसन हाल ही में हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरकर मैदान पर लौटे हैं। उनके नाम अभी सिर्फ एक प्रथम श्रेणी मैच है, लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ इस शानदार प्रदर्शन से उन्होंने अपनी क्षमता का मजबूत प्रदर्शन किया है।</p>
<h4>रोकिचियोली ने भी बरपाया कहर</h4>
<p class="isSelectedEnd">ऑस्ट्रेलिया एकादश की जीत में ऑफ स्पिनर कोरी रोकिचियोली ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बांग्लादेश की पहली पारी में छह विकेट झटके थे। दूसरी पारी में भी उन्होंने चार ओवर में सिर्फ छह रन देकर दो विकेट हासिल किए।</p>
<h4>वायली के शतक ने रखी जीत की नींव</h4>
<p class="isSelectedEnd">इससे पहले टेग वायली ने 130 रन की शानदार पारी खेलकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। डेविड डोरान ने 76 और जेम्स पैटरसन ने 53 रन बनाए। इसके बाद थॉम्पसन और रोकिचियोली की शानदार गेंदबाजी ने टीम को यादगार जीत दिला दी।</p>
<h4>बांग्लादेश की टेस्ट तैयारियों पर सवाल</h4>
<p class="isSelectedEnd">ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला शुरू होने से ठीक पहले अभ्यास मैच में बांग्लादेश की दूसरी पारी का 54 रन पर सिमटना टीम की तैयारियों के लिए चिंता का विषय है। खासकर तेज गेंदबाजी के सामने बल्लेबाजों के संघर्ष ने मेहमान टीम की कमजोरियों को उजागर किया है।</p>
<h4>मैच का संक्षिप्त स्कोर</h4>
<p class="isSelectedEnd"><strong>क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश:</strong> 355 रन — टेग वायली 130, डेविड डोरान 76, जेम्स पैटरसन 53; महमूद 4/42।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>बांग्लादेश:</strong> 263 रन — मेहदी हसन मिराज नाबाद 109; कोरी रोकिचियोली 6/83 और दूसरी पारी 54 रन — कैंपबेल थॉम्पसन 8/25।</p>
<p><strong>परिणाम:</strong> क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश ने बांग्लादेश को पारी और 38 रन से हराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/game/thompson-eight-wickets-bangladesh-54-runs-australia-xi-win/article-25425</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 11:38:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Global Business: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा दांव, क्या महंगा होने वाला है दुनिया का कारोबार?</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के प्रस्तावित शिपिंग शुल्क ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत की चिंता बढ़ा दी है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के बड़े हिस्से के कच्चे तेल और एलएनजी परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/iran-strait-of-hormuz-shipping-toll-global-trade-oil-prices/article-25275"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/aaa44ae1-3bdc-4f40-8a40-3231fea5f5a3_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>तेहरान:</strong> दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान की नई प्रस्तावित नीति वैश्विक ऊर्जा और शिपिंग सेक्टर की चिंता बढ़ा रही है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, ईरान इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर माल के मूल्य के आधार पर 5 से 7 प्रतिशत तक ट्रांजिट शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है और इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत जारी है।</p>
<h4><span><strong>वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है असर</strong></span></h4>
<p>होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और एलएनजी समुद्री मार्ग के जरिए गुजरता है। ऐसे में यदि अतिरिक्त शुल्क लागू होता है, तो शिपिंग कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ सकती है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<h4><span><strong>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी है वार्ता</strong></span></h4>
<p>ईरान, ओमान और अन्य संबंधित पक्षों के बीच समुद्री मार्ग को सामान्य बनाने और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बातचीत चल रही है। कुछ रिपोर्टों में संकेत मिले हैं कि वैकल्पिक व्यवस्था और संभावित समझौते पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम हो सके।</p>
<h4><span><strong>शिपिंग उद्योग ने जताई चिंता</strong></span></h4>
<p>अंतरराष्ट्रीय शिपिंग संगठनों का कहना है कि यदि अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क लागू किया गया, तो इससे समुद्री व्यापार के स्थापित नियमों पर असर पड़ सकता है। उद्योग से जुड़े कई संगठनों ने इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की है और इसे वैश्विक व्यापार के लिए चुनौती बताया है।</p>
<h4><span><strong>फिलहाल अंतिम फैसला नहीं</strong></span></h4>
<p>ईरान की ओर से शुल्क संबंधी प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है। विभिन्न पक्षों के बीच बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 17:04:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>World Update: रूस का दावा यूक्रेन के हमलों में 21 जुलाई से 100 से अधिक मौतें</title>
