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                <title>राजनीति - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>राजनीति RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राज्यसभा चुनाव में हुआ खेल? कांग्रेस प्रभारी के. राजू बोले- RJD और वामदलों ने पैसा लेकर बदल दिया खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Jharkhand Rajya Sabha Election Result 2026: </strong>झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव का नतीजा घोषित हो गया है, जिसमें भाजपा द्वारा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को सफलता मिली है। नाथवाणी की उम्मीदवारी ने इस चुनाव को खासा रोमांचक बना दिया था। जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत को लेकर पहले से ही कोई संदेह नहीं था, मगर दूसरी सीट पर नाथवाणी और प्रणव झा के बीच मुकाबला कांटे का माना जा रहा था। मतदान प्रक्रिया के दौरान एनडीए विधायकों का भरोसा नाथवाणी की जीत पर लगातार बना रहा।</p>
<p>झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/raju-attacked-congress-after-the-results-of-rajya-sabha-elections/article-23382"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/copy-of-add-a-heading-2-6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Jharkhand Rajya Sabha Election Result 2026: </strong>झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव का नतीजा घोषित हो गया है, जिसमें भाजपा द्वारा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को सफलता मिली है। नाथवाणी की उम्मीदवारी ने इस चुनाव को खासा रोमांचक बना दिया था। जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत को लेकर पहले से ही कोई संदेह नहीं था, मगर दूसरी सीट पर नाथवाणी और प्रणव झा के बीच मुकाबला कांटे का माना जा रहा था। मतदान प्रक्रिया के दौरान एनडीए विधायकों का भरोसा नाथवाणी की जीत पर लगातार बना रहा।</p>
<p>झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि इंडिया गठबंधन को राष्ट्रीय जनता दल और वामदल ने धोखा दिया। उन्होंने आशंका जताई कि आरजेडी और वामदल के विधायकों ने पैसा लेकर एनडीए समर्थित प्रत्याशी के हक में वोटिंग की है। के. राजू ने दावा किया कि प्रणव झा को कांग्रेस के सभी 16 विधायकों का वोट मिला।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:01:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Rajya Sabha Election Results: परिमल नाथवाणी ने मारी बाजी, बैजनाथ राम भी जीते; प्रणव झा को बड़ा झटका</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>Jharkhand Rajya Sabha Election Result 2026: </strong>झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव का नतीजा घोषित हो गया है, जिसमें भाजपा द्वारा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को सफलता मिली है। नाथवाणी की उम्मीदवारी ने इस चुनाव को खासा रोमांचक बना दिया था। जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत को लेकर पहले से ही कोई संदेह नहीं था, मगर दूसरी सीट पर नाथवाणी और प्रणव झा के बीच मुकाबला कांटे का माना जा रहा था। मतदान प्रक्रिया के दौरान एनडीए विधायकों का भरोसा नाथवाणी की जीत पर लगातार बना रहा।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">नामांकन के समय से ही नाथवाणी आत्मविश्वास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand-rajya-sabha-election-results-2026-parimal-nathwani-baijnath-ram-win/article-23380"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/fhfhgsf.jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>Jharkhand Rajya Sabha Election Result 2026: </strong>झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव का नतीजा घोषित हो गया है, जिसमें भाजपा द्वारा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को सफलता मिली है। नाथवाणी की उम्मीदवारी ने इस चुनाव को खासा रोमांचक बना दिया था। जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत को लेकर पहले से ही कोई संदेह नहीं था, मगर दूसरी सीट पर नाथवाणी और प्रणव झा के बीच मुकाबला कांटे का माना जा रहा था। मतदान प्रक्रिया के दौरान एनडीए विधायकों का भरोसा नाथवाणी की जीत पर लगातार बना रहा।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">नामांकन के समय से ही नाथवाणी आत्मविश्वास से भरे नजर आए थे। उन्होंने अपने झारखंड से जुड़े पुराने रिश्ते और राज्य के लिए किए गए कार्यों का हवाला देते हुए जीत का भरोसा जताया था और शुरुआत से ही अपनी सफलता को लेकर आश्वस्त दिखे।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">अंतिम परिणामों के अनुसार बैजनाथ राम को 31 वोट, परिमल नाथवाणी को 28 वोट और प्रणव झा को मात्र 19 वोट प्राप्त हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 18:45:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय प्रधानमंत्री ने दुनिया के देशों को दिया संदेश: जेपी पांडेय </title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा किसान मोर्चा के नेता एवं झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने फ्रांस में आयोजित जी-7 बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jp-pandey--praises-pm-modi-message-to-world-at-g7-summit/article-23374"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/image-(10).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता सह झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक <strong>जय प्रकाश पांडेय</strong> ने भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि फ्रांस में आयोजित जी-7 देशों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के राष्ट्राध्यक्षों को संबोधित करते हुए वैश्विक शांति और आपसी विश्वास का महत्वपूर्ण संदेश दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया में सबसे बड़ी कमी आपसी विश्वास की है, जो अत्यंत खतरनाक स्थिति पैदा कर रही है। इसका दुष्परिणाम विभिन्न देशों के बीच चल रहे युद्धों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव है, तो दूसरी ओर रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष जारी है।</p>
<p>जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच भी महत्वपूर्ण वार्ता हुई, जिसमें वैश्विक चुनौतियों और युद्ध की स्थितियों पर चर्चा की गई। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को शांत, संयमित और प्रभावशाली नेता बताया तथा कहा कि आज मोदी जो कहते हैं, उसे पूरी दुनिया सुनती है।</p>
