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                <title>Nivedita Jha - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>Nivedita Jha RSS Feed</description>
                
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                <title>द ग्रेट इंडियन कपिल शो प्रोमो: करण जौहर ने सिंगल होने की शिकायत की......</title>
                                    <description><![CDATA[इस पर कपिल शर्मा का जवाब था, "हलवाई खुद अपनी मिठाइयाँ नहीं खाता।" कपिल शर्मा की इस टिप्पणी पर करण जौहर खुद को हंसने से नहीं रोक पाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/entertainment/the-great-indian-kapil-show-promo-karan-johar-complains-about/article-11296"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/kapil-sharma-show-season-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क: </strong>हम द ग्रेट इंडियन कपिल शो सीजन 2 के हंसी के जश्न का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नेटफ्लिक्स शो का ट्रेलर शनिवार को रिलीज किया गया। प्रोमो वीडियो में बैक-टू-बैक LOL पल हैं। शो के एक सेगमेंट में, करण जौहर कपिल शर्मा से कहते हैं, "बहुत लोगों का रिश्ता मैंने आगे बढ़ाया है लेकिन देखो मैं खुद सिंगल हूं"। इस पर कपिल शर्मा का जवाब था, "हलवाई खुद अपनी मिठाइयाँ नहीं खाता।" कपिल शर्मा की इस टिप्पणी पर करण जौहर खुद को हंसने से नहीं रोक पाए।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/C_4sX3Lynxv/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==">https://www.instagram.com/reel/C_4sX3Lynxv/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<p>शो के प्रभावशाली लाइन-अप में आलिया भट्ट, सूर्यकुमार यादव, रोहित शर्मा, एनटीआर जूनियर, सैफ अली खान, जान्हवी कपूर और द फैब्युलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स के सितारे भी अन्य मेहमानों के बीच शामिल हैं।</p>
<p>शो का ट्रेलर शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा, "जब आपके पसंदीदा मेहमान कपिल और उनके साथियों से मिलते हैं, तो शनिवार का फनीवार बनना पक्का है। 21 सितंबर से द ग्रेट इंडियन कपिल शो सीजन 2 देखें, रात 8 बजे, सिर्फ़ नेटफ्लिक्स पर।"</p>
<p><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/kapil-sharma-show-season-2.jpg" alt="kapil sharma show season 2" width="1200" height="725"></img></p>
<p>द ग्रेट इंडियन कपिल शो के पहले सीजन में पहले मेहमान के तौर पर रणबीर कपूर, उनकी मां नीतू और बहन रिद्धिमा कपूर साहनी नज़र आए थे। आमिर खान, सनी और बॉबी देओल, विक्की और सनी कौशल भी शो में शामिल हुए थे। हीरामंडी स्टार मनीषा कोइराला, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी, ऋचा चड्ढा, शर्मिन सहगल, संजीदा शेख भी एक एपिसोड में नज़र आईं। जान्हवी कपूर और राजकुमार राव भी मेहमानों में शामिल थे। एड शीरन आखिरी एपिसोड में नज़र आए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Sep 2024 16:03:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
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                <title>आयुष्मान भारत योजना : एक सप्ताह में शुरू होगा नामांकन, पीएम मोदी ने दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नामांकन जल्द ही शुरू होगा। शुरुआत में पायलट कार्यक्रम के रूप में शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र वरिष्ठ नागरिक आयुष्मान मोबाइल ऐप या PMJAY पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह योजना परिवार के आधार पर सालाना 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/health/ayushman-bharat-scheme-enrollment-will-start-in-a-week-pm/article-11295"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/pm-yojna.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क : </strong>आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नामांकन एक सप्ताह के भीतर शुरू होने वाला है। इस नए चरण को शुरू में चुनिंदा स्थानों पर पायलट कार्यक्रम के रूप में शुरू किया जाएगा, उसके बाद पूरे देश में इसे लागू किया जाएगा।</p>
<p>पात्र वरिष्ठ नागरिकों, जिनमें पहले से ही एबी-पीएमजेएवाई के तहत कवर किए गए लोग भी शामिल हैं, को आयुष्मान मोबाइल एप्लिकेशन या पीएमजेएवाई पोर्टल के माध्यम से योजना में शामिल होने के लिए आवेदन करना होगा। आयु सत्यापन और अन्य विवरणों के लिए आधार कार्ड की आवश्यकता होगी।</p>
<p>कोई प्रतीक्षा या कूलिंग-ऑफ अवधि नहीं होगी; पात्र लाभार्थी पंजीकरण और ईकेवाईसी के बाद तुरंत योजना कालाभ उठा सकते हैं। यह कार्यक्रम परिवार के आधार पर सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करता है।</p>
<p>AB-PMJAY के लिए प्रति लाभार्थी वार्षिक प्रीमियम 1,102 रुपये है, जिसमें प्रशासनिक शुल्क के लिए 50 रुपये शामिल हैं। इसमें से केंद्र 60% और राज्य 40% का योगदान देते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार डॉ. वी के पॉल की अध्यक्षता वाली नीति आयोग समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रीमियम में केंद्र का हिस्सा बढ़ाने पर विचार कर रही है।</p>
<p>बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को शामिल करने के लिए एबी-पीएमजेएवाई के विस्तार को मंजूरी दी और अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं के समर्थन के लिए 3,437 करोड़ रुपये की प्रारंभिक निधि आवंटित की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Sep 2024 13:53:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
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                <title>पशुओं की हिंसा के डाटा की जगह जब पशुओं के खिलाफ होने वाली हिंसा का डाटा देने से खत्म होगी दूरियां: चारू खरे</title>
                                    <description><![CDATA[वह परिस्थितियां जब किसी इंसान या बेजुबान के लिए मुश्किल समय हो सकता है तो उन्हें एक साथ प्रदान करने के उद्देश्य और सोच के साथ ही इस सफर की शुरूआत हुई। द हेल्पिंग हैंड्स नाम रखने का भी ख्याल वहीं से आया था ताकि उन्हें मदद भी मिले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/interview/when-data-on-violence-against-animals-is-given-instead-of/article-11285"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/107714283_2719265858309470_7646547322152846763_n-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>राम की नगरी अयोध्या में जन्मी और देश के सबसे बड़े प्रदेश की राजधानी लखनऊ को अपनी कर्मभूमि बनाने वाली चारू खरे लखनऊ की उन चंद सबसे खूबसूरत शख्सियतों में से एक है जो बदलते दौर में सिर्फ इसलिए बेजुबानों की आवाज बन जाती हैं क्योंकि उन्होंने अपने पिता को सिर्फ इसलिए खो दिया क्योंकि जिस समय उन्हें अपनी जान बचाने के लिए सबसे ज्यादा लोगों के सहारे की जरूरत थी तो कोई उन्हें बचाने यानी अपना हेल्पिंग हैंड्स देने के लिए आगे नहीं आया। टाइम्स ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान टाइम्स जैसे देश की जानी-मानी प्रतिष्ठित मीडिया संस्थाऩों की नौकरी छोड़कर नए सफर की शुरूआत कर बीते 4 सालों में अपनी बहनों के साथ बचपन में अपने माता-पिता से मिले बेहद खूबसूरत संस्कारों के कारण आसरा: द हेल्पिंग हैंड्स अब किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। समृद्ध झारखंड के लिए चारू खरे से बात की निवेदिता झा ने, इस बातचीत के संपादित अंश: </p>
