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                <title>Mohit Sinha - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>Mohit Sinha RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सदर अस्पताल साहिबगंज के रक्त कोष में 18 यूनिट रक्त उपलब्ध, जारी हुई नई सूची</title>
                                    <description><![CDATA[सदर अस्पताल साहिबगंज के रक्त कोष ने 29 जुलाई 2026 की सुबह 4:55 बजे तक उपलब्ध रक्त की ताजा स्थिति जारी की है। वर्तमान में ब्लड बैंक में कुल 18 यूनिट रक्त उपलब्ध है। A+ और B+ रक्त समूह के 7-7 यूनिट मौजूद हैं, जबकि A- का केवल 1 यूनिट उपलब्ध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/sahibganj/sahibganj-sadar-hospital-blood-bank-stock-29-july-2026/article-24815"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/91d5a251-3362-49f2-873d-92994684aae9_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>साहिबगंज:</strong> सदर अस्पताल साहिबगंज स्थित रक्त कोष ने बुधवार, <strong>29 जुलाई 2026</strong> की सुबह <strong>4:55 बजे</strong> तक उपलब्ध रक्त की अद्यतन स्थिति जारी की है। अस्पताल के अनुसार वर्तमान में रक्त कोष में <strong>कुल 18 यूनिट रक्त</strong> उपलब्ध है। अस्पताल प्रशासन ने आम लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान कर रक्त कोष को मजबूत बनाने की अपील की है।</p>
<h3><span><strong>रक्त उपलब्धता (29 जुलाई 2026 | सुबह 4:55 बजे)</strong></span></h3>
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<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)" style="height:297px;width:62.9237%;">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10" style="width:27.0853%;"><strong>रक्त समूह</strong></th>
<th class="last:pe-10" style="width:24.3768%;"><strong>पॉजिटिव</strong></th>
<th class="last:pe-10" style="width:21.5089%;"><strong>नेगेटिव</strong></th>
<th class="last:pe-10" style="width:27.0853%;"><strong>कुल यूनिट</strong></th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td style="width:27.0853%;"><strong>A</strong></td>
<td style="width:24.3768%;">06</td>
<td style="width:21.5089%;">01</td>
<td style="width:27.0853%;">07</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:27.0853%;"><strong>B</strong></td>
<td style="width:24.3768%;">07</td>
<td style="width:21.5089%;">00</td>
<td style="width:27.0853%;">07</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:27.0853%;"><strong>AB</strong></td>
<td style="width:24.3768%;">01</td>
<td style="width:21.5089%;">00</td>
<td style="width:27.0853%;">01</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:27.0853%;"><strong>O</strong></td>
<td style="width:24.3768%;">03</td>
<td style="width:21.5089%;">00</td>
<td style="width:27.0853%;">03</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:27.0853%;"><strong>कुल</strong></td>
<td style="width:24.3768%;"><strong>17</strong></td>
<td style="width:21.5089%;"><strong>01</strong></td>
<td style="width:27.0853%;"><strong>18</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div>
<div>अस्पताल के अनुसार <strong>A+ और B+</strong> रक्त समूह के <strong>7-7 यूनिट</strong> उपलब्ध हैं। वहीं <strong>A-</strong> रक्त समूह का केवल <strong>1 यूनिट</strong> स्टॉक बचा है। <strong>AB- और O-</strong> रक्त समूह का स्टॉक फिलहाल उपलब्ध नहीं है। जरूरत पड़ने पर रक्त की ताजा जानकारी के लिए सदर अस्पताल के रक्त कोष से संपर्क किया जा सकता है।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>साहिबगंज</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 16:50:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bokaro News: बीएकेएस ने एसएमएस-1 विभाग की 21 समस्याएं सीजीएम के समक्ष उठाईं, एक माह में समाधान की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने बोकारो इस्पात संयंत्र के एसएमएस-1 विभाग की 21 प्रमुख समस्याओं को लेकर मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) के साथ बैठक की। यूनियन ने कर्मचारियों के लिए पेयजल, शौचालय, सड़क, ड्रेनेज, सुरक्षा, पार्किंग, जर्जर संरचनाओं, फ्लाई डस्ट, एक्टिंग अलाउंस, शटडाउन प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर एक माह के भीतर समाधान की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/bokaro/baks-raised-21-demands-before-cgm-sms1-bokaro-steel-plant/article-24813"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/1c78d512-71b6-475d-8f60-3f66fcfa3435_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>बोकारो: </strong>बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने बुधवार को एसएमएस-1 के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) के साथ विभागीय समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की।</p>
<p>आधुनिकीकरण के बाद एसएमएस-1 विभाग बोकारो इस्पात संयंत्र के सबसे आधुनिक विभागों में कार्य कर रहा है, जिसका प्रमाण लगातार बन रहे उत्पादन रिकॉर्ड भी हैं। इसके बावजूद विभाग में कार्यरत गैर-कार्यपालक कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं की सूची दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जिसके कारण कर्मचारियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<h3>एसएमएस-1 विभाग की प्रमुख समस्याएं एवं मांगें</h3>
<ol>
<li>18 मीटर, 14 मीटर एवं 36 मीटर ऊंचाई वाले कार्य क्षेत्रों में कर्मचारियों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था।</li>
<li>18 मीटर क्षेत्र में कर्मचारियों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना।</li>
<li>कास्टर क्षेत्र के बाथरूम जाम होने की समस्या का समाधान।</li>
<li>कास्टर मैकेनिकल सेक्शन में लंबे समय से रिक्त चार्जमैन के पद को भरना।</li>
<li>कास्टर क्षेत्र एवं बॉयलर मेंटेनेंस की टॉप रूफ की जर्जर एवं क्षतिग्रस्त शीटों से वर्षा का पानी टपकने की समस्या का समाधान।</li>