<p>पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। भारत तकनीक, रक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जी-7 देशों को संबोधित करते हुए "सबका साथ, सबका विकास" को विश्व के लिए भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और दुनिया को साझेदारी तथा विश्वास के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।</p>
<p>जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि युद्ध और समुद्री मार्गों में व्यवधान का सबसे अधिक असर विकासशील देशों पर पड़ता है। इससे ईंधन और खाद्य पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होती है। ऐसे मुद्दों पर सभी देशों को गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि मानवता और वैश्विक शांति की रक्षा की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:30:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jharkhand Rajya Sabha Polls: चुनावी घमासान के बीच BJP विधायकों संग चाय पर दिखे हेमंत सोरेन, VIDEO वायरल</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड राज्यसभा चुनाव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का BJP विधायकों के साथ चाय पर बातचीत करते वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jharkhand-rajya-sabha-polls-hemant-soren-tea-with-bjp-mlas-video-viral/article-23371"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/tweeload_ua4b1cbp.mp4" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>Jharkhand Rajya Sabha Polls: </strong>राज्यसभा चुनाव के दिन विधानसभा परिसर से एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसने सबको चौंका दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चुनावी तनाव और सियासी खींचतान को एक तरफ रखकर विधानसभा की कैंटीन में विपक्षी भाजपा के विधायकों के साथ बेतकल्लुफी से चाय की चुस्कियां लेते नजर आए।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>भानु प्रताप शाही और नवीन जायसवाल के साथ जमी महफिल</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">वायरल वीडियो में सीएम हेमंत सोरेन, भाजपा के वरिष्ठ नेता भानु प्रताप शाही और हटिया विधायक नवीन जायसवाल एक ही मेज पर बैठे गपशप करते दिख रहे हैं। तीनों के बीच किसी गंभीर मुद्दे पर बातचीत चल रही थी और माहौल बेहद सहज और अनौपचारिक था।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://samridhjharkhand.com/media/2026-06/tweeload_ua4b1cbp.mp4" controls=""></video>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>दो सीट, तीन दावेदार</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए कुल तीन उम्मीदवार मैदान में उतरे। भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा के बीच यह त्रिकोणीय जंग रही। क्रॉस-वोटिंग की आशंकाओं के साये में विधानसभा परिसर के मतदान केंद्र पर सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान चला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:57:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajya Sabha Election: सभी 81 विधायकों ने डाला वोट, NDA या INDIA... आखिर जयराम महतो ने किसे चुना?</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड राज्यसभा चुनाव में जयराम महतो का वोट सबसे बड़ा सस्पेंस बन गया। NDA और INDIA दोनों के संपर्क में रहने के बावजूद उन्होंने मतदान से पहले अपना रुख सार्वजनिक नहीं किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jharkhand-rajya-sabha-election-jayram-mahto-vote-suspense-cross-voting-speculation/article-23367"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/fdfd.jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>Jharkhand Rajya Sabha Election: </strong>झारखंड राज्यसभा चुनाव में गुरुवार को कुल 81 विधायकों ने मतदान किया. पहला वोट भाजपा के नवीन जायसवाल ने और अंतिम वोट जेएमएम के सुदिव्य कुमार सोनू ने डाला. मगर जिस एक वोट ने पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा उत्सुकता जगाई, वह था डुमरी से जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का. वजह साफ थी उन्होंने पहले से किसी भी खेमे को समर्थन नहीं दिया था, न एनडीए को, न इंडिया गठबंधन को.</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>दोनों तरफ से हुई खींचतान</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">जयराम महतो ने बेबाकी से स्वीकार किया कि एनडीए और इंडिया गठबंधन, दोनों ने उनसे संपर्क साधा. कई राजनीतिक दलों के नेता तो आए ही, मुख्यमंत्री कार्यालय से भी उनके पास बात पहुंची. लेकिन जयराम ने किसी को भी सीधा जवाब देने से परहेज किया. उनका एक ही पैमाना था जो झारखंड के लिए काम आए, दिल्ली में राज्य की आवाज बन सके, वही उनकी पहली पसंद होगा.</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>'मैं किसी पार्टी का नहीं, झारखंड का हूं'</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">मीडिया के सामने जयराम ने दो टूक कहा कि वे किसी दल की विचारधारा से नहीं, राज्य के विकास और भविष्य की सोच से बंधे हैं. उन्होंने माना कि संविधान और लोकतंत्र की प्रक्रिया के चलते दो में से किसी एक को चुनना जरूरी है, लेकिन उनका फैसला हमेशा राज्यहित की कसौटी पर परखा जाएगा. निजी पसंद-नापसंद से ऊपर उठकर संवैधानिक जिम्मेदारी निभाना उनकी प्राथमिकता रही.</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>भाजपा विधायक के दावे पर पानी फेरा</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने जब यह कहा कि जयराम का समर्थन उनके पाले में है, तो जयराम ने इसे तत्काल नकार दिया. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात कभी हुई ही नहीं. हां, सभी दलों से उनके रिश्ते सामान्य और सौहार्दपूर्ण हैं, पर मतपत्र पर निशान लगाना उनका निजी अधिकार है, जिसमें किसी की दखलंदाजी नहीं चलेगी. उन्होंने कहा कि सबने अनुरोध किया, पर उनका जवाब सबको एक ही रहा फैसला होगा, वक्त आने पर.</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>'थोड़ा सस्पेंस तो बनता है!'