                                    <description><![CDATA[रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन के नए सैन्य प्रमुख मिखाइल द्रापाटी की नियुक्ति के बाद 21 जुलाई से रूस पर हमलों में तेजी आई है। रूसी विदेश मंत्रालय के विशेष दूत रोडियन मिरोशनिक के अनुसार, इस अवधि में लगभग 950 नागरिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें 100 से अधिक लोगों की मौत और कई बच्चे भी प्रभावित हुए हैं। रूस ने आरोप लगाया कि ड्रोन हमलों में नागरिक ठिकानों और आर्थिक ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/world-update-russia-claims-more-than-100-deaths-in-ukraine/article-25206"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/77953d83ae17905030ecf91790509ae7_889016193_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>मॉस्को:</strong> रूसी विदेश मंत्रालय में विशेष दूत रोडियन मिरोशनिक ने कहा कि यूक्रेन के नए सैन्य प्रमुख मिखाइल द्रापाटी की नियुक्ति के बाद कीव के हमले बढ़ गए हैं ।राजनयिक ने कहा, "मेजर जनरल द्रापाटी ने 21 जुलाई को कार्यभार संभाला। तब से लगभग 950 नागरिक प्रभावित हुए हैं। इनमें से 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इस दौरान कम से कम 45 बच्चे प्रभावित हुए। इनमें से 15 की मौत हो गई। द्रापाटी की बदली रणनीति के तहत आम बसों, गाड़ियों, खेती की मशीनों और एम्बुलेंस पर हमले तेज कर दिए हैं।<br /><br />तास और द मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मिरोशनिक ने कहा, " " द्रापाटी के सैन्य प्रमुख का पद संभालने के साथ ही कायरतापूर्ण हमले बढ़ गए हैं। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती अलेक्जेंडर सिरस्की और पूर्व प्रमुख मिखाइल फेडोरोव की नीति को नहीं बदला, बल्कि पश्चिमी देशों से मिली सैन्य मदद और बड़ी संख्या में आए किलर ड्रोन का इस्तेमाल तेज करने के लिए किया। इससे रूस पर कीव की सैन्य क्षमता को कमजोर करने का दबाव बढ़ गया है।" बताया गया है कि यूक्रेन ने सोमवार पूरी रात रूस पर ड्रोन हमले कर कई गोदामों को निशाना बनाया। यह गोदाम प्राइवेट कंपनियों के हैं। इन हमलों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई।<br /><br />कार्यवाहक क्षेत्रीय गवर्नर विटाली कोरोल्योव ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा पांच लोगों की मौत चेखोव शहर के एक गोदाम पर हुए ड्रोन हमले में हुई और 10 अन्य घायल हो गए। उधर, सेंट पीटर्सबर्ग में तीसरे रूस-कजाकिस्तान मीडिया फोरम में रूस के उप विदेशमंत्री मिखाइल गलुजिन ने कहा कि यूक्रेन सरकार रूस में आर्थिक बुनियादी ढांचे की सुविधाओं पर हमला करके तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है।<br /><br />इस बीच रूस के सैन्य विशेषज्ञ आंद्रे मारोचको ने लुगांस्क में कहा कि देश के सैनिकों ने सुमी क्षेत्र में नोवाया सेच के पास यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगा दी है और मारिनो बस्ती की ओर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सैनिक सुमी दिशा खासकर इवोल्झांस्की सेक्टर में अपनी बढ़त बनाए हुए हैं। सबसे पहले, नोवाया सेच बस्ती की ओर से दक्षिण-पूर्व दिशा में दुश्मन की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाई गई है। अब जवान मारिनो बस्ती पर दबाव बना रहे हैं। यह बस्ती ख्रापोव्शचिना के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने 29 जुलाई को नोवाया सेच को यूक्रेन के नियंत्रण से मुक्त कराने की घोषणा की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 12:32:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>H-6N बॉम्बर के साथ चीन ने पहली बार JL-1 मिसाइल का किया प्रदर्शन, भारत भी रेंज में</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने पहली बार H-6N रणनीतिक बॉम्बर के साथ JL-1 एयर-लॉन्च्ड न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल का सार्वजनिक प्रदर्शन किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/china-jl1-air-launched-nuclear-ballistic-missile-h6n-bomber-india-range/article-25207"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/6a72d4b53e0c7-china-jl-1-albm-missile-051356827-16x9_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>नई दिल्ली:</strong> चीन ने पहली बार अपने <strong>H-6N रणनीतिक बमवर्षक</strong> के साथ <strong>JL-1 (Jinglei-1) एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (ALBM)</strong> को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया है। यह मिसाइल पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के वारहेड ले जाने में सक्षम मानी जाती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षमता के सार्वजनिक प्रदर्शन से चीन की हवाई परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (Airborne Nuclear Deterrence) को नई मजबूती मिलती है और इसकी मारक क्षमता के दायरे में भारत का पूरा भूभाग आता है।</p>