<li>क्रेन मेंटेनेंस के दौरान एसएमएस-1 में कनीय ग्रेड के कर्मचारियों से शटडाउन लेने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार।</li>
<li>एसएमएस-1 कन्वर्टर एवं कास्टर क्षेत्र की एप्रोच रोड, प्लांट मेडिकल से एसएमएस-1 जाने वाली सड़क तथा बॉयलर से कास्टर जाने वाले मार्ग की मरम्मत।</li>
<li>एसएमएस-1 क्षेत्र की ड्रेनेज (जल निकासी) व्यवस्था को दुरुस्त करना।</li>
<li>एसएमएस-1 क्षेत्र में लटक रही पुरानी एवं जर्जर शीटों से उत्पन्न सुरक्षा खतरे को दूर करना।</li>
<li>एसएमएस-1 के 18 मीटर क्षेत्र के क्षतिग्रस्त फ्लोर की मरम्मत तथा फ्लाई डस्ट की समस्या का समाधान।</li>
<li>कास्टर क्षेत्र में दोपहिया वाहनों की समुचित पार्किंग व्यवस्था।</li>
<li>बॉयलर मेंटेनेंस के रेस्ट रूम में वर्षा का पानी भरने की समस्या का समाधान।</li>
<li>मिक्सर एग्जॉस्ट के कार्य नहीं करने तथा उसे बायपास कर संचालित किए जाने की समस्या का समाधान।</li>
<li>एसएमएस-1 बीएसएल कैंटीन के मैकेनिकल स्टोर साइड की क्षतिग्रस्त सीलिंग की मरम्मत, ताकि दुर्घटना की आशंका समाप्त हो।</li>
<li>8 मीटर क्षेत्र में पड़े अनावश्यक स्क्रैप को हटाना।</li>
<li>कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जनरल शिफ्ट ऑपरेशन रूम के चारों ओर उचित शीट बैरिकेडिंग कराना।</li>
<li>एसएमएस-1 के कर्मचारी श्री लक्ष्मीधर अधिकारी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के लिए कथित रूप से बाध्य किए जाने के मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच।</li>
<li>यांत्रिक अनुभाग के कनीय कर्मचारियों को शटडाउन देने के लिए बाध्य किए जाने तथा शटडाउन लेने/देने की प्रक्रिया स्पष्ट करना।</li>
<li>यांत्रिक अनुभाग के कर्मियों को ड्यूटी समाप्त होने के बाद रुकने के लिए विवश किए जाने की समस्या का समाधान।</li>
<li>बंद किए गए एक्टिंग अलाउंस एवं इंसेंटिव को संशोधित कर पुनः लागू करना।</li>
<li>कास्टर क्रेन मैकेनिकल में ठेका कंपनी प्रोटेक्टिव इंजीनियरिंग के स्थायी सुपरवाइजर की पदस्थापना।</li>
</ol>
<p>यूनियन का कहना है कि उपरोक्त सभी मांगें एसएमएस-1 विभाग की कार्यक्षमता और कर्मचारियों के हितों से जुड़ी हैं। बीएकेएस ने प्रबंधन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं का समाधान <strong>एक माह</strong> की निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए।</p>
<p>बैठक में यूनियन की ओर से अध्यक्ष, महासचिव, उपमहासचिव, कोषाध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्य एवं विभागीय यूनियन सदस्यों ने भाग लिया।</p>
<h3>बयान</h3>
<p>यूनियन की ओर से कहा गया कि एसएमएस-1 विभाग में व्याप्त स्थानीय समस्याओं की ओर सीजीएम का ध्यान आकृष्ट कराया गया है। उन्होंने कई समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अनुभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। यूनियन ने उम्मीद जताई कि सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बोकारो</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 16:36:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पॉलीमर नोटों की ओर बढ़ता भारत, सुरक्षित और टिकाऊ मुद्रा की नई शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुद्रा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 10 और 20 रुपये के पॉलीमर (प्लास्टिक आधारित) नोटों के बड़े पैमाने पर फील्ड ट्रायल की तैयारी शुरू की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/opinion/new-initiative-for-safe-and-sustainable-currency/article-24812"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/0271da52-db63-4528-96e8-2c634473311c_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>महेन्द्र तिवारी</strong></p>
<p>भारत की अर्थव्यवस्था निरंतर विस्तार के नए चरण में प्रवेश कर रही है। डिजिटल भुगतान के बढ़ते प्रचलन के बावजूद नकद मुद्रा आज भी करोड़ों भारतीयों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। देश के छोटे व्यापार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन, कृषि बाजार और असंगठित क्षेत्र का बड़ा हिस्सा आज भी नकद लेनदेन पर निर्भर है। ऐसे में मुद्रा की गुणवत्ता, सुरक्षा और टिकाऊपन केवल तकनीकी विषय नहीं रह जाते, बल्कि आर्थिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से सीधे जुड़े होते हैं। इसी संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पॉलीमर अर्थात प्लास्टिक आधारित नोटों की दिशा में उठाया गया कदम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने आरबीआई के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए दस रुपये और बीस रुपये के पॉलीमर नोटों के बड़े पैमाने पर फील्ड ट्रायल की अनुमति दी है। पहले चरण में दोनों मूल्यवर्ग के एक एक अरब नोटों का परीक्षण किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में अन्य मूल्यवर्ग के नोटों में भी इस तकनीक का विस्तार किया जा सकता है। फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि कागजी नोटों को तत्काल हटाने की कोई योजना नहीं है और यह केवल परीक्षण आधारित पहल है।</p>
<p>पॉलीमर नोट सामान्य कागज से नहीं बल्कि विशेष प्रकार के सिंथेटिक पॉलीमर पदार्थ से बनाए जाते हैं। यह सामग्री नमी, धूल, गंदगी और बार बार मोड़े जाने जैसी परिस्थितियों को बेहतर ढंग से सहन कर सकती है। यही कारण है कि इनकी आयु पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में कई गुना अधिक होती है। सामान्यतः कम मूल्यवर्ग के नोट सबसे अधिक हाथों से गुजरते हैं और कुछ ही महीनों में फटने या खराब होने लगते हैं। इसके कारण रिजर्व बैंक को हर वर्ष बड़ी संख्या में पुराने नोट वापस लेकर नए नोट छापने पड़ते हैं। यदि पॉलीमर नोट अपेक्षा के अनुसार लंबे समय तक चलते हैं तो नोटों की छपाई, परिवहन और नष्ट करने की लागत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।</p>
<p>भारत में नकली नोटों की चुनौती लंबे समय से चिंता का विषय रही है। समय समय पर सुरक्षा एजेंसियों ने नकली भारतीय मुद्रा के नेटवर्क का खुलासा किया है। नकली नोट केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाते बल्कि उनका उपयोग अवैध गतिविधियों और संगठित अपराध में भी किया जाता है। पॉलीमर नोटों में पारदर्शी विंडो, उन्नत होलोग्राम, रंग बदलने वाली स्याही, सूक्ष्म प्रिंटिंग और अन्य आधुनिक सुरक्षा विशेषताएं जोड़ी जा सकती हैं। इन विशेषताओं की नकल करना पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में कहीं अधिक कठिन माना जाता है। इसलिए पॉलीमर नोट नकली मुद्रा पर प्रभावी नियंत्रण का माध्यम बन सकते हैं।</p>