</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">मीडिया ने जब बार-बार कुरेदा तो जयराम मुस्कुराते हुए बोले कि उनका वोट इस बार किस्मत की वजह से खास हो गया है क्योंकि वे किसी गठबंधन की जंजीर से आजाद हैं. ऐसे में थोड़ा रहस्य बना रहना स्वाभाविक है. उन्होंने अंत में इतना जरूर कहा कि दोनों उम्मीदवार ठीक हैं, लेकिन उनका मत उसी के हक में जाएगा जो झारखंड और उनके क्षेत्र के सपनों को जमीन पर उतार सके. अब नतीजे ही बताएंगे कि वह एक वोट आखिर किसकी नैया पार लगाता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:59:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झारखंड राज्यसभा चुनाव में बढ़ा सस्पेंस! BJP के बाद अब कांग्रेस को भी हॉर्स ट्रेडिंग का डर?</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित खरीद-फरोख्त की आशंका के बीच कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए होटल में ठहराने की रणनीति पर काम कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jharkhand-rajya-sabha-election-latest-update-congress-mla-hotel-horse-trading-fear/article-23324"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/fhfhgsf.jpg" alt=""></a><br /><p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>Jharkhand Rajya Sabha Election:</strong> विधायकों की संभावित खरीद-फरोख्त (Horse Trading) को लेकर झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक राज्यसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट और सुरक्षित रखने के लिए रांची के एक होटल में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है।</p>
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>रांची के होटल बने राजनीतिक गढ़</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 से पहले रांची के होटल राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र बन गए हैं। एनडीए के विधायक पहले ही रांची के रेडिनसन ब्लू होटल में डेरा जमा चुके हैं। अब महागठबंधन के विधायक भी इसी राह पर चलते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस वोटिंग से एक दिन पहले बुधवार को अपने विधायकों को राजधानी के एक होटल में भेज सकती है। किसी भी अनिश्चितता से बचने के लिए विपक्षी राजग पहले ही अपने विधायकों को होटल में सुरक्षित कर चुका है।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>सीएम के आवास पर फिर होगी रणनीतिक बैठक</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने जानकारी दी कि राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी रणनीति तय करने को लेकर 'इंडिया' गठबंधन के सभी विधायक बुधवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर बैठक करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अपने विधायकों को दिन के समय ही एक सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था करेगी।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">हालांकि कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने इसे अलग तरह से पेश किया। उनके अनुसार विधायक केवल उसी होटल में जाएंगे जहां पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक ठहरे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि विधायकों को होटल में रखने की कोई योजना नहीं है और गठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल है।</p>
<hr class="border-border-200 border-t-0.5 my-3 mx-1.5" />
<h4 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal"><strong>झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर किसकी होगी जीत?</strong></h4>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को न्यूनतम 28 प्रथम वरीयता मत हासिल करने होंगे। 18 जून को होने वाले इस चुनाव में झारखंड विधानसभा में भाजपा नेतृत्व वाले राजग के पास 24 विधायक हैं, जबकि 'इंडिया' गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन है।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">दो सीटों के लिए मैदान में तीन उम्मीदवार हैं झामुमो की ओर से बैद्यनाथ राम, कांग्रेस की ओर से प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी। राजग के विधायकों को मंगलवार को ही होटल में स्थानांतरित कर दिया गया था, जबकि 'इंडिया' गठबंधन के विधायकों ने उसी दौरान मतदान का अभ्यास किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि यह मॉक वोटिंग विधायकों को मतदान प्रक्रिया से परिचित कराने के उद्देश्य से कराई गई।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal">दूसरी ओर सत्तारूढ़ झामुमो ने दावा किया कि एनडीए के पास परिमल नथवानी की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। जेएमएम नेताओं का यह भी दावा है कि एनडीए के पांच विधायक उनके संपर्क में हैं और क्रॉस वोटिंग के लिए तैयार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 17:02:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Samridh Media Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्यसभा चुनाव में बड़ा खेल! क्रॉस वोटिंग से पलट सकता है पूरा समीकरण, नाथवानी की बढ़ी बढ़त?</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी की संभावित जीत और क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/big-game-in-rajya-sabha-elections-cross-voting-can-change/article-23226"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/image-(5)_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>सुनील सिंह</strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>रांची:</strong> राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी की जीत की पटकथा पर्दे के पीछे लिखी जा चुकी है। अब सिर्फ परिणाम का इंतजार है। क्रॉस वोटिंग का प्लांट तैयार है।</p>
<p class="isSelectedEnd">चुनाव को लेकर रांची, दिल्ली और पटना तक हलचल तेज है। क्रॉस वोटिंग की संभावना ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और कांग्रेस के बड़े नेताओं की नींद उड़ा दी है। क्रॉस वोटिंग इंडिया गठबंधन के अन्य घटक दलों के साथ-साथ कांग्रेस में भी होने की संभावना है। यानी कांग्रेस में ही सब कुछ ठीक नहीं है। जब अपना घर ही ठीक नहीं है, तब दूसरे का घर ठीक होगा, इसकी क्या गारंटी है?</p>