<p>चीनी सरकारी मीडिया द्वारा जारी वीडियो में <strong>H-6N बमवर्षक</strong> को विशाल JL-1 मिसाइल के साथ उड़ान भरते हुए दिखाया गया है। इसके साथ दो <strong>J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान</strong> भी एस्कॉर्ट करते नजर आए। विश्लेषकों के अनुसार यह केवल एक मिसाइल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि चीन की एकीकृत रणनीतिक स्ट्राइक क्षमता का संकेत है।</p>
<p>रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलें जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलों की तुलना में अधिक लचीलापन देती हैं। बमवर्षक विमान सुरक्षित दूरी तक उड़ान भरकर मिसाइल लॉन्च कर सकता है, जिससे लक्ष्य तक पहुंचने की क्षमता और रणनीतिक विकल्प दोनों बढ़ जाते हैं।</p>
<p>हालांकि चीन ने JL-1 की आधिकारिक तकनीकी क्षमता और वास्तविक मारक दूरी का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन खुले स्रोतों के विश्लेषण के अनुसार यह लंबी दूरी की परमाणु-सक्षम मिसाइल है और चीन की परमाणु त्रिस्तरीय (Nuclear Triad) क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।</p>
<p>रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन का उद्देश्य केवल तकनीकी क्षमता दिखाना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक संदेश देना भी है। ऐसे घटनाक्रमों पर भारत सहित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों की सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर रखती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 12:20:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Susmita Rani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप ने पाकिस्तान को किया किनारे...अमेरिका-ईरान वार्ता में मुनीर और शहबाज को नहीं मिली जगह</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/trump-us-iran-talks-pakistan-shehbaz-munir-out-august-2026/article-25119"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/0f7adc6b-92b3-41c0-a843-fee4dd0baec6_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>वर्ल्ड डेस्क:</strong> अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए कूटनीतिक प्रयासों का संकेत दिया है। ताजा घटनाक्रम में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान वार्ता की सूची में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का नाम शामिल नहीं होने से पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।</p>
<p>इससे पहले पाकिस्तान ने स्वयं को अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित कराने वाले प्रमुख मध्यस्थों में शामिल बताया था। इस्लामाबाद ने कई दौर की बैक-चैनल बातचीत और संघर्ष विराम प्रयासों में अपनी भूमिका का दावा भी किया था।</p>
<p>हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने हालिया बयान में अमेरिका-ईरान वार्ता को आगे बढ़ाने की बात कही, लेकिन पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व का कोई उल्लेख नहीं किया। इससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि वॉशिंगटन अब वार्ता के लिए अलग कूटनीतिक चैनलों पर भरोसा कर रहा है।</p>
<p>उधर, ईरान ने भी अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष वार्ता के ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वह केवल सीमित तकनीकी और समुद्री मार्गों से जुड़े मुद्दों पर अन्य माध्यमों से बातचीत कर रहा है।</p>
<p>विश्लेषकों का मानना है कि यदि पाकिस्तान को वार्ता प्रक्रिया से अलग रखा जाता है, तो यह दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया की कूटनीति में उसकी भूमिका के लिए एक बड़ा झटका माना जा सकता है। हालांकि, अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को औपचारिक रूप से बाहर किए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 11:27:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Susmita Rani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान तनाव कम होते ही कच्चा तेल 5% टूटा, जानिए भारत पर क्या होगा असर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा संभावित शांति वार्ता की उम्मीदों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/business/america-iran-peace-talks-crude-oil-price-falls-brent-wti-today/article-25030"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/d2673659074d239e17bd05df20cf518f_499201471_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><div>

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<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और संभावित शांति वार्ता की उम्मीदों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को कारोबार के दौरान <strong>ब्रेंट क्रूड</strong> और <strong>वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड</strong> दोनों में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली।</p>
<p>ब्रेंट क्रूड 83.31 डॉलर प्रति बैरल तक फिसल गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 80 डॉलर के अहम स्तर से नीचे गिरकर 78.78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका कम होने से वैश्विक तेल बाजार में राहत का माहौल बना है।</p>