<p>इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू पर्यावरण से भी जुड़ा हुआ है। पहली नजर में प्लास्टिक शब्द सुनकर पर्यावरण संबंधी चिंताएं स्वाभाविक लग सकती हैं, लेकिन पॉलीमर नोट सामान्य प्लास्टिक नहीं होते। इनका निर्माण विशेष तकनीक से किया जाता है और उपयोग के बाद इन्हें पुनर्चक्रित भी किया जा सकता है। चूंकि इनकी आयु अधिक होती है इसलिए समान अवधि में कम संख्या में नोट छापने पड़ते हैं। इससे कागज की खपत, ऊर्जा की आवश्यकता और परिवहन संबंधी खर्च में भी कमी आती है। कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी माना है कि लंबे समय में पॉलीमर नोट पर्यावरणीय दृष्टि से लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।</p>
<p>दुनिया के अनेक देशों ने पहले ही पॉलीमर मुद्रा को अपनाकर इसके लाभ प्राप्त किए हैं। ऑस्ट्रेलिया इस तकनीक को अपनाने वाला पहला देश था। इसके बाद कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, रोमानिया और अनेक अन्य देशों ने भी अपनी मुद्रा में पॉलीमर तकनीक का उपयोग किया। इन देशों के अनुभव बताते हैं कि पॉलीमर नोट अधिक समय तक सुरक्षित रहते हैं और नकली नोटों की घटनाओं में कमी लाने में सहायक होते हैं। भारत जैसे विशाल देश के लिए इन अनुभवों का अध्ययन अत्यंत उपयोगी हो सकता है।</p>
<p>भारत में पॉलीमर नोटों का विचार नया नहीं है। वर्ष 2013 और उसके बाद भी सीमित स्तर पर कुछ शहरों में इनका परीक्षण किया गया था। उस समय विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब बदलती आर्थिक आवश्यकताओं, बेहतर तकनीक और बढ़ती मुद्रा मांग को देखते हुए इसे नए रूप में पुनर्जीवित किया गया है। इस बार परीक्षण का दायरा पहले की तुलना में कहीं बड़ा रखा गया है ताकि अलग अलग जलवायु, भौगोलिक परिस्थितियों और उपयोग के स्तर पर नोटों के प्रदर्शन का व्यापक मूल्यांकन किया जा सके।</p>
<p>भारत जैसे देश में मौसम की विविधता एक बड़ी चुनौती है। कहीं अत्यधिक गर्मी पड़ती है तो कहीं लगातार वर्षा होती है। कई क्षेत्रों में धूल और नमी का स्तर भी अधिक रहता है। ऐसे वातावरण में कागजी नोट अपेक्षाकृत जल्दी खराब हो जाते हैं। फील्ड ट्रायल का उद्देश्य यही समझना है कि पॉलीमर नोट वास्तविक परिस्थितियों में कितने प्रभावी सिद्ध होते हैं। यदि वे इन परिस्थितियों में भी अपनी गुणवत्ता बनाए रखते हैं तो उनका व्यापक उपयोग आर्थिक दृष्टि से लाभदायक हो सकता है।</p>
<p>हालांकि इस योजना के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। पॉलीमर नोटों के निर्माण की प्रारंभिक लागत कागजी नोटों की तुलना में अधिक होती है। इसके अलावा एटीएम मशीनों, नकदी गिनने वाली मशीनों और बैंकिंग प्रणाली के कुछ उपकरणों में आवश्यक तकनीकी परिवर्तन भी करने पड़ सकते हैं। जनता को नए नोटों की विशेषताओं की जानकारी देना और उन्हें नकली नोटों से अलग पहचानने का प्रशिक्षण देना भी आवश्यक होगा। इसलिए यह परिवर्तन केवल तकनीकी नहीं बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली तेजी से विकसित हुई है। यूपीआई ने लेनदेन की दुनिया बदल दी है, फिर भी नकदी की उपयोगिता समाप्त नहीं हुई है। छोटे दुकानदारों, ग्रामीण क्षेत्रों, सीमित इंटरनेट वाले इलाकों और अनेक सामाजिक परिस्थितियों में नकद भुगतान आज भी सबसे सुविधाजनक माध्यम है। इसलिए डिजिटल अर्थव्यवस्था और नकद मुद्रा दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। पॉलीमर नोटों की पहल इसी संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें आधुनिक तकनीक अपनाते हुए नकद मुद्रा को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जा रहा है।</p>
<p>आरबीआई का यह निर्णय केवल नए प्रकार के नोट जारी करने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भविष्य की मुद्रा व्यवस्था की दिशा भी तय करता है। यदि परीक्षण सफल रहता है तो भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जिन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपनी मुद्रा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाया है। इससे जनता का विश्वास मजबूत होगा, नकली नोटों की चुनौती कम होगी और मुद्रा प्रबंधन की लागत में भी दीर्घकालिक बचत संभव होगी।</p>
<p>यह भी उल्लेखनीय है कि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल कागजी नोटों को समाप्त करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। परीक्षण पूरा होने के बाद उसके परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि अपेक्षित सफलता मिलती है तभी आगे की रणनीति तय होगी। यह सावधानीपूर्ण दृष्टिकोण इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि भारत की विशाल आबादी और विविध परिस्थितियों में किसी भी बड़े परिवर्तन को चरणबद्ध तरीके से लागू करना ही व्यावहारिक होता है।</p>
<p>आर्थिक सुधारों की सफलता केवल नई नीतियां बनाने से नहीं बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से निर्धारित होती है। पॉलीमर नोटों का प्रयोग भी इसी कसौटी पर परखा जाएगा। यदि यह पहल सफल होती है तो भारत की मुद्रा व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ बन सकती है। इससे नकली नोटों पर नियंत्रण, सरकारी खर्च में कमी, जनता को बेहतर गुणवत्ता वाले नोट और बैंकिंग व्यवस्था को अधिक दक्ष बनाने जैसे अनेक लाभ प्राप्त हो सकते हैं। आने वाले वर्षों में यह पहल भारतीय मुद्रा इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनों में से एक सिद्ध हो सकती है और यह दिखाएगी कि तकनीकी नवाचार किस प्रकार आम नागरिक के दैनिक जीवन को भी अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                            <category>आर्टिकल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 16:27:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकीय श्रावणी मेला-2026 का शुभारंभ, AI तकनीक और डिजिटल शिकायत प्रणाली से लैस होगी व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[देवघर में विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया है। यह मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा। इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए AI आधारित निगरानी प्रणाली, फेस रिकग्निशन कैमरे, ANPR तकनीक और QR Code आधारित डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली लागू की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/deoghar/deoghar-shravani-mela-2026-ai-security-vip-darshan-ban/article-24807"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/untitled-design-(14)_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>देवघर:</strong> झारखंड के विश्व प्रसिद्ध <strong>राजकीय श्रावणी मेला-2026</strong> का मंगलवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। झारखंड सीमा स्थित <strong>दुम्मा कांवरिया पथ</strong> पर 11 वैदिक पुरोहितों द्वारा बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना के साथ मेले का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम जलार्पण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।</p>
<h4><span><strong>30 जुलाई से 28 अगस्त तक लगेगा मेला</strong></span></h4>
<p>नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री <strong>सुदिव्य कुमार</strong> और ग्रामीण विकास मंत्री <strong>दीपिका पांडेय सिंह</strong> ने संयुक्त रूप से मेले का उद्घाटन किया। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि <strong>30 जुलाई से 28 अगस्त</strong> तक चलने वाले इस मेले में आने वाले प्रत्येक कांवरिया की सेवा भगवान शिव की सेवा के समान है। सरकार और जिला प्रशासन ने इस बार आधुनिक तकनीकों के जरिए मेले को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की तैयारी की है।</p>
<h4><span><strong>AI तकनीक से होगी भीड़ की निगरानी</strong></span></h4>
<p>मंत्री ने बताया कि इस बार पूरे मेला क्षेत्र में <strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)</strong> आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए <strong>ANPR, फेस रिकग्निशन और हेडकाउंट कैमरों</strong> का उपयोग किया जाएगा। इससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी।</p>
<h4><span><strong>QR Code स्कैन करते ही 15 मिनट में होगा समाधान</strong></span></h4>
<p>उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी <strong>सौरभ कुमार भुवानिया</strong> ने बताया कि श्रद्धालुओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए <strong>QR Code आधारित डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली</strong> शुरू की गई है। श्रद्धालु किसी भी समस्या की फोटो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिसका <strong>15 मिनट के भीतर समाधान</strong> करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<h4><span><strong>VIP, VVIP और आउट ऑफ टर्न दर्शन पूरी तरह बंद</strong></span></h4>
<p>उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार <strong>श्रावणी मेला-2026 के दौरान VIP, VVIP और आउट ऑफ टर्न दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे।</strong> सभी श्रद्धालुओं को समान व्यवस्था के तहत बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कराए जाएंगे।</p>
<h4><span><strong>शिवलोक परिसर में प्रदर्शनी और ड्रोन शो होगा आकर्षण</strong></span></h4>
<p>श्रद्धालुओं को नया अनुभव देने के लिए <strong>शिवलोक परिसर में भव्य प्रदर्शनी, सांस्कृतिक मंच और ड्रोन शो</strong> का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा मेला क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<h4><span><strong>जनप्रतिनिधियों ने किया श्रद्धालुओं का स्वागत</strong></span></h4>
<p>कार्यक्रम में विधायक <strong>सुरेश पासवान, उदय शंकर सिंह और देवेन्द्र कुंवर</strong> सहित कई जनप्रतिनिधियों ने बाबा नगरी आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि इस वर्ष का श्रावणी मेला सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>देवघर</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 15:36:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरु-पदावली: गुरु महिमा पर चुन्नू साहा की भावपूर्ण कविता</title>
                                    <description><![CDATA['गुरु-पदावली' कवि चुन्नू साहा की एक प्रेरणादायक कविता है, जिसमें गुरु की महिमा, उनके महत्व और जीवन में उनकी भूमिका का सुंदर वर्णन किया गया है। कविता बताती है कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन का सही मार्ग दिखाने वाला प्रकाश है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/literature/guru-padavali-guru-mahima-poem-chunnu-saha/article-24804"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/4e4d5552-4dba-48fc-a4e5-0e1d10d21c3a_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>गुरु महिमा अनंत है, कैसे करूँ गुरु का बखान?</strong><br />गलतियों को क्षमा करें, स्वीकार करें<br />चुन्नू कवि का प्रणाम।</p>
<p><strong>प्रथम पूज्य तो गुरु हैं, फिर पूजो भगवान।</strong><br />गुरु ने ही तो कराई हमें<br />भगवान की पहचान।</p>
<p><strong>जो पूजे गुरु को, मानो पूज लिया संसार।</strong><br />गुरु बिन यह जीवन सारा<br />मिथ्या और बेकार।</p>
<p><strong>गुरु कौन है? यह भी लो तुम जान।</strong><br />जो अंधेरों में भी दिखलाए रोशनी,<br />उसे ही गुरु मान।</p>
<p><strong>माता-पिता हैं प्रथम गुरु,</strong><br />इसे स्वीकार करो इंसान।<br />बोलना, चलना, खेलना सिखाया जिन्होंने,<br />मत भूलो उनका सम्मान।</p>
<p><strong>हर एक प्राणी है गुरु समान,</strong><br />यदि आए वह तेरे काम।<br />सिर्फ इंसान ही गुरु होते हैं,<br />इस भ्रम में मत रहो, इंसान।</p>
<p><strong>गुरु का कद है बहुत बड़ा,</strong><br />गुरु के आगे कोई नहीं खड़ा।<br />गुरु बिना यह जीवन हमारा,<br />अधूरा है, बिल्कुल अधूरा।</p>
<p><strong>कैसा हो गुरु? कैसे दूँ परिभाषा?</strong><br />जो अक्षर-ज्ञान कराए, वही गुरु।<br />जो जीवन का सार बताए,<br />वही सच्चा गुरु।</p>
<p><strong>गुरु वही है, जो तेरे</strong><br />मस्तिष्क के खोल दे द्वार।<br />भले वह पढ़ा-लिखा हो,<br />या जीवन जीने का रखता हो आधार।</p>