<p class="isSelectedEnd">हमारे पास जैसी सूचना है और चुनाव में यदि यह सच हुआ, तो नाथवानी को 30-31 से अधिक वोट मिलेंगे। वे झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम से आगे निकल जाएंगे। जीत को लेकर नाथवानी आत्मविश्वास से भरे दिख रहे हैं, क्योंकि सब कुछ सेट हो चुका है। पटकथा लिखी जा चुकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजद के विधायक पिछले दिनों लालू यादव के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बहाने पटना गए थे। राज्यसभा चुनाव में क्या करना है, लालू और तेजस्वी ने अपने विधायकों को संदेश दे दिया है। इशारा है— बिहार का बदला झारखंड में। बाकी बातें पर्दे के पीछे हैं। नाथवानी की मुलाकात दिल्ली में इस पार्टी के बड़े नेताओं से पिछले दिनों हुई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इधर, सरकार को समर्थन दे रहे दो-तीन विधायक नाथवानी के संपर्क में हैं। इन लोगों ने साथ देने का भरोसा दिया है। जयराम महतो भी नाथवानी के साथ ही जाएंगे, इसकी पूरी संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इधर, इंडिया गठबंधन को एकजुट करने की कोशिश तो हो रही है, लेकिन इसमें कितनी सफलता मिलेगी, यह चुनाव परिणाम बताएगा। झामुमो और कांग्रेस के अंदरखाने भी सब कुछ ठीक नहीं है। इसका असर परिणाम पर पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजनीतिक हलकों में सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर कांग्रेस प्रत्याशी की हार होती है, तो सरकार का भविष्य क्या होगा? कांग्रेस क्या करेगी?</p>
<p class="isSelectedEnd">संभावना है कि कांग्रेस सरकार से बाहर नहीं जाएगी, क्योंकि उसकी अपनी राजनीतिक मजबूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार को लेकर फैसला हेमंत सोरेन को लेना है। हेमंत सोरेन जब तक चाहेंगे, कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाएंगे। यदि वह कोई नया समीकरण बनाते हैं, तो इसका फैसला भी उन्हीं को लेना है। सब कुछ हेमंत सोरेन के हाथ में ही है।</p>
<p><strong>18 जून की तिथि झारखंड की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होने वाली है।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ओपिनियन</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:59:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास नहीं, जनता को जवाब चाहिए; भाजपा के 12 साल का हिसाब चाहिए: विजय शंकर नायक </title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने अपने लेख में भाजपा सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रोजगार, महंगाई, किसानों की आय, नोटबंदी, जीएसटी, कोविड प्रबंधन और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/vijay-shankar-nayak-article-bjp-12-years-accountability-employment-inflation/article-23106"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/9007269d-5be9-4b17-9c48-22d73ed2efad_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p>सत्ता का मूल्यांकन नारों, विज्ञापनों और इवेंट मैनेजमेंट से नहीं, बल्कि जनता के जीवन में आए बदलावों से होता है। वर्ष 2014 में भाजपा ने देश की जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे। भ्रष्टाचार मुक्त भारत, हर साल दो करोड़ रोजगार, किसानों की आय दोगुनी, महंगाई पर नियंत्रण, काला धन वापस लाकर हर खाते में 15 लाख रुपये, अच्छे दिन और विकास का नया मॉडल—इन वादों के सहारे भाजपा सत्ता में आई थी। आज 12 वर्ष बाद देश का नागरिक पूछ रहा है कि उन वादों का क्या हुआ?</p>
<p>भाजपा सरकार का सबसे बड़ा संकट यह है कि वह अपने 12 वर्षों का हिसाब देने के बजाय इतिहास बदलने और राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने में अधिक व्यस्त दिखाई देती है। नेहरू, इंदिरा गांधी और कांग्रेस की विरासत पर हमला भाजपा की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन चुका है, क्योंकि वर्तमान की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए अतीत पर हमला करना सबसे आसान रास्ता है।</p>
<p>लेकिन इतिहास प्रचार से नहीं बदलता। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे। उन्हीं के नेतृत्व में लोकतांत्रिक संस्थाओं, सार्वजनिक क्षेत्र, वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थानों, IIT, AIIMS, बड़े बांधों और आधुनिक भारत की बुनियाद रखी गई। सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तक नेहरू मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे। आज भाजपा इन महापुरुषों की विरासत का राजनीतिक उपयोग करती है, लेकिन उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक आदर्शों को कमजोर करने का आरोप भी उसी पर लगता है।</p>
<h3><span><strong>वादों का पहाड़, नतीजों का अकाल</strong></span></h3>
<p>2014 में कहा गया था कि हर साल दो करोड़ नौकरियां पैदा होंगी। यदि यह वादा पूरा होता, तो 12 वर्षों में करोड़ों युवाओं को रोजगार मिल चुका होता। लेकिन आज देश का युवा नौकरी के लिए भटक रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, रिक्त पदों पर नियुक्तियों में देरी और रोजगार के अवसरों की कमी युवाओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।</p>
<p>किसानों से आय दोगुनी करने का वादा किया गया था। लेकिन किसानों को अपनी मांगों के लिए दिल्ली की सीमाओं पर महीनों आंदोलन करना पड़ा। तीन कृषि कानूनों को किसानों के हित में बताया गया, लेकिन जब लाखों किसान सड़कों पर उतर आए, तो सरकार को उन्हें वापस लेना पड़ा। यह भाजपा सरकार की सबसे बड़ी राजनीतिक पराजयों में से एक थी।</p>
<p>महंगाई पर नियंत्रण का दावा किया गया था। लेकिन रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल, खाद्य पदार्थ, दाल, तेल और रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी। आम आदमी की आय जितनी नहीं बढ़ी, उससे कहीं अधिक उसकी जिंदगी महंगी हो गई।</p>
<h3><span><strong>नोटबंदी : आर्थिक आपदा का अध्याय</strong></span></h3>
<p>नोटबंदी को काले धन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम बताया गया था। लेकिन परिणाम क्या निकला?</p>
<p>लगभग पूरी नकदी बैंकिंग प्रणाली में वापस लौट आई। छोटे व्यापार चौपट हो गए। लाखों मजदूर बेरोजगार हुए। असंगठित क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ। अर्थव्यवस्था की रफ्तार प्रभावित हुई। देश की जनता ने घंटों लाइन में खड़े होकर कष्ट झेला, लेकिन वादे के अनुरूप परिणाम कभी सामने नहीं आए।</p>
<p>इतिहास नोटबंदी को आर्थिक सुधार नहीं, बल्कि आर्थिक अव्यवस्था के रूप में याद रखेगा।</p>
<h3><span><strong>जीएसटी : एक राष्ट्र, अनेक परेशानियां</strong></span></h3>
<p>जीएसटी को ऐतिहासिक कर सुधार बताया गया था, लेकिन छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह जटिल अनुपालन और बढ़ती कागजी प्रक्रिया का प्रतीक बन गया। बड़े कॉरपोरेट समूहों के पास संसाधन थे, लेकिन छोटे दुकानदारों और लघु उद्योगों को इसका भारी बोझ उठाना पड़ा।</p>
<h3><span><strong>विकास या प्रचार?</strong></span></h3>
