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                <title>Shailendra Sinha - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>Shailendra Sinha RSS Feed</description>
                
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                <title>बिहारी पॉलिटिक्स का झारखंडीकरण करने को तैयार जदयू, मांडू से प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो के बेटे दुष्यंत पटेल लड़ेंगे चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड में बीजेपी के साथ गठबंधन की राह आसान नहीं है। एनडीए सहयोगियों में फिलहाल जदयू की 12 सीटों पर तैयारी है तो वहीं चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) और केंद्रीय मंत्री जीतनराम साहनी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्यूलर) की सीटों की संख्या का आना शेष है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/state-president-khiru-mahatos-son-dushyant-patel-will-contest-elections/article-11226"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/whatsapp-image-2024-09-11-at-17.39.58.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>झारखंड में विधानसभा चुनाव की गहमागहमी तेज होती जा रही है। बीजेपी ने आज से सभी सीटों के लिए रायशुमारी शुरू की है तो वहीं झामुमो-कांग्रेस भी अपनी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इसके अलावा तैयारियों में वैसे दल भी शामिल हैं, जिनकी राजनीतिक सक्रियता हाल के दिनों तक नजर नहीं आ रही थी लेकिन चुनाव को देखते हुए अब वह सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसमें बिहार में सक्रिय दल आगे दिख रहे हैं। केंद्र में मोदी सरकार को अपनी बैसाखी के भरोसे टिकाए रखने वाली जदयू ने झारखंड में विधानसभा की 12 सीटों पर दावेदारी करते हुए तैयारियां शुरू कर दी है। तैयारियों के अंतर्गत इन सभी सीटों पर जल्दी ही कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जदयू ने पूर्व में ही एलान किया है कि वह एनडीए फोल्डर में रहकर ही झारखंड में विधानसभा चुनाव लड़ेगी, ऐसे में जदयू की तैयारी बीजेपी के लिए नई मुश्किलें न खड़ी कर दे। </p>
<h3><strong>संभावित सीटों पर कार्यकर्ता सम्मेलन की तैयारी</strong></h3>
<p>बीते दिनों जब झारखंड प्रदेश जदयू कार्यसमिति की बैठक रांची में हुई थी तो इसमें भाग लेते हुए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने एलान किया था कि जदयू एनडीए फोल्डर में रहकर ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी और इसके लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के सीएम नीतीश कुमार बात करेंगे। कार्यसमिति की बैठक में ही संभावित 12 सीटों का चयन कर शीर्ष नेतृत्व को इस संबंध में प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया था।</p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/whatsapp-image-2024-09-11-at-17.39.58-(1).jpg" alt="WhatsApp Image 2024-09-11 at 17.39.58 (1)" width="1200" height="720"></img>
रांची में जदयू नेताओं संग पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष

<p>कहा जा रहा है कि अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की हरी झंडी मिलते ही इन सीटों पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इन 12 सीटों में मांडू, झरिया, टुंडी, छतरपुर, चतरा, मांडर, जमशेदपुर पूर्वी, देवघर, जरमुंडी, मनोहरपुर, विश्रामपुर और बाघमारा शामिल है। इन सीटों में फिलहाल 6 सीटों पर कार्यकर्ता सम्मेलन के कार्यक्रमों व उन सीटों पर संभावित उम्मीदवारों को इसे सफल बनाने का जिम्मा दिया गया है। </p>
<h3><strong>मांडू से खीरू महतो के बेटे दुष्यंत लड़ेंगे चुनाव</strong></h3>
<p>जिन छह सीटों पर पहले चरण में पार्टी फोकस कर रही है उसमें झारखंड प्रदेश जदयू अध्यक्ष खीरू महतो की सीट मांडू भी शामिल है। पार्टी ने इस सीट पर खीरू महतो के बेटे दुष्यंत पटेल को चुनावी अखाड़े में उतारने का मन बना लिया है। इसलिए यहां 24 सितंबर को आयोजित होने वाले कार्यकर्ता सम्मेलन को सफल बनाने की जिम्मेदारी दुष्यंत पटेल को दी गई है। इसके अलावा 19 सितंबर को झरिया सम्मेलन के लिए पिंटू सिंह, 22 सितंबर को टुंडी के लिए दीपनारायण सिंह, 28 सितंबर को छतरपुर में होने वाले सम्मेलन के लिए पूर्व मंत्री सुधा चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा 29 सितंबर को चतरा और 30 सितंबर को मांडर में कार्यकर्ता सम्मेलन होगा, जिसके लिए नेता का चयन फिलहाल नहीं हो पाया है।   </p>