<p><strong>ऊँच-नीच, सुख-दुख, भले-बुरे की</strong><br />जो कराए पहचान।<br />वही है सर्वश्रेष्ठ गुरु,<br />उसे दीजिए उचित सम्मान।</p>
<p><strong>गुरु की महिमा, गुरु का बखान</strong><br />यदि करने में हुई हो कोई गलती,<br /><strong>चुन्नू कवि</strong> को कर देना क्षमा,<br />यही है सबसे विनती।</p>
<p><strong><em>— चुन्नू साहा, पाकुड़ (झारखंड)</em></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>साहित्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 15:26:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप से तबाही, 13 की मौत; शॉपिंग मॉल धमाके में दो महिलाओं की गई जान</title>
                                    <description><![CDATA[जापान के कुमामोटो क्षेत्र में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग लापता हैं। भूकंप के बाद एक शॉपिंग मॉल में गैस विस्फोट से दो महिलाओं की जान चली गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/latest-news/japan-kumamoto-7-1-earthquake-13-killed-mall-blast/article-24803"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/578ed5a4eecf5a15803abdc49f6152d6_2052884374_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>टोक्यो:</strong> जापान के दक्षिण-पश्चिमी द्वीप <strong>क्यूशू</strong> के <strong>कुमामोटो</strong> क्षेत्र में आए <strong>7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप</strong> ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक <strong>13 लोगों की मौत</strong> की पुष्टि हुई है। वहीं, भूकंप के बाद एक <strong>शॉपिंग सेंटर (आयन मॉल)</strong> में हुए गैस विस्फोट में <strong>दो महिलाओं की जान चली गई</strong>। कई लोग अब भी लापता हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।</p>
<h4><span><strong>प्रधानमंत्री ने जताया शोक, हरसंभव मदद का भरोसा</strong></span></h4>
<p>जापान की प्रधानमंत्री <strong>सनाए ताकाइची</strong> ने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत पहुंचाने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम आए भूकंप के बाद मॉल में गैस रिसाव के कारण धमाका हुआ, जिसमें दो महिलाओं की मौत हुई और एक अन्य महिला गंभीर हालत में मिली।</p>
<h4><span><strong>चिमनी गिरी, कई लोग लापता</strong></span></h4>
<p>यात्सुशिरो शहर में <strong>निप्पॉन पेपर इंडस्ट्रीज</strong> की मिल में भूकंप के दौरान एक चिमनी गिर गई। इस हादसे में 11 लोग लापता बताए गए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि इनमें दो लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को भी कई आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए, जिसके बाद लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।</p>
<h4><span><strong>2.61 लाख लोगों को निकासी के निर्देश, हजारों घरों में बिजली-पानी ठप</strong></span></h4>
<p>सरकार ने <strong>इमरजेंसी डिजास्टर टास्क फोर्स</strong> का गठन किया है। कुमामोटो और नागासाकी क्षेत्रों में <strong>2,61,500 से अधिक लोगों</strong> को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। कुमामोटो में <strong>34,360 घरों की बिजली</strong> गुल है, जबकि <strong>करीब 84,000 घरों में पानी की आपूर्ति</strong> बाधित हो गई है।</p>
<h4><span><strong>बुलेट ट्रेन सेवा प्रभावित, सड़क और पुल क्षतिग्रस्त</strong></span></h4>
<p>भूकंप से <strong>क्यूशू एक्सप्रेस-वे</strong> के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। यात्सुशिरो शहर में एक पैदल पुल भी ढह गया। सुरक्षा जांच के चलते <strong>क्यूशू शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन)</strong> की सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने लोगों से संभावित बड़े झटकों के मद्देनजर सतर्क रहने की अपील की है।</p>
<h4><span><strong>3,600 एसडीएफ जवान तैनात, मॉल में फंसे लोगों की तलाश जारी</strong></span></h4>
<p>रक्षामंत्री <strong>शिनजिरो कोइज़ुमी</strong> ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में <strong>3,600 सेल्फ-डिफेंस फोर्स (SDF)</strong> के जवान तैनात किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मॉल में विस्फोट से पहले करीब 200 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन दूसरी मंजिल ढहने के बाद कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।</p>
<h4><span><strong>सुनामी अलर्ट वापस, परमाणु संयंत्र सुरक्षित</strong></span></h4>
<p>भूकंप के तुरंत बाद एक मीटर तक की संभावित सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। परमाणु नियामक प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी परमाणु ऊर्जा संयंत्र में फिलहाल कोई असामान्य स्थिति दर्ज नहीं हुई है।</p>
<h4><span><strong>भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है जापान</strong></span></h4>
<p>जापान प्रशांत महासागर के <strong>रिंग ऑफ फायर</strong> क्षेत्र में स्थित है और दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। वर्ष <strong>2011</strong> में आए <strong>9.0 तीव्रता</strong> के भूकंप और सुनामी में लगभग <strong>18,500 लोगों</strong> की मौत या लापता होने की घटना आज भी देश के लिए सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में गिनी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 15:10:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलोचिस्तान में डिप्टी कमिश्नर समेत चार की हत्या, नुश्की में 31 जुलाई तक बढ़ाया गया कर्फ्यू</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान में हिंसा का दौर जारी है। बरखान जिले में हथियारबंद लोगों ने डिप्टी कमिश्नर मुरीद बुगती और तीन अन्य लोगों की हत्या कर दी। वहीं तुर्बत में भी तीन लोगों की गोली मारकर हत्या की घटना सामने आई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/pakistan-balochistan-deputy-commissioner-killed-nushki-curfew-extended/article-24801"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/016be075-9bbd-4802-a37e-dba9f67d101a_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>इस्लामाबाद: </strong>पाकिस्तान के अशांत प्रांत <strong>बलोचिस्तान</strong> में हिंसा की एक और बड़ी घटना सामने आई है। हथियारबंद लोगों ने <strong>बरखान जिले के डिप्टी कमिश्नर मुरीद बुगती</strong> समेत चार लोगों की हत्या कर दी। वहीं बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रांतीय सरकार ने <strong>नुश्की जिले में लागू कर्फ्यू को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया</strong> है।</p>