<p>भाजपा सरकार ने मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्मार्ट सिटी और बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाओं का व्यापक प्रचार किया। लेकिन सवाल यह है कि क्या इन योजनाओं ने उतने रोजगार पैदा किए, जितने वादे किए गए थे?</p>
<p>स्मार्ट सिटी परियोजनाएं अधूरी हैं। बुलेट ट्रेन अभी तक सपना बनी हुई है। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। चीन पर निर्भरता कम करने के दावे भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके।</p>
<p>भाजपा शासन का मॉडल विकास से अधिक विज्ञापन-आधारित शासन का मॉडल बन गया, जहां उपलब्धि से ज्यादा उसका प्रचार महत्वपूर्ण हो गया।</p>
<h3><span><strong>कोविड काल की त्रासदी</strong></span></h3>
<p>कोविड महामारी के दौरान देश ने भयावह दृश्य देखे। लाखों प्रवासी मजदूर पैदल घर लौटने को मजबूर हुए। ऑक्सीजन की कमी, अस्पतालों में अव्यवस्था और स्वास्थ्य ढांचे की कमजोरियां उजागर हुईं। महामारी ने दिखा दिया कि चमकदार प्रचार और वास्तविक प्रशासनिक तैयारी में कितना अंतर हो सकता है।</p>
<h3><span><strong>लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बढ़ते सवाल</strong></span></h3>
<p>भाजपा सरकार पर सबसे गंभीर आरोप लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता को कमजोर करने का है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हथियार की तरह किया गया। संसद में बहस की परंपरा कमजोर हुई। मीडिया के एक बड़े हिस्से ने सत्ता से सवाल पूछने के बजाय उसका प्रचार करना अधिक उचित समझा।</p>
<p>लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का नाम नहीं है। लोकतंत्र का अर्थ है असहमति का सम्मान, संस्थाओं की स्वतंत्रता और सत्ता की जवाबदेही।</p>
<h3><span><strong>सामाजिक सौहार्द पर संकट</strong></span></h3>
<p>“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” का नारा दिया गया था। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि पिछले वर्षों में समाज में ध्रुवीकरण बढ़ा है। बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक संकट जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए धार्मिक और सांप्रदायिक बहसों को लगातार राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया।</p>
<p>जब रोजगार का प्रश्न उठता है, तो धर्म की चर्चा शुरू हो जाती है। जब महंगाई पर सवाल उठता है, तो नया भावनात्मक मुद्दा सामने आ जाता है। यह लोकतांत्रिक विमर्श के लिए शुभ संकेत नहीं है।</p>
<h3><span><strong>अग्निपथ, पेपर लीक और युवाओं की निराशा</strong></span></h3>
<p>अग्निपथ योजना ने लाखों युवाओं के मन में भविष्य को लेकर असुरक्षा पैदा की। दूसरी ओर, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का विश्वास तोड़ा। एक ऐसा देश, जिसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है, वहां युवाओं का निराश होना सबसे बड़ी राष्ट्रीय चिंता का विषय होना चाहिए।</p>
<h3><span><strong>निष्कर्ष : इतिहास नहीं, हिसाब चाहिए</strong></span></h3>
<p>भाजपा के 12 वर्षों का मूल्यांकन करते समय देश को विज्ञापनों, नारों और राजनीतिक अभियानों से ऊपर उठकर वास्तविकताओं को देखना होगा। बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की परेशानी, नोटबंदी की विफलता, जीएसटी की जटिलता, कोविड की त्रासदी, सामाजिक ध्रुवीकरण, संस्थाओं पर सवाल और अधूरे वादे—ये सभी ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर जवाब मांगा जाना चाहिए।</p>
<p>जनता इतिहास बदलने की कोशिशों से प्रभावित नहीं होगी। जनता अपने जीवन की वास्तविकताओं के आधार पर फैसला करेगी।</p>
<p>देश पूछ रहा है—दो करोड़ नौकरियां कहां हैं?</p>
<p>किसानों की दोगुनी आय कहां है? 15 लाख रुपये कहां हैं? महंगाई पर नियंत्रण कहां है? भ्रष्टाचार मुक्त शासन कहां है? 12 साल बाद भी यदि इन सवालों का जवाब नहीं है, तो फिर यह कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि प्रचार रही है और सबसे बड़ी विफलता जनता की उम्मीदों को पूरा न कर पाना।</p>
<p><strong>इतिहास पर कब्ज़ा नहीं, जनता को जवाब चाहिए।</strong></p>
<p><strong>भाजपा के 12 साल का हिसाब चाहिए।</strong></p>
<p>अब देश में ऐसी राजनीति होनी चाहिए, जिससे रोजगार पैदा किया जा सके, महंगाई को कम किया जा सके, किसानों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं, गरीब-गुरबा लोगों और खासकर दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अल्पसंख्यक तथा मजदूर वर्ग को राहत मिल सके तथा संविधान व लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत किया जा सके।</p>
<p>अंततः लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है। प्रचार, छवि निर्माण और राजनीतिक नैरेटिव कितने भी मजबूत हों, जनता का अनुभव और जीवन की वास्तविकता ही किसी सरकार की असली परीक्षा तय करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                            <category>आर्टिकल</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/politics/vijay-shankar-nayak-article-bjp-12-years-accountability-employment-inflation/article-23106</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 17:24:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाबूलाल मरांडी का बयान तथ्यों से परे, भाजपा की विफलताओं पर पर्दा डालने का प्रयास: राकेश सिन्हा</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर दिए गए बयान को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असुरक्षा बढ़ी है, जबकि युवाओं और किसानों को किए गए वादे पूरे नहीं हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/congresss-response-to-babulal-marandis-claims-is-an-attempt-to/article-23062"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/eee85b7e-aba2-4020-a958-e3c143831cc9_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर दिए गए बयान को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और जनता को गुमराह करने वाला बताया है।</p>
<p>सिन्हा ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा पिछले 12 वर्षों को उपलब्धियों का स्वर्णिम काल बताना देश की वास्तविक परिस्थितियों से आंखें मूंद लेने जैसा है। यदि यह कालखंड इतना ही ऐतिहासिक रहा होता तो आज देश का युवा रोजगार के लिए दर-दर नहीं भटक रहा होता, किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर नहीं होते और महंगाई ने आम परिवारों की कमर नहीं तोड़ी होती।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने "सबका साथ, सबका विकास" का नारा तो दिया, लेकिन वास्तविकता यह है कि विकास का लाभ कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों तक सीमित रहा जबकि आम जनता बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असुरक्षा से जूझती रही। देश में बेरोजगारी दर पिछले कई दशकों में सबसे गंभीर चुनौती बनकर उभरी है। करोड़ों युवाओं को प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन आज सरकारी विभागों में लाखों पद खाली पड़े हैं।</p>