<p>ब्रेंट क्रूड ने 3.97 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के साथ 83.96 डॉलर पर कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में हल्की तेजी के बाद इसमें फिर बिकवाली बढ़ी और भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे यह 4.52 डॉलर यानी 5.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.41 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।</p>
<p>इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.86 डॉलर की कमजोरी के साथ 80.81 डॉलर प्रति बैरल पर खुला। शुरुआती बढ़त के बाद इसमें भी गिरावट तेज हुई और यह 78.78 डॉलर तक लुढ़क गया। सुबह 9:30 बजे यह 4.91 डॉलर यानी 5.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.76 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।</p>
<h4>जुलाई में 25% बढ़ा था कच्चा तेल</h4>
<p>पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा लगातार हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की तेजी आई थी। यह मार्च के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़त रही, जिससे वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी।</p>
<h4>ट्रंप के बयान से बाजार को राहत</h4>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले की योजना को फिलहाल टालने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब समेत पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों के आग्रह पर उन्होंने यह फैसला लिया। साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को फिर से खोलने के लिए जल्द समझौते की उम्मीद भी जताई।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और कम होता है तो आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है।</p>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 10:51:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Susmita Rani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांग्लादेश हाईकोर्ट से हिन्दू संत चिन्मय ब्रह्मचारी को बड़ी राहत, दो और मामलों में मिली जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने हिन्दू संत चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को चार में से दो मामलों में जमानत दे दी है। उनके वकील के अनुसार अब तक चार मामलों में राहत मिल चुकी है, जबकि दो मामलों में सुनवाई 16 अगस्त को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/bangladesh-hindu-saint-chinmoy-krishna-das-brahmachari-high-court-bail-latest-news/article-25023"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-08/b2ad9b9f-1788-45a7-b856-64fbdefa8300_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>ढाका।</strong> बांग्लादेश के प्रमुख हिन्दू संत <strong>चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी</strong> को उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज चार मामलों में से दो में जमानत मंजूर कर दी है। हालांकि, दो अन्य मामलों में जमानत नहीं मिलने के कारण उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।</p>
<p>चिन्मय ब्रह्मचारी के अधिवक्ता <strong>अपूर्व कुमार भट्टाचार्य</strong> ने जमानत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ कुल छह मामले दर्ज हैं। इनमें से अब तक चार मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है।</p>
<h4><span><strong>दो मामलों में अभी भी जमानत का इंतजार</strong></span></h4>
<p>ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति <strong>केएम जाहिद सरवर</strong> और न्यायमूर्ति <strong>शेख अबू ताहिर</strong> की पीठ ने रविवार को यह आदेश पारित किया।</p>
<p>वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने बताया कि हालांकि दो और मामलों में सुनवाई बाकी है, इसलिए चिन्मय ब्रह्मचारी को तत्काल रिहाई नहीं मिल सकेगी। इन मामलों पर अगली सुनवाई <strong>16 अगस्त</strong> को निर्धारित की गई है।</p>
<h4><span><strong>हत्या और राजद्रोह का मामला लंबित</strong></span></h4>
<p>चिन्मय ब्रह्मचारी के खिलाफ दर्ज मामलों में <strong>चटगांव में वकील सैफुल इस्लाम की हत्या</strong> से जुड़ा मामला अभी विचाराधीन है। इसके अलावा <strong>राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान</strong> से जुड़े राजद्रोह मामले में हाईकोर्ट का स्थगन आदेश लागू है।</p>
<h4><span><strong>20 माह से हैं जेल में</strong></span></h4>
<p>चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को <strong>25 नवंबर 2024</strong> को ढाका में राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान से जुड़े राजद्रोह मामले में गिरफ्तार किया गया था। तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर भारत सहित कई देशों और विभिन्न संगठनों ने चिंता जताई थी।</p>
<p>फिलहाल हाईकोर्ट से दो मामलों में जमानत मिलने के बावजूद उनकी रिहाई शेष लंबित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 07:55:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Susmita Rani]]></dc:creator>
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