<h4><span><strong>नाकाबंदी के दौरान डिप्टी कमिश्नर का किया अपहरण</strong></span></h4>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हथियारबंद लोगों ने बरखान जिले के <strong>घाटा चौक</strong> के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान डिप्टी कमिश्नर <strong>मुरीद बुगती</strong> और उनके बॉडीगार्ड्स को अपने साथ ले जाया गया। बाद में उनकी हत्या कर दी गई। बलोचिस्तान सरकार के गृह विभाग के प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि की है।</p>
<h4><span><strong>तुर्बत में भी तीन लोगों की गोली मारकर हत्या</strong></span></h4>
<p>इसी दिन तुर्बत के <strong>दारमकोल पेडरक</strong> इलाके में अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान <strong>शाह बेग, अमानुल्लाह और अल्ताफ हुसैन</strong> के रूप में हुई है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि ये संघीय सरकार समर्थित डेथ स्क्वायड से जुड़े थे। फिलहाल किसी भी संगठन ने इन हत्याओं की जिम्मेदारी नहीं ली है।</p>
<h4><span><strong>नुश्की में 31 जुलाई तक रहेगा कर्फ्यू</strong></span></h4>
<p>बलोचिस्तान के गृह विभाग ने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए <strong>नुश्की जिले में कर्फ्यू 31 जुलाई तक बढ़ाने</strong> का आदेश जारी किया है। कर्फ्यू के दौरान बिना अनुमति घर से बाहर निकलने, सार्वजनिक रूप से एकत्र होने, जुलूस निकालने और गैर-जरूरी यात्रा पर रोक रहेगी। मेडिकल, राहत एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को प्रशासन की अनुमति से छूट दी जाएगी।</p>
<h4><span><strong>फ्रंटियर कॉर्प्स पोस्ट पर हमले के बाद तनाव</strong></span></h4>
<p>सरकारी अधिसूचना के अनुसार, <strong>28 जुलाई को नुश्की के वेस्टर्न बाईपास स्थित फ्रंटियर कॉर्प्स पोस्ट पर हुए हमले</strong> के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि हालात सामान्य होने तक कर्फ्यू जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 15:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-सऊदी के संयुक्त हमले में 20 इराकी लड़ाके ढेर, ईरान समर्थित पीएमएफ को बनाया निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[इराक में अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए। पीएमएफ के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई है और 32 अन्य घायल हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/us-saudi-joint-strike-iraq-pmf-20-killed/article-24799"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/c370dbef29c10c123d89f0bb815970a6_498625303_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>बगदाद: </strong>अमेरिका और सऊदी अरब की सेना ने इराक में ईरान समर्थित <strong>पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF)</strong> के ठिकानों पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की। इस हमले में पीएमएफ के <strong>कम से कम 20 लड़ाके मारे गए</strong>, जबकि <strong>32 अन्य घायल</strong> हुए हैं। पीएमएफ ने कहा है कि यह शुरुआती आंकड़ा है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।</p>
<h4><span><strong>सात प्रांतों में एक साथ हुए हमले</strong></span></h4>
<p>अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पीएमएफ ने स्वीकार किया कि हमले <strong>बगदाद, वासित, निनवेह, बसरा, किरकुक, कर्बला और दियाला</strong> प्रांतों में उसके ठिकानों पर किए गए। हमलों में कई इमारतें, सैन्य वाहन और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों में निनवेह और बसरा में कई स्थानों पर आग लगने की भी जानकारी सामने आई थी।</p>
<h4><span><strong>ड्रोन हमलों के जवाब में कार्रवाई का दावा</strong></span></h4>
<p>अमेरिका का कहना है कि यह संयुक्त सैन्य अभियान पिछले 30 दिनों में सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में किया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि कार्रवाई से पहले ईरान ने जॉर्डन स्थित उसके एक सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।</p>
<h4><span><strong>क्या है पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF)?</strong></span></h4>
<p>पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज इराक का आधिकारिक सरकारी सुरक्षा बल है, जिसकी स्थापना 15 जून 2014 को ईरान समर्थित शिया मिलिशिया समूहों को मिलाकर की गई थी। हालांकि यह औपचारिक रूप से इराकी सरकार के साथ समन्वय में काम करता है, लेकिन इसे व्यापक रूप से ईरान समर्थक संगठन माना जाता है।</p>
<h4><span><strong>हूती ने हमले की निंदा, जीसीसी ने सऊदी का किया समर्थन</strong></span></h4>
<p>यमन के ईरान समर्थित हूती समूह ने इस हमले को इराक की संप्रभुता पर हमला बताते हुए इसकी निंदा की है। दूसरी ओर, <strong>खाड़ी सहयोग परिषद (GCC)</strong> ने सऊदी अरब के समर्थन में बयान जारी करते हुए ईरान समर्थित समूहों द्वारा सऊदी पर किए गए हमलों की आलोचना की। जीसीसी महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने कहा कि सदस्य देश सऊदी अरब के साथ मजबूती से खड़े हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>ताज़ा खबरें </category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 14:56:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ramayana Movie: टी-सीरीज़ ने ₹75 करोड़ में हासिल किए म्यूजिक राइट्स</title>