<h3><strong>समृद्ध झारखंड: आसरा द हेल्पिंग हैंड्स की शुरूआत कैसे हुई ?</strong></h3>
<p><strong>चारू खरे:</strong> मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्या में जन्में होने के कारण वह मेरी मातृभूमि है तो उत्तर प्रदेश की राजधानी और देश की सियासत का बड़ा केंद्र लखनऊ मेरी कर्मभूमि है। मीडिया की पढ़ाई करने और उसका बैकग्राउंड होने के कारण टाइम्स ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में नौकरी करने का मौका लेकिन साल 2020 में अपने जीवन में हुई सबसे बड़ी घटना में जमीन विवाद को लेकर अपने पिता की पहले पीट-पीटकर हत्या और फिर बॉडी को जला देने की घटना के कारण मीडिया का साथ पीछे छूट गया। अगले छह महीनों तक अपने पिता के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते लड़ते ही ख्याल आया कि कैसे जब पापा को जब सबसे ज्यादा हेल्पिंग हैंड्स की जरूरत थी तो एक भी लोग उनकी मदद को सामने नहीं आए। ऐसे में वह परिस्थितियां जब किसी इंसान या बेजुबान के लिए मुश्किल समय हो सकता है तो उन्हें एक साथ प्रदान करने के उद्देश्य और सोच के साथ ही इस सफर की शुरूआत हुई। <a href="https://aasrathehelpinghands.com/">द हेल्पिंग हैंड्स</a> नाम रखने का भी ख्याल वहीं से आया था ताकि उन्हें मदद भी मिले।   </p>
<p> </p>
<h3><strong>समृद्ध झारखंड: एनजीओ शुरू करने की प्रेरणा कहां से मिली ?</strong></h3>
<p><strong>चारू खरे:</strong> इसकी सबसे बड़ी प्रेरणा मेरे पापा और मम्मी ही रहे हैं क्योंकि बचपन से ही अपने घर के माहौल को मैनें एनीमल फ्रेंडली वाला देखा है साथ ही पापा भी हमेशा से एनीमल लवर रहे थे। अपने कामकाज के अलावा उनका ज्यादातर समय इन बेजुबानों की मदद व उनकी देखभाल करने में बीतता था। सामाजिक कार्यों में पापा काफी बढ़चढ़ कर भाग लेते थे। उनकी एक बड़ी इच्छा भी थी कि वह इनके लिए एक बड़ा शेल्टर होम बनवाएं हालांकि जीते-जी उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पाई लेकिन अब आसरा: द हेल्पिंग हैंड्य के माध्यम से इस अधूरी ख्वाहिश को पूरी करने की कोशिश अब हम सभी कर रहे हैं। बचपन की एक घटना भी आज तक मेरे जेहन में मौजूद है कि कैसे एक गाय रोज हमारे घर आती थी और घरवाले उन्हें रोज कुछ न कुछ देते थे लेकिन एक दिन यह हुआ कि किसी ने उस गाय पर एसिड फेंक दिया। इसे देखकर पापा और मम्मी बहुत दुखी हुए थे और उन्होंने उस गाय की काफी मदद की थी। कई छोटी-छोटी घटनाएं, बातें ही हमें इन बेजुबानों के लिए काम करने को प्रेरित करती रही हैं और आज जिस मुकाम पर यह हो रहा है, उसे देखकर काफी खुशी मिलती है।  </p>
<h3><strong>समृद्ध झारखंड: इन बेजुबान जरूरतमंदों तक पहुंचनें की प्रक्रिया कैसे होती है ?</strong></h3>
<p><strong>चारू खरे:</strong> मुख्य रूप से आसरा द हेल्पिंग हैंड्स संस्था अपने हेल्पलाइन के जरिए पूरे एक चेन के साथ अपने काम को अंजाम देता है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के जरिए हेल्पलाइन नंबर को लोगों तक पहुंचाने के जरिए ही ऐसे बेजुबानों की तलाश होती है, जिन्हें मदद की जरूरत है। इसके अलावा बड़ी-बड़ी संस्थाएं जैसे पेटा इंडिया या पीपल फॉर एनीमल ट्रस्ट जैसे भी हैं, जो अपने कामों के लिए छोटे-छोटे एनजीओ की मदद लेते हैं। इसी तरह एनीमल लवर मेनका गांधी जैसे लोग भी हैं जो अपने कामों में छोटी-छोटी संस्थाओं की मदद लेते हैं और हम अपने कामों को अंजाम तक पहुंचाते हैं। हमारी संस्था या टीम फिलहाल अयोध्या, कानपुर और लखनऊ में काम कर रही है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि ऑउट ऑफ द रीच जाकर काम करना हमारी मजबूरी होती है और हम ऐसा करते हैं। जैसा अभी हाल ही में सहारपुर में हुआ है, 700 किलोमीटर दूर जाकर हमारी टीम ने पहले जरूरतमंद पशु को रेस्क्यू किया और उसे लेकर लखनऊ आए, यहां अपने पशु चिकित्सकों के माध्यम से उसका उपचार कर उसे वापस सहारनपुर छोड़कर आए क्योंकि किसी भी पशु को उसके मूल स्थान से अलग करना कानूनन जुर्म है। इस प्रकार हमारा एक काम ऐसे जरूरतमंद बेजुबानों का रेस्क्यू करना और उसे उपचार उपलब्ध कराना है। </p>
<p>दूसरा मुख्य काम जो हमारी संस्था करती है, वह है स्ट्रीट डोमेस्टिक एनीमल को घर दिलाना यानी उऩका एडॉप्शन कराना। इसके लिए एडॉप्शन कैंप का आयोजन किया जाता है। लखऩऊ में अब तक ऐसे 5-6 कैंपों का आयोजन हो चुका है। इन कैंपों का आयोजन मुख्य रूप से मेले में होता है क्योंकि वहां बड़ी संख्या में अलग-अलग प्रकार के लोग आते हैं और उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग प्रकार के PET एनीमल अपने लिए मिल जाते हैं। एडॉप्शन के लिए भी पूरी निर्धारित प्रकिया अपनाई जाती है, इसके अंतर्गत सभी एडॉप्टर से एक फॉर्म को भरवाया जाता है जिसमें निर्धारित सभी मानकों के पालन करने की सहमति ली जाती है ताकि एडॉप्शन के बाद कोई भी अपनी मर्जी से फिर ऐसे बेजुबानों को बेसहारा न छोड़ दे। </p>
<p>तीसरा मुख्य काम जो वर्तमान समय में महत्वपूर्ण हो चला है वह असहाय या निराश्रित बेजुबानों के बीच आए दिन होने वाले आपसी संघर्ष के मामलों को लेकर है या फिर उनकी ओर से लोगों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आती है और इसमें कई बार लोगों की मौत होने या उनके चोटिल होने के मामले आते हैं। तो वहीं कई बार बेजुबानों की मौत होने की खबरें भी आती रहती है, तो इसे रोकने या कम करने के लिए हमारी टीम स्कूल-कॉलेजों में अवेयरनेस कैंपेन चलाती है जिसमें बच्चों या लोगों को यह बताया जाता है कि कैसे वह इन स्ट्रीट एनीमल से अपनी सुरक्षा कर सकते हैं या उनसे फ्रेंडली हो सकते हैं। इसके अलावा पशुओं के साथ होने वाली हिंसा रोकने की दिशा में भी हम काम करते हैं जिसमें ऐसा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाना और उन्हें कानून के तहत सजा दिलावाना मुख्य है। हालांकि इस दौरान कई बार जरूरत पड़ने पर लोगों की काउंसलिंग भी की जाती है कि उन्हें इन बेजुबानों के साथ अपना व्यवहार कैसा रखना है। अब तक संस्था ने 60-70 मामलों में प्राथमिकी दर्ज करवाया है या फिर काउंसलिंग करवाया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि लोग अब धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं। जिसका परिणाम है कि इस तरह का काम करने वाले एनजीओ की संख्या भी बढ़ी है। </p>
<h3><strong>समृद्ध झारखंड: बेजुबानों के खिलाफ हुई हिंसा के मामलों को दर्ज करने में पुलिस की भूमिका कितनी संतोषजनक होती है या फिर हिंसा करने वालों के खिलाफ पुलिस क्या एक्शन लेती है ?</strong></h3>
