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कृषि कानून, श्रम संहिता, निजीकरण व आरक्षण पर हमला कर बहुजनों पर मनुवाद थोपा जा रहा है : पासवान

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भागलपुर : किसान विरोधी कृषि कानूनों, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिता, संविधान विरोधी नई शिक्षा नीति 2020, अबाध निजीकरण, बेरोजगारी और आरक्षण पर बढ़ते हमले के खिलाफ किसान आंदोलन के साथ एकजुटता में सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार और बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन, बिहार के बैनर तले शहीद जगदेव-कर्पूरी संदेश यात्रा शुक्रवार को सुल्तानगंज प्रखंड में शुरू हुआ।

यात्रा की शुरुआत सुल्तानगंज शहर के बुद्धनगर, पिल्दौरी में बुद्ध मंदिर के नजदीक सभा से हुई। घोरघट, गनगनिया, कमरगंज, जहांगीरा, तिलकपुर, महेशी गांवों में ग्रामीणों से संवाद व चौक चौराहे पर नुक्कड़ सभा हुई।

इस मौके पर सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के रामानंद पासवान ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार संविधान के बल पर बहुजनों द्वारा हासिल जमीन, संपत्ति, शासन सत्ता में हिस्सेदारी और शिक्षा व सम्मान छीन रही है। संविधान को कमजोर कर मनुविधान थोप रही है। तीन कृषि कानून, चार श्रम संहिता, नई शिक्षा नीति 2020, निजीकरण और आरक्षण पर हमला के जरिए बहुजनों को गुलामी व अपमान के अंधेरे की तरफ धकेला जा रहा है। बहुजनों को जगाने और संघर्ष तेज करने के लिए गांव-गांव तक शहीद जगदेव कर्पूरी संदेश यात्रा की जा रही है।

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डॉ अंजनी ने कहा कि संविधान ने दलितों-पिछड़ों, आदिवासियों व अल्पसंख्यकों के लिए सम्मान, हक.अधिकार व बराबरी का रास्ता खोला, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार फिर से इन समुदायों से सब कुछ छीनने और संविधान को खत्म कर देने के लिए आगे बढ़ रही है। खेत-खेती से लेकर शिक्षा सहित सरकारी उपक्रमों कंपनियों को देशी विदेशी पूंजीपतियों के हवाले कर रही है, देश को बेच रही है, आजादी को गिरवी रख रही है।

रिंकु यादव ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद कुशवाहा और कर्पूरी ठाकुर जैसे बहुजन नायकों ने समाज को जगाने के साथ बहुजन हित.अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाया था।

शहीद जगदेव प्रसाद कुशवाहा ने 100 में 90 शोषितों-बहुजनों के धन, धरती व राजपाठ में 90 हिस्से के लिए लड़ाई को आगे बढ़ाया था। लड़ते हुए शहादत दी। कर्पूरी ठाकुर ने भी बहुजनों को जगाने काम किया। सत्ता में पहुंचे तो कुर्सी से चिपके नहीं, बल्कि बहुजन समाज के हित में काम किया और कुर्सी की कुर्बानी दी। आज नये सिरे से उस लड़ाई को आगे बढ़ाने की जरूरत है। शहीद जगदेव और कर्पूरी की विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

यात्रा में जयमल यादव, अमरकांत, पोली पासवान, बरुण, संजीव, मनोज, पप्पू दास, शालीग्राम मांझी, विष्णुदेव दास, महेशचंद्र दास, भूमि राय, प्रमोद राय, सिप्पी, रौबिन, रामस्वरूप यादव, श्याम पासवान, कामदेव यादव सहित कई अन्य शामिल थे।

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