                                    <description><![CDATA[नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' रिलीज से पहले ही बड़े रिकॉर्ड बना रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टी-सीरीज़ ने फिल्म के दोनों भागों के म्यूजिक राइट्स ₹75 करोड़ के रिफंडेबल एडवांस के तहत हासिल कर लिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/entertainment/ramayana-movie-music-rights-t-series-75-crore-deal/article-24798"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/b2a3868491aa2faf97a7c0d876c4b43f_1790811186_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुप्रतीक्षित फिल्म <strong>'रामायण'</strong> रिलीज से पहले ही लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। अब फिल्म से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, <strong>टी-सीरीज़</strong> ने फिल्म के दोनों भागों के <strong>म्यूजिक राइट्स</strong> अपने नाम कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि यह सौदा <strong>₹75 करोड़</strong> के रिफंडेबल एडवांस के तहत हुआ है, जिसे भारतीय फिल्म और संगीत उद्योग की सबसे बड़ी म्यूजिक डील्स में से एक माना जा रहा है।</p>
<h4><span><strong>कई कंपनियों के बीच टी-सीरीज़ ने मारी बाजी</strong></span></h4>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, 'रामायण' के म्यूजिक राइट्स हासिल करने की दौड़ में कई बड़ी म्यूजिक कंपनियां शामिल थीं। आखिरकार टी-सीरीज़ ने यह डील अपने नाम कर ली। कंपनी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भूषण कुमार और टी-सीरीज़ की वरिष्ठ टीम को फिल्म के संगीत की अपार संभावनाओं पर पूरा भरोसा है। ₹75 करोड़ की एडवांस राशि दोनों भागों के संगीत अधिकारों के लिए दी गई है।</p>
<h4><span><strong>ए. आर. रहमान और हैंस ज़िमर पहली बार साथ</strong></span></h4>
<p>फिल्म के संगीत को लेकर भी दर्शकों में खास उत्साह है, क्योंकि इसमें पहली बार <strong>ऑस्कर विजेता ए. आर. रहमान</strong> और <strong>हैंस ज़िमर</strong> साथ काम कर रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग से फिल्म के संगीत को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं।</p>
<h4><span><strong>रणबीर कपूर से लेकर यश तक दमदार स्टारकास्ट</strong></span></h4>
<p>नमित मल्होत्रा के निर्माण में बन रही इस मेगा बजट फिल्म में <strong>रणबीर कपूर</strong> भगवान राम, <strong>साई पल्लवी</strong> माता सीता, <strong>यश</strong> रावण, <strong>सनी देओल</strong> भगवान हनुमान और <strong>रवि दुबे</strong> लक्ष्मण की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म दो भागों में रिलीज होगी।</p>
<h4><span><strong>दिवाली 2026 और 2027 में रिलीज होंगे दोनों पार्ट</strong></span></h4>
<p>निर्माताओं के अनुसार, <strong>'रामायण' का पहला भाग दिवाली 2026</strong> और <strong>दूसरा भाग दिवाली 2027</strong> पर सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म को भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 14:49:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्यभट्ट का जीरो' का ट्रेलर रिलीज, संघर्ष और आत्मविश्वास की प्रेरक कहानी 7 अगस्त को होगी बड़े पर्दे पर रिलीज</title>
                                    <description><![CDATA[आगामी हिंदी फिल्म 'आर्यभट्ट का जीरो' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म एक ऐसे युवक की प्रेरक कहानी दिखाती है, जो लगातार असफलताओं, पारिवारिक जिम्मेदारियों और समाज के तानों के बावजूद हार नहीं मानता। हिमांश कोहली मुख्य भूमिका में हैं, जबकि उनके साथ रवि किशन, सोनाली सहगल, राजेश शर्मा और अन्य कलाकार नजर आएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/entertainment/aryabhatta-ka-zero-trailer-release-himansh-kohli-film-7-august-2026/article-24797"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/cb6712cda5b60e52ce3638e6f65f5b0c_2120001157_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>मुंबई:</strong> आगामी हिंदी फिल्म <strong>'आर्यभट्ट का जीरो'</strong> का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। करीब <strong>2 मिनट 38 सेकंड</strong> का यह ट्रेलर एक ऐसे साधारण युवक की संघर्षपूर्ण कहानी दिखाता है, जो लगातार असफलताओं, टूटे सपनों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और समाज के तानों के बीच अपनी पहचान बनाने की लड़ाई लड़ता है। भावनात्मक दृश्यों और प्रेरक संवादों से भरपूर यह ट्रेलर दर्शकों को उम्मीद और आत्मविश्वास का संदेश देता है।</p>
<h4><span><strong>शादी के दृश्य से शुरू होती है कहानी</strong></span></h4>
<p>ट्रेलर की शुरुआत एक हल्के-फुल्के शादी के दृश्य से होती है, जिसके बाद कहानी मुख्य किरदार <strong>ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ 'बग्गू'</strong> के जीवन की ओर बढ़ती है। बग्गू की जिंदगी में असफलताएं, प्यार में हार और पारिवारिक चुनौतियां लगातार आती हैं, लेकिन वह हर बार नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करता है।</p>
<h4><span><strong>हिमांश कोहली के साथ दमदार स्टारकास्ट</strong></span></h4>
<p>फिल्म में <strong>हिमांश कोहली</strong> मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ <strong>सोनाली सहगल, रवि किशन, दर्शना बानिक, राजेश शर्मा, गोपाल दत्त, इश्लीन प्रसाद, अलका अमीन, नीरज सूद और शिल्पा शिंदे</strong> अहम किरदार निभाते दिखाई देंगे। ट्रेलर में सभी कलाकारों का अभिनय कहानी को और प्रभावशाली बनाता है।</p>
<h4><span><strong>निर्माताओं और निर्देशक ने कही यह बात</strong></span></h4>
<p>फिल्म का निर्देशन <strong>कमल चंद्रा</strong> ने किया है, जबकि निर्माण <strong>बीरेंद्र भगत, रवि एस. गुप्ता, संजय नागपाल और शेओ बालक सिंह</strong> ने किया है। हिमांश कोहली का कहना है कि बग्गू उन लाखों युवाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जो बार-बार गिरने के बावजूद हार नहीं मानते। निर्माता बीरेंद्र भगत के अनुसार यह फिल्म उम्मीद जगाने वाली कहानी है, वहीं निर्देशक कमल चंद्रा का कहना है कि फिल्म आत्मविश्वास और नई शुरुआत की ताकत को दर्शाती है।</p>
<h4><span><strong>7 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म</strong></span></h4>
