आलोक कुमार
विधानसभा चुनाव के बाबत एक दल से दूसरे दल में जाने का आगाज हो चुका है और इसी कड़ी में विगत दिनों पांच विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। इसके बाद पलामू जिले के हुसैनाबाद से बहुजन समाजवादी के विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता की भी भाजपा में आने की संभावना बढ़ गई है। दीपावली के दिन मेहता जमशेदपुर पंहुचकर मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिले।
मुलाकात के बारे में उन्होंने कुछ भी साफ नही किया है। उनका कहना था कि वे क्षेत्र की समस्या के अलावे मुख्यमंत्री को दीपावली की बधाई देने पंहुचे थे। लेकिन राजनीति मंच में इसे लोग अपने चश्मे से देख रहे हैं। ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि मेहता जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इससे पूर्व कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और लोहरदगा के विधायक सुखदेव भगत, बरही के मनोज कुमार यादव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक कुणाल षाड़ंगी (बहरागोड़ा) और जयप्रकाश भाई पटेल (मांडू) ने भाजपा की सदस्यता ले ली है, जबकि भवनाथपुर के विधायक भानू प्रताप शाही ने अपनी पूरी नौजवान संघर्ष मोर्चा का ही भाजपा में विलय करा दिया है।
बगावत के स्वर: विपक्ष के मजबूत विधायक और बड़े नेताओं के भाजपा में आने के बाद से ही भाजपा के भीतरखाने में बगावत के स्वर उभरने लगे हैं। बहरागोड़ में झामुमो विधायक कुणाल षाडंगी के भाजपा में शामिल होने के बाद अब वहां से सक्रिय भाजपाई समीर मोहंती ने कांग्रेस व झामुमो कार्यकर्ताओं से मंथन आरंभ कर दिया है। 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने झाविमो की टिकट पर चुनाव लड़ा था। वे झाविमो का दामन भी थाम सकते हैं। लातेहार के झाविमो विधायक प्रकाश राम ने भी फिर से भाजपा ज्वाइन कर ली। इसके बाद से क्षेत्र में सक्रिय भाजपा नेता और पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम सहित ब्रजमोहन राम भी बगावत करने के मुड में दिख रहे हैं। मांडू के झामुमो विधायक जेपी पटेल के पार्टी में शामिल होने से पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे भाजपा नेता महेश कुमार भी भाजपा को बाय-बाय कह सकते हैं और भवनाथपुर से दूसरे स्थान पर रहे अनंत प्रताप देव भी भानू प्रताप शाही के पार्टी में शामिल होने के बाद अपना आशियाना ढूंढ रहे हैं।