<p><strong>चारू खरे:</strong> पुलिस का सहयोग अक्सर हमें मिलता है और उनकी ओर से होने वाली कार्रवाई कई बार संतोषजनक भी होती है तो कई बार सहयोगात्मक नहीं भी होता है क्योंकि कई बार पुलिस यह भी सोचती है कि हम क्या कर रहे हैं, कुत्ते-बिल्ली बचा रहे हैं और इससे क्या ही होगा। कई बार पुलिस के बेतुके सवालों से भी हमें दो-चार होना पड़ता है कि मामले सिर्फ हमसे ही जुड़े नहीं हो सकते हैं बल्कि वह कम्युनिटी एनीमल से भी जुड़े होते हैं या हो सकते हैं और ऐसे मामलों में भी बेजुबानों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, दुर्व्यवहार या उन्हें उनके मूल स्थान से हटाकर कहीं और भेज देना भी एक तरह से कानूनन जुर्म है और ऐसा नहीं करना है क्योंकि कई बार इन प्रावधानों या कानूनों से पुलिस पदाधिकारी भी जागरूक नहीं होते हैं कि हिंसा केवल घरेलू पशुओं से ही नहीं बल्कि सामुदायिक पशुओं से भी क्रूरता कानूनन जुर्म है। ऐसे मामलों में कई बार हमें पूरे प्रमाणों व कानूनी प्रावधानों के सबूतों के साथ पुलिस के सामने जाना पड़ता है और अपनी बात रखनी पड़ती है जिसके बाद पुलिस वाले बातों को मानने के लिए बाध्य होते हैं। </p>
<h3><strong>समृद्ध झारखंड: इन बेजुबानों की मदद जैसे नेक काम करने के दौरान सोसायटी, परिवार या दोस्तों की कैसी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है, समर्थन कैसा होता है?</strong></h3>
<p><strong>चारू खरे:</strong> इस तरह के कामों में निश्चित रूप से एक जैसी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिलती है बल्कि अलग-अलग तरीके से लोग इसको रिस्पांड करते हैं। लेकिन सबसे बड़ा रोल परिवार का होता है कि परिवार का सपोर्ट कैसा मिलता है, ऐसे कामों में तो हमारे लिए अब तक का सफर काफी शानदार रहा है क्योंकि पहले दिन से ही परिवार के लोगों ने हमारा खूब सपोर्ट किया है। बचपन से जो चीजें हमारे परिवार से जुड़ी हुई हैं उसे हम आगे लेकर बढ़ रहे हैं, इसका हमें पूरा संतोष है और हम खुश भी हैं कि पापा के नहीं होने के बावजूद भी उऩका काम आजतक नहीं रूका है। ऐसे कामों में यह बहुत जरूरी होता है कि हम यह अंतर कर सकें कि कौन सा काम हम सही कर रहे हैं और क्या सही नहीं कर रहे हैं क्योंकि जो काम हम सही करते हैं तो उससे हमें आत्मिक संतुष्टि मिलती है, दिल को सुकून मिलता है, नींद अच्छी आती है। तो ऐसी परिस्थितियों में अपने विल पॉवर को बनाकर रखने की चुनौती सबसे महत्वपूर्ण होती है। यह देखना जरूरी नहीं होता है कि कौन आपके खिलाफ और क्यों खड़ा है। </p>
<p> </p>
<p>लेकिन यह जरूर है कि कई बार लोगों को कई प्रकार की परेशानियां होती हैं खासकर उस दौरान जब स्ट्रीट एनीमल को खिलाने का काम लोग या एनीमल लवर करते हैं तो कुछ लोग ऐसा करने से उन्हें रोकते हैं। कई बार लोग बेवजह इन बेजुबानों को मारने का भी काम करते हैं जबकि वह उन्हें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं खड़ा करता है, तो इन परिस्थितियों में काम करना और वैसे लोगों को समझाने की बड़ी चुनौती होती है कि वह इन पशुओं के खिलाफ किसी प्रकार की कोई हिंसा नहीं करें क्योंकि इस तरह के लगातार व्यवहार से वह जानवर थोड़े समय में हिंसक हो जाता है और नुकसान पहुंचाने लगता है। तो यह जरूरी है कि पशुओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने व वैसा करने वालों को सबक सिखाने के लिए एक मजबूत पशु संरक्षण कानूनो की जरूरत है क्योंकि जब तक मजबूत कानून नहीं होगा, उसका अनुपालन सही ढंग से नहीं होगा तब तक ऐसी घटनाओं को रोकने या उन्हें करने वालों की मानसिकता कम नहीं होगी। हम सभी के लिए जरूरी है कि हम अपने एनीमल के लिए एक फ्रेंडली माहौल बनाएं क्योंकि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने एक आदेश में कहा है कि स्ट्रीट एनीमल को एक प्वाइंट पर खाना देना कोई जुर्म नहीं है बल्कि ऐसा करने वालों को रोकना जुर्म है, उन्हें परेशान करना जुर्म है। कई बार हमें काम करने के दौरान लोगों की धमकियां भी मिली है और लोग भीड़ के रूप में काम नहीं करने भी देते हैं खासकर जब रेस्क्यू जैसे कामों को करना होता है। ऐसी परिस्थितियों में लोगों की बातों को मानने के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं होता है क्योंकि लोग टीम की गाड़ियों को घेर लेते हैं। लेकिन फिर भी यही कहना सही है कि लोग क्या कहते हैं आपके कामों को लेकर, यह जरूरी नहीं है बल्कि आप अपने कामों को किस तरह से करते हैं, यह महत्वपूर्ण है। मीडिया या जर्नलिज्म छोड़ने को लेकर लोगों ने कई बार कहा तो हमेशा से मेरा मानना रहा है कि जर्नलिज्म मैंने नहीं छोड़ा है क्योंकि यह एक क्रांति है और यह क्रांति अब अलग तरीके से लोगों के जीवन में व उनकी सोच में लाने का कर रहे हैं। इसमें मुझे मेरी बहन पूर्ना खरे और दोस्त राहुल का भी साथ मिल रहा है। </p>
<h3><strong>समृद्ध झारखंड: इन बेजुबान जरूरतमंदों की मदद करने में आर्थिक मदद कैसे और किससे मिल रही है ?</strong></h3>
<p><strong>चारू खरे:</strong> हमें फिलहाल सरकार से कोई मदद नहीं मिलती है क्योंकि इसके लिए सरकारी काम को लेना पड़ता है। ऐसे में फिलहाल अपने कामों के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से हम लोग क्राउड फंडिंग करते हैं हालांकि इससे भी हमारी जरूरत पूरी नहीं हो पाती है। तो ऐसी परिस्थिति में हम अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए फ्रीलॉसिंग का काम करते हैं, जिसका एक हिस्सा हम इन कामों के लिए जमा करने का काम करते हैं। फिलहाल हमारे पास बिल्लियां, डॉग्स और मंकी हैं जिसकी देखभाल कर रहे हैं।     </p>
<h3><strong>समृद्ध झारखंड: आने वाले समय के लिए आपकी और आपके टीम की क्या प्लानिंग है ?</strong></h3>
<p><strong>चारू खरे: </strong>फिलहाल यह काम हमारी टीम एक किराए के जगह को लेकर कर रही है और सीमित जगह होने के कारण सभी प्रकार के बेजुबानों की मदद हम नहीं कर पा रहे हैं खासकर बड़े जानवरों के मामले में परेशानियां आ रही है तो आने वाले समय में बड़ा शेल्टर बनाना मुख्य प्लानिंग है। इसके अलावा बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में काम करना भी हमारा एक और मकसद है ताकि सही समय पर सही ढंग की शिक्षा हम बच्चों को दे सकें और इसके जरिए उन्हें बेजुबानों के प्रति हिंसा की भावना को दूर करने में मदद कर पाएं तो निश्चित रूप से आने वाले समय में इस तरह की घटनाओं में भी काफी कमी आएगी क्योंकि हमें आसानी से यह जानकारी तो मिल जाती है कि कितने लोगों को कुत्ते ने काटा लेकिन कितने लोगों के खिलाफ पशु हिंसा के मामले हैं, इसका कोई डाटा नहीं मिलता है तो इस गैप को दूर कर सकें और हम सभी एनीमल्स के लिए एक बेहतर और फ्रेंडली माहौल बना सकें, यह मुख्य काम है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>साक्षात्कार</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Sep 2024 19:45:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रांची सदर अस्पताल: असाध्य रोग कैंसर का इलाज करने वाला बना झारखंड का पहला सदर अस्पताल </title>