<p>संघर्ष, सपनों और आत्मविश्वास पर आधारित <strong>'आर्यभट्ट का जीरो'</strong> आगामी <strong>7 अगस्त 2026</strong> को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 14:45:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mohit Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Commonwealth Games 2026: भारत ने जीते दो और रजत, कुल 12 पदकों के साथ नौवें स्थान पर</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रमंडल खेल-2026 के छठे दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो और रजत पदक अपने नाम किए। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक रजत पदक जीता, जबकि हरजिंदर कौर ने महिलाओं के 69 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा रजत हासिल किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/game/commonwealth-games-2026-india-wins-two-silver-medals-medal-tally-day-6/article-24795"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/3f1a6c96d03ace236f19cc2e1f0538a5_687977333_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> राष्ट्रमंडल खेल-2026 के छठे दिन भारत ने अपने खाते में दो और रजत पदक जोड़कर कुल पदकों की संख्या 12 पहुंचा दी।</p>
<p>एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक रजत पदक जीता, जबकि हरजिंदर कौर ने महिलाओं के 69 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा रजत अपने नाम किया।</p>
<p>इन दोनों उपलब्धियों के साथ भारत के खाते में अब 2 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 12 पदक हो गए हैं। पदक तालिका में भारतीय दल नौवें स्थान पर बना हुआ है।</p>
<p>पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा लगातार कायम है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 35 स्वर्ण, 18 रजत और 27 कांस्य सहित कुल 80 पदक जीतकर पहला स्थान मजबूत किया है।</p>
<p>कनाडा 13 स्वर्ण, 10 रजत और 12 कांस्य सहित कुल 35 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड 10 स्वर्ण, 18 रजत और 15 कांस्य सहित कुल 43 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है।</p>
<p>मेजबान स्कॉटलैंड 7 स्वर्ण के साथ चौथे, नाइजीरिया पांचवें, मलेशिया छठे, दक्षिण अफ्रीका सातवें और न्यूजीलैंड आठवें स्थान पर हैं। भारत नौवें स्थान पर है, जबकि जमैका शीर्ष-10 में दसवें स्थान पर मौजूद है।</p>
<p>भारत को अब आगामी मुकाबलों में एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, सहित अन्य स्पर्धाओं से पदकों की उम्मीद रहेगी, जिससे पदक तालिका में उसकी स्थिति और मजबूत हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 14:38:58 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिमी सिंहभूम टी-20 से पहले चाईबासा स्टेडियम के विकेट पर लगी बारमूडा घास</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी सिंहभूम टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता की तैयारियों के तहत चाईबासा स्थित बिरसा मुंडा क्रिकेट स्टेडियम के मुख्य विकेटों पर बारमूडा सेलेक्शन वन घास लगा दी गई है। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के सहयोग से तैयार हो रही नई पिच का उद्देश्य तेज गेंदबाजों को अधिक मदद देना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/chaibasa/west-singhbhum-t20-chaibasa-bermuda-grass-cricket-pitch/article-24768"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-07/a7f3bfa0339cd4fe231604a4f02afa7c_799011794_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>पश्चिमी सिंहभूम।</strong> आगामी 22 सितंबर से शुरू होने वाली पश्चिमी सिंहभूम टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता की तैयारियां तेज हो गई हैं। चाईबासा स्थित बिरसा मुंडा क्रिकेट स्टेडियम में प्रतियोगिता को लेकर मुख्य विकेट पर बारमूडा सेलेक्शन वन घास लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। नई घास से तैयार होने वाला विकेट इस बार तेज गेंदबाजों के लिए अधिक मददगार साबित होने की उम्मीद है।</p>
<h4>झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने उठाया पूरा खर्च</h4>
<p>पश्चिमी सिंहभूम जिला क्रिकेट संघ के अनुरोध पर झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) ने बिरसा मुंडा क्रिकेट स्टेडियम के तीनों मुख्य विकेटों पर बारमूडा सेलेक्शन वन घास लगाने का पूरा खर्च वहन किया। घास लगाने का कार्य झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के पिच क्यूरेटरों की निगरानी में स्थानीय मजदूरों के सहयोग से लगभग तीन दिनों में पूरा किया गया। बारमूडा घास को सड़क मार्ग से कोलकाता से चाईबासा लाया गया।</p>
<h4>बीसीसीआई की सलाह पर बदला जा रहा विकेट</h4>
<p>पश्चिमी सिंहभूम जिला क्रिकेट संघ के महासचिव असीम कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने घरेलू मैदानों पर बारमूडा सेलेक्शन वन घास लगाने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य ऐसे विकेट तैयार करना है, जो तेज गेंदबाजों को अधिक सहायता प्रदान करें।</p>
<h4>बल्लेबाजों के अनुकूल रहा है चाईबासा का विकेट</h4>
<p>असीम कुमार सिंह ने बताया कि भारत के अधिकांश घरेलू विकेट बल्लेबाजों के अनुकूल माने जाते हैं। ऐसे में विदेशी दौरों या तेज विकेटों पर भारतीय बल्लेबाजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। चाईबासा के बिरसा मुंडा क्रिकेट स्टेडियम का विकेट भी अब तक बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहा है। पिछले सत्र में इसी मैदान पर एक दिन में लगभग 700 रन बने थे।</p>
<h4>एक माह तक नहीं होगी कोई गतिविधि</h4>
<p>नई घास के बेहतर विकास के लिए अगले एक महीने तक विकेट पर किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे घास पूरी तरह विकसित होगी और विकेट की गुणवत्ता बेहतर हो सकेगी।</p>
<h4>प्रतियोगिता में दिखेगा तेज गेंदबाजों का दम</h4>
<p>जिला क्रिकेट संघ को उम्मीद है कि पश्चिमी सिंहभूम टी-20 प्रतियोगिता शुरू होने से पहले तीनों मुख्य विकेट पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। नई पिच पर तेज गेंदबाजों को बेहतर उछाल और मूवमेंट मिलने की संभावना है, जिससे मुकाबले पहले से अधिक रोमांचक होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>चाईबासा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 16:56:50 +0530</pubDate>
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