<h3><strong>बीजेपी के गढ़ वाले सीटों पर दावेदारी</strong></h3>
<p>जदयू ने विधानसभा चुनाव को लेकर जिन 12 सीटों को चिह्नित किया है वह सभी बीजेपी के गढ़ कहे वाली सीटें है। इनमें मांडू, झरिया, टुंडी, छतरपुर, चतरा, मांडर, जमशेदपुर पूर्वी, देवघर, जरमुंडी, मनोहरपुर, विश्रामपुर और बाघमारा है। इन सीटों में फिलहाल बीजेपी के पास मांडू, देवघर, बाघमारा और विश्रामपुर सीट है। जबकि जमशेदपुर पूर्वी की सीट पूर्व सीएम रघुवर दास की परंपरागत सीट है और 1995 से लगातार इस सीट से वह चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन इस बार उनके परिवार से किसी के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा है क्योंकि रघुवर दास फिलहाल ओड़िशा के राज्यपाल हैं।</p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/whatsapp-image-2024-09-11-at-17.39.59.jpg" alt="WhatsApp Image 2024-09-11 at 17.39.59" width="1200" height="720"></img>
संभावित उम्मीदवारों संग जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष (फाइल फोटो)

<p>इसके अलावा झरिया सीट पर कोयलांचल की राजनीति में अपना सिक्का चलाने वाले सिंह मेंशन की दावेदारी है तो वहीं छतरपुर,मांडर, चतरा से पूर्व में बीजेपी के विधायक रह चुके हैं। ऐसे में जदयू की दावेदारी में सबसे बड़ा पेंच यह है कि बीजेपी अपनी जीती हुई इन सीटों को कैसे और किसके लिए जदयू को दे, खासकर तब जब जदयू के पास न तो वोट बैंक है और न ही कोई चेहरा। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने जदयू के साथ चुनावी गठबंधन से जुड़े एक सवाल के जबाब में कहा था कि इसका फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लेना है। </p>
<p>झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के साथ संभावित गठबंधन की राह उसके एनडीए सहयोगियों के लिए आसान नहीं दिख रहा है। फिलहाल जदयू ने ही 12 सीटों की मांग रखे जाने की चर्चा है तो इसके अलावा चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) और केंद्रीय मंत्री जीतनराम साहनी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्यूलर) की सीटों की संख्या का आना शेष है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 17:49:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shailendra Sinha]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निशाने पर बाबूलाल या बाबूलाल का निशाना: झारखंड चुनाव में भाजपा की सत्ता वापसी पर मरांडी होंगे सीएम की कुर्सी के दावेदार </title>
                                    <description><![CDATA[अगला विधानसभा चुनाव बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में झारखंड भाजपा का अंतिम चुनाव हो सकता है। यदि आदिवासी बहुल सीटें बीजेपी के हाथ से निकलती और दूसरी तरफ कोल्हान टाइगर का अपने क्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर रहा तो किस्सा कुर्सी का बाबूलाल के हाथों से निकल चंपाई दा के हिस्से में जा सकता है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/babulals-target-or-babulals-target-marandi-will-be-a-contender/article-11181"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/whatsapp-image-2024-09-09-at-15.30.03-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> क्या इस विधानसभा चुनाव में निशाना सटीक बैठेगा और 5 साल बाद सत्ता में वापसी करते हुए 21 साल बाद फिर से सीएम की कुर्सी पर बैठने का मौका मिलेगा. मन में ऐसे ही कई सवालों को रख निशाना साधते यह हैं झारखंड भाजपा के अध्यक्ष और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी. </p>