                                    <description><![CDATA[15 दिन पहले सदर अस्पताल हुआ सूचीबद्ध, मुँह के कैंसर के चौथे स्टेज के एक गंभीर मरीज का ट्रीटमेंट हुआ शुरू,4.5 लाख की इम्यूनोथेरेपी दवा फ्री में दी गई ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/health/ranchi-sadar-hospital-becomes-the-first-sadar-hospital-of-jharkhand/article-11227"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/sadar-ranchi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क :</strong> रांची सदर अस्पताल में अब गंभीर बोम्ली उपचारानी अस्य रोग योजना के तहत कैंसर रोगियों का इलाज होगा। यह राज्य का पहला जिला अस्पताल है, जिसे योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि 15 दिन पूर्व सदर अभ्पताल को सरकार ने सूचीबद्ध किया है। अब माहां केंवर के इलाज के लिए सरकार की ओर से मरीजों को 10 लाख तक की आर्थिक मदद की जाएगी। इससे गरीब रोगियों को महगे खर्च से राहत मिलेगी। जिक्की मार्षिक आप 72 हजार से कम होगी, वे इस योजना का लाभ लेने के लिए सीधे सिविल सर्जन कार्यालय में आलेदन कर सकते हैं। आवेदन के कद<br />प्रमाण पत्रों की जांच होगी। सब ठीक रहा हो अविलंब राशि का भुगतान अस्पताल को होगा। सिविल सर्जन ने बताया कि अस्पताल सूचीबद्ध होते ही मुंह के कैंसर से पीड़ित एक रोगी को स्वीकृत राशि का भुगतान किया जा चुका है।</p>
<p>मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत सदर अस्पताल में चौथे स्टेज के मुंह के कैंसर से पीड़ित रोगी का इलाज चल रहा है। उसकी स्थिति गंभीर है। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. गुंजेश कुमार सिंह की देख- रेख में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि मरीज गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचा था। इस स्थिति के रोगियों को इम्यूनोथेरेपी के साथ कीमोथेरेपी का कॉम्बिनेशन चलाया जाता है। इस मरीज को 2 वॉइल इम्यूनोथेरेपी की दवा उपलब्ध कराई गई है। जिसकी कीमत करीब 4.5 लाख रुपए है। लेकिन योजना के तहत रोगी को यह दवा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है।</p>
<h3><strong>कैंसर विभाग में हमेशा 35 से 40 मरीज भर्ती रहते हैं</strong></h3>
<p>सदर अस्पताल में कैंसर विभाग करीब आठ माह पहले शुरू किया गया है। 14 बेड से शुरू हुए विभाग में मरीज की संख्या बढ़ने पर 19 बेड किया गया। इसके बाद संख्या बढ़ाकर 26 की गई। अब 43 बेड पर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सिविल सर्जन ने बताया कि हमेशा 90% बेड भरे रहते हैं। अस्पताल में ओटी का सारा सेटअप किया जा चुका है। सर्जरी के जरूरी उपकरण इंस्टॉल किए जा चुके हैं। 5वें तल्ले में आईसीयू है। जिसमें वेंटिलेटर, एचएफएनसी समेत अन्य उपकरण लगाए जा चुके हैं।</p>
<h3><strong>हर तरह के कैंसर के इलाज की सुविधा</strong></h3>
<p>सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल में वर्तमान में एक मेडिकल ऑन्कोलोजिस्ट डॉ. गुंजेश कुमार सिंह के अलावा दो कैंसर सर्जन डॉ. सुरेश एम. और डॉ. अजय विद्यार्थी और ब्लड कैंसर के लिए डॉ. अभिषेक रंजन हैं। सदर अस्पताल में सिर्फ डॉ. दिन गुंजेश अगस्त 2024 तक 543 कीमोथेरेपी पूरी कर चुके हैं। यहां हर तरह के ब्लड कैंसर, ग्लैंड कैंसर, नेक कैंसर समेत अन्य के उपचार की सुविधा है।</p>
<h3><strong>रिम्स के  बाद अब कैंसर ट्रीटमेंट सदर अस्पताल में भी </strong></h3>
<p>कैसर ट्रीटमेंट के मामले में जिला अस्पताल अब रिम्स को टक्कर दे रहा है। रिम्स में मरीज को पहुंचने के बाद गंभीर मरीज को इमरजेंसी में भर्ती होने के बाद घंटों इंतजार करना पड़ता है। चूंकि, रिम्स में कैंसर विशेषज्ञ की इमरजेंसी ड्यूटी नहीं लगाई जाती। इसलिए कई घंटे के बाद मरीज को कैंसर विभाग में शिफ्ट किया जाता है। वहीं, सदर अस्पताल में सुविधाएं मिलने से हर दिन कैंसर रोगी पहुंच रहे हैं। यहां ओपीडी में रिम्स के ऑन्कोलॉजी विभाग से ज्यादा मरीज आ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 17:53:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MPOX Alert: झारखंड में स्वास्थ्य विभाग की तैयारी, रिम्स में 10 और सदर अस्पतालों में 5 बेड रिजर्व</title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद अगर 21 दिनों के भीतर किसी प्रकार का लक्षण  महसूस होती है तो इस परिस्थिति में बिना देर किए जांच कराने के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/health/mpox-alert-health-departments-preparation-in-jharkhand-reserve-10-beds/article-11225"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/riims.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क:</strong> मंकी पॉक्स को लेकर देश भर में हुए 15 दिनों से अलर्ट जारी है। झारखंड में भी स्वास्थ्य विभाग ने बीते दिनों अलर्ट जारी कर सभी जिलों को संदिग्ध की पहचान होते ही सैंपलिंग करने का निर्देश दिया है। सोमवार को रिम्स चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिरेन बिरूआ ने भी चिकित्सकों के साथ बैठक कर सैंपल जांच के लिए एमजीएम जमशेदपुर भेजने का निर्देश दिया है। अब एनएचएम के अभियान निदेशक अबु  इमरान ने सभी जिला अस्पतालों में मंकी पॉक्स के लिए 5 बेड सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। वहीं, रिम्स में शुरुआत में 10 बेड रिजर्व रखने और जरूरत पड़ने पर बेड बढ़ाने की बात कही गई है। साथ ही उन्होंने सभी जिलों के अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में संदिग्धों की गहन निगरानी व परीक्षण सुनिश्चित कराने की हिदायत दी है।</p>
<p>मंकी पॉक्स को लेकर निर्देश दिया गया है कि स्किन, मेडिसिन व पीडियाट्रिक ओपीडी में मरीजों की गहन निगरानी करते हुए परीक्षण किया जाए, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। संदिग्धों की पहचान होने पर नमूना (स्वाब) संकलित कर सुरक्षित तरीके से उसे एनआईबी, पुणे या एमजीएम जमशेदपुर भेजने का निर्देश दिया गया है। मंकी पॉक्स के संदिग्ध मरीज के मिलने पर इसकी सूचना जिला सर्विलेंस इकाई के जिला निगरानी पदाधिकारी को भी देने को कहा गया है, ताकि नमूनों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई की जा सके। क्या है मंकी पॉक्स मंकी पॉक्स एक जूनोसिस है, जो जानवरों से मनुष्यों में फैलता है। इसके लक्षण चेचक जैसे दिखते हैं। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशी में दर्द, पीठ दर्द, थकान महसूस होना, लिंफ नोड में सूजन और शरीर पर चकत्ते, जो तीन सप्ताह तक रह सकते हैं। संक्रमित व्यक्ति के कपड़े से भी फैल सकता है।</p>
<h3><strong>विदेश यात्रा से लौटने वालों की 21 दिन तक होगी निगरानी </strong></h3>
<p>स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि विदेश यात्रा से लौटने वालों की गहन निगरानी की जरूरत है। कहा गया है कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद अगर 21 दिनों के भीतर बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी महसूस होती है तो इस परिस्थिति में बिना देर किए जांच कराने के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 16:40:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिम्स के डॉक्टर्स कॉलोनी में घरेलू महिला के साथ छेड़खानी, घटना से डॉक्टर व परिजन आक्रोशित </title>