<p>सिन्हा ने कहा कि भाजपा कांग्रेस पर गरीबों की चिंता नहीं करने का आरोप लगाती है, जबकि सच्चाई यह है कि मनरेगा, सूचना का अधिकार, खाद्य सुरक्षा कानून, शिक्षा का अधिकार, किसान ऋण माफी, आधारभूत ढांचे का विस्तार और देश को आर्थिक मजबूती प्रदान करने वाली अनेक ऐतिहासिक योजनाएं कांग्रेस सरकारों की देन हैं। कांग्रेस ने देश को लोकतांत्रिक संस्थाएं, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग, आईआईटी, आईआईएम, एम्स और वैज्ञानिक विकास की मजबूत नींव दी, जिस पर आज का भारत खड़ा है।<br />उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर लगातार हमले हुए हैं। संसद की गरिमा कमजोर हुई है, संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग बढ़ा है और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है। भाजपा हर असहमति को देशविरोध साबित करने में लगी हुई है।</p>
<p>सिन्हा ने कहा कि भाजपा को पहले यह जवाब देना चाहिए कि किसानों की आय दोगुनी क्यों नहीं हुई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें लगातार क्यों बढ़ीं, युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिला और देश की संपत्तियां निजी हाथों में क्यों सौंपी जा रही हैं। केवल प्रचार और इवेंट मैनेजमेंट से देश नहीं चलता, जनता वास्तविक परिस्थितियों को भलीभांति समझती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मानती है कि देश की प्रगति का श्रेय किसी एक व्यक्ति या एक दल को नहीं बल्कि देश के करोड़ों मेहनतकश नागरिकों, किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और पूर्ववर्ती सरकारों के योगदान को जाता है। भाजपा का अहंकार और आत्मप्रशंसा का अभियान देश की वास्तविक समस्याओं को नहीं छिपा सकता।</p>
<p>कांग्रेस जनता के मुद्दों—रोजगार, महंगाई, किसानों के अधिकार, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा—को मजबूती से उठाती रहेगी तथा भाजपा सरकार को उसके वादों और विफलताओं के लिए जवाबदेह बनाती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 16:08:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेवा, सुशासन और विकास का स्वर्णिम अध्याय हैं मोदी सरकार के 12 वर्ष : बाबूलाल मरांडी</title>
                                    <description><![CDATA[नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर इसे सेवा, सुशासन, विकास, विश्वास और जनकल्याण को समर्पित बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/service-12-years-of-modi-government-is-a-golden-chapter/article-23060"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/f86787ac-c7e2-49b7-ac7d-61b1379001e9_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के ऐतिहासिक 12 वर्ष का कार्यकाल सेवा, सुशासन,  विकास, विश्वास और जनकल्याण को समर्पित रहा है। एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में आज 4400 दिन पूरा कर वे देश में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं।  यह देश और भारतीय जनता पार्टी के लिए स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला अध्याय है। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण करने के अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर बोल रहे थे। </p>
<p>मरांडी ने कहा कि इन 12 वर्षों में विकास कार्यों की एक लंबी फेहरिस्त है। जितना भी कार्य किया गया है वह अद्भुत है। मोदी सरकार ने विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कांग्रेस के लिए जो गरीबी सिर्फ नारा भर था, इन 12 वर्षों में मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि नरेंद्र मोदी का कालखंड, सत्ता के लिए नहीं बल्कि सेवा, साधना, तपस्या का कालखंड रहा है। इस कार्यकाल में देश में ऐतिहासिक और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं। भारत ने विकास, आत्मनिर्भरता, गरीब कल्याण और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं। पीएम ने प्रभावी एवं दूरगामी कदम उठाए हैं। 12 वर्षों का यह सफ़र केवल उपलब्धियों की नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के विकास, विश्वास, आकांक्षाओं और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की गाथा है।</p>
<p>मरांडी ने कहा कि आज 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं तो 81 करोड़ लोगों को देशभर में फ्री अनाज मिल रहा है। 50 करोड़ से अधिक लोगों को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। 4 करोड़ से अधिक लोगों को पक्का आवास मिला है। 11 करोड़ से अधिक लाभुकों को उज्जवला गैस योजना के तहत गैस कनेक्शन का लाभ मिला है। देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप चल रहा है। यह कोई साधारण बात नहीं है। देश की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान से चौथे स्थान पर आ गई है। अब देश तीसरी अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है। वहीं झारखंड के संदर्भ में देखें तो यहां 2.02 करोड़ जन धन योजना के खाते हैं। 1.35 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। 2.64 करोड़ गरीब कल्याण योजना के लाभार्थी हैं। 18.8 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। पीएम मुद्रा योजना के तहत 89000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का वितरण किया गया है। 34.4 लाख परिवारों को नल जल योजना का लाभ मिला है। 38.9 लाख उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन बांटे गए हैं। </p>
<p>मरांडी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के कारण जनता लगातार नरेंद्र मोदी का साथ दे रही है। आज देश के 22 राज्यों में यानी 78% भूभाग पर एनडीए की सरकार है। यह कोई साधारण बात नहीं है। हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा द्वारा  सत्ता प्राप्त करना, बहुत बड़ी उपलब्धि है। वहां की जनता ने जो विश्वास नरेंद्र मोदी पर जताया है, वह अद्भुत है। दुनिया समझ रही है कि नरेंद्र मोदी देश में भी और देश के बाहर भी सबसे लोकप्रिय लीडर हैं। </p>