<p>दरअसल यह तस्वीर कुछ दिनों पुरानी है जब बाबूलाल मरांडी रांची में आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित सशक्त सेना, समृद्ध भारत प्रदर्शनी को देखने मोराबादी मैदान पहुंचे थे तो वहां प्रदर्शित भारतीय सेना के हथियारों को करीब से देखा था, लेकिन इस तस्वीर को झारखंड की राजनीति से भी जोड़कर देखना चाहिए क्योंकि जल्दी ही झारखंड में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और भाजपा यहां प्रमुख विपक्षी दल है।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री <a href="https://twitter.com/yourBabulal?ref_src=twsrc%5Etfw">@yourbabulal</a> जी आज रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित 'Know Your Army' प्रदर्शनी में पहुंच कर भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम एवं उनके चुनतीपूर्ण कार्यों से अवगत हुए। <br /><br />उन्होंने सेना के जज्बे को सलाम किया!<a href="https://twitter.com/BJP4India?ref_src=twsrc%5Etfw">@BJP4India</a> <a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi</a> <a href="https://twitter.com/JPNadda?ref_src=twsrc%5Etfw">@JPNadda</a> <a href="https://twitter.com/AmitShah?ref_src=twsrc%5Etfw">@AmitShah</a>… <a href="https://t.co/n2NznCbG24">pic.twitter.com/n2NznCbG24</a></p>
— Office of Babulal Marandi (@babulalmarandi) <a href="https://twitter.com/babulalmarandi/status/1832337956805263800?ref_src=twsrc%5Etfw">September 7, 2024</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>भाजपा की कोशिश 5 साल बाद एक बार फिर से सत्ता की वापसी की है। पार्टी ऐसा कर पाने में यदि सफल रहती है तो क्या बाबूलाल मरांडी सीएम पद के स्वाभाविक दावेदार होंगे या नहीं, यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि बीते दिनों झारखंड के एक और पूर्व सीएम चंपाई सोरेन भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इस तरह से पार्टी में अब पांच पूर्व मुख्यमंत्री हो चुके हैं। इनमें बाबूलाल के अलावा अर्जुन मुंडा, चंपाई सोरेन, मधु कोड़ा रघुवर दास का नाम लिया जा सकता है हालांकि तकनीकी रूप से ओड़िशा का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है लेकिन भाजपा में खासकर कोल्हान में उनकी पकड़ आज भी मजबूत मानी जाती है।    </p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/whatsapp-image-2024-09-09-at-15.30.03.jpg" alt="WhatsApp Image 2024-09-09 at 15.30.03" width="455" height="273"></img>
प्रदर्शनी में अत्याधुनिक हथियार को थामे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी

<p> </p>
<p>राजनीति में भी सही समय पर सही निशाना साधना भी बेहद जरूरी है, नहीं तो कभी 5 साल तो कभी 15 साल इंतजार करने पर मजबूर होना पड़ता है. बाबूलाल मरांडी इसे बखूबी समझते हैं. पिछले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा जोरों पर थी. लेकिन ऐसा तब हुआ नहीं और दोनों चुनाव मैदान में अगल-अलग थे। जब चुनाव का परिणाम घोषित हुआ तो उनका व भाजपा का नुकसान हो चुका था और भाजपा सत्ता से पांच साल के लिए बाहर हो चुकी थी, क्योंकि कई सीटों पर बाबूलाल मरांडी की तत्कालीन पार्टी झाविमो के उम्मीदवारों को मिले वोट बीजेपी उम्मीदवारों की हार के अंतर से ज्यादा थे.</p>
<h3><strong>बाबूलाल की आखिरी लड़ाई</strong></h3>
<p>अगला विधानसभा चुनाव बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक अस्तित्व की आखिरी लड़ाई मानी जा रही है। 14 महीने पहले जब उन्हें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी तो उस समय उनके नेतृत्व को न तो कोई चुनौती थी और न ही चेहरा क्योंकि कुछ समय बाद ही रघुवर दास को ओड़िशा का राज्यपाल बना दिया गया था तो अर्जुन मुंडा केंद्रीय मंत्री का दायित्व संभाल रहे थे तो ऐसे में बाबूलाल मरांडी के लिए पहली चुनौती लोकसभा में आदिवासी सीटों पर कमल खिलाने की थी लेकिन वह इसमें पूरी तरह से विफल रहे और भाजपा 2004 के बाद पहली बार एक भी आदिवासी सीटें यानी सभी पांच सीट हार गई तो भाजपा शीर्ष नेतृत्व का मन भी बाबूलाल मरांडी से डोल गया और एक ऐसे आदिवासी चेहरे की तलाश शुरू हुई जो बेदाग होने के साथ-साथ निर्विवाद भी रहे। यह तलाश पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के रूप में पूरी हुई।</p>
<p>ऐसे में कहा जा रहा है कि अगला विधानसभा चुनाव बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में झारखंड भाजपा का अंतिम चुनाव हो सकता है। यदि आदिवासी बहुल सीटें बीजेपी के हाथ से निकलती और दूसरी तरफ कोल्हान टाइगर का अपने क्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर रहा तो किस्सा कुर्सी का बाबूलाल के हाथों से निकल चंपाई दा के हिस्से में जा सकता है और बाबूलाल एक बार फिर से राजनीति में निशाना चूक सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