                                    <description><![CDATA[डॉक्टर्स कॉलोनी में रहने वाले डॉक्टर्स और उनके परिजनों में इस घटना को लेकर रोष और डर है, कइयों का कहना है कि इस माहौल में रहना मुश्किल होता जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/doctors-and-family-members-angry-over-molestation-incident-with-housewife/article-11216"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/rims-07091.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> रिम्स अस्पताल और आवासीय परिसर में लगातार अतिक्रमण और अनाधिकृत प्रवेश के कारण, आज डॉक्टर कॉलोनी में एक अप्रिय घटना घटी है, जहां क्वार्टर नंबर 64 के पास एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक घरेलू सहायिका के साथ छेड़खानी की गई है। सहायिका एक चिकित्सक के आवास कार्य करने सुबह 7.30 बजे जा रही थी जब उसे क्वार्टर 64 के पास एक अज्ञात व्यक्ति गलत इरादे से जबरदस्ती झाड़ियों में खींचने की कोशिश कर रहा था, सहायिका के शोर मचाने पर वह वहां से भाग निकला।</p>
<p>डॉक्टर कॉलोनी में आए दिन बढ़ते अतिक्रमण के बीच अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश भी बढ़ गया है। जिला व पुलिस प्रशासन को कई बार इस संबंध में सूचित किया गया है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं और कोई कारवाई नही होने पर अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और आज की घटना इसका सबूत है। डॉक्टर्स कॉलोनी में रहने वाले डॉक्टर्स और उनके परिजनों में इस घटना को लेकर रोष और डर है, कइयों का कहना है कि इस माहौल में रहना मुश्किल होता जा रहा है।</p>
<p>वहीं एक अन्य घटना को लेकर रिम्स प्रबंधन ने पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता को पत्र लिखा है और डीजीपी से बरियातू थाने के पीछे स्थित रिम्स की जमीन पर अज्ञात व्यक्ति की ओर से जेसीबी चलाकर कब्ज़ा किए जाने की सूचना दी गई है। रिम्स प्रबंधन ने डीजीपी से इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। कहा जा रहा है कि रिम्स की ओर से बरियातु रोड से हिल व्यू रोड जाने वाले रास्ते के कॉर्नर में चिहिन्त स्थल को नया स्मार्ट बरियातू थाना के निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 12:43:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा ने मुंबई में बिल्डिंग से कूदकर करली आत्महत्या</title>
                                    <description><![CDATA['मेरा बचपन शानदार रहा, लेकिन यह आसान नहीं था। वास्तव में, पीछे मुड़कर देखें तो मैं इसे वर्णित करने के लिए जिस शब्द का उपयोग करूँगी वह है उथल-पुथल भरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/entertainment/malaika-aroras-father-anil-arora-commits-suicide-by-jumping-from/article-11214"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/malika-father.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क:</strong> बॉलीवुड डीवा मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा ने एक बिल्डिंग की छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। बांद्रा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंच गई है। फिलहाल पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बताया जा रहा था कि मलाइका के पिता काफी समय से बीमार थे। </p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/C_xMwNSM7Ja/?utm_source=ig_web_copy_link">https://www.instagram.com/reel/C_xMwNSM7Ja/?utm_source=ig_web_copy_link</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<h3><strong>मलाइका अरोड़ा का बचपन</strong></h3>
<p>2022 में मलाइका ने एक इंटरव्यू में न केवल अपने 'अद्भुत' बचपन के बारे में बात की, बल्कि यह भी बताया कि कैसे उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती वर्षों में कठिन समय का सामना किया। उन्होंने याद किया कि कैसे वह केवल 11 वर्ष की थीं, जब उनके माता-पिता, अनिल अरोड़ा और जॉयस पॉलीकार्प का तलाक हो गया था।</p>
<p>मलाइका अपनी बहन अमृता के साथ, जो उस समय छह साल की थीं, अपनी माँ के साथ ठाणे से चेंबूर चली गईं और तलाक के बाद उनकी परवरिश उनकी माँ ने की। ग्राज़िया इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ''मेरा बचपन शानदार रहा, लेकिन यह आसान नहीं था। वास्तव में, पीछे मुड़कर देखें तो मैं इसे वर्णित करने के लिए जिस शब्द का उपयोग करूँगी वह है उथल-पुथल भरा। लेकिन कठिन समय आपको महत्वपूर्ण सबक भी सिखाता है।''</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/CBsJhMFh0PL/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==">https://www.instagram.com/p/CBsJhMFh0PL/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<p>'मेरे माता-पिता के अलग होने से मुझे अपनी माँ को एक नए और अनोखे नज़रिए से देखने का मौका मिला। मैंने एक दृढ़ कार्य नीति और हर सुबह उठकर पूरी तरह से स्वतंत्र होने के लिए जो कुछ भी करना पड़े, उसे करने का महत्व सीखा। वे शुरुआती सबक मेरे जीवन और पेशेवर यात्रा की आधारशिला हैं। मैं अभी भी पूरी तरह से स्वतंत्र हूँ; उन्होंने कहा, "मैं अपनी स्वतंत्रता को महत्व देती हूं और अपनी शर्तों पर जीवन जीती हूं।"</p>
<h3><strong>काम के मोर्चे पर</strong></h3>
<p>उन्हें आखिरी बार आयुष्मान खुराना और जयदीप अहलवत अभिनीत फिल्म एन एक्शन हीरो के गाने 'आप जैसा कोई' में देखा गया था। वह 'तेरा ही ख्याल' म्यूजिक वीडियो में भी नजर आई थीं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि वह आगामी मल्टी-स्टारर हाउसफुल 5 में एक विशेष कैमियो भूमिका में भी नजर आएंगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 12:27:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आत्महत्या के वृद्धि मामले में झारखंड देश में सातवें स्थान पर, प्रति लाख छह लोग अपनी जिंदगी से हो रहे निराश</title>
                                    <description><![CDATA[संस्थान के टेलीमेडिसिन सेंटर में भी 45 कॉल आये थे, यहां लोग 9471136697 पर फोन कर 24 घंटे ऑन कॉल की सुविधा ले सकते है. 14499 तथा 18003454060 पर कार्य अवधि के दौरान फ़ोन कर मनोवैज्ञानिक सलाह ली जा सकती है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/health/in-jharkhand-about-6-people-per-1-lakh-population-are/article-11202"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/sucide-prevention-day.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क: </strong>आप जैसे हैं वैसे ही सर्वश्रेष्ठ हैं, किसी की नकल ना करें. आप अपनी चिंता करें. लोग क्या कहेंगे, इसकी फिक्र ना करें. मनुष्य जीवन अनमोल है, इसे व्यर्थ ना गवायें. वर्तमान ही सबकुछ है. जिंदगी अभी और यही है. इसी क्षण में है. सुख-दुख कुछ भी नहीं ठहरता, यह भी बीत जायेगा. -ओशो</p>
