गठबंधन पर संशय बरकरार, आजसू ने गेंद भाजपा के पाले में डाला
रांची: आजसू भाजपा के साथ गठबंधन पर अंतिम दम तक सहमति बनाने के लिए प्रयासरत है और बुधवार को लगातार दूसरे दिन मीडिया के साथ हुई वार्ता में गेंद भाजपा के पाले में डाल दिया। सीट शेयरिंग को लेकर गोल मटोल जवाब दिया, लेकिन गठबंधन पर कहा कि भाजपा से अधिकृत जानकारी अभी तक नहीं आयी है। इस मौके पर पार्टी के हरमू रोड स्थित कार्यालय में जेएमएम नेता व पूर्व विधायक अकील अख्तर 300 से ज्यादा समर्थकों के साथ आजसू का दामन थामा। वे पाकुड़ से प्रत्याशी होंगे।
अकील अख्तर 2009 में कांग्रेस के आलमगीर आलम को विस चुनाव हरा चुके हैं। मीडिया से बात करते वक्त अकील भावुक हो गए। कहा कि उन्होंने अभी तक सिर्फ जनता के लिए राजनीति की है। उनके साथ बेइमानी कभी नहीं करूंगा। कहा कि झारखंड के गांवों को मॉडल गांव बनाने का मौका सुदेश महतो को मिले, यही इच्छा है। कहा कि सुदेश महतो के उपमुख्यमंत्री वाली गठबंधन सरकार ने काफी काम किया था, केवल पाकुड़ में 64 पुल-पुलिया बने थे। उन्होंने कहा कि पाकुड़ के नौजवानों ने युवा सुदेश के साथ चलने का फैसला सुनाया, क्योंकि वे वादा निभाते हैं। आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि श्री अख्तर काम पर विश्वास करने वाले नेता हैं। उन्होंने पाकुड़ व संथाल के विकास हेतु काफी काम किये हैं। पाकुड़ की जनता उनका इंतजार कर रही है व कई लोग अभी पार्टी में शामिल होने के लिए कतार में हैं।जेएमएम के पूर्व विधायक अकील अख्तर के आजसू थामने के कुछ पल ही बाद उन्हें अनुशासन और पार्टी विरोधी नीति के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।
झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने 13 नवंबर 2019 को पत्र जारी कर कहा गया है कि विभिन्न समाचार पत्रों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं जिला समितियों से मिली रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय सदस्य अकील अख्तर व कुछ लोगों को निष्कासित कर दिया गया है। निष्कासित किये गए सदस्यों में सरोज लकड़ा, केंद्रीय सदस्य निर्मला भारती व लोहरदगा जिला समिति के जिला सचिव रंथु उरांव प्रमुख हैं। श्री पांडेय ने कहा कि श्री अख्तर ने व्यतिगत स्वार्थ हेतु पार्टी संविधान के खिलाफ काम किया है। ऐसे में उन्हें पार्टी के सभी प्रभार से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।
Related Posts
Latest News