<p>मरांडी ने कहा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मूलमंत्र के साथ 2047 तक देश को विकसित भारत बनाना नरेंद्र मोदी का सपना है। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां भारतमाला सहित अन्य कई सड़क बन रही हैं। यहां देवघर एयरपोर्ट का निर्माण हुआ, एम्स बना, कई मेडिकल कॉलेज बनाया गया। धरातल पर काम दिख रहा है। कांग्रेस ने एक एम्स बनाया, आज देश में 23 एम्स हैं। 74 की 160 एयरपोर्ट है। यह बतलाता है कि देश किस रफ्तार से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम को स्थापित कर रहा है। </p>
<p>मरांडी ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकारों ने आतंकवाद और उग्रवाद प्रभावित इलाकों की लगातार उपेक्षा की। आज उपेक्षित उन इलाकों में विकास की गंगा बह रही है। श्रीनगर तक ट्रेन पहुंचाया गया, जिसकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। दूसरी तरफ पूर्वोत्तर में शांति और स्थिरता स्थापित कर विकास के आयाम स्थापित किए हैं। आज ये इलाका प्रगति के पथ पर अग्रसर है। जम्मू कश्मीर में धारा 370 समाप्त करना, आतंकवाद के खात्मे को लेकर मोदी सरकार की प्रतिबद्धता शुरू से रही है। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर के रूप में भारत की ताकत को दुनिया ने देखा है। देश की सीमावर्ती इलाकों में कोई इंफ्रास्ट्रक्चर बनता नहीं था। विपक्ष का तर्क भी बहुत अजूबा होता था कि विकास होने, सड़क बनने से पड़ोसी देश आक्रमण कर सकता है। पहले उन सीमावर्ती इलाकों को भारत का अंतिम गांव समझा जाता था। आज उन गांवों को मोदी सरकार ने पहला गांव माना है और उन क्षेत्रों में विकास के कई उल्लेखनीय कार्य देखने को मिल रहे हैं। </p>
<p>मरांडी ने कहा कि देश के अंदर कई जटिल समस्याएं थी। धारा 370 का मामला हो, तीन तलाक जैसे कुप्रथा का मामला हो या अयोध्या में प्रभु श्री राम मंदिर के लंबित रहने का मामला, मोदी सरकार ने सभी मामलों का स्थायी हल करने का काम किया है। डिफेंस के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिला है।  पहले 2014 में जहां 500 से 700 करोड़ का निर्यात होता था आज 24000 करोड़ का एक्सपोर्ट हो रहा है। आज जरूरत का सामान भारत में ही बन रहा है। आने वाले कुछ वर्षों में देश का अपना जेट और विमान भी आसमान में उड़ता हुआ दिखाई दे, भारत इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। कोरोना काल में भी प्रधानमंत्री ने अपने नेतृत्व का लोहा मनवाया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने कई चीजों को प्रभावित किया है। लोगों के लाइफस्टाइल में बदलाव आया है। वहीं पर्यावरण पर भी खतरा कम हुआ है। देश तरक्की कर रहा है। देश में भूख से मरने की घटना, अब बीते जमाने की बात हो चुकी है। 12 वर्ष में हर क्षेत्र में अद्भुत काम हुआ है। हर वर्ग किसी न किसी रूप में लाभान्वित हो रहा है। किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। नरेंद्र मोदी सरकार का प्रयास है कि लोगों की न्यूनतम आवश्यकता की चींजे उपलब्ध हो। उनके नेतृत्व में विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों वंचित परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिला है।</p>
<p>मरांडी ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक देश पर राज किया परंतु गरीबों की कभी चिंता नहीं की। सड़क बिजली को लेकर भी कांग्रेस कभी गंभीर नहीं दिखी। 6 वर्षों के अपने छोटे कार्यकाल में अटल बिहारी वाजपेई ने विकास की लंबी लकीर खींचकर कांग्रेस को आईना दिखाने का काम किया था। परंतु कांग्रेस बाद में वाजपेई सरकार के खींचे खाका को भी आगे नहीं बढ़ा सकी। </p>
<p>इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह भी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:52:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>3 करोड़ में झारखंड आंदोलन खरीदने वाली कांग्रेस’, आदित्य साहू का बड़ा हमला, राज्यसभा चुनाव पर गरमाई सियासत</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/aditya-sahu-attack-on-congress-over-rajya-sabha-election-horse-trading-jharkhand/article-22959"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/86be15f2-8c2e-48ba-9940-bb96213a1446_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस द्वारा भाजपा पर राज्यसभा चुनाव के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग करने के आरोप पर करारा प्रहार किया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, लोकलाज से चलता है लेकिन कांग्रेस ने लोकलाज की सारी मर्यादाओं को लांघने का काम किया है। </p>
<p> साहू ने कांग्रेस से पूछा है कि उनकी पार्टी के और बीजेपी के कितने सदस्य झारखंड विधानसभा में हैं ? झारखंड में कांग्रेस से कहीं अधिक सदस्य भारतीय जनता पार्टी के हैं। 16 विधायक रखकर कांग्रेस खुद हॉर्स ट्रेडिंग करने का काम कर दूसरे को उपदेश देने का काम रही है। कांग्रेस बतलाये कि वह 28 सदस्य कैसे पूरा करेगी? यह लोग खरीद फरोख्त करने का काम कर रहे हैं और उल्टा बीजेपी को आंख दिखाने का काम कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी पैसे की राजनीति नहीं करती है, खरीद फरोख्त पर हमारी पार्टी विश्वास नहीं करती है। इसलिए कांग्रेस को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, तब कोई बात करनी चाहिए।</p>
<p>आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस के चाल, चरित्र और चेहरा को झारखंड एवं देश की जनता ने बार-बार देखा है। कांग्रेस ने देश को बर्बाद करने का काम किया है। यह वही कांग्रेस है जिन्होंने झारखंड के आंदोलन को 3 करोड़ रुपए में खरीदने का काम किया है। पैसों से लोगों को तौलना इनका स्वभाव रहा है। जिन जिन राज्यों में भी कांग्रेस की सरकार या इनके समर्थन से सरकार रही है उसको दीमक की तरह चाटने का काम कांग्रेस करती है। झारखंड को भी दीमक की तरह चाट रही है। झारखंड को बर्बाद करने के लिए राज्य को गलत दिशा में ले जा रही है। ये लोग भाजपा को नैतिकता की पाठ नहीं पढ़ाएं। सूचना है कि कांग्रेस अपने विधायकों को दूसरे राज्यों में ले जाने के लिए परेशान है। कांग्रेस को अपने विधायकों पर ही विश्वास नहीं है। बोली लगाने, डराने, धमकाने के लिए उन्हें अन्यत्र ले जाने की तैयारी है। कांग्रेस बतलाए कि वह विधायकों को बाहर क्यों ले जाना चाहती है ? </p>