<p>विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस एक जागरूकता दिवस है जो हर साल 10 सितंबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य 2003 से दुनिया भर में विभिन्न गतिविधियों के साथ आत्महत्याओं को रोकने के लिए विश्वव्यापी प्रतिबद्धता और कार्रवाई प्रदान करना है।झारखंड में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं चिंता की बात है. राजधानी (रांची) देश के उन पांच शहरों में शामिल हैं, वर्ष 2022 में 2021 की तुलना में आत्महत्या के मामले (प्रतिशत में) बढ़े हैं. रांची से ऊपर वाराणसी, प्रयागराज, ग्वालियर और आगरा है. इसका जिक्र नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजे आंकड़े में है. राजधानी में वर्ष 2021 में 104 लोगों ने आत्महत्या की थी, वहीं 2022 में यह आंकड़ा 187 तक पहुंच गया. यह वृद्धि करीब 79 फीसदी है. वहीं झारखंड में 2022 में 2181 लोगों ने आत्महत्या को, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 1825 था. जबकि बिहार में इस अवधि में सिर्फ 720 लोगों ने जिंदगी से हार मान ली. आत्महत्या के वृद्धि मामले (प्रतिशत में) में झारखंड पूरे देश में सातवें स्थान पर है. वर्ष 2021 की तुलना में 2022 में करीब 19.5 फीसदी की वृद्धि हुई है, झारखंड में प्रति एक लाख आबादी पर 5.6 लोग आत्महत्या कर रहे हैं. हालांकि यह राष्ट्रीय औसत (12.4 फीसदी) नीचे है. </p>
<h3><strong>आकड़ों के अनुसार झारखंड में ये आंकड़े चिंताजनक हैं -  </strong></h3>
<p>&gt; आत्महत्या के वृद्धि मामले में (प्रतिशत) झारखंड देश में सातवें स्थान पर<br />&gt; 2021 की तुलना में 2022 में आत्महत्या की दर राजधानी में 79 फीसदी बढ़ी<br />&gt; राज्य में एक साल में  824  छात्रों ने  की आत्महत्या<br />&gt;1080 अविवाहित तथा 973 विवाहित लोगों ने किया सुसाइड झारखंड में<br />&gt; बेरोजगारी के कारण राज्य में 188 लोगों ने दी जान<br />&gt; ड्रग और अल्कोहल  मामले में 87 लोगों ने आत्महत्या की<br />&gt; संपत्ति विवाद में  राज्य में 43 लोगों ने सुसाइड किया<br />&gt;  लव अफेयर्स मामले में 678 लोगों ने की आत्महत्या, इसमें 436 पुरुष और 242 महिलाएं<br />&gt; एक्सट्रा मैरिटल अफेयर्स मामले में 131 ने अपनी जान दी<br />&gt; परीक्षा में फेल होने पर 174 विद्यार्थियों ने की आत्महत्या<br />&gt; बीमारी के कारण 201 लोगों ने किया सुसाइड <br />&gt; पारिवारिक विवाद के कारण 265 ने जान दी <br />&gt; रांची में लव अफेयर के कारण आत्महत्या 48 मामले <br />&gt; झारखंड में  वर्ष 2021 की तुलना में  करीब 19. 5 फीसदी की विद्धि हुई है। </p>
<h3><strong>प्रति लाख में 6 लोगों की खुदकुशी की स्थिति चिंताजनक</strong></h3>
<p> झारखंड में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं चिंता की बात है. राजधानी (रांची) देश के उन पांच शहरों में शामिल हैं, वर्ष 2022 में 2021 की तुलना में आत्महत्या के मामले (प्रतिशत में) बढ़े हैं. रांची से ऊपर वाराणसी, प्रयागराज, ग्वालियर और आगरा है. इसका जिक्र नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजे आंकड़े में है. राजधानी में वर्ष 2021 में 104 लोगों ने आत्महत्या की थी, वहीं 2022 में यह आंकड़ा 187 तक पहुंच गया. यह वृद्धि करीब 79 फीसदी है. वहीं झारखंड में 2022 में 2181 लोगों ने आत्महत्या को, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 1825 था. जबकि बिहार में इस अवधि में सिर्फ 720 लोगों ने जिंदगी से हार मान ली. आत्महत्या के वृद्धि मामले (प्रतिशत में) में झारखंड पूरे देश में सातवें स्थान पर है. वर्ष 2021 की तुलना में 2022 में करीब 19.5 फीसदी की वृद्धि हुई है, झारखंड में प्रति एक लाख आबादी पर 5.6 लोग आत्महत्या कर रहे हैं. हालांकि यह राष्ट्रीय औसत (12.4 फीसदी) नीचे है.</p>
<h3><strong>पढ़ाई की उम्र में ही युवा जीवन से हो रहे निराश</strong></h3>
<p>वर्ष 2022 में झारखंड में 824 विद्यार्थियों ने आत्महत्या कर ली. प्रेम. प्रसंग में 678 लोगों ने अपनी जान दे दी, जिसमें 432 पुरुष और 242 महिलाएं शामिल हैं. राजधानी रांची में लव अफेयर्स से संबंधित आत्महत्या के 48 मामले दर्ज किये गये थे, जिसमें 36 पुरुष और 12 महिलाएं थीं. वहीं बेरोजगारी के कारण झारखंड के 188 लोगों ने अपनी जान दे दी. इसमें रांची में 13 मामले दर्ज किये गये थे. वहीं, नशे की लत के कारण झारखंड में 87 लोगों ने आत्महत्या की. इसमें 70 पुरुष और 17 महिलाएं हैं. वहीं परीक्षा में असफलता के कारण रांची में 31 विद्यार्थियों ने आत्महत्या कर ली थी. राजधानी में एक्सट्रा मैरिटल अफेयर्स के कारण भी 25 लोगों ने अपनी जान दे दी. वहीं शादी संबंधी विवाद के कारण पूरे राज्य में 356 और राजधानी में 51 लोगों ने आत्महत्या कर ली थी. आत्महत्या करनेवालों में 1080 अविवाहित थे.</p>
<h3><strong>रिनपास में औसतन रोजाना 8 लोगो ने फोन पर ली मदद</strong></h3>
<p>रिनपास के मोबाइल क्लिनिक हेल्पलाइन में पिछले एक वर्ष में 2814 कॉल आये. इसमें कई लोगों ने आत्महत्या की प्रवृत्ति बतायी, जिन्हें सलाह दी गयी. संस्थान के टेलीमेडिसिन सेंटर में भी 45 कॉल आये थे, यहां लोग 9471136697 पर फोन कर 24 घंटे ऑन कॉल की सुविधा ले सकते है. 14499 तथा 18003454060 पर कार्य अवधि के दौरान फ़ोन कर मनोवैज्ञानिक सलाह ली जा सकती है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/health/in-jharkhand-about-6-people-per-1-lakh-population-are/article-11202</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 17:11:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>iPhone 16 और iPhone 16 Pro का मुख्य फीचर है कैमरा बटन, जानिए यह क्या-क्या करेगा</title>
                                    <description><![CDATA[iPhone 16 सीरीज में नया कैमरा कंट्रोल एक दिलचस्प फीचर जोड़ता है, जिसका इस्तेमाल कैप्चर करते समय कई अलग-अलग फंक्शन के लिए किया जा सकता है। आइए जानें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/technology/the-main-feature-of-iphone-16-and-iphone-16-pro/article-11201"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/iphone-16-new.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क:</strong> नई iPhone 16 सीरीज़ आखिरकार आ गई है, और यह कई आकर्षक फीचर्स के साथ आती है। यह लंबे समय से ज्ञात था कि आने वाली सीरीज़ अपने AI, Apple इंटेलिजेंस द्वारा संचालित होगी, लेकिन कल (9 सितंबर) लॉन्च होने तक स्पेक्स अज्ञात थे। इन प्रमुख विशेषताओं में से एक डिवाइस के दाईं ओर कैमरा कंट्रोल बटन है, जो पावर बटन के ठीक नीचे है। लॉन्च के दौरान, Apple ने खुलासा किया कि यह केवल एक कैमरा बटन से कहीं अधिक है। फ़ोटो और वीडियो कैप्चर करते समय कैमरा कंट्रोल का उपयोग कई अलग-अलग कार्यों के लिए किया जा सकता है। अनिवार्य रूप से, कैमरा कंट्रोल कैमरा को जल्दी से लॉन्च कर सकता है, फ़ोटो ले सकता है और वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर सकता है, ताकि उपयोगकर्ता उस पल को मिस न करें।</p>
<p>Apple कैमरा कंट्रोल को विचारशील हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर एकीकरण का परिणाम बताता है जो iPhone 16 लाइनअप पर कैमरा अनुभव को बढ़ाता है। यह इनोवेशन से भरा हुआ है, जिसमें एक स्पर्शनीय स्विच शामिल है जो क्लिक अनुभव को शक्ति देता है, एक उच्च-सटीक बल सेंसर जो लाइट प्रेस जेस्चर को सक्षम करता है, और एक कैपेसिटिव सेंसर जो टच इंटरैक्शन की अनुमति देता है। iPhone 16 पर कैमरा कंट्रोल: यह क्या कर सकता है? नया कैमरा प्रीव्यू उपयोगकर्ताओं को शॉट को फ्रेम करने और अन्य नियंत्रण विकल्पों को समायोजित करने में मदद करता है - जैसे कि ज़ूम, एक्सपोज़र या फ़ील्ड की गहराई - कैमरा कंट्रोल पर अपनी उंगली स्लाइड करके एक शानदार फ़ोटो या वीडियो बनाने के लिए। इसके अतिरिक्त, डेवलपर्स स्नैपचैट जैसे थर्ड-पार्टी ऐप में कैमरा कंट्रोल ला पाएंगे। लेकिन यह पार्टी में थोड़ा देर से आएगा। आइए देखें कि यह क्या कर सकता है।</p>
