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#IMPACT: कृषि मंत्री बादल ने जैविक घोटाले की जांच के लिए सीएम के पास फाइल बढ़ाई

ओएफएजे के सीइओ राजीव कुमार व आर्या बायो टेक्नोलाॅजी के सुनील अग्रवाल की संलिप्तता पर सवाल

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रांची : झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कृषि विभाग के जैविक घोटाले की जांच के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास फाइल बढा दी है. अब इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आखिरी फैसला लेंगे. कोराना वायरस के कारण उत्पन्न स्थिति की वजह से संभव है कि इसमें थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन कृषि विभाग के जैविक प्रकल्प आर्गेनिक फार्मिंग ऑथॉरिटी ऑफ झारखंड, ओएफएजे में अनियमितता की जांच के लिए कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने अपनी ओर से पहल कर दी है.

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आरोप है कि 22 हजार हेक्टेयर भूमि को चिह्नित कर उस पर जैविक खेती करने की पहल की गयी थी. इसके लिए साल 2016-17 से लेकर 2018-19 तक झारखंड में 17, 500 किसानों का चयन किया गया था. इसके तहत 16, 156 जैविक किसानों का कार्ड भी बनाया गया था और कार्ययोजना को मूर्त रूप देने के लिए कंपनियों का भी चयन किया गया था, लेकिन इस प्रक्रिया में भी भारी अनियमितता बरती गयी. योजना को अमली जामा पहनाने के लिए 22 करोड़ रुपये का कोष आवंटित था, जिसकी बंदरबांट की गयी.

इस पूरे मामले में ओएफएजे के सीइओ राजीव कुमार व आर्या बायो टेक्नोलाॅजी के सुनील अग्रवाल की संलिप्तता पर सवाल उठाये गए. एक अधिकारी के रूप में राजीव कुमार की भूमिका संदिग्ध व अक्षम कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाला बताया गया.

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