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                <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 15:59:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shailendra Sinha]]></dc:creator>
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                <title>अब 18 वर्ष से ही &quot;झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना&quot; का मिलेगा लाभ: हेमंत सोरेन</title>
                                    <description><![CDATA[ सरकार ने पिछले 4 वर्षों में हजारों की संख्या में सरकारी नियुक्तियां की है। विभिन्न विभागों में लगभग 45 से 50 हजार सरकारी नियुक्तियां की गई हैं वहीं 45 हजार सरकारी नियुक्तियों का कार्य प्रगति पर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/now-hemant-soren-will-get-the-benefit-of-%22jharkhand-chief/article-11059"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/whatsapp-image-2024-09-04-at-16.45.26_e1fa3d6a-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जब कोई कुछ ठान लेता है और ईमानदारी से उसे पूरा करने में लगता है तो उसका परिणाम भी उसे अच्छा मिलता है। "झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" के प्रमंडल स्तरीय कार्यक्रमों के मौकों पर तेज बारिश के  बाद भी राज्य की बहन-बेटियों ने उन सभी कार्यक्रमों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है जो 2019 से पहले सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में हुआ करता था। आज राजधानी रांची में आयोजित इस कार्यक्रम में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले पांचो जिलों से उपस्थित हुई बहन-बेटियों के जन सैलाब ने  इतिहास रच दिया है। आज आप सभी लोग यहां नारी सम्मान योजना को आशीर्वाद एवं सम्मान देने यहां पहुंचे हैं। इस आशीर्वाद तथा स्नेह  से ही हमें आपके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने की ताकत और नई ऊर्जा मिल रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके द्वारा मिल रहे आशीर्वाद, समर्थन और स्नेह से मुझे यहां की आधी आबादी की सेवा, दु:ख-दर्द तथा परेशानियां को समाप्त करने की ताकत देता है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने आज ट्रेनिंग ग्राउंड, खोजाटोली,  नामकोम में आयोजित "झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" के लाभुकों का सम्मान राशि वितरण कार्यक्रम को अपने सम्बोधन में कही।</p>
<h3><strong>कोरोना काल में दीदियों की भूमिका महत्वपूर्ण</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्ष 2019 में वर्तमान राज्य सरकार का गठन हुआ और सरकार गठन के बाद से अब तक लगातार हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सरकार गठन के चंद दिनों बाद ही कोरोना संक्रमण ने देश और दुनिया को जकड़ कर रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक महामारी के समय घरों में ताला लगाकर लोग अपने आप को घरों के भीतर रहने को मजबूर हुए। हाट-बाजार, नौकरी, रोजगार सब खत्म हो गए। सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाने वाला यह राज्य धीरे-धीरे मजदूरों के राज्य के रूप में तब्दील हो चुका था। कोरोना संक्रमण इस राज्य के लिए एक अभिशाप के बराबर था।</p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/whatsapp-image-2024-09-04-at-16.45.24_37358675-(1).jpg" alt="WhatsApp Image 2024-09-04 at 16.45.24_37358675 (1)" width="1200" height="720"></img>
लाभुकों को सम्मानित करते सीएम हेमंत सोरेन

<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय यहां न अस्पतालों की स्थिति ठीक थी और न ही डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या थी। लेकिन फिर भी आपके इस भाई ने इस बेटे ने आपके वैसे परिजन जो प्रवासी मजदूर थे उन्हें हवाई मार्ग, रेल मार्ग, सड़क मार्ग सहित विभिन्न माध्यमों से आपके घरों तक लाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में राज्य की महिलाओं ने सरकार के साथ खड़ा होने का निर्णय लिया। इस राज्य की दीदियों ने गांव-गांव पंचायत-पंचायत में खाना बनाकर  हमारे श्रमिकों और गांव वालों को मुफ्त में खाना खिलाने का कार्य करती थी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में राज्य सरकार ने बेहतर मैनेजमेंट का उदाहरण पेश करते झारखंडवासियों के प्राणों की रक्षा की। कोरोना संक्रमण काल में राज्य में भूख से एक भी मौतें नहीं हुई। जबकि पूर्व की सरकारों के समय बिना कोई आपदा और महामारी के बिना भी भूख से मौत की खबरें अक्सर देखने और सुनने को मिलती थी। गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा जिला के लोग इसके गवाह भी रहे हैं।</p>