<p>लॉन्च के दौरान, Apple ने कैमरा कंट्रोल बटन के कामकाज के बारे में बताया। उदाहरण के लिए, एक क्लिक से, यह कैमरा ऐप खोल देगा। एक बार कैमरा ऐप खुलने के बाद, एक क्लिक से आप तस्वीरें क्लिक कर पाएंगे और लंबे समय तक प्रेस करने से आप वीडियो रिकॉर्ड कर पाएंगे। इस बटन से आप ज़ूम, एक्सपोज़र एडजस्ट करने या फ़िल्टर बदलने जैसे नियंत्रण भी खोल सकते हैं। कैमरा कंट्रोल बटन पर डबल लाइट प्रेस करने से आप एक्सपोज़र या फ़ील्ड की गहराई को बदलने का विकल्प चुन पाएंगे। बटन पर स्लाइड करने से फ़ील्ड की गहराई जैसे मुट्ठी भर विकल्प भी खुलेंगे। कुल मिलाकर, बटन में गहरा सॉफ़्टवेयर सपोर्ट है, इसलिए आप मैन्युअल रूप से कैमरा ऐप में जाने के बिना भी नियंत्रण फ़ंक्शन के बीच स्वैप कर सकते हैं।</p>
<h3><strong>कैमरा कंट्रोल: विज़ुअल इंटेलिजेंस और थर्ड-पार्टी सपोर्ट</strong></h3>
<p>इस साल के आखिर में, कैमरा कंट्रोल एक नए विज़ुअल इंटेलिजेंस फ़ीचर के साथ काम करने में सक्षम होगा। कैमरा ऐप का उपयोग करके और कैमरा व्यूफ़ाइंडर के साथ किसी ऑब्जेक्ट को दबाकर रखने से, उपयोगकर्ता ऑब्जेक्ट के बारे में जानकारी तक तेज़ी से पहुँच सकते हैं। यह सुविधा तुरंत जानकारी प्राप्त करने के लिए सुविधाजनक क्लिक-एंड-होल्ड जेस्चर का लाभ उठाती है। विज़ुअल इंटेलिजेंस फ़ीचर के बारे में यहाँ और पढ़ें।</p>
<p>कैमरा कंट्रोल थर्ड-पार्टी टूल के लिए गेटवे के रूप में भी काम करेगा, जैसे कि जब उपयोगकर्ता खरीदने के लिए कोई आइटम Google पर सर्च करना चाहते हैं या किसी समस्या को हल करने के लिए ChatGPT का उपयोग करना चाहते हैं। उपयोगकर्ता इस बात पर नियंत्रण रखते हैं कि थर्ड-पार्टी टूल का उपयोग कब किया जाए और कौन सी जानकारी साझा की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>तकनीक</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/technology/the-main-feature-of-iphone-16-and-iphone-16-pro/article-11201</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 13:35:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिशा परमार को भी हुआ डेंगू, 'बीमारों के क्लब में आपका स्वागत है'</title>
                                    <description><![CDATA[राहुल वैद्य ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि उन्हें डेंगू हो गया है, जिसके कारण वह गणेश चतुर्थी समारोह में शामिल नहीं हो पाए। बिग बॉस 14 और खतरों के खिलाड़ी के लिए मशहूर गायक ने अपनी स्थिति दिखाते हुए एक सेल्फी पोस्ट की। मुंबई में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच प्रशंसक उनके स्वास्थ्य के बारे में और अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/entertainment/disha-parmar-also-got-dengue-welcome-to-the-club-of/article-11200"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/disha-rahul.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क:</strong> राहुल वैद्य के बाद उनकी पत्नी दिशा परमार को भी डेंगू हो गया है। राहुल वैद्य ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, "क्या यह काफी नहीं था कि मुझे डेंगू हो गया कि दिशा को भी डेंगू हो गया..."। दिशा ने अपनी एक सेल्फी भी शेयर की और लिखा, "बीमार क्लब में आपका स्वागत है।" राहुल की स्टोरी को अपने इंस्टाग्राम पर फिर से शेयर करते हुए दिशा ने लिखा, "हमेशा साथ" और हंसी के इमोजी भी शेयर किए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले राहुल वैद्य को 104 डिग्री फ़ारेनहाइट का तेज़ बुखार था। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर सिर पर कोल्ड वाइप्स रखे हुए अपनी एक तस्वीर शेयर की। फिर उन्होंने एक और स्टोरी पोस्ट की, जिसका कैप्शन था, "डेंगू!"</p>
<p><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/disha-rahul.jpg" alt="DISHA RAHUL" width="1200" height="768"></img></p>
<p>दिशा ने अपनी एक सेल्फी भी शेयर की और लिखा, "बीमार क्लब में आपका स्वागत है।" अपने इंस्टाग्राम पर राहुल की स्टोरी को फिर से शेयर करते हुए दिशा ने लिखा, "हमेशा साथ" और हंसने वाले इमोजी की एक सीरीज बनाई।</p>
<p><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/rahul-sick.jpg" alt="rahul sick" width="1200" height="720"></img></p>
<p> </p>
<p>राहुल वैद्य ने नेशनल टेलीविज़न पर दिशा परमार को प्रपोज़ किया। गायक ने 2020 में टीवी शो बिग बॉस 14 में अभिनेत्री दिशा परमार को उनके जन्मदिन पर प्रपोज किया था। जुलाई 2021 में दोनों ने शादी कर ली और दिशा ने पिछले साल की शुरुआत में अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा की।</p>
<p>दिशा परमार ने एक मॉडल के रूप में अपना करियर शुरू किया और नकुल मेहता के साथ टीवी शो प्यार का दर्द है मीठा मीठा प्यारा प्यारा में अभिनय किया। वह टीवी शो वो अपना सा में भी नजर आईं। दिशा ने कई टीवी विज्ञापनों में भी काम किया है। उन्होंने टीवी शो बड़े अच्छे लगते हैं 2 में मशहूर भूमिका निभाई।</p>
<p>राहुल वैद्य सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल के पहले सीज़न में भाग लेने के बाद प्रसिद्ध हुए। उन्होंने दो चार दिन, कह दो ना, तेरा इंतज़ार, आभास है और याद तेरी जैसे गाने गाए हैं। उन्होंने खतरों के खिलाड़ी 1 में भी भाग लिया था। राहुल वैद्य लाफ्टर शेफ़्स - अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट का हिस्सा हैं, जो वर्तमान में ऑन एयर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 12:54:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में मंकीपॉक्स: हरियाणा के 26 वर्षीय व्यक्ति में मंकीपॉक्स वायरस की पुष्टि हुई</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा के एक 26 वर्षीय व्यक्ति में एमपॉक्स वायरस, विशेष रूप से पश्चिमी अफ्रीकी क्लेड 2 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया है। विदेश से लौटने के बाद उसे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और अन्य क्षेत्रों में पाए गए एक नए स्ट्रेन के कारण हाई अलर्ट घोषित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/health/monkeypox-in-india-monkeypox-virus-confirmed-in-26-year-old-man-from/article-11198"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/mpox-221.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क: </strong>एमपॉक्स (मंकीपॉक्स) के पहले संदिग्ध मामले की पुष्टि मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ द्वारा किया गया। यात्रा से संबंधित संक्रमण के रूप में हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "प्रयोगशाला परीक्षण ने रोगी में पश्चिम अफ्रीकी क्लेड 2 के एमपॉक्स वायरस की उपस्थिति की पुष्टि की है।"हरियाणा के हिसार का 26 वर्षीय व्यक्ति विदेश से देश लौटा था। उसे शनिवार को दिल्ली सरकार द्वारा संचालित एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और अन्य क्षेत्रों में पाए गए नए स्ट्रेन के कारण हाई अलर्ट घोषित किया है।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/HealthForAll?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#HealthForAll</a> <br /><br />Presence of <a href="https://twitter.com/hashtag/Mpox?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Mpox</a> virus of West African clade 2 confirmed in Isolated Patient<br /><br />Clade 2, not part of the current public health emergency<br /><br />Patient stable, no immediate risk to public<a href="https://t.co/Kcl09B6Eb2">https://t.co/Kcl09B6Eb2</a></p>