<p>आदित्य साहू ने कहा कि हमारी पार्टी की इच्छा थी कि कोई कार्यकर्ता ही राज्यसभा जाए। लेकिन बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है। बीजेपी चाहती तो जोड़ तोड़ की राजनीति से किसी कार्यकर्ता को राज्यसभा चुनाव भेज सकती थी लेकिन हम उस पार्टी और परिवार के सदस्य हैं जहां एक वोट से वाजपेई सरकार गिर रही थी तब उन्होंने जोड़ तोड़ की राजनीति की बजाय सत्ता गंवाना बेहतर समझा। इसलिए झारखंड भाजपा के कार्यकर्ता ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे वाजपेई जी के सपनों या विचारधारा को कष्ट पहुंचे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड को जोड़-तोड़ एवं खरीद फरोख्त की राजनीति, भ्रष्टाचार से उबारने का काम किया है। </p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस से पूछा है कि उनके राज्यसभा प्रत्याशी  कितने दिन झारखंड आए हैं ? क्या झारखंड में कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं थे? पैसे की बोली लगाकर, पैसा लेकर देश में जब कहीं जगह नहीं मिला तो झारखंड से प्रत्याशी बना दिया गया और कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं के हक और अधिकार को छीनने का काम किया गया। जबकि दूसरे निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी लगातार दो बार झारखंड से राज्यसभा के सांसद रहे हैं। उनके कार्यकाल को सभी ने देखा है। सांसद रहते हुए उन्होंने गांव, गरीब, किसान के कल्याण के लिए उल्लेखनीय काम किया है। </p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी समर्थन मांगने आए थे। पार्टी ने उन्हें अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता बहुत बारीकी से कांग्रेस की राजनीतिक नौटंकी व सारे घटनाक्रम को देख और समझ रही है, सही समय पर जनता माकूल जवाब देगी। </p>
<p>इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह एवं अशोक बड़ाइक भी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 17:43:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
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                <title>झारखंड के साथ बिहार की राजनीति में भी भूचाल, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे मंत्री दीपक प्रकाश हुए बेटिकट, देना होगा इस्तीफा </title>
                                    <description><![CDATA[बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए द्वारा टिकट न दिए जाने के बाद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे व मंत्री दीपक प्रकाश का पद से हटना तय हो गया है। वहीं दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान टीएमसी के 20 सांसदों के अलग गुट बनाने से सियासी हलचल तेज हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/bihar-mlc-election-2026-upendra-kushwaha-son-minister-deepak-prakash-denied-ticket-nda/article-22930"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-20.37.46_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुनील सिंह</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार का दिन राजनीतिक उठापटक और हलचल से भरा रहा। दिल्ली, रांची और पटना में बड़ी राजनीतिक घटना हुई। राजनीतिक घटनाक्रम का असर आने वाले दिनों में दिखेगा। झारखंड की राजधानी रांची में राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी उद्योगपति परिमल नाथवानी ने नामांकन पर्चा दाखिल कर इंडिया गठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी। वहीं बिहार में विधान परिषद की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे व मंत्री दीपक प्रकाश बेटिकट हो गए। एनडीए गठबंधन ने दीपक प्रकाश को उम्मीदवार नहीं बनाया। इसलिए वह नामांकन नहीं कर सके। अब उनका मंत्री पद से हटना तय हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक हुई। बैठक के दौरान ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में बड़ी टूट हो गई। 20 सांसदों ने अलग गुट बना लिया। हम बात करेंगे बिहार में हुई राजनीतिक घटना की। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो एनडीए का घटक दल है। इसके चार विधायक हैं। इनमें से एक उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी खुद हैं। बिहार में जब एनडीए की सरकार बनी तो उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनवा दिया। दीपक प्रकाश पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री बनें। उस वक्त वह किसी सदन के सदस्य नहीं थे। बाद में जब सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बने तो इनके मंत्रिमंडल में भी दीपक प्रकाश को शामिल किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">चर्चा यही थी कि बिहार विधान परिषद के लिए जब चुनाव होगा तो दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाया जाएगा। एमएलसी बनने के बाद मंत्री पद बरकरार रहेगा। लेकिन एनडीए की ओर से दीपक प्रकाश को उम्मीदवार नहीं बनाया गया। 10 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में भाजपा और जदयू ने चार-चार सीट आपस बांट ली और एक सीट लोजपा को मिल गई। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को कोई सीट नहीं दी गई। चार विधायक होने की वजह से इनका दावा भी नहीं बन रहा था। एक  सीट पर राजद ने राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील सिंह को फिर से टिकट दिया है. 10 सीटों पर 10 उम्मीदवार हैं। इसलिए यहां सबका निर्विरोध चुना जाना तय है।</p>
<p style="text-align:justify;">दीपक प्रकाश को 6 महीने के अंदर अब इस्तीफा देना पड़ेगा। जानकारी के अनुसार भाजपा उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का भाजपा में विलय चाहती थी। लेकिन इसके लिए कुशवाहा तैयार नहीं हुए। कुशवाहा समाज से अब सम्राट चौधरी खुद मुख्यमंत्री हैं, इसलिए उपेंद्र कुशवाहा को अब बहुत तरजीह नहीं मिल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिहार की राजनीति में अब यह सवाल गूंज रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा क्या करेंगे। कुशवाहा के सामने दो विकल्प हैं। बेटे के इस्तीफा देने के बाद अपनी पत्नी या फिर किसी दूसरे विधायक का नाम मंत्री के लिए दे सकते हैं या फिर केंद्र में जब मंत्रिमंडल का विस्तार हो तो उपेंद्र कुशवाहा को मंत्री बनाया जाए और बिहार का कोटा उनसे ले लिया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">रालोमो के तीन अन्य विधायक उपेंद्र कुशवाहा की परिवारवाद की राजनीति से नाराज हैं। भाजपा को नाराजगी की खबर है। विधायक दल बदलने को तैयार हैं। इसलिए भी उपेंद्र कुशवाहा की स्थिति एनडीए में कमजोर हो गई है। कमजोर स्थिति को देखते हुए ही उनके बेटे को एमएलसी का टिकट नहीं मिला। हालांकि कुशवाहा कह चुके हैं कि वह एनडीए के साथ है और रहेंगे। अब आगे देखना होगा कि राजनीतिक किस ओर बढ़ती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>आर्टिकल</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 21:09:13 +0530</pubDate>
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