<h3><strong>सफल और प्रभावी रहा सर्वजन पेंशन योजना</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के लोगों की समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए पंचायत-पंचायत, गांव-गांव, टोला-टोला में "आपकी योजना-आपकी सरकार, आपके द्वार" कार्यक्रम का आयोजन कर आपकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया तथा राज्य सरकार के पदाधिकारी को भेज कर आपके हरेक समस्या एवं परेशानियों का समाधान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव स्तर पर आपकी समस्याओं से अवगत हुए और आप सभी के उम्मीद और आकांक्षाओं के अनुरूप योजनाएं बनाई गई।</p>
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लाभुकों को सम्मानित करती विधायक कल्पना सोरेन व अन्य

<p><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यहां के वृद्धजनों के परेशानियों को देखते हुए  सर्वजन पेंशन योजना की शुरुआत की। पूर्व में कम ही पात्र वृद्धजनों को पेंशन प्राप्त होता था, क्योंकि अधिकतर लोग बिचौलियों के चक्कर में पड़े रहते थे। आपकी सरकार ने निर्णय लिया कि कोई भी 60 वर्ष से ज्यादा उम्र का होगा उसे हम हरहाल में पेंशन राशि देंगे। आज सर्वजन पेंशन के तहत सभी बुजुर्ग को पेंशन से जोड़ा गया और सभी को पेंशन प्राप्त हो रहा है। सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड देश का पहला राज्य है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वजन पेंशन योजना के तहत उम्र सीमा भी घटाई गई। पेंशन की उम्र महिलाओं के लिए 60 वर्ष से घटा कर 50 वर्ष किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसी समस्या नहीं जिसका समाधान नहीं हो सकता। बस उसके लिए ईमानदार प्रयास की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था आने पर अपना आधार कार्ड लेकर प्रखण्ड कार्यालय पहुंचें। प्रखंड कार्यालय में बैठे पदाधिकारी आपका वृद्धा पेंशन स्वीकृत करेंगे। जो पदाधिकारी आपको वृद्धा पेंशन से नहीं जोड़ेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h3><strong>बच्चियों का भविष्य संवार रही राज्य सरकार</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को संरक्षित करने के विषय में राज्य सरकार ने गंभीरता से कार्य किया है। बच्चियों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर उनके साथ खड़ी है। स्कूलों में अध्यनरत बच्चियों के लिए सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना का संचालन किया गया। इस योजना के तहत अब तक लगभग 10 लाख स्कूली छात्राओं को राज्य सरकार आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध करा रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील किया कि अब आप अपने बच्चों की पढ़ाई की चिंता बिल्कुल न करें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए आपको किसी तरह की गारंटी देने की जरूरत नहीं है।</p>
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कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का अभिवादन करते सीएम हेमंत सोरेन और कल्पान सोरेन

<p><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में कोयला, लोहा, अभ्रक सहित तमाम खनिज संपदा उपलब्ध है, बावजूद उसके राज्य का खजाना खाली दिख रहा था। जब इस विषय पर चिंतन किया गया तब पता चला कि खनन कार्य का केंद्र सरकार के ऊपर राज्य का 1 लाख 36 करोड़ रुपया बकाया है। कई बार राज्य सरकार द्वारा बकाया राशि के भुगतान हेतु केंद्र सरकार से निवेदन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि खनन कंपनियों से राज्य सरकार बकाया राशि की वसूली कर सकती है। जैसे ही यह आदेश आया तो हमने अपना कार्य को तेज किया। </p>