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) <a href="https://twitter.com/MoHFW_INDIA/status/1833131304033886622?ref_src=twsrc%5Etfw">September 9, 2024</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>एमपॉक्स के फिर से उभरने और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में क्लेड 1बी नामक एक नए स्ट्रेन का पता चलने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 14 अगस्त को अपना उच्चतम अंतरराष्ट्रीय अलर्ट स्तर घोषित किया। नए क्लेड 1बी स्ट्रेन का पहली बार सितंबर 2023 में पूर्वी डीआर कांगो में सेक्स वर्क के बीच पता चला था। क्लेड 1बी के मामले बुरुंडी, केन्या, रवांडा और युगांडा के पास के इलाकों में दर्ज किए गए हैं। इनका पता एशिया और यूरोप में भी चला है। इनमें से किसी में भी पहले इसका पता नहीं चला था। 1.4 बिलियन लोगों वाले देश भारत में वायरस के नए स्ट्रेन के कारण एमपॉक्स का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।</p>
<p>दिल्ली सरकार के तीन अस्पतालों - लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल, जीटीबी और बाबा साहेब अंबेडकर - ने बीमारी के संदिग्ध और पुष्ट मामलों के लिए आइसोलेशन रूम बनाए हैं। मंकीपॉक्स के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और लिम्फ नोड्स में सूजन शामिल हैं। इसके बाद एक विशिष्ट दाने निकलते हैं जो कई चरणों में आगे बढ़ते हैं: मैक्यूल, पपल्स, वेसिकल्स, पस्ट्यूल और स्कैब्स, जो अक्सर चेहरे से शुरू होकर शरीर के अन्य भागों में फैल जाते हैं। मंकीपॉक्स का संक्रमण संक्रमित जानवरों, मनुष्यों या दूषित पदार्थों के सीधे संपर्क से होता है। यह श्वसन बूंदों के माध्यम से भी फैल सकता है, खासकर लंबे समय तक निकट संपर्क में रहने से।</p>
<p>मंकीपॉक्स को रोकने के लिए कई रणनीतियाँ अपनानी पड़ती हैं। प्रकोप वाले क्षेत्रों में, साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोने सहित अच्छी स्वच्छता का अभ्यास करने से संक्रमण को कम करने में मदद मिलती है। स्वास्थ्य सेवा सेटिंग्स में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का उपयोग और संक्रमित व्यक्तियों को अलग रखना भी प्रसार को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 11:19:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
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                <title>भारत में एमपॉक्स? विदेश से लौटे व्यक्ति के रूप में पहला संदिग्ध मामला सामने आया</title>
                                    <description><![CDATA[Monkeypox virus: भारत में संदिग्ध मंकीपॉक्स संक्रमित शख्स की पहचान की गई है. फिलहाल उसे एक अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है. वहीं, मंकीपॉक्स वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड 6 से 13 दिन तक होता है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/health/first-suspected-case-of-mpox-in-india-as-a-person/article-11167"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/mpox-22.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डेस्क: </strong> केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में विदेश से यात्रा करके आए एक युवा पुरुष मरीज को एमपॉक्स (मंकीपॉक्स) संक्रमण का संदिग्ध मामला माना गया है। मरीज को आइसोलेशन के लिए स्पेशीफाइड अस्पताल में अलग रखा गया है. फिलहाल, उसकी हालत स्थिर है. एमपॉक्स की उपस्थिति की पुष्टि करने के लिए रोगी के सैंपल का टेस्ट किया जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा, "इस मामले का विकास एनसीडीसी द्वारा किए गए पहले के जोखिम आकलन के अनुरूप है और इसमें किसी भी तरह की अनावश्यक चिंता का कोई कारण नहीं है।"</p>
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<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/HealthForAll?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#HealthForAll</a><br /><br />A suspected Mpox case is currently under investigation.<br /><br />The patient is put under isolation. <br /><br />No cause for alarm.<a href="https://t.co/C7OnWCZS5e">https://t.co/C7OnWCZS5e</a></p>
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) <a href="https://twitter.com/MoHFW_INDIA/status/1832727185766965649?ref_src=twsrc%5Etfw">September 8, 2024</a></blockquote>

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<h3><strong>मंकीपॉक्‍स से निपटने के लिए किए जा रहे उपाय</strong></h3>
<p>देश इस तरह के अलग-थलग यात्रा से संबंधित मामले से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी संभावित जोखिम को प्रबंधित करने और कम करने के लिए कड़े उपाय किए गए हैं. जिसके लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्‍यों को जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं. साथ ही राज्‍यों को कोरोना वायरस की चुनौती के बीच अलर्ट रहने के लिए कहा गया है.</p>
<h3><strong>जानिए कैसे फैलता है मंकीपॉक्‍स?</strong></h3>
<p>पिछले दिनों हुई स्वास्थ्य मंत्रालय की बैठक में यह बात सामने आई थी कि मंकीपॉक्स का सामान्यतः 2-4 सप्ताह का संक्रमण होता है और रोगी आमतौर पर सहायता संबंधी प्रबंधन से ठीक हो जाते हैं. संक्रमित व्यक्ति के साथ लंबे समय तक निकट संपर्क से और आमतौर पर यौन संपर्क, शरीर, घाव के तरल पदार्थ के साथ सीधे संपर्क या संक्रमित व्यक्ति के दूषित कपड़े, चादर का इस्तेमाल करने से होता है. </p>
<h3><strong>116 देशों से 99 हजार से ज्यादा मंकीपॉक्स के केस- WHO</strong></h3>
<p>बता दें कि, डब्ल्यूएचओ ने इससे पहले साल जुलाई 2022 में मंकीपॉक्स को पीएचईआईसी घोषित किया था. जिसके बाद में मई 2023 में इसे रद्द कर दिया था. 2022 से वैश्विक स्तर पर डब्ल्यूएचओ ने 116 देशों से मंकीपॉक्स के कारण 99,176 मामले और 208 लोगों की मौत होने की बात कही थी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Sep 2024 17:00:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nivedita Jha]]></dc:creator>
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