<h3><strong>अगले 5 वर्षों में 20 लाख परिवारों को आशियाना</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य की आधी आबादी जिनका उम्र 21 से 50 वर्ष है उन्हें हर वर्ष 12 हजार रुपए देने का निर्णय लिया। आज इस योजना से करीब 50 लाख महिलाएं जुड़ चुकी है जिनके खाते में सम्मान राशि जा हस्तांतरित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में आपकी अपनी सरकार है। सोना सोबरन योजना के तहत आपको वर्ष में दो बार वस्त्र देने का कार्य किया जा रहा है। पूर्व की सरकार ने इस राज्य का 11 लाख राशन कार्ड डिलीट कर दिया था। आपकी अपनी सरकार ने 20 लाख लोगों के लिए राशन कार्ड बांटने का कार्य किया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने राशन दिया, तन ढकने के लिए कपड़ा दिया अब आवास दे रहे हैं। पहले केंद्र सरकार से आवास मिलता था। हम लोग केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना में जो झारखंड के हिस्सा है उसकी मांग की ताकि राज्य के गरीबों के लिए आवास बनाया जा सके। लेकिन वह पैसा हमें नहीं मिला। कई बार दिल्ली गए ताकि गरीबों के लिए आवास आवंटित हो सके लेकिन केंद्र सरकार ने आवास आवंटित नहीं किया। इसके बाद राज्य सरकार ने अपने बदौलत सर्वे कराकर 20 लाख से अधिक गरीब परिवार को चिन्हित किया और इन सभी को आवास देने का संकल्प  उठा लिया। जबकि केंद्र सरकार द्वारा मात्र 4 लाख 30 हजार गरीबों को चिन्हित किया गया था। अब आने वाले समय में चिन्हित सभी 20 लाख लोगों को तीन कमरों वाला पक्का मकान से आच्छादित किया जाएगा। </p>
<h3><strong>अब 18 वर्ष उम्र से ही "झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" लाभ</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्यवासियों के लिए 200 यूनिट बिजली फ्री कर दिया है। गरीबों का बकाया बिजली बिल भी माफ कर दिया गया है इससे संबंधित आदेश जल्द निर्गत कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार साल में 12 हजार रुपए देने के लिए "झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना"  लेकर नही आयी है बल्कि आने वाले 5 साल में हम हर घर में 1 लाख रुपए की सहायता राशि पहुंचाएंगे। यह सहायता राशि कैसे आपके घरों तक पहुंचेगी वह मेरी जिम्मेदारी है।</p>
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कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यंमंत्री, मंत्री व खई विधायक

<p><br />मुझे पता है कि हमारे गांव-देहात में लाखों परिवार ऐसे हैं जो अपना घर चलाने के लिए महाजनों से कर्ज लेते हैं और अपनी जरूरत को पूरा करते हैं। लेकिन आने वाले 5 साल के अंदर ऐसा व्यवस्था को ऐसा मजबूत करेंगे कि किसी के आगे आपको हाथ फैलाने की जरूरत नही पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं से कहा कि राज्य सरकार बहन-बेटियों के उत्थान के लिए समर्पित भाव से कम कर रही है। अब 21 से 50 वर्ष के उम्र की बेटी-बहनों को ही नहीं बल्कि 18 वर्ष   से ऊपर उम्र की बेटी-बहनों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। बहुत जल्द इस योजना में उम्र की संख्या 21 से घटाकर 18 की जाएगी।</p>
<h3><strong>बड़ी संख्या में हुई सरकारी नियुक्तियां</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 4 वर्षों में हजारों की संख्या में सरकारी नियुक्तियां की है। विभिन्न विभागों में लगभग 45 से 50 हजार सरकारी नियुक्तियां की गई हैं वहीं 45 हजार सरकारी नियुक्तियों का कार्य प्रगति पर है। निजी क्षेत्र में भी अब तक डेढ़ से 2 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जब तक उनकी सरकार है नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहेगा।</p>
<h3><strong> 70,49,27,000 रुपये की सम्मान राशि हस्तांतरित</strong> </h3>
<p>मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल अंतर्गत झारखंड "मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" के तहत राँची जिले में कुल 33,54,95,000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान किया गया। वहीं खूंटी जिले में कुल 7,52,93,000 रुपये की सम्मान राशि, गुमला जिले में कुल 13,65,60,000 रुपये की सम्मान राशि, लोहरदगा जिले में कुल 8,07,81,000 रुपये की सम्मान राशि, सिमडेगा जिले में कुल 7,67,98,000 रुपये की सम्मान राशि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई। इस प्रकार दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में कुल 70,49,27,000 रुपये की सम्मान राशि हस्तांतरित कर  मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 20:34:41 +0530